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Benefits of Yoga in Hindi – स्वस्थ जीवन के लिए जानिए योग के लाभ

Supriya SrivastavaSupriya Srivastava  |  Jun 19, 2019
योग के लाभ, Benefits of Yoga in Hindi, Yoga ke Fayde, Yoga in Hindi

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यह कहावत तो अपने सुनी ही होगी हेल्थ इज़ वेल्थ (health is wealth) यानी स्वास्थ्य ही सबसे बड़ा धन है। अगर तन मन स्वस्थ हो तो आप कोई भी काम सफलतापूर्वक आसानी से कर सकते हैं। मगर आजकल हर तरफ बढ़ते हुए कम्पटीशन को देखते हुए सभी लोग स्वस्थ को भूला बैठे है। हमे यह समझना होगा कि स्वास्थ्य और मन अच्छा हो तो ज़िंदगी आसान हो जाती है। ज़िंदगी को बेहतर ढंग से जीने के लिए ज़रूरी है कि हम मानसिक और शारीरिक रूप से पूरी तरह स्वस्थ रहें। ऐसे में योग हमारी सारी परेशानियों का हल है। वो कहते हैं न ‘योगा से ही होगा’, यह बात शत- प्रतिशत सच है। योग के लाभ (Yoga ke Fayde) अनेक हैं।

योग में हर बीमारी से बचने का इलाज छुपा है, फिर चाहे वह शारीरिक हो या मानसिक। इतना ही नहीं, बेहतर स्वास्थ्य के लिए योग से अच्छा ऑप्शन और कुछ नहीं है। हर साल 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है ताकि लोगों में योग के प्रति जागरूकता फैलाई जा सके। इस अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस’ पर जानिए, योग के फायदे, योग का महत्व, योग के मानसिक लाभ के बारे में।

योग क्या है – What is Yoga in Hindi

What is Yoga in Hindi

What is Yoga in Hindi

योग के लाभ और उसके नियम जानने से पहले यह जान लेते हैं कि योग आखिर होता क्या है। योग, इस शब्द की उत्पत्ति संस्कृत शब्द ‘युज’ से हुई है, जिसका मतलब है ‘जुड़ना’। कुछ लोगों को लगता है कि शरीर को मोड़ने, खींचने, आड़ा- तिरछा करने और सांस को अंदर- बाहर करने से ही योग हो जाता है। मगर ऐसा बिलकुल भी नहीं है। योग की दुनिया और इसका स्तर इससे कहीं वृहद है। योग से शरीर, मस्तिष्क और आत्मा का एक साथ मिलन होता है। कई बड़े योगियों, गुरुओं और ज्ञानियों ने योग को अपने- अपने तरीके से परिभाषित किया है। योग किसी को भी आसानी से नहीं आता बल्कि प्रतिदिन इसका अभ्यास करना पड़ता है।

ओशो जैसे महान धर्मगुरु का मानना हैं कि “योग को धर्म, आस्था और अंधविश्वास के दायरे में बांधना गलत है। योग विज्ञान है, जो जीवन जीने की कला है। साथ ही यह पूर्ण चिकित्सा पद्धति है। जहां धर्म हमें खूंटे से बांधता है, वहीं योग सभी तरह के बंधनों से मुक्ति का मार्ग है।” वही योग गुरु बाबा रामदेव का कहना हैं कि “मन को भटकने न देना और एक जगह स्थिर रखना ही योग है।”

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस’ क्यों मनाया जाता है?

योग शब्द भारत से बौद्ध धर्म के साथ चीन, जापान, तिब्बत, दक्षिण पूर्व एशिया और श्रीलंका के अलावा पूरी दुनिया में फैल गया है। दुनिया भर में इसकी प्रसिद्धि को देखते हुए पहली बार 11 दिसंबर साल 2014 को ‘संयुक्त राष्ट्र महासभा’ द्वारा हर साल 21 जून को “विश्व योग दिवस” (International Yoga Day) मनाने का फैसला लिया गया। 

इस बारे में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था, “योग भारत की प्राचीन परंपरा का एक अमूल्य उपहार है, यह दिमाग और शरीर की एकता का प्रतीक है; मनुष्य और प्रकृति के बीच सामंजस्य है; विचार, संयम और आपूर्ति प्रदान करने वाला है तथा स्वास्थ्य और भलाई के लिए एक समग्र दृष्टिकोण को भी प्रदान करने वाला है। यह व्यायाम के बारे में नहीं है लेकिन अपने भीतर एकता की भावना, दुनिया और प्रकृति की खोज के विषय में है। हमारी बदलती जीवन शैली में यह चेतना बनकर, हमें जलवायु परिवर्तन से निपटने में मदद कर सकता है। तो आइए एक ‘अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस’ को गोद लेने की दिशा में काम करते हैं।” तबसे भारत में भी योग दिवस मनाया जाने लगा। हर साल अंतराष्ट्रीय योग दिवस (International Yoga Day) अलग-अलग थीम के साथ मनाया जाता है।

योग के लाभ – Yoga ke Fayde

Yoga ke Fayde

Yoga ke Fayde

योग हमें मानसिक और शारीरिक तौर पर स्वस्थ बनाये रखने में मदद करता है। योगासन के स्वास्थ्य लाभ एक नहीं अनेक हैं। योग न सिर्फ शरीर का लचीलापन बढ़ाता है बल्कि मांसपेशियों को मजबूत बनाने के साथ वज़न घटाने में भी मदद करता है। योग हमें आलस दूर कर खुश रहने में मदद करता है। योग सेहतमंद जीवन के लिए बहुत जरूरी माना जाता है। नियमित योग के अभ्यास से शुगर, कब्ज़, हृदय रोग जैसी बीमारियों से लड़ने में भी मदद मिलती है। योग चेहरे की रंगत निखारने में भी मदद करता है। तो चलिए इस लेख के माध्यम से जानिए क्‍या हैं योग के फायदे।

योग के लाभ मन को शांत रखने के लिए

योग शरीर के लिए जितना अच्छा है उतना ही मन को शांत करने के लिए भी फायदेमंद है। योग से मांसपेशियों का अच्छा व्यायाम होता है, मगर कई शोधकर्ताओं ने इस बात को साबित कर दिया है की योग शारीरिक और मानसिक रूप से वरदान है। यह आसानी से तनाव दूर करने अच्छी नींद लाने के लिए कारगर है।

योग के लाभ अस्थमा से बचाव के लिए

आजकल धुल मिट्टी या अन्य कई कारणों से अस्थमा की बीमारी बढ़ गयी है। यह उम्रदराज़ लोगो से लेकर छोटे बच्चों में भी पायी जाने लगी है। आमतौर पर अस्थमा में श्वास नली सिकुड़ जाती है, जिससे सांस लेने में दिक्कत होती है। जरा-सी धूल-मिट्टी में दम घुटने लग जाता है। अगर आप इस अवस्था में योग करते हैं, तो आपके फेफड़ों पर जोर पड़ता है और वो अधिक क्षमता के साथ काम करते हैं।

योग के लाभ अर्थराइटिस के लिए

अर्थराइटिस यानी गठिया एक ऐसी बीमारी हैं जिसमें शरीर अकड़ने लगता है और जोड़ों में सूजन और दर्द रहता है। ज्यादातर डॉक्टर अर्थराइटिस से बचने के लिए योग की सलाह देते हैं। अर्थराइटिस की स्तिथि में रोज़मर्रा के काम पर असर पड़ता है। गठिया के मरीज़ों को इस दौरान होने वाले दर्द से बचने के लिए दिन में कम से कम दो बार आधे-आधे घंटे के लिए योग करना चाहिए।

योग के लाभ रक्त संचार के लिए

शरीर के सभी अंगों की बेहतरी और तापमान को नियंत्रित रखने के लिए रक्त का संचार बेहतर तरीके से होना जरुरी है। अगर रक्त संचार ठीक तरीके से होता हैं तो आपको हृदय या मस्तिष्क से जुड़ी परेशानियां नहीं होती। अगर शरीर में रक्त का संचार ठीक तरीके से नहीं होता तो आप कई बड़ी बीमारियों के चपेट में आ सकते हैं।

योग के लाभ इम्यूनिटी के लिए

कोरोना काल में इम्युनिटी की अहमियत है यह बात हम सब जानते हैं। इम्युनिटी यानी रोग्प्रतिरोध क्षमता, जो हमें बीमारियों से लड़ने में मदद करता है। स्ट्रांग इम्युनिटी हमें छोटी मोती बीमारियों से लड़ने में मदद करती है और अंदर से स्वस्थ रखती है।

योग के फायदे वजन कम करने के लिए

आजकल की बिज़ी लाइफस्टाइल में हर दूसरा व्यक्ति मोटापे जैसी परेशानी से घिरा हुआ है। अगर मोटापे का सही समय पर इलाज नहीं किया गया तो यह बड़ी बीमारियों का कारण बन सकता है। मगर मोटापे का इलाज है। रोज़ाना योगाभ्यास करने से कोई भी व्यक्ति आसानी से मोटापे को मात दे सकता है।

योग के फायदे शुगर कंट्रोल करने के लिए

आजकल बड़ों के साथ-साथ बच्चों में भी शुगर की बीमारी बढ़ने लगी है। अगर सही टाइम पर शुगर को नियंत्रित नहीं किया गया तो यह जानलेवा भी साबित हो सकती है। अगर आप शुगर को कंट्रोल रखना चाहतें हैं तो डॉक्टर के परामर्श के साथ-साथ अपनी दिनचर्या में योग को शामिल करें। योग से आप आसानी से ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल कर सकते हैं।

योग के फायदे ग्लोइंग स्किन के लिए

बढ़ती उम्र के साथ-साथ अच्छी त्वचा और जवां लगना किसे पसंद नहीं होता। यदि आपको ग्लोइंग स्किन चाहिए तो योग ही एकमात्र तरीका है जिसकी मदद से आप खुद को हमेशा के लिए खूबसूरत बना कर रख सकती है। योग स्किन से जुडी परेशनियों को कम करने में मदद करता है। नियमित योग करने से चेहरे पर लम्बें समय तक एंटी एजिंग गुण नहीं दिखते हैं।

योग के मानसिक लाभ – Yoga for Mental Health in Hindi

स्वस्थ रहने का मतलब केवल शारीरिक फिटनेस नहीं होता बल्कि मेंटली फिट होना भी जरूरी है। योग एकमात्र ऐसा तरीका है जिससे तन और मन दोनों को बैलेंस कर स्वस्थ रखा जा सकता है। तो चलिए जानते हैं योग करने के मानसिक लाभों के बारे में।

याददाश्त और एकाग्रता में सुधार

नियमित योग करने से याददाश्त और एकाग्रता में सुधार आती है। किसी भी कमा को करने के लिए आप पहले से ज्यादा फोकस्ड हो जाते हैं। नियमित योग के अभ्यास से दिमाग तेज़ होता है याददाश्त क्षमता में सुधार आता है।

चिंता और अवसाद को कम मददगार

आजकल हर दूसरा व्यक्ति घर,बच्चों,ऑफिस किसी न किसी काम को लेकर चिंता और अवसाद से घिरा रहता है। जिससे थकान व एंग्जायटी होती है। ऐसे में योग आपकी मदद कर सकता है। योग से आप किसी भी तरह के तनाव को दूर कर सकते हैं।

भावनात्मक नियंत्रण के लिए योग

जब हम मानसिक रूप से स्वस्थ नहीं होते तो छोटी-छोटी बात पर कभी गुस्सा हो जाते हैं, कभी रोने लगते हैं कभी हमें अकेले रहना पसंद होता है। ऐसे में योग हमें भावनात्मक नियंत्रण करने में कारगर साबित है।

बेहतर निर्णय के लिए योग

नियमित योग करने वाले लोग अपने जीवन में बेहतर निर्णय ले पाते हैं और वह ज्यादातर खुशमिज़ाज क्वालिटी के लोग होते है। अगर आप भी अपनी दिनचर्या में योग को शामिल करें तो जीवन को बेहतर ढंग से देखने का नजरिया मिलता है साथ ही आप हर निर्णय सही ढंग से ले पाते हैं।

अच्छी नींद के लिए योग

अगर कोई व्यक्ति 8 घंटे की नींद अच्छे से पूरी न करें तो अगले दिन की सुबह आलस और तनाव भरी रहती है। जिसका पूरा पूरा असर हमारे दिनचर्या के कामों पर पड़ता है। ऐसे में योग आपकी मदद कर सकता है, नियमित योग करने से भरपपोर नींद आती है। इससे शरीर को अगले दिन फिर से काम करने के लिए तैयार होने में मदद मिलती है। यदि आपको जल्दी नींद ना आए या फिर पर्याप्त नींद ना मिले तो दिनभर बेचैनी, सिरदर्द और तनाव रहता है। 

जीवन में योग का महत्व – Importance of Yoga in our Life in Hindi

Importance of Yoga in Hindi

Importance of Yoga in Hindi

 

भगवान श्री कृष्‍ण ने श्रीमद्भागवत गीता योग को परिभाषित करते हुए कहा है, “योग: कर्मसु कौशलम्’’ अर्थात् कर्मों की कुशलता का नाम योग है। हमारे जीवन में योग का बहुत महत्व है। योग का जन्म भारत में हुआ था और आज योग विदेशों तक पहुंच गया है। योग से मिलने वाले लाभों के चलते दिन प्रतिदिन योग का महत्त्व बढ़ता जा रहा है। पहले जहां केवल आयुर्वेदिक रूप से योग को महत्त्व दिया जाता था वही आज योग एक वैज्ञानिक रूप से भी उभरकर सामने आया है। यही वजह है कि डॉक्टर्स भी अपने मरीज़ो को योग के लिए प्रोत्साहित करते हैं।
योग के महत्त्व को समझना बेहद जरूरी है। यह न सर्फ आंतरिक बल्कि बाहरी शक्ति भी प्रदान करता है। योग नकारात्मक विचारों से छुटकारा दिलाकर सकारात्मक विचार पैदा करने करने में मदद करता है। यह तनाव और चिंता को खत्म करने के लिए एक रामबाण इलाज है। कहना गलत नहीं होगा कि आज के समय में योग जीवन जीने का एक तरीका बन चुका है।

योग के उद्देश्य

 

योग का उद्देश्य न सिर्फ शारारिक बल्कि मानसिक उपचार करना भी हैं। योग का उद्देश्य सभी जीवात्म विशेषकर मानवों को पूरी तरह स्वस्थ रखना है, जिससे आत्मा को परमात्मा से मिलाया जा सके। इसका अभ्यास करने की कला किसी भी व्यक्ति के मन, शरीर और आत्मा को नियंत्रित करने में मदद करती है। साथ ही बुरी आदतों से छुटकारा भी दिलाती है।

 

 

योग से हानि – Side effects of Yoga in Hindi

 

जिस तरह हर अच्छी चीज़ में थोड़ी बुराइयां होती हैं, उसी तरह अगर योग के लाभ हैं तो योग से हानि भी है। यह बात सही है कि योग करने से शरीर का लचीलापन बढ़ता है लेकिन अगर योग का अभ्यास आवश्यकता से अधिक, या फिर कहें की शरीर के लचीलेपन के विरूद्ध ज्यादा जोर दिया जाए तो शरीर की मांसपेशियां खिंच जाती हैं, जिससे शरीर के उस हिस्से में दर्द शुरू हो जाता है। जानिए और क्या-क्या है, योग से हानि।
1- अति या फिर आदत हर चीज़ की बुरी होती है। योग की भी। एक बार योग करने की आदत पड़ जाए तो योग करे बिना अच्छा नहीं लगता। इसका परिणाम यह होता है कि जिस दिन योग ना करें, फ्रेश महसूस नहीं होता, शरीर में दिनभर आलस छाया रहता है और कहीं मन भी नहीं लगता है। 
2- योग करने से अगर शरीर के किसी हिस्से में दर्द की शिकायत होती है तो उसे तुरंत बंद कर दें। साथ ही डाॅक्टर से परामर्श लेना न भूलें। समय रहते अगर इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया जाता तो शरीर का वह हिस्सा लकवाग्रस्त होने की आशंका बनी रहती है।
3- योग हमेशा अच्छी गाइडेंस में ही करें क्योंकि योग करते समय चोट लगने का खतरा भी बना रहता है। योग के दौरान लगने वाली चोटो में गर्दन , घुटने और कंधे की चोट शामिल हैं। 
 
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