बुद्ध पूर्णिमा (Buddha Purnima) पर गौतम बुद्ध के उपदेश और विचार - Buddha Thoughts in Hindi

बुद्ध पूर्णिमा (Buddha Purnima) पर गौतम बुद्ध के उपदेश और विचार - Buddha Thoughts in Hindi

वैशाख पूर्णिमा को बुद्ध जयंती या बुद्ध पूर्णिमा भी कहते हैं। पूर्णिमा के दिन ही भगवान गौतम बुद्ध (bhagwan buddha) का महापरिनिर्वाण समारोह भी मनाया जाता है। भगवान बुद्ध का जन्म, ज्ञान प्राप्ति और महापरिनिर्वाण ये तीनों एक ही दिन अर्थात वैशाख पूर्णिमा के दिन ही हुए थे। बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए बुद्ध पूर्णिमा (buddha purnima) सबसे बड़ा त्योहार का दिन होता है। 
भगवान गौतम बुद्ध का जीवन परिचय (gautam buddha history) बेहद शिक्षाप्रद रहा है। सिद्धार्थ, ही गौतम बुद्ध थे। जो आगे चलकर बौद्ध के के प्रवर्तक बने। बुद्ध के बचपन का नाम सिद्धार्थ था। वैशाख पूर्णिमा के दिन 563 ई.पू. में बुद्ध का जन्म लुंबिनी, भारत जो अब नेपाल है, में हुआ था। इस पूर्णिमा के दिन ही 483 ई. पू. में 80 वर्ष की आयु में, देवरिया जिले के कुशीनगर में निर्वाण प्राप्त किया था। 

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    सिद्धार्थ (gautam buddha history) के पिता शाक्यों के राजा शुद्धोधन थे। बुद्ध को शाक्य मुनि भी कहते हैं। सिद्धार्थ की मां मायादेवी उनके जन्म के कुछ देर बाद मर गई थी। कहा जाता है कि फिर एक ऋषि ने कहा कि वे या तो एक महाप्रतापी एवं ज्ञानी राजा बनेंगे या फिर एक ऐसे आध्यात्मिक गुरु एवं नेता बनेंगे जिन्हें युगों-युगों तक पूजा जाएगा। ज्ञान प्राप्ति के समय उनकी अवस्था मात्र 35 वर्ष थी। ज्ञान प्राप्ति के बाद 'तपस्सु' तथा 'काल्लिक' नामक दो शूद्र उनके पास आये। महात्मा बुद्ध नें उन्हें ज्ञान दिया और बौद्ध धर्म का प्रथम अनुयायी बनाया। फिर बाद मे गौतम बुद्ध के उपदेशों और उनकी शिक्षा पर आधारित दुनिया के सबसे बड़े धर्मों में से एक बौद्ध धर्म की स्थापना की गई।
    भगवान गौतम बुद्ध (bhagwan buddha)ने ज्ञान प्राप्ति के बाद का संपूर्ण जीवन इन्होंने मानव कल्याण के लिए लगाया। यह ज्ञान को केवल अपने तक सीमित नहीं रखना चाहते थे, इसी कारण उन्होंने अनेकों उपदेश दिए तथा अपने ज्ञान को अमर कर दिया।  सत्य, अहिंसा को महात्मा बुद्ध ने अपना जीवन का आधार माना और बाद में उन्होनें लोगों को भी इसी मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया। आइए नजर डालते हैं भगवान गौतम बुद्ध के उन्हीं महान उपदेशों, विचारों और बुद्ध पूर्णिमा (buddha purnima) से जुड़ी कुछ बातों पर -

    गौतम बुद्ध के उपदेश - Gautam Buddha Quotes in Hindi

    महात्मा गौतम बुद्ध द्वारा बताए गए उपदेश हमें सभी के लिए काफी महत्व रखते हैं। महात्मा बुद्ध और बौद्ध धर्म के बारे मे जितनी भी जानकारी है वह सब ’पिटाका’ मे मौजूद है। बौद्ध धर्म के मूल उपदेशो का प्रचार भी पिटाका से किया जाता है। पिटाका तीन भागों में विभाजित है -
    – सुता पिटाका
    – विनय पिटाका
    – अभिदम पिटाका
    सत्य और अहिंसा को अपने जीवन का आधार मनाने वाले और बौद्ध धर्म (baudh dharm) के प्रवर्तक गौतम बुद्ध ने लोगों को सत्य के मार्ग पर चलना की शिक्षा दी। महात्मा बुद्ध का उपदेश मानव जाति के हित के लिए था। उन्होंने अपना पहला उपदेश सारनाथ में दीया तथा वहां 5 मित्रों को अपना अनुयाई बनाया तथा उन्हें भी धर्म के प्रचार के लिए भेज दिया। महात्मा बुद्ध ने अहिंसा का समर्थन किया, पशु हत्या का विरोध भी किया। भगवान बुद्ध के उपदेश आज के समय में भी बहुत प्रासंगिक हैं। गौतम बुद्ध के कुछ उपदेश (Mahatma Budh ki Updesh) इस प्रकार है –

    वर्तमान को बताया मनुष्य के खुशी का रास्ता -
    गौतम बुद्ध ने अपने उपदेशों में कहा है कि मनुष्य को अपने भूलकाल अर्थात अपने बीते कल के बारे में नहीं सोचना चाहिए और न ही भविष्य की चिंता करनी चाहिए, बल्कि मनुष्य को अपने आज यानि की वर्तमान को सुनहरा बनाने के लिए सोचना चाहिए, तभी वे अपने जीवन में सुखी रह सकते हैं।
    क्रोध है मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु -
    महात्मा बुद्ध के मुताबिक क्रोध मनुष्य का सबसे बड़़ा शत्रु होता है, क्योंकि जिस इंसान को अपने गुस्से पर नियंत्रण नहीं होता, वह कई बार ऐसे फैसले ले लेता है, जिसका सबसे ज्यादा नुकसान उसको ही होता है, इसलिए मनुष्य को अपने क्रोध पर काबू करना चाहिए।
    संदेह और शक की आदत सबसे ज्यादा भयानक -
    गौतम बुद्ध जी ने कहा है कि संदेह और शक की आदत सबसे ज्यादा खतरनाक एवं भयानक होती है, इससे बुरा कुछ और नहीं होता, क्योंकि अगर किसी के मन में शक पैदा हो जाए तो चाहकर भी इसे दूर नहीं किया जा सकता है और इसका सीधा असर रिश्तों पर पड़ता है, इसलिए मनुष्य को शक या संदेह नहीं करना चाहिए।
    खुद पर जीत प्राप्त करना है जरूरी -
    महात्मा बुद्ध (bhagwan buddha) ने अपने इस उपदेश में बताया कि मनुष्य चाहे हजारों लड़ाइयां ही क्यों न लड़ लें लेकिन जब तक वह खुद पर जीत हासिल नहीं करता, तब तक उसकी सारी जीत बेकार हैं। इसलिए खुद पर विजय प्राप्त करना ही मनुष्य की असली जीत है।
    सूर्य, चंद्र और सच कभी नहीं छिपते -
    गौतम बुद्ध ने कहा कि सूर्य, चन्द्र और सच कभी नहीं छिपा सकते हैं। इसीलिए सदैव सत्य की ही राह पर चलना चाहिए।
    लक्ष्य को पाने से अच्छा है उसकी यात्रा अच्छी होनी चाहिए -
    गौतम बुद्ध ने अपने उपदेश में कहा है कि मनुष्य को अपने मंजिल की प्राप्ति हो या न हो, लेकिन मंजिल के दौरान की जाने वाली यात्रा अच्छी होना चाहिए।
    बुराई को सिर्फ प्रेम से ही जीता जा सकता है -
    गौतम बुद्ध ने अपने उपदेश में कहा कि, बुराई को कभी बुराई से खत्म नहीं किया जा सकता है बल्कि इसे सिर्फ प्रेम से ही जीता जा सकता है।
    खुशियां को जितनी बांटोगे, उतनी ही बढे़गी -
    महात्मा बुद्ध कहते हैं कि जिस तरह एक जलता हुआ दीपक हजारों दीपक जलाकर प्रकाश फैला सकता है, और उसकी रोशनी कम नहीं होती, उसी तरह खुशियां भी सबसे साथ बांटने से बढ़ती हैं।

    गौतम बुद्ध के विचार - Buddha Thoughts in Hindi

    महात्मा बुद्ध ने मानव जीवन के दुखों को दूर करने के लिए अपने कर्मों के प्रति विवेकपूर्ण ढंग से सजग रहने की भी शिक्षा दी है। गौतम बुद्ध (Buddha Thoughts in Hindi)ने निर्वाण प्राप्ति को सरल बनाने के लिए निम्न दस शीलों पर बल दिया है। उनके इसी विचारों का प्रचार-प्रसार किया जाता है।
    - दूसरो की संपत्ति का लालच मत करो
    - झूठ का त्याग करो
    - किसी जीव की हत्या मत करो
    - नशे के सेवन न करें
    - असमय भोजन करने से बचें
    - गायन और नाच मे भाग न लें
    - फूलों और सुगांधित वस्तुओं के उपयोग से बचें
    - धन की बचत करें
    - स्त्रियों से दूर रहें
    - नृत्य-गान आदि कार्यक्रमों में हिस्सा न लें
    - भोग-विलास वाली चीजों से दूर रहें
    - सदैव अहिंसा के मार्ग पर चलें

    बुद्ध के विचार - Buddha Quotes in hindi

    हमारे देश में जितने भी देव और महापुरूष, समाज सुधारक आए सभी ने धर्म के रास्ते पर चलने की प्रेरणा दी। इसी कड़ी में बौद्ध धर्म के प्रवर्तक गौतम बुद्ध ने भी सत्य और अहिंसा का पाठ पढ़ाया और विश्व को मानवाता का एक नया संदेश दिया। पढ़िए महात्मा गौतम बुद्ध के अनमोल विचार (Gautam Buddha quotes in Hindi), जिन्हें आप अपने जीवन में शामिल कर सफलता प्राप्त कर सकते हैं -
    - आज हम जो कुछ भी हैं, वो हमने आज तक क्या सोचा इस बात का परिणाम है… – भगवान बुद्ध
    - आप चाहे जितने पवित्र शब्द पढ़ लें, चाहे जितने बोल लें, वे आपका क्या भला करेंगे यदि आप उन पर कार्य नहीं करते हैं?
    - स्वास्थ्य सबसे बड़ा उपहार है, संतोष सबसे बड़ा धन है, वफ़ादारी सबसे बड़ा सम्बन्ध है।
    - अपनी स्वयं की क्षमता से काम करो, दूसरों पर निर्भर मत रहो।
    - हर इंसान अपने स्वास्थ्य या बीमारी का लेखक है।
    - मन सब कुछ है। जो तुम सोचते हो वो तुम बनते हो।
    - जो मनुष्य दूसरे की पीड़ा को देख व्यथित हो जाये उससे उत्तम कोई दूसरा नहीं।
    - पैर तभी पैर महसूस करता है जब यह जमीन को छूता है।
    - आकाश में पूरब और पश्चिम का कोई भेद नहीं है, लोग अपने मन में भेदभाव को जन्म देते हैं और फिर यह सच है ऐसा विश्वास करते हैं।
    - घृणा, घृणा से नहीं प्रेम से खत्म होती है, यह शाश्वत सत्य है।
    - अज्ञानी आदमी एक बैल है। ज्ञान में नहीं, वह आकार में बढ़ता है।
    - क्रोध को पाले रखना गर्म कोयले को किसी और पर फेंकने की नीयत से पकडे रहने के सामान है; इसमें आप ही जलते हैं।
    - बुराई अवश्य रहना चाहिए तभी जो अच्छाई इसके ऊपर अपनी पवित्रता साबित कर सकती है।
    - आप वो है जो आप रह चुके है, आप वो होंगे जो आप करेंगे।
    -  तुम अपने पथ की यात्रा नहीं कर सकते जब तक आप खुद पथ नहीं बनते।
    - दर्द तो निश्चित है, कष्ट वैकल्पिक है।
    - वह हमारा खुद का ही दिमाग होता है, हमारे दुश्मन का नहीं होता- जो हमें गलत रास्तों पर ले जाता है।

    बुद्ध पूर्णिमा की शुभकामनाएं - Happy Buddha Purnima Wishes in Hindi

    बुद्ध पूर्णिमा को भगवान गौतम बुद्ध (bhagwan buddha) की जयंती के रूप में मनाया जाता है। इस दिन अपने परिवार, दोस्तों और रिश्तेदारों को आप बुद्ध पूर्णिमा की शुभकामनाएं भेज कर उन्हें बधाई दे सकते हैं -
    - हज़ार योद्धाओं पर विजय पाना आसान है लेकिन जो अपने ऊपर विजय पा लेता है वही सच्चा विजयी है… हैप्पी बुद्ध पूर्णिमा
    - सच का साथ देते रहो
    अच्छा सोचो अच्छा कहो
    प्रेम धारा बनके बहो
    आपके लिए बुद्ध पूर्णिमा शुभ हो
    - बुद्धं शरणं गच्छामि। धर्मं शरणं गच्छामि। संघं शरणं गच्छामि। बुद्धं शरणं गच्छामि। बुद्ध पूर्णिमा की हार्दिक शुभकामनाएं ...
    -  अवसर आया है शान्ति का, आया है प्यार का त्यौहार, जिसने दी हमें शान्ति और प्यार, ऐसे भगवान का आज है त्यौहार…. बुद्ध पूर्णिमा की शुभकामनाएं
    - शांति और अहिंसा के दूत भगवान बुद्ध को नमन....
    सभी को बुद्ध पूर्णिमा की शुभकामनाएं
    - बुद्ध के ध्यान में मगन है
    सबके दिल में शांति का वास है
    तभी तो ये बुद्ध पूर्णिमा
    सबके लिए इतनी ख़ास है
    बुद्ध पूर्णिमा की शुभकामनाएं
    - हजारों खोखले शब्दों से अच्छा, वह एक शब्द है जो शांति लाए… बुद्ध पूर्णिमा की बधाई
    -  शांति का प्रतीक है बुद्ध,
    अहिंसा की मूरत है बुद्ध,
    इनके रस्ते पर चलना हमेशा,
    बुद्ध की कृपा होगी हमेशा…. Happy Buddha Purnima
    - बुद्ध के ज्ञान से अपने जीवन को सार्थक बनाओ, भगवान बुद्ध के रास्ते पर चलकर दिखाओ। बुद्ध पूर्णिमा की शुभकामनाएं …

    बुद्ध पूर्णिमा क्यों मनाते हैं - Why we Celebrate Buddha Purnima

    वैशाख मास के शुक्ल पक्ष में मनाई जाने वाली पूर्णिमा तिथि जिसे बुद्ध पूर्णिमा (Buddha Purnima) के नाम से भी जाना जाता है। बुध पूर्णिमा का संबंध गौतम बुद्ध के साथ जोड़ा जाता है। इस दिन गौतम बुद्ध जयंती (Buddh Jayanti) भी मनाई जाती है। ये दिन भगवान बुद्ध की बुद्धत्व की प्राप्ति हेतु मनाया जाता है। इस दिन 563 ईसा पूर्व में भगवान बुद्ध का जन्म हुआ था। इसी दिन बुद्ध ने 483 ईसा पूर्व में 80 साल की उम्र में, देवरिया जिले के कुशीनगर में निर्वाण प्राप्त किया था। भगवान बुद्ध का जन्म, ज्ञान प्राप्ति और महापरिनिर्वाण, ये तीनों एक ही दिन अर्थात वैशाख पूर्णिमा के दिन ही हुए थे। इसके आलावा ये भी माना जाता है कि वैशाख पूर्णिमा को ही भगवान विष्णु ने अपने नौवें अवतार भगवान बुद्ध के रूप में जन्म लिया।

    बुद्ध पूर्णिमा कैसे मनाते हैं - How to Celebrate Buddha Purnima in Hindi

    बौद्ध अनुयायी इस पर्व पर को मनाने के लिए बोधगया आते हैं और प्रार्थना करते हैं। इस दिन बोधिवृक्ष की पूजा की जाती है। उसकी शाखाओं पर हार व रंगीन पताकाएं सजाई जाती हैं। जड़ों में दूध व सुगंधित पानी डाला जाता है और वृक्ष के आसपास दीपक जलाए जाते हैं।अपने घरों में दिये जलाते हैं, फूलों से घर सजाते हैं। प्रार्थनाएं करते हैं, बौद्ध धर्म ग्रंथों का पाठ किया जाता है। पक्षियों को पिंजरे से मुक्त कर खुले आकाश में छोड़ा जाता है और गरीबों को भोजन व वस्त्र दान दिए जाते हैं। इस दिन पितरों का तर्पण करने से बहुत पुण्य की प्राप्ति होती है। बुद्ध पूर्णिमा (Buddha Purnima) के दिन पर, बौद्ध लोग खीर खाते है जो चावल दूध और चीनी में पकाया जाता है और गरीब लोगों को वितरित भी किया जाता है।

    बुद्ध पूर्णिमा का महत्व - Importance of Buddha Purnima in Hindi

    वैशाखी पूर्णिमा बड़ी ही पवित्र तिथि है। दान पुण्य और धर्म कर्म के अनेक कार्य इस दिन किये जाते हैं। वैशाख पूर्णिमा के दिन बुद्ध पूर्णिमा (Buddha Purnima) भी मनायी जाती है। बुद्ध पूर्णिमा या बैसाख पूर्णिमा के दिन व्रत का बड़ा ही फलदायी महत्व माना गया है। पूर्णिमा के दिन चंद्रमा अपनी पूर्ण कलाओं से युक्त होता है और इस दिन चंद्रमा की किरणों में बहुत अधिक एनर्जी होती है, जो व्यक्ति के मस्तिष्क पर प्रभाव डालती है। साथ ही इस दिन गौतम बुद्ध के जीवन पर उपदेश, समूह ध्यान, बौद्ध धर्म ग्रंथों, धार्मिक प्रवचन, जुलूस, बुद्ध की मूर्ति की पूजा की निरंतर सस्वर पाठ होता है। इस पूर्णिमा के दिन किए गए अच्छे कार्यों से पुण्य की प्राप्ति होती है। माना जाता है कि इस दिन महात्मा बुद्ध गृहत्याग के पश्चात  सात वर्षों तक वन में भटकते रहे। यहां पर उन्होंने कठोर तप किया और अंततः वैशाख पूर्णिमा के दिन बोधगया में बोधि वृक्ष के नीचे उन्हें बुद्धत्व ज्ञान की प्राप्ति हुई। तभी से यह दिन बुद्ध पूर्णिमा के रूप में मनाया जाता है।

    बुद्ध पूर्णिमा FAQ’s

    बुद्ध पूर्णिमा कब है 2020 ?
    साल 2020 में बुद्ध पूर्णिमा 7 मई (गुरुवार) को पड़ रही है। पूर्णिमा तिथि का प्रारंभ 6 मई को सांयकाल 7.44 बजे से हो रहा हैं और 7 मई को सांयकाल 4.14 बजे तक ये समाप्त होगी।
    भगवान बुद्ध की मृत्यु कब हुई थी?
    कुशीनगर जिले में महात्मा गौतम बुद्ध (gautam buddha history)  ने 483 ईसा पूर्व 80 वर्ष की आयु में अपने नश्वर शरीर को त्याग दिया था और परमात्मा में विलीन हो गए। बौद्ध धर्म के अनुयायी इसे 'महापरिनिर्वाण' कहते हैं। लेकिन उनकी मृत्यु के मत में बौद्ध बुद्धिजीवी और इतिहासकार एकमत नहीं हैं।
    क्या गौतम बुद्ध भगवान विष्णु के अवतार हैं ?
    उत्तरी भारत में गौतम बुद्ध को हिंदुओं में भगवान श्री विष्णु का नौवां अवतार भी माना जाता है। वहीं बौद्ध धर्म के अनुयायी गौतम बुद्ध के विष्णु के अवतार होने को नहीं मानते। यही कारण है कि दोनों धर्म के लोग इस त्योहार को अपनी-अपनी तरह मनाते हैं।
    बुद्ध पूर्णिमा का यह त्योहार कहां-कहां मनाया जाता है?
    वर्तमान में पूरी दुनिया में लगभग 180 करोड़ लोग भगवान बुद्ध (bhagwan buddha) के अनुयायी हैं। भारत के बिहार राज्य में स्थित बोधगया और कुशीनगर पवित्र धार्मिक स्थल है। बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर यहां 1 महीने का मेला लगता है। भारत के साथ साथ चीन, नेपाल, सिंगापुर, वियतनाम, थाइलैंड, जापान, कंबोडिया, मलेशिया, श्रीलंका, म्यांमार, इंडोनेशिया, पाकिस्तान जैसे दुनिया के कई देशों में बुद्ध पूर्णिमा के दिन बुद्ध जयंती मनाई जाती है।