मुलेठी के फायदे जानकर आप भी रह जायेंगे हैरान - Mulethi ke Fayde

Mulethi ke Fayde, मुलेठी के फायदे, मुलेठी पाउडर के फायदे

हमारा देश जड़ी-बूटियों का देश रहा है। यहां एक-एक जड़ी-बूटी से कई-कई तरह के इलाज होते हैं। मुलेठी भी कुछ ऐसी ही जड़ी-बूटी है, मुलेठी के फायदे (mulethi ke fayde) कई तरह की बीमारियों को एक साथ नाश करने में मिलता है। मुलेठी दिखने में एक झाड़ी जैसा पौधा होता है। इसका इस्तेमाल आमतौर पर इसके पौधे के तने को छाल के साथ सुखा कर किया जाता है। मुलेठी के इतने औषधीय गुण होते हैं कि आप गिनते-गिनते थक जाएंगे। मुलेठी को कई नामों से जाना जाता है। इसे अंग्रेजी में लिकोरिस और आयुर्वेद की भाषा में यशतिमाधु कहा जाता है। यह विश्व भर में सबसे अधिक इस्तेमाल की जाने वाली जड़ी-बूटियों में से एक है। यह स्वाद में चीनी से भी मीठी होती है, लेकिन सेहत के लिए इसकी मिठास भी गुणकारी होती है। यह आसानी से बाजार में उपलब्ध है। इसे सूखी जड़, पाउडर या फिर कैप्सूल के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं। इसकी चाय भी बहुत ही लोकप्रिय है। आइए जानते हैं, मुलेठी के फायदे (mulethi ke fayde) और इससे जुड़े स्वास्थ्य लाभों के बारे में विस्तार से।

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    मुलेठी के पोषक तत्व - Nutrients of Mulethi in Hindi

    मुलेठी (Mulethi) में विटामिंस की अच्छी मात्रा होती है। इसमें विटामिन ई और विटामिन बी भरपूर मात्रा में होता है। साथ ही फास्फोरस, कैल्शियम, कॉलिन, आयरन, पोटेशियम, सेलेनियम, सिलिकॉन और जिंक भी अच्छी मात्रा में होते हैं। इसके बावजूद मुलेठी के सेवन से पहले डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

    सेहत के लिए मुलेठी पाउडर के फायदे - Health Benefits of Mulethi in Hindi

    मुलेठी पाउडर के फायदे (mulethi powder ke fayde) एक नहीं, अनेक स्वास्थ्य लाभ में होता है। सर्दी-जुकाम से लेकर गठिया तक की बीमारी में इससे आराम मिलता है

    गठिया

    मुलेठी का सेवन सबसे ज्यादा गठिया के मरीजों के लिए लाभदायक है। यह जड़ी-बूटी उन लोगों के लिए काफी असरदायक है, जिन्हें इस समस्या के चलते सूजन जैसी परेशानी होती है। खासतौर से रूमेटाइड अर्थराइटिस जैसी बीमारी में भी मुलेठी के फायदे (mulethi ke fayde) मिलते हैं। मुलेठी के लाभ गठिया में होने वाले दर्द और सूजन दोनों को जड़ से मिटाने में मिलता है। मुलेठी की चाय के नियमित इस्तेमाल से गठिया के रोग से आसानी से छुटकारा पाया जा सकता है। गठिया के मरीजों के लिए मुलेठी रामबाण से कम नहीं है, इसलिए इसके मरीजों को रोजाना इसका सेवन करना चाहिए। मुलेठी पीलिया, हेपेटाइटिस और फैटी लीवर जैसी परेशानियों भी से छुटकारा दिलाती है। इसकी वजह यह है कि मुलेठी (mulethi) विषैले पदार्थों को खत्म कर देती है। इसी वजह से यह हमें हेपेटाइटिस जैसी परेशानी से भी बचाती है। इसकी चाय पीने से लीवर भी स्वस्थ रहता है।

    घाव को ठीक करें

    मुलेठी एक ऐसा औषधीय तत्व है, जो आपके शरीर में होने वाले हर तरह के घाव को ठीक कर देता है, खासतौर से पेट की समस्याओं से होने वाले मुंह के छालों को। इसे अगर शहद के साथ आप छाले पर लगा दें तो उससे काफी मदद मिलती है। यह पेट भी साफ रखता है और अल्सर जैसी बीमारियों से भी बचाता है।

    चिकित्सक मानते हैं कि गहरे से गहरे घाव में भी अगर मुलेठी का इस्तेमाल किया जाए तो वे ठीक हो जाते हैं। मुलेठी (mulethi) को गर्म पानी में डाल कर, अगर छाले होने पर दो-तीन बार कुल्ला किया जाए तो इससे भी काफी फायदा होता है।

    सर्दी-जुकाम

    मुलेठी के फायदे (mulethi ke  fayde) अनेक हैं। सर्दी-जुकाम होने पर मुलेठी से अच्छा कुछ हो ही नहीं सकता है। मुलेठी का सबसे ज्यादा सेवन सर्दी-जुकाम को ठीक करने के लिए ही किया जाता है। खासतौर से कफ होने पर जब गला जम जाता है और गले, नाक, छाती में जलन होने लगती है तो मुलेठी को शहद में मिलाकर चाटने से बहुत फायदा होता है।

    यही नहीं, जब गले में किसी भी तरह का संक्रमण हो जाता है, जिसके चलते गला बैठ जाता है या आवाज भारी हो जाती है, तब भी मुलेठी को मुंह में लेकर चूसते रहने से इन सारी समस्याओं से छुटकारा मिलता है। आमतौर पर बाजार में मुलेठी (mulethi) की लकड़ी, छोटे-छोटे आकार में मिलती है, जिसे इन रोगों के होने पर आसानी से मुंह में लेकर चूसा जा सकता है।

    सांस की समस्या से निदान

    आमतौर पर हमें पता नहीं होता, लेकिन कई बार हमारी सांसों से बहुत बदबू आती है। ऐसे में मुलेठी एक माउथवॉश के रूप में काम करता है। जी हां, यह जड़ी-बूटी मौखिक स्वास्थ्य को अच्छा करती है। कैविटी वाले बैक्टीरिया की वृद्धि को रोककर खराब सांस का उपचार करती है। यही नहीं, यह मसूड़ें भी मजबूत करती है।

    यही वजह है कि कई टूथपेस्ट और माउथवॉश में मुलेठी का इस्तेमाल किया जाता है। सांसों की दुर्गंध हटाने के लिए हर दिन मुलेठी की जड़ के पाउडर का प्रयोग अपने दांतों को साफ करने के लिए कर सकते हैं। साथ ही, सांसों को तरो-ताजा बनाए रखने के लिए मुलेठी वाले माउथवॉश का उपयोग भी करना चाहिए।

    मेनोपॉज के दौरान मददगार

    महिलाओं को यह बात जाननी चाहिए कि मुलेठी मेनोपॉज, यानी रजोनिवृत्ति के दौरान भी बहुत मदद करती है। यह एक ऐसी जड़ी-बूटी है, जो शरीर में हार्मोनल असंतुलन को ठीक करती है, ताकि रात को पसीना, अनिद्रा जैसी परेशानियां न हो। इसमें फाइटोएस्ट्रोजैनिक योगिक होते हैं। इसके अलावा इसमें विटामिन बी होता है, जो मेनोपॉज के दौरान काफी मदद करते हैं।

    वजन कंट्रोल

    अब आप सोचेंगे कि भला यह जड़ी-बूटी वजन कैसे कम करती है तो हम आपको बता दें कि इसमें फ्लेवोनॉयड्स होते हैं, जो अत्यधिक वसा को कम करने में मदद करते हैं । अधिक वजन वाले लोग अगर अपने शरीर पर मुलेठी के तेल का इस्तेमाल करें तो इससे वजन कम करने में बहुत मदद मिलती है। यही वजह है कि मोटापा घटाने वाले कई कैप्सूल में भी मुलेठी का इस्तेमाल होता है।

    डिप्रेशन से छुटकारा

    मुलेठी डिप्रेशन जैसी परेशानी से छुटकारा दिलाने में भी काफी मददगार साबित होती है। यह एड्रेनल ग्लैंड्स के कामकाज में सुधार लाती है, जिसकी वजह से जो बार-बार बेचैनी होती रहती है, उससे लड़ने से मदद मिलती है। इसमें मैग्निशियम, कैल्शियम और beta-carotene जैसे खनिज भी उपलब्ध होते हैं, जिसकी वजह से भी डिप्रेशन से छुटकारा मिलता है।

    खासतौर से जब महिलाएं मेनोपोज के दौर से गुजरती हैं, उन्हें काफी डिप्रेशन होता है। उस स्थिति में विशेषज्ञ की सलाह से मुलेठी का सेवन जरूर करना चाहिए।

    पाचन क्रिया

    मुलेठी पेट से जुड़ी अनेक समस्याओं का निदान है। यह पाचन क्रिया को ठीक करती है, जड़ से कब्ज को मिटाती है। साथ ही सीने में होने वाली जलन, पेट के अल्सर और सूजन को भी ठीक करती है। यह ऐसा उपचार है, जिससे पेट के सारे संक्रमण दूर हो जाते हैं।

    पाचन क्रिया नियंत्रित होकर सही तरीके से संचालित होती है, इसलिए पाचन क्रिया को सुधारने के लिए भी मुलेठी का सेवन किया जा सकता है।

    संक्रमण होने पर राहत

    मुलेठी का सबसे ज्यादा उपयोग संक्रमण को रोकने के लिए होता है, फिर वह आपके गले का संक्रमण हो या फिर किसी और तरह का। मुलेठी के गुण में जो एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं, उनसे सूजन को कम करने, उसे दुरुस्त करने में मदद मिलती है। फिर इससे सांस की परेशानी भी ठीक होती है। इसमें एंटीवायरल गुण भी मौजूद होते हैं, जो कई तरह के रोगों से बचाते हैं।

    इम्यून सिस्टम को ठीक करें

    मुलेठी के गुण शरीर को कई तरह के वायरस और बैक्टीरिया से मुक्त रखने में मदद करती है। शरीर की प्रति रक्षा प्रणाली को मजबूत करती है, क्योंकि इसमें कई शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट होते हैं। खासतौर से मुलेठी की चाय का नियमित सेवन शरीर में ऐसे कई जरूरी तत्व पहुंचा देता है, जिनसे आपका इम्यून सिस्टम अच्छा रहता है।

    त्वचा के लिए मुलेठी पाउडर के फायदे - Skin Benefits of Mulethi in Hindi

    मुलैठी पाउडर का इस्तेमाल चेहरे में निखार लाने के लिए किया जाता है। यह एक ऐसी जड़ी-बूटी है, जो आपकी त्वचा का कायाकल्प कर सकती है। यही वजह है कि कई तरह के फेसपैक में  मुलैठी पाउडर का इस्तेमाल होता है, क्योंकि इसमें मौजूद खनिज पदार्थ चेहरे की त्वचा के लिए बहुत ही अच्छे होते हैं। यही नहीं, मुलैठी पाउडर आपके चेहरे के कालेपन को दूर करने में भी सहायक होता है।

    इसके अलावा अगर चेहरे पर खुजली या लाल चकत्ते हो गए हैं अथवा झुर्रियों से आप परेशान हैं, तब भी मुलेठी के पाउडर का इस्तेमाल कर आप इससे छुटकारा पा सकते हैं। आपको जानकर हैरानी होगी, लेकिन मुलैठी पाउडर के इस्तेमाल से चेहरे के दाग-धब्बे मिट जाते हैं और यह त्वचा का सामान्य रंग लाने में मदद करता है, क्योंकि मुलेठी पाउडर में मेलेनिन के उत्पादन को कम करने की क्षमता होती है‌। मुलैठी पाउडर चेहरे को नमी भी प्रदान करता है। साथ ही अगर आप मुंहासों से परेशान हैं, तब भी मुलैठी पाउडर का इस्तेमाल किया जा सकता है। मुलेठी का उपयोग करने से त्वचा में तेल उत्पादन को नियंत्रित किया जा सकता है।

    मुलेठी बालों के लिए

    मुलेठी के गुण बालों को भी अलग तरह की खूबसूरती प्रदान करता है। यह ऐसा नेचुरल प्रोडक्ट है, जो आपके बालों को खूबसूरत बनाता है। मुलेठी पाउडर का अगर आप पेस्ट बनाकर अपने बालों में लगाते हैं तो इससे बालों का झड़ना बंद हो जाता है। इसके इस्तेमाल से बालों की जड़ों को भी पोषण मिलता है। माना जाता है कि अगर इसका नियमित इस्तेमाल किया जाए तो गंजेपन की समस्या से छुटकारा मिल सकता है। रात में मुलेठी पाउडर को भीगो कर सुबह लगाने और फिर हल्के गर्म पानी से बालों को धोने से बाल चमकदार और घने हो जाएंगे। यह बालों की लंबाई बढ़ाने में भी सहायक होता है।

    मुलेठी के नुकसान - Mulethi ke Nuksan

    मुलेठी का इस्तेमाल सोच-समझकर किया जाना चाहिए वर्ना मुलेठी के नुकसान भी हो सकते हैं। 2 सप्ताह से ज्यादा मुलेठी की बड़ी मात्रा लेना बहुत ही हानिकारक होता है, क्योंकि कई बार यह हाई बीपी का भी कारण बन सकती है । इसके अलावा यदि आप मूत्र संबंधित किसी भी बीमारी से ग्रसित हैं तो इसे लेने से पहले डॉक्टर की सलाह ले लें। इसके अलावा अगर आप गुर्दे की बीमारी या फिर डायबिटीज से भी ग्रसित हैं, तब भी आप चिकित्सक की सलाह लेकर ही मुलेठी का इस्तेमाल करें। गर्भवती महिलाओं को मुलेठी का सेवन कम से कम और अपने डॉक्टर से पूछ कर ही करना चाहिए वर्ना मुलेठी के नुकसान बेहद गंभीर हो सकते हैं।

    मुलेठी से जुड़े सवाल-जवाब

    मुलेठी आंखों के लिए किस तरह फायदेमंद है?

    मुलेठी आंखों के लिए बहुत ही फायदेमंद साबित होती है। यह आंखों की जलन दूर करने में मददगार होती है। मुलेठी-केवड़ा से आंखों को धोने पर आंखों की परेशानियों से छुटकारा मिलता है। यहीं नहीं, आंख आने पर या उससे होने वाले दर्द और जलन में भी मुलेठी का पाउडर बहुत ही सहायक साबित होता है। मुलेठी के पानी में रुई  भिगोकर आंखों पर लगाने से आंखों की लालिमा भी कम हो जाती है।

    मुलेठी कान के रोगों के लिए किस तरह सहायक है?

    कान से संबंधित बीमारियों में भी मुलेठी का इस्तेमाल होता है। मुलेठी के पाउडर को अगर दूध में मिलाकर कानों में लगाया जाए तो कान में होने वाली समस्याओं से छुटकारा मिलता है।

    माइग्रेन के दर्द में मुलेठी किस तरह लाभदायक है?

    अगर आप माइग्रेन के दर्द से परेशान हैं तो मुलेठी के चूर्ण का इस्तेमाल करना चाहिए। मुलेठी पाउडर में शहद मिलाकर अगर नाक में डाला जाए तो इससे माइग्रेन में बहुत आराम मिलता है।

    क्या मुलेठी खून बनाने में भी सहायक होती है?

    जी हां, बिल्कुल। इसके रोजाना सेवन से खून बनता है। यहीं नहीं, अगर आपके शरीर का कोई हिस्सा जल गया है तो वहां भी इसका लेप लगाने से काफी आराम मिलता है। मुलेठी और चंदन के लेप से शीतलता मिलती है।

    सफेद बालों के लिए यह किस तरह लाभदायक होता है?

    मुलेठी में जो खनिज तत्व मौजूद होते हैं, उससे भी बालों की सफेदी रुकती है। इसके लेप का रोजाना या हफ्ते में कम से कम दो बार इस्तेमाल करने से बालों की सफेदी प्राकृतिक तरीके से ख़तम हो जाती है।

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