क्या होता है सुहागरात पर, जानें इन लड़कियों के सच्चे अनुभव | POPxo

दरअसल क्या होता है सुहागरात पर ... जानें इन लड़कियों के सच्चे अनुभव

दरअसल क्या होता है सुहागरात पर ... जानें इन लड़कियों के सच्चे अनुभव

अरेंज हो या लव मैरिज, फर्स्ट नाइट फेयरी टेल से कम नहीं होती। हजारों सवाल दिमाग में घूम रहे होते हैं। जो कपल्स एकदूसरे को पहले से जानते हैं उनके लिए भी यह कम एक्साइट करने वाला पल नहीं होता। इस दिन के लिए आप क्या-क्या तैयारी करके नहीं रखते। नाइटी, परफ्यूम और न जाने-जाने क्या...


यह बात तो सभी सोचते हैं कि आखिर लोग अपनी फर्स्ट नाइट पर क्या करते हैं? क्या वे वाकई ट्राई करते हैं! या फिर सो जाते हैं। खैर, जब भी फर्स्ट नाइट के बारे में सोचो तो कुछ समझ नहीं आता। इसलिए हमने लोगों से उनके एक्सपीरियंस शेयर किए। आइये जानते हैं कि इस बारे में उनका क्या कहना है...


1 नंदिनी शर्मा का कहना है…


जब मेरे कजिन की शादी हुई तो उसकी फर्स्ट नाइट को लेकर हमने काफी सारी प्लानिंग्स की हुई थीं। जैसे कि उसके कमरे को हमने फूलों से सजाया हुआ था। ठीक वैसे ही जैसे बाॅलीवुड फिल्म में दिखाया जाता है। अगले दिन सुबह भाभी को छेड़ते हुए मैंने पूछा कि क्या उनकी फर्स्ट नाइट बाॅलीवुड फिल्म जैसी थी। तो उनका जवाब था, नो। उन्होंने बताया कि वे दोनों मिलकर फूल गिन रहे थे। उन्होंने तय किया था जो जीतेगा उसे गिफ्ट मिलेगा। हालांकि मुझे उस वक्त उनकी बात पर यकीन नहीं आया। मगर मेरी पहली रात आई तो देखा कि कमरे के किनारे-किनारे फूल बिछे हैं। मन हुआ जरा गिनूं तो कि कितने हैं। तब जाकर विश्वास हुआ कि भाभी सच ही कह रही होंगी।



2 पूजा विजय ने ये कहा...


हमारी लव मैरिज थी, सो कुछ नया था हमारे बीच। किस और कडलिंग आम बात थी। इसके बारे में इतना सोचने का वक्त ही नहीं मिला। छुट्टियां लेने से पहले आॅफिस का काम निपटाना था, सो वक्त ही नहीं था मेरे पास इन सब बातों के लिए। मुश्किल से आराम करने का वक्त मिल पाता था। फर्स्ट नाइट वाले दिन हमारे बड़ों ने एक छोटी-सी रस्म रखी थी। तब पहली बार हम हमारे कमरे में गए थे। हमारा कमरा मिठाइयों और फलों से भरा था। हां, बेड जरूर फूलों से सजा था। हंसी-ठहाके चल रहे थे। डेकोरेशन देखने की फुर्सत ही कहां थी। रस्म आदि का सिलसिला दस दिनों तक चलता रहा। खैर, मजा तो बहुत आया। सबकुछ बहुत रोमांटिक था। हालांकि, हम एकदूसरे से मिलने के लिए तड़प रहे थे। ठीक से बात भी नहीं कर पा रहे थे हम दोनों। बस इससे ज्यादा नहीं समझा सकती। हम्म! वही किया जो सब करते हैं।



3 कपिला भाटिया कहती हैं...


सुहागरात के दिन उतना कुछ नहीं होता, जितना इसके बारे में कल्पना की जाती है। ज्यादातर कपल्स तो यही सोचने या बहस करने में पूरा वक्त निकाल देते हैं कि कुछ करें या न करें!



4 मेरी कजिन समीरा का कहना है…


जब मुझे मेरी वेडिंग नाइट पर मेरे कमरे में पहुंचाया गया तो मैंने अपना लहंगा चेंज करके कुछ हल्का-फुल्का पहन लिया और गहने भी कुछ कम कर दिए। इतने में दूल्हे राजा आ गए। मगर वह तो इतने थके हुए लग रहे थे कि उनसे पहल की उम्मीद करना बेकार था। दोनों में एनर्जी नहीं बची थी। थोड़ी बहुत बातचीत हुई। फिर दोनों ही सो गए।



5. गरिमा जैन ने बताया...


अरेंज मैरिज का एक्सपीरियंस नहीं जानती। मगर पिछले दिनों हमारी फैमिली में भी एक शादी हुई थी। लड़की मुश्किल से 20-21 की होगी और लड़का 24 साल का। लड़का बार-बार उसका हाथ टच करने की कोशिश कर रहा था। और, लड़की उसे ऐसा करने से मना कर रही थी। आखिर लड़की ने लड़के से कह ही दिया कि वह किसी और से प्यार करती है। दोनों में खूब बहस हुई। आखिरकार दोनों अलग हो गए।


फर्स्ट नाइट या यूं कहें फर्स्ट एक्सपीरियंस। कुछ के लिए यह वाउ वाली फीलिंग लाता है और कुछ के लिए इसमें कुछ नया नहीं होता। खैर जब आपकी फर्स्ट  नाइट आएगी, तभी आप सही- सही जान पाएंगे कि इसमें आखिर होता क्या है।


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