क्या वाकई भारत महिलाओं के लिए सबसे असुरक्षित है या इसके पीछे है कोई साजिश?

क्या वाकई भारत महिलाओं के लिए सबसे असुरक्षित है या इसके पीछे है कोई साजिश?

पूरी दुनिया में भारत को महिलाओं के लिए सबसे खतरनाक और असुरक्षित देश माना गया है। थॉमसन रॉयटर्स फाउंडेशन के एक सर्वे का मानना है कि महिलाओं के प्रति यौन हिंसा, मानव तस्करी और यौन व्यापार में ढकेले जाने के आधार पर भारत महिलाओं के लिए सबसे खतरनाक देश है। लेकिन दूसरी ओर देश की जनता ने थॉमसन रॉयटर्स के इस सर्वे को एकदम बकवास बताते हुए इसके पीछे कोई कुटिल और सोची समझी साजिश होने की आशंका जताई है। लोगों का कहना है कि इतनी बड़ी जनसंख्या वाले देश के बारे में कैसे सिर्फ 548 लोग कुछ तय कर सकते हैं।


महिलाओं की असुरक्षा और यह लिस्ट


इस सर्वे में महिलाओं के मुद्दे पर अफगानिस्तान और सीरिया दूसरे और तीसरे जबकि सोमालिया चौथे और सउदी अरब पांचवें स्थान पर हैं। यह पूरी लिस्ट आप खुद ही देख लीजिये और बताइये कि क्या यह लिस्ट असली दास्तां बयां करती है?


 



एकदम बकवास रिपोर्ट


जानीमानी पत्रकार और एनडीटीवी की एग्जीक्यूटिव एडिटर निधि राजदान का इस बारे में कहना है कि यह सर्वे एकदम बकवास है। हालांकि यह मुद्दा उनकी नजर में काफी महत्वपूर्ण है और भारत में महिलाओं की असुरक्षा की बात काफी हद तक सही है।



तस्लीमा ने कहा अविश्वसनीय


कट्टरपंथ की धुर विरोधी और महिला अधिकारों के लिए जानी जाने वाली विवादित बांग्लादेशी लेखिका तस्लीमा नसरीन ने अपने ट्विटर हैंडल पर इस बारे में लिखा है कि क्या भारत वाकई महिलाओं के लिए सबसे खतरनाक देश है, यह अविश्वसनीय है। आपको बता दें कि तस्लीमा नसरीन सिर्फ अपनी सुरक्षा की ही खातिर अपने देश बांग्लादेश की जगह भारत में निवास कर रही हैं।



हास्यास्पद बात


इस सर्वे पर देश की जनता की राय भी अलग- अलग है। एक ट्विटर यूजर रोजी इसे हास्यास्पद बताती हैं। उनका कहना है कि इस लिस्ट में तालिबानी देशों सीरिया और सऊदी अरब से पहले भारत का नाम होना बहुत हास्यास्पद है।


 



सर्वे के पीछे है कोई और साजिश


एक ट्विटर यूजर रितेश यादव का मानना है कि इस सर्वे के पीछे की साजिश कुछ और है। भारत को सीरिया और अफगानिस्तान से भी ज्यादा असुरक्षित माना जाना बहुत हास्यास्पद है और इसके पीछे कौन है, किसने वोट किया है और कहां? उन्हें लगता है कि इसके पीछे किसी और महत्वपूर्ण मुद्दे से ध्यान हटाने की साजिश है। वो उन 550 एक्सपर्ट से कहते हैं कि क्या उन्हें भारत से किसी ने डिवोर्स किया है या फिर ये लोग जुपीटर ग्रह के निवासी है?



 


दिखावटी विशेषज्ञ


एक और ट्विटर यूजर अभिषेक त्यागी का कहना है कि 130 करोड़ की इतनी बड़ी जनसंख्या वाले देश में महिलाओं की स्थिति क्या मात्र 549 दिखावटी विशेषज्ञ तय कर सकते हैं?


 



कुटिल कल्पना


एक ट्विटर यूजर जोयीता बसु का कहना है कि महिलाओं के लिए भारत का सबसे असुरक्षित माना जाना कितनी कुटिल कल्पना है। जहां युद्धग्रस्त सीरिया में पैरेंट्स अपनी लड़कियों को सुरक्षा के लिए देश के बाहर भेज देते हैं, नाइजीरिया में बोको हराम के लोग स्कूल से ही लड़कियों को अगवा कर लेते हैं। इराक में येजिदी महिलाओं को सेक्स स्लेव बना लिया जाता है, वहीं थॉमसन रॉयटर्स फाउंडेशन भारत को महिलाओं के लिए सबसे असुरक्षित देश बताता है।



राजनीतिक रंग


कुछ लोगों ने इसे राजनीतिक रंग देते हुए इसके माध्यम से बीजेपी सरकार पर भी निशाना साधा है। एक ट्विटर यूजर शमा मोहम्मद ने इसे पिछले 4 साल से राज कर रही भाजपा का तोहफा बताया है।


 



पश्चिम का सिर्फ अमेरिका शामिल


आपको बता दें कि कुल 550 विशेषज्ञों द्वारा किए गए इस सर्वे में महिलाओं के प्रति यौन हिंसा के लिहाज से इस लिस्ट में पश्चिमी देशों में सिर्फ अमेरिका शामिल है। सर्वे में कुल 193 देशों को शामिल किया गया था, जिनमें से महिलाओं के लिए बदतर टॉप 10 देशों को चुना गया है। इससे पहले वर्ष 2011 में हुए इस सर्वे में अफगानिस्तान, कॉन्गो, पाकिस्तान, भारत और सोमालिया महिलाओं के लिए सबसे खतरनाक देश माने गए थे, जबकि इस साल भारत तीन पायदान ऊपर खिसक कर पहले स्थान पर आ गया है।


इसके पीछे की वजह


भले ही साल 2011 में हुए निर्भया कांड के बाद महिलाओं की सुरक्षा और उनके ख़िलाफ़ होने वाली हिंसा देश के लोगों के लिए सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा बन गया हो और सरकारी आंकड़ों के अनुसार 2007 से 2016 के बीच महिलाओं के प्रति बढ़ते अपराध में 83 फीसदी का इजाफा हुआ हो और हर घंटे में 4 रेप के मामले दर्ज किए जाते हों, फिर भी इस लिस्ट में शामिल देशों के मुकाबले भारत सबसे ज्यादा असुरक्षित देश नहीं हो सकता। इन आंकड़ों से यह जरूर साबित होता है कि अब महिलाएं पहले से ज्यादा मुखर हो गई हैं और अपने खिलाफ हुए अपराधों पर खुलकर बोलने लगी हैं, लेकिन इस लिस्ट में शामिल कई ऐसे देशों के मुकाबले अब भी भारत कई गुना ज्यादा सुरक्षित है, जहां चलती- फिरती लड़कियों को यूं ही नहीं उठाकर अपहरण कर लिया जाता। जहां माता- पिता को अपनी लड़की को घर से ही उठा लिये जाने का डर नहीं रहता। भारत में इक्का- दुक्का मामले जो महिलाओं के प्रति हिंसा के देखने में आते हैं, वो बाकी देशों में होने वाले अपराधों के मुकाबले बहुत कम हैं जहां ऐसे अपराधों पर कोई सुनवाई ही नहीं होती।


लिस्ट में शामिल बाकी देशों का हाल


इस लिस्ट में पाकिस्तान नंबर 6 पर है, जबकि अमेरिका का स्थान दसवां है। अफगानिस्तान आर्थिक संसाधनों, स्वास्थ्य सुविधाओं की भारी कमी और यौन हिंसा के कारण तीसरे स्थान पर है। सीरिया और सोमालिया में लंबे समय से चल रहे युद्ध के कारण महिलाओं की स्थिति काफी खराब हुई है। सीरिया में स्वास्थ्य सुविधाओं तक महिलाओं की पहुंच नहीं है और सोमालिया में सांस्कृतिक व धार्मिक परंपराओं के कारण महिलाएं परेशान हैं। रिपोर्ट के अनुसार सीरिया में सरकारी बलों द्वारा महिलाओं के साथ यौन हिंसा की जाती है. घरेलू हिंसा और बाल विवाह के मामले बढ़ रहे हैं और बच्चे को जन्म देते हुए महिलाओं की मृत्युदर बढ़ रही है। जबकि सोमालिया में क़ानून लागू करने वाली संस्थाएं कमजोर हो चुकी हैं। सऊदी अरब में कार्यस्थल पर महिलाओं के साथ भेदभाव होता है। सांस्कृतिक व धार्मिक परंपराओं के कारण भी महिलाएं असुरक्षित महसूस करती हैं। पाकिस्तान में महिलाओं के ख़िलाफ़ घरेलू हिंसा, इज़्ज़त के नाम पर हत्या के मामले सामने आए हैं. वहीं अमेरिका पिछले साल हुई मीटू कैम्पेन के कारण 10वें स्थान पर रहा।


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