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हिंदी दिवस कब मनाया जाता है और इसका महत्व – Hindi Diwas Kab Manaya Jata Hai

Supriya SrivastavaSupriya Srivastava  |  Jul 21, 2021
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हिंदी, एक ऐसी भाषा जो न सिर्फ बोलने में बल्कि लिखने में भी काफी आसान है। यही वजह है कि हिंदी को देश की राष्ट्रभाषा का दर्जा मिला हुआ है। वैसे तो आजकल की युवा पीढ़ी अंग्रेजी बोलने में ही गर्व समझती है। लेकिन इसके बावजूद वे हिंदी भाषा को नकार नहीं सकती। यह हिंदी भाषा की ताकत ही है कि आज गूगल से लेकर फेसबुक तक सब हिंदी में भी अपनी सेवाएं देते हैं। अंग्रेजी भले ही ग्लोबल भाषा हो या फिर काम के लिए इस्तेमाल की जाती हो लेकिन बात जब घर की आती है तो लोगों को हिंदी भाषा ही लुभाती है। ये बात और है कि समय के साथ हिंदी बोलने और लिखने का रंग-रूप भी थोड़ा बदल चुका है। आज हिंदी पिछड़ी हुई भाषा नहीं बल्कि कूल भाषा समझी जाती है, जिसमें लिखना लोग अपना रुतबा समझते हैं। हिंदी दिवस के मौके पर जानिए हिंदी दिवस कब मनाया जाता है (hindi diwas kab manaya jata hai), हिंदी दिवस पर हास्य कविता और क्या है हिंदी दिवस का महत्व (hindi diwas ka mahatva)?

हिंदी दिवस कब मनाया जाता है – Hindi Diwas Kab Manaya Jata Hai

Hindi Diwas Kab Manaya Jata Hai

हिंदी दिवस हर साल 14 सितंबर को मनाया जाता है। 14 सितम्बर 1949 को संविधान सभा ने एक मत से यह फैसला लिया कि हिंदी ही भारत की राष्ट्रभाषा होगी। इसी महत्वपूर्ण निर्णय के महत्व को प्रतिपादित करने तथा हिंदी को हर क्षेत्र में प्रसारित करने के लिये राष्ट्रभाषा प्रचार समिति, वर्धा के अनुरोध पर वर्ष 1953 से पूरे भारत में 14 सितंबर को प्रतिवर्ष हिंदी दिवस के रूप में मनाया जाता है।

हिंदी दिवस का महत्व – Hindi Diwas ka Mahatva

Hindi Diwas ka Mahatva

हिंदी भाषा वर्षों से हमारे देश में बोली जाती है। मगर समय के साथ और अंग्रेजी भाषा के बढ़ते प्रभाव ने इसका इस्तेमाल कुछ कम कर दिया है। बीच में एक समय तो ऐसा भी आया था, जब युवा पीढ़ी हिंदी बोलने में शर्म महसूस करने लगी थी। मगर समय के साथ हिंदी बोलने और लिखने का चलन एक बार फिर बढ़ गया। हिंदी को मातृभाषा भी बोला जाता है। लोगों के दिलों में हिंदी भाषा के प्रेम को बनाये रखने के लिए हिंदी दिवस का महत्व (hindi diwas ka mahatva) और भी बढ़ जाता है। हिंदी भाषा बेहद संवेदनशील है। यही वजह है कि कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक हिंदी भाषी लोग आसानी से मिल जाएंगे। आजकल इंग्लिश मीडियम स्कूल से पढ़कर निकले बच्चे हिंदी बोलना तो दूर ठीक से पढ़ भी नहीं पाते। ऐसे में उन्हें हिंदी दिवस का महत्व (hindi Diwas ka Mahatva) समझाने के लिए हिंदी का एक खास दिन होना जरूरी है। 

हिंदी दिवस का इतिहास – Hindi Diwas ka Itihas

अब सवाल यह उठता है कि जब हिंदी इतनी लोकप्रिय भाषा है तो उसे मनाने के लिए अलग से एक दिन क्यों? दरअसल, इसके पीछे का इतिहास भी काफी रोचक है। वर्ष 1918 में गांधी जी ने एक हिंदी साहित्य सम्मेलन के दौरान हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाने के लिए कहा था। यहां तक कि उन्होंने इसे जनमानस की भाषा भी कहा था। इसके कई सालों बाद जब देश आजाद हो गया तब वर्ष 1949 में भारत की राष्ट्रभाषा क्या होगी, इस पर प्रश्न खड़ा हो गया। तब 14 सितंबर 1949 को काफी सोच-विचार के बाद हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाने पर फैसला लिया गया। यह भारतीय संविधान के भाग 17 के अध्याय की अनुच्छेद 343(1) में वर्णित भी है। इसके अनुसार संघ की राष्ट्रभाषा हिंदी और लिपि देवनागरी होगी। हालांकि जब राष्ट्रभाषा के रूप में इसे चुना गया और लागू किया गया तो गैर-हिंदी भाषी राज्य के लोग इसका विरोध करने लगे और इसी के चलते हिंदी के साथ अंग्रेजी को भी राजभाषा का दर्जा देना पड़ा।

Hindi Diwas ka Itihas

आपको जानकर हैरानी होगी कि हिंदी भाषा भारत के साथ ही नेपाल, अमेरिका, मॉरिशस, फिजी, दक्षिण अफ्रीका, सूरीनाम, युगांडा सहित दुनिया के कई देशों में बोली जाती है। नेपाल में तो करीब 80 लाख हिंदी भाषी रहते हैं। वहीं अमेरिका में हिंदी बोलने वालों की संख्या साढ़े छह लाख के करीब है। हिंदी, अंग्रेजी और चीनी भाषा के बाद पूरे दुनिया में तीसरी सबसे बड़ी भाषा है। इसका मुख्य उद्देश्य साल में एक बार लोगों को इस बात से रूबरू कराना है कि हिंदी भाषा के विकास के लिए हिंदी का उपयोग पूरी तरह करना जरूरी है। इस कारण वो लोग, जो हिंदी का ज्ञान रखते हैं या हिंदी भाषा जानते हैं, उन्हें हिंदी के प्रति अपने कर्तव्य को याद दिलाने के लिए इस दिन को हिंदी दिवस के रूप में मनाया जाता है। 

हिंदी दिवस से जुड़े सवाल और जवाब – FAQ’s

हिंदी दिवस मनाने का क्या उद्देश्य है?

हिंदी दिवस मनाने का उद्देश्य हिंदी भाषा को लुप्त होने से बचाने और युवा पीढ़ी को हिंदी भाषा की ओर आकर्षित करना है।

14 सितंबर को हिंदी दिवस क्यों मनाते हैं?

क्योंकि इस दिन साल 1949 को संविधान सभा ने एक मत से यह निर्णय लिया कि हिंदी ही भारत की राष्ट्रभाषा होगी।

भारत में प्रथम बार हिंदी दिवस कब मनाया गया था ?

साल 1953 को पूरे भारत में 14 सितंबर को पहली बार हिंदी दिवस के रूप में मनाया गया था।

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