आपको अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं (Women's Day Quotes In Hindi)

आपको अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं (Women's Day Quotes In Hindi)

भारतीय संस्कृति में महिलाओं के सम्मान को बहुत महत्व दिया गया है। संस्कृत में एक श्लोक है- 'यस्य पूज्यंते नार्यस्तु तत्र रमन्ते देवता:। यानि कि जहां नारी की पूजा होती है, वहां देवता निवास करते हैं। लेकिन यही  समाज जहां एक तरफ नारी के रूप को पूजता है वहीं दूसरी तरफ उसका अपमान करता है। नारी को 'भोग की वस्तु' समझकर आदमी अपने तरीके से इस्तेमाल करता आ रहा है। लेकिन शिक्षा के प्रचार और प्रसार ने इन रूढिवादी विचारों को बदलने में बेहद अहम भूमिका निभाई है। आज महिलाएं अपने अधिकारों का सही इस्तेमाल करना जान गईं है। समाज में भी उनकी स्थिति पहले से बहुत बेहतर हुई है।  
 
महिलाओं का आजकल हम हर क्षेत्र में हम आगे बढ़ते हुए देख सकते हैं। उनकी इन्हीं उपलब्धियों को और अबला से सबला बनने की सशक्त भावना को सेलिब्रेट करता है अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस (Antarrashtriya Mahila Diwas)। समाज में महिलाओं के योगदान और उपलब्धियों पर ध्यान केन्द्रित करने के लिये भारत के विभिन्न क्षेत्रों सहित पूरे दुनियाभर में 8 मार्च को हर साल अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है। इस उत्सव का कार्यक्रम क्षेत्र दर क्षेत्र बदलता रहता है। सामान्यत: इसे पूरे महिला समुदाय को सम्मान देने, उनके कार्यों की सराहना करके और उनके लिये प्यार व सम्मान जताने के लिये मनाया जाता है। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष में, हम आपके लिए लाये हैं कुछ ऐसे ही बेहतरीन कोट्स (mahila diwas quotes), शायरी और कविताओं के कलेक्शन, जिन्हे भेज कर आप बना सकती हैं इस दिन को और भी खास।

Table of Contents

    अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस कोट्स - Women's Day Quotes In Hindi

    हर साल 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है। इस दिन सभी महिलाएं एक-दूसरे को नारी दिवस की शुभकामानाएं देती हैं और गर्व महसूस करती हैं कि वो एक महिला हैं। हम आपके लिए लाये हैं कुछ ऐसे ही बेहतरीन कोट्स (mahila diwas quotes), शायरी और कविताओं के कलेक्शन, जिन्हें आप फेसबुक, व्हाटसेप और मैसेज के जरिए एक-दूसरे को भेज कर बधाई दे सकते हैं।

    • एक के घर की ख़िदमत की और एक के दिल से मोहब्बत की,
      दोनों फ़र्ज़ निभा कर उस ने सारी उम्र इबादत की।
    • घर में रहते हुए ग़ैरों की तरह होती हैं,
      लड़कियां धान के पौधों की तरह होती हैं।
    • बताऊ क्या तुझे ऐ हम-नशीं किस से मोहब्बत है,
      मैं जिस दुनिया में रहता हूँ वो इस दुनिया की औरत है।
    • अभी रौशन हुआ जाता है रास्ता,
      वो देखो एक औरत आ रही है।
    • हर दिन होना चाहिए नारी के नाम,
      क्योंकि बिना रुके करती है वो हर काम।
    • क्यों कहती है दुनिया कि नारी कमजोर हैं,
      आज भी नारी के हाथों में घर चलाने की डोर हैं।
    • लोग कहते हैं तेरा क्या अस्तित्व नारी,
      दुःखों को दूर कर,
      खुशियों को बिखेरे नारी।
    • अपने हौसले से तकदीर को बदल दूं,
      सुन ले दुनिया, हाँ मैं औरत हूं।
    • कुछ लोग कहते हैं कि औरत का कोई घर नहीं होता है लेकिन सच तो ये है कि औरत के बिना कोई घर नहीं होता है।
    • रहमत खुद उतरती है आसमानों से,
      यकीं नहीं तो घर में बेटियों को ही देख लो।
    • वो संस्कारी थी जब तक चुपचाप सब सहती रही..
      बदतमीज हो गई, जब से वो बोल पड़ी....
    • अच्छी लड़की का मतलब ये नहीं कि वो शरारती नहीं हो सकती ....
    • किसी भी लड़की के लिए वो शब्द न कहें जो आप अपनी बहन या बेटी के लिए सुन नहीं सकते
    • किसी को भी मत कहने दो कि तुम कमजोर हो क्योंकि तुम एक औरत हो ....
    • वो शाख है न फूल,
      गर तितलियां न हों, 
      वो घर भी कोई घर है,
      जहां बेटियां न हों ....
    • स्त्री कभी हारती नहीं है उसे हराया जाता है,
      समाज क्या कहेगा यह कहकर बचपन से डराया जाता है ....

    पिता पर सुविचार (पितृ दिवस), कोट्स, शायरी  

    अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं - Women's Day Wishes in Hindi

    • फूलों पर बरसती हूं,
      कभी सूरत-ए-शबनम,
      बदली हुई रुत में कभी सावन की झड़ी हूं...
      औरत हूं मगर सूरत-ए-कोहसार खड़ी हूं,
      इक सच के तहफ़्फ़ुज़ के लिए सब से लड़ी हूं।
      Antarrashtriya Mahila Diwas Ki Hardik Shubhkamnaye...
    • औरतें वो नहीं सुनना चाहती जो आप सोचते हैं,
      औरतें वो सुनना चाहती हैं जो वो सोचती हैं ...
    • जब आप एक आदमी को शिक्षित करते हैं तब सिर्फ एक आदमी शिक्षित होता है,
      लेकिन जब आप एक स्त्री को शिक्षित करते हैं तब एक पीढ़ी शिक्षित होती है।
      महिला दिवस की हार्दिक बधाई...
    • उसका दामन है बड़ा…
      दिया उसने अपना प्यार सारा,
      कहलाई वो स्त्री,
      कहलाई वो एक नारी ...
      बनकर एक आर्दश उसने किया जग में उजियारा…
      अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।
    • मां है वो, बेटी है वो,
      बहन है वो तो कभी पत्नी है वो,
      जीवन के हर सुख दुःख में शामिल है वो शक्ति है वो,
      प्रेरणा है वो!
      नमन है उन सब नारियों को जीवन के हर मोड़ पर हमारा साथ देती हैं।
    • मुस्कराकर,
      दर्द भुलाकर....
      रिश्तों में बंद थी दुनिया सारी,
      हर पग को रोशन करने वाली ...
      वो शक्ति हैं एक नारी
    • जिसने बस त्याग ही त्याग किए,
      जो बस दूसरों के लिए जिए,
      फिर क्यों उसको धिक्कार दो,
      उसे जीने का अधिकार दो ...
      महिला दिवस की शुभकामनाएं।
    • कोई भी देश यश के शिखर पर तब तक नहीं पहुंच सकता जब तक उसकी महिलाएं कंधे से कन्धा मिला कर ना चलें।
    • वह जन्म देती है,
      वह मौत से बचाती है,
      वह आगे बढ़ाती है,
      वह औरत कहलाती है।
      महिला दिवस की शुभकामनाएं...
    • हर एक व्यक्ति के अच्छाई और तरक्की के पीछे एक औरत का हाथ है।

    अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर कविता - Women's Day Poem in Hindi

    1) नारी तुम स्वतंत्र हो,
    जीवन धन यंत्र हो।
    काल के कपाल पर,
    लिखा सुख मंत्र हो।
    माता का मान हो,
    पिता का सम्मान हो।
    पति की इज्जत हो,
    रिश्तों की शान हो।
    हर युग में पूजित हो,
    पांच दिवस दूषित हो।
    जीवन को अंकुर दे,
    मां बनकर उर्जित हो।
    घर की मर्यादा हो,
    प्रेमपूर्ण वादा हो।
    प्रेम के सान्निध्य में,
    खुशी का इरादा हो।
    रंगभरी होली हो,
    फगुनाई टोली हो।
    प्रेमरस पगी-सी,
    कोयल की बोली हो।
    मन का अनुबंध हो,
    प्रेम का प्रबंध हो।
    जीवन को परिभाषित,
    करता निबंध हो।
    अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं …..
    2) दिलों में बस जाए वो मोहब्बत हूं,
    कभी बहिन, कभी ममता की मूरत हूं।
    मेरे आंचल में हैं से चांद सितारे,
    मां के क़दमों में बसी एक जन्नत हूं।
    हर दर्द-ओ-ग़म को छुपा लिया सीने में,
    लब पे ना आये कभी वो हसरत हूं।
    मेरे होने से ही है यह कायनात जवान,
    ज़िन्दगी की बेहद हसीं हकीकत हूं।
    हर रूप रंग में ढल कर सवर जाऊं,
    सब्र की मिसाल, हर रिश्ते की ताकत हूं।
    अपने हौसले से तक़दीर को बदल दूं,
    सुन ले ऐ दुनिया, हां मैं औरत हूं।
    महिला दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं …
    3) नारी ही शक्ति है नर की
    नारी ही है शोभा घर की
    जो उसे उचित सम्मान मिले
    घर में खुशियों के फूल खिलें
    बेटी-बहु कभी माँ बनकर
    सबके ही सुख-दुख को सहकर
    अपने सब फर्ज़ निभाती है
    तभी तो नारी कहलाती है
    Happy Womens Day...

    अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस का इतिहास - International Women's Day History

    महिलाओं के अधिकारों और सम्मान की लड़ाई आज की नहीं है बल्कि बहुत पुरानी है। प्राचीन ग्रीस में लीसिसट्राटा नाम की एक महिला ने फ्रेंच क्रांति के दौरान युद्ध समाप्ति की मांग रखते हुए समानाधिकार आंदोलन की शुरूआत की, फारसी महिलाओं के एक समूह ने वरसेल्स में इस दिन एक मोर्चा निकाला, इस मोर्चे का उद्देश्य युद्ध की वजह से महिलाओं पर बढ़ते हुए अत्याचार को रोकना था। 1909 में 28 फरवरी को पहली बार अमेरिका में महिला दिवस (mahila divas) मनाया गया था। सोशलिस्ट पार्टी ऑफ अमेरिका ने न्यूयॉर्क में 1908 में गारमेंट वर्कर्स की हड़ताल को सम्मान देने के लिए इस दिन का चयन किया ताकि इस दिन महिलाएं काम के कम घंटे और वेतन के लिए विरेध कर अपनी मांग कर सकें।

    इसके बाद साल 1913-14 में महिला दिवस युद्ध का विरोध करने का प्रतीक बनकर उभरा। इसी साल रुसी महिलाओं ने पहली बार अतंरराष्ट्रीय महिला दिवस फरवरी माह के आखिरी दिन पर मनाया और पहले विश्व युद्ध का महिलाओं ने विरेध भी किया। इसके बाद यूरोप में महिलाओं ने 8 मार्च को पीस ऐक्टिविस्ट्स को सपोर्ट करने के लिए रैलियां की। 1975 में यूनाइटेड नेशन्स ने 8 मार्च का दिन ही वुमन्स डे (antarrashtriya mahila diwas) मनाना शुरू किया। वहीं विश्व स्तर पर पहली बार 19 मार्च, 1911 को आस्ट्रिया डेनमार्क, जर्मनी और स्विट्ज़रलैंड में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया गया। दो साल बाद इसकी तारीख को बदलते हुए यानी 1913 मैं इसे 8 मार्च कर दिया गया और तब से इसे हर साल मनाया जाता है।

    अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस क्यों मनाया जाता है - Why Do We Celebrate Women's Day

    दुनियाभर के विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं के प्रति सम्मान, प्रशंसा और प्यार प्रकट करते हुए महिला दिवस को महिलाओं के आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक उपलब्धियों के उपलक्ष्य में उत्सव के तौर पर मनाया जाता है। पूरी दुनिया में महिलाओं से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की जाती है, समाधान खोजे जाते हैं और संकल्प लिए जाते हैं। इस दिन को मनाने के पीछे इसका उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है,था और रहेगा। शिक्षा पाकर लड़कियां आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनेंगी तो आर्थिक आजादी के साथ ही समानता की भावना भी समाज में प्रसारित होगी। अभी भी कई पिछड़े इलाकों और समुदायों में महिलाओं की स्थिति कुछ खास सही नहीं है, ऐसे में उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता जरूरी है। तभी वो अपनी सुरक्षा खुद कर पाएंगी, तब समाज, पुलिस और कानून भी उनकी मदद करेगा।8 मार्च का दिन सिर्फ और सिर्फ महिलाओं को ही समर्पित है। दुनिया में कई ऐसे देश हैं जहां अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर महिलाओं को छुट्टी दी जाती है। अफगानिस्तान, क्यूबा, वियतनाम, युगांडा, कंबोडिया, रूस, बेलरूस और यूक्रेन कुछ ऐसे देश हैं जहां 8 मार्च को आधिकारिक छुट्टी होती है।

    कैसे मनाएं वुमन्स डे - How to Celebrate Women's Day In Hindi

    अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस (Antarrashtriya Mahila Diwas) उन संघर्षों का प्रतीक है जो दुनिया भर में महिलाओं को समानता और अधिकार हासिल करने के लिए किये गए हैं। इसके अलावा ये दिन यह भी दर्शता है कि अभी महिलाओं का और कितने आगे जाना है। हर महिलाओं को चाहिए कि वो इस दिन को खूब एंजॉय करें और अपनी सफलताओं का बखान करें। यहां हम आपको कुछ ऐसे तरीके बता रहे हैं जिनकी मदद से आप इस दिन को सेलिब्रेट (women's day celebration) कर सकते हैं। दुनिया भर में महिलाओं और उनके संघर्षों के बारे में अधिक जानकर खुद को शिक्षित करें। महिला समर्थक संगठन में राजनीतिक रूप से शामिल हों। सोशल मीडिया का उपयोग करके महिलाओं के मुद्दों के बारे में जागरूकता बढ़ाएं। अपने जीवन में महिलाओं के लिए सहायक बनें। उन्हें बताएं कि वे आपके लिए कितना मायने रखती हैं।अपनी जान-पहचान की महिलाओं को फूल या फिर एक पौधा गिफ्ट में देकर उन्हें हैप्पी वूमन्स डे कहें।अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर कुछ लाइनें देश की महिलाओं की प्रगति उनके संघर्षों पर लिखें और अपने ज्जबात शेयर करें।आप चाहें तो इस दिन अपने घर या फिर किसी जगह पर अपने महिला मित्रों के साथ पार्टी का भी आयोजन रख सकते हैं। पूरी दुनिया में भले ही अलग - अलग तरीके से वूमन्स डे मनाते हों पर इसका उद्देश्य हर जगह महिलाओं को समानता और सम्मान देना ही है। लेकिन ऐसा नहीं है कि यह एक दिन ही निर्धारित है महिलाओं के सम्मान के लिए। घरेलू हिंसा, भ्रूण हत्या, बालात्कार, शोषण और अपमान जैसे ये घिनौने अपराध आए दिन महिलाओं के साथ होते रहते हैं और कुछ आवाजें तो बंद दरवाजों के पीछे ही दब जाती है। ऐसे में जररूत है हर किसी को अपनी सोच बदलने की। महिलाओं को पुरुष के बराबर इस समाज में समानता देनी की। महिलाएं समाज का वो आईना है जिसके बिना इस दुनिया की कल्पना भी मुश्किल है। इसीलिए उन्हें सम्मान से जीने दीजिए।

    हमारे समाज में कई अपराध ऐसे होते हैं जिनके बारे में किसी भी तरह की कोई रिपोर्ट नहीं हो पाती है सिर्फ इसीलिए कि महिलाओं को अपने अधिकार ही नहीं पता होते हैं। भारतीय संविधान ने महिलाओं की सुरक्षा और उनके संरक्षण को देखते हुए कई अधिकार (women rights in india) उन्हें प्रदान किये हैं। यहां हम उन्हीं कुछ जरूरी कानूनी अधिकारों की जानकारी दे रहे हैं जिन्हें जानकर महिलाएं इनका सही इस्तेमाल कर सकती हैं।

    • मातृत्व लाभ का अधिकार
    • संपत्ति का अधिकार
    • भ्रूण हत्या संबंधी अधिकार
    • गिरफ्तारी से संबंधित अधिकार
    • मुफ्त कानूनी मदद पाने अधिकार
    • लिव-इन रिलेशन संबंधी अधिकार

    मातृत्व लाभ का अधिकार

    मातृत्व लाभ अधिनियम के तहत किसी भी पब्लिक व प्राइवेट सेक्टर की महिला कर्मचारी को प्रसव के बाद अब 12 नहीं बल्कि 24 हफ्ते यानि 6 महीने तक अवकाश मिलेगा। इस दौरान महिला के वेतन में कोई कटौती नहीं की जाएगी साथ ही अवकाश के बाद वो फिर से काम शुरू कर सकती है।

    संपत्ति का अधिकार

    हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम के तहत नए नियमों के आधार पर पुश्तैनी संपत्ति यानि पिता की संपत्ति पर अब जितना बेटे का हक है, उतना ही घर की बेटियों का भी। यहां तक कि ये अधिकार बेटियों के लिए उनकी शादी के बाद भी कायम रहेगा।

    भ्रूण हत्या संबंधी अधिकार

    सभी अधिकारों के तहत ‘जीने का अधिकार’ सबसे अहम है जिसे किसी इंसान से नहीं छीना जा सकता है। अगर किसी महिला की मर्जी के खिलाफ उसका अबॉर्शन कराया जाता है, तो ऐसे में दोषी पाए जाने पर उम्रकैद तक की सजा हो सकती है। हां अगर, गर्भ की वजह से महिला की जान जा सकती है या गर्भ में पल रहा बच्चा विकलांगता का शिकार हो तो अबॉर्शन कराया जा सकता है। इसके लिए 1971 में मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी ऐक्ट बनाया गया है।

    गिरफ्तारी से संबंधित अधिकार

    सुप्रीम कोर्ट के अनुसार किसी भी मामले में आरोपी साबित हुई महिला के गिरफ्तारी यानि की पुलिस हिरासत व कोर्ट में पेश करने के कई कानून बने हुए हैं। जिसका पालन करना जरूरी है। जैसे कि बिना महिला पुलिसकर्मी के लिए आरोपी महिला को हिरासत में नहीं लिया जा सकता है। साथ ही महिला के घरवालों को सूचित करना, लॉकअप में बंद करने से पहले उसके लिए अलग व्यवस्था करना जरूरी है।

    मुफ्त कानूनी मदद पाने अधिकार

    लीगल ऐड कमेटी के तहत रेप पीड़िता को मुफ्त कानूनी सलाह व सरकारी वकील मुहैया कराने की पूरी व्यवस्था है। ऐसे में वो अदालत से गुहार लगा सकती है। उसे किसी भी तरह का कोई भुगतान करने की आवश्यकता नहीं है। इसके लिए एस.एच.ओ स्वयं ही ऐड कमेटी से सरकारी वकील की व्यवस्था करने की मांग करेगा।

    घरेलू हिंसा से संबंधी अधिकार

    किसी महिला के साथ मारपीट की गई हो या फिर उसे मानसिक प्रताड़ना दी गई हो जैसे कि ताने मारना या फिर गाली-गलौज या फिर किसी दूसरी तरह से इमोशनल हर्ट किया गया हो। तो वह घरेलू हिंसा कानून (डीवी ऐक्ट) के तहत मजिस्ट्रेट की कोर्ट में शिकायत कर सकती है।

    लिव-इन रिलेशन संबंधी अधिकार

    अगर कोई महिला लिव-इन रिलेशनशिप में है यानि बिना शादी किए किसी मेल पार्टनर के साथ एक छत के नीचे पति-पत्नी की तरह रहती है, तो उसे भी डोमेस्टिक वॉयलेंस ऐक्ट यानि घरेलू हिंसा के तहत प्रोटेक्शन और प्रताड़ित करने व जबरन घर से निकाले जाने के मामले में मुआवजा भी मिलता है। ऐसे संबंध में रहते हुए उसे राइट-टू-शेल्टर भी मिलता है। सुप्रीम कोर्ट का यह भी कहना है कि लंबे समय तक कायम रहने वाले लिव-इन रिलेशन से पैदा होने वाले बच्चे को नाजायज नहीं करार दिया जा सकता।

    महिलाओं के लिए हेल्पलाइन नंबर - Women Helpline Numbers in India

    महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखकर सरकार ने हर जगह और प्रदेश के अलग-अलग कई हेल्पलाइन नंबर जारी किये गये हैं। लेकिन वुमंस हेल्पलाइन नंबर 1091/1090 पूरे देश में कहीं भी कभी भी महिलाओं की मदद के लिए तत्पर है। इन पर फोन लगाकर तुरंत मदद पाई जा सकती है। इसके अलावा अगर कोई महिला अपनी किसी तरह की निजी समस्याओं सरकार तक पहुंचाना चाहती हैं तो नेशनल कमिशन फॉर वुमन (NCW) के जरिए अपनी बात रख सकती है। 0111-23219750 एन.सी.डब्लू का टोलफ्री नंबर है।

    • राष्ट्रीय महिला आयोग - 011-23237166, 23234918
    • महिला हेल्पलाइन (अखिल भारतीय) - 1091
    • महिला हेल्पलाइन घरेलू दुरुपयोग - 181
    • महिला रेलवे सुरक्षा हेल्पलाइन - 182
    • पुलिस - 100
    • दिल्ली महिला आयोग - 011-23379181, 23370597
    • दिल्ली महिला सुरक्षा प्रकोष्ठ - 011-24673366 / 4156/7699

    अपने मोबाइल फोन में जरूर रखें ये जरूरी इमरजेंसी एप्स - Emergency Mobile Apps

    महिला दिवस से जुड़े कुछ सवाल और उनके जवाब - FAQs

    अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के लिए बैंगनी (purple) रंग ही क्यों चुना गया है?
    अंतरराष्ट्रीय स्तर पर, बैंगनी महिलाओं के प्रतीक के लिए एक रंग है। ऐतिहासिक रूप से 1908 में ब्रिटेन में महिला सामाजिक और राजनीतिक संघ से उत्पन्न महिलाओं की समानता के प्रतीक बैंगनी, हरे और सफेद रंग का संयोजन, न्याय-गरिमा और नई आशा का प्रतीक है।

    महिलाओं के अधिकारों की लड़ाई लड़ने वाली पहली महिला कौन थी?
    संयुक्त राज्य में महिलाओं के अधिकारों के लिए समर्पित पहली सभा 19-20 जुलाई, 1848 को सेनेका फॉल्स, न्यूयॉर्क में आयोजित की गई थी। सेनेका फॉल्स कन्वेंशन की मुख्य आयोजक एलिजाबेथ कैडी स्टैंटन थी, जिन्होंने सर्वप्रथम महिलाओं के अधिकारों के प्रति आवाज उठाई थी।

    अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के मूल्य (values) क्या हैं?
    अलग-अलग लोगों के लिए इसके अलग-अलग मायने हो सकते हैं। लेकिन कुल मिलाकर, 10 मूल्य हैं जो अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस का मार्गदर्शन करते हैं -

    • न्याय
    • गौरव
    • आशा
    • समानता
    • सहयोगत
    • पप्रशंसा
    • आदर करना
    • सहानुभूति
    • माफी

    भारत में पुरुषों की तुलना में किस राज्य में महिलाएं अधिक हैं?
    साल 2011 की जनगणना के अनुसार, भारत के केरल राज्य में प्रति 1000 पुरुषों पर 1084 महिलाओं का लिंगानुपात सबसे अधिक है।

    भारत में महिलाओं के अधिकार एंव सम्मान की रक्षा किस आयोग के अंतर्गत आती है?
    महिलाओं के अधिकारों एवं कानूनी हकों की रक्षा के लिए साल 1990 में संसद के एक अधिनियम द्वारा राष्‍ट्रीय महिला आयोग की स्‍थापना की गई। भारतीय संविधान में 73वें और 74वें संशेाधनों (1993) के माध्‍यम से महिलाओं के लिए पंचायतों और नगरपालिकाओं के स्‍थानीय निकायों में सीटों में आरक्षण का प्रावधान किया गया है जो स्‍थानीय स्‍तरों पर निर्णय लेने की प्रक्रिया में उनकी भागीदारी के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करता है।