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रिलेशनशिप

#MyStory: हम दोनों अच्छे दोस्त थे…कुछ फायदों के साथ

AnonymousAnonymous  |  May 5, 2016
#MyStory: हम दोनों अच्छे दोस्त थे…कुछ फायदों के साथ

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जब मैं teenager थी तो इस लड़के पर मेरा crush था…ये लड़का मुझे बहुत बहुत पसंद था। हालांकि ये मेरे स्कूल का नहीं था और मैं इसे ठीक से जानती भी नहीं थी लेकिन सभी तरह से ये लड़का बेहतरीन था..एकदम brilliant. वो अच्छा स्टूडेंट था, उसे म्यूजिक की अच्छी जानकारी थी और वो एक अच्छा एथलीट भी था। बस एक ही कमी थी उसमें…वो देखने में बहुत ही average था। यानी उसे हम good-looking नहीं कह सकते थे। लेकिन इतने सारे प्लस प्वाइंट के बाद मुझे इस बात की परवाह भी नहीं थी। बल्कि सच कहूं तो मुझे तो उसका गुड-लुकिंग न होना भी बहुत अच्छा लगता था। इसलिए मैं उस पर हमेशा नजर रखती थी। मतलब वो कब क्या कर रहा है मुझे हमेशा पता होता था। उसने बोर्ड में टॉप किया, मुझे पता था…किसी कंपीटीशन में फस्ट आया, मुझे पता था…मतलब मुझे उसके बारे में सब कुछ पता था। मुझे तो यह भी पता था कि उसकी कोई गर्लफ्रैंड नहीं है। लेकिन अक्सर स्कूल के ये crush कहां किसी नतीजे में पर पहुंच पाते हैं। मेरा क्रश भी अलग नहीं था। मैं सिर्फ उसका पीछा करती थी लेकिन उससे दोस्ती करने का कोई रास्ता मेरे पास नहीं था।

कुछ साल बाद..जब मैं बड़ी हो गई तो एक बार फिर मेरी उससे मुलाकात हुई। उस वक्त मेरा किसी और से अफेयर चल रहा था और मेरे इस ‘स्कूल-टाइम क्रश ब्वॉय’ की भी एक गर्लफ्रैंड बन चुकी थी..जिसे वो बहुत पसंद करता था! (और एक सीरियस रिलेशनशिप में रहने  के बावजूद मुझे ये बात बहुत बुरी लगी थी)। मेरे कालेज में कुछ नए दोस्त बने थे और इन्हीं दोस्तों के जरिए मेरी मुलाकात इससे हुई थी। उससे दुबारा वो मुलाकात मेरे लिए एक बहुत खूबसूरत सरप्राईज़ था….मेरे दिमाग में चल रहा था ‘wow! ये इतना हॉट कैसे हो गया!!’ लेकिन मैं अपने boyfriend के लिए पूरी तरह ईमानदार थी इसलिए ये दोस्ती सिर्फ दोस्ती ही रही।

चार साल बाद मैं एक दिन आखिर उसे अपनी उन पुरानी feelings के बारे में बताया। अब तक हमारी दोस्ती हुए पांच साल हो चुके थे और मैं उसके साथ इतनी comfortable हो चुकी थी कि ये बात उससे कह सकूं। खासतौर से तब जब हम दोनों दुबारा (जी हां..आखिरकार दुबारा!!) सिंगल हो चुके थे। हम दोनों का ही ब्रेकअप हो चुका था और हम दोनों सिंगल थे। और जब एक दिन चैट करते हुए मैंने उसे ये बताया तो उसने भी मुझे बताया कि दरअसल उन स्कूल के दिनों में उसका भी मुझ पर crush था!!! हम दोनों की कैमिस्ट्री को आगे बढ़ाने के लिए शायद वजह मिल गई थी…रास्ता भी…।

कई महीनों तक हम दोनों के बीच किसी तरह का physical interactions नहीं हुआ। वो छुट्टियों में जब आता था और मैं दो नौकरियों के बीच मिले ब्रेक में खाली थी..अपने common दोस्तों की नजर बचाकर पूरे शहर से चोरी छुपे…दिन का फायदा उठाते थे जब पेरेंट्स काम पर होते थे।

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पूरे एक महीने तक मानों हम खरगोश बन गए थे। और सच कहूं तो सेक्स….मैंने सबसे बेस्ट sex moments का अनुभव किया। हम बातें करते थे सेक्स करते थे फिर बातें करते थे। कुछ ही हफ्तों में मैं बेंगलोर शिफ्ट होने वाली थी और वो वापस अमेरिका जाने वाला था। हम पहले ही फैसला कर चुके थे कि इस ‘रिश्ते’ का कोई भविष्य नहीं था…हम सिर्फ दोस्त थे…कुछ फायदों के साथ- friends with benefits.

मैं बेंगलोर चली गई वो अमेरिका। मैंने सोचा बस यह सब यहीं तक था…..लेकिन शायद मैं गलत थी।

इतना दूर होने के बाद तो हम दोनों और ज्यादा चैटिंग करने लगे और वो भी रेगुलर चैटिंग। हम अपनी नींद गंवाने लगे थे सिर्फ इसलिए ताकि हम एक दूसरे से बात कर सकें। जब बातें ज्यादा ही romantic हो जाती थी तो हम Skype का सहारा लेते थे…कुछ वीडियो pleasure के लिए। फिर एक दिन शराब के नशे में उसने मुझे skype किया…और कहा . “I miss you. I love you,”. मैंने कुछ नहीं कहा…वापस वही शब्द नहीं कहे…लेकिन उस वक्त मैंने महसूस किया किया कि इस long-distance “friendship” से मैं कुछ और…कुछ ज्यादा चाहती ही थी। हां, मैं भी उससे प्यार करती थी। वो मेरा बेस्ट फ्रैंड था और किसी को प्यार के रिश्ते में और क्या चाहिए होता है आखिर!

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जब होश में आने पर हमारी वापस बात हुई तो मैंने उसे बताया कि उसने क्या कहा था…उसने कहा कि मैंने कुछ गलत सुना होगा। मैंने बात आगे नहीं बढ़ाई। किसी को अपने प्यार का इज़हार करने के लिए force नहीं किया जा सकता। और उम्मीदों के बावजूद मैं खुद इस रिश्ते को लेकर sure नहीं थी। हम दोनों के बीच का इतना लंबा फासला सिर्फ उन तीन शब्दों से दूर नहीं हो सकता था।

कई महीने बीत गए और हमारे बीच बातचीत का सिलसिला कुछ कम हो गया…हम दोनों अपनी अपनी दुनिया में busy हो गए थे। वो अपनी पीएचडी कर रहा था और मैं अपनी नई नौकरी में सेटल हो रही थी…और हम दोनों को अब नींद की भी जरूरत थी!

फिर एक दिन उसने बताया कि वो बैंगलोर आ रहा है। मेरे से मिलने के अलावा उसने बैंगलोर आने का कोई और खास कारण नहीं बताया….कहने की जरुरत नहीं कि मैं बहुत excited हो गई…बहुत बहुत ज्यादा excited! क्योंकि चाहे कुछ भी हुआ हो लेकिन मैं अब तक उसकी कही वो बात…वो तीन शब्द भुला नहीं पाई थी..”I love you”.

वो आया, हम एयरपोर्ट पर मिले। मैंने उसे किस किया, उसने मुझे hi कहा और वापसी में उसने भी मुझे पूरे जोश के साथ किस किया। अगर कोई बैंगलोर आया होगा तो उसे पता होगा कि एयरपोर्ट शहर से कितनी दूर है…टैक्सी में बैठकर ये दूरी हम दोनों के लिए बरदाश्त से बाहर हो रही थी। हम दोनों ‘शरीफ’ बने रहने की पूरी कोशिश कर रहे थे…वर्ना पब्लिक में ‘अश्लीलता’ फैलाने के लिए कहीं हम गिरफ्तार न हो जाएं!! Oops!!

मेरे घर पहुंचते ही हम दोनों सीधा बेडरूम में गए….न हमने डिनर किया, न ड्रिंक्स लिए..कुछ नहीं किया… वो रात …पूरी तरह से मदहोश करने वाली थी!!

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बहुत सवेरे किसी वक्त मैंने उसके कानों में कहा, “I love you…”

“क्या?’ उसने कहा।

मैं कुछ हैरान सी हो गई….मैंने कहा कि मेरी feelings उससे कहीं ज्यादा गहरी थी जितना मैंने सोचा था…जब हमने आखिरी बार इस बारे में बात की थी।

उसने मुझे बताया कि वो यहां मुझे यह बताने आया था कि अमेरिका में एक लड़की के लिए वो अब सीरियस हो रहा है…इसलिए हमारी दोस्ती अब सिर्फ बिना किसी फायदे के ही आगे चल सकती है। उसने कहा कि हालांकि वो मेरे लिए बहुत कुछ महसूस करता है..मैं उसे अच्छी लगती हूं..मेरी तरफ उसका जबरदस्त sexual attraction भी है लेकिन….यह सब कुछ शारीरिक तौर से ज्यादा कुछ नहीं। यानि मेरी जरूरत उसे शारीरिक तौर पर तो हो सकती है लेकिन उससे ज्यादा कुछ नहीं। वो जो कुछ शरीर से ज्यादा होता है…जिससे किसी के साथ पूरी जिंदगी साथ रहने का मन करता है…उसने मेरे लिए कभी महसूस नहीं किया।  

मेरे ऊपर मानो आसमान टूट गया हो…मैं जम सी गई।

उसने आगे जो कहा उससे मेरा दिल पूरी तरह टूट गया, “एक बार तुम फिर किसी बिना commitment वाली रिलेशनशिप में पड़ोगी तो यह सब भूल जाओगी।”

मुझे इतना तेज गुस्सा आया….माना कि वो मेरे लिए emotionally कुछ भी महसूस नहीं करता था लेकिन हम इतने सालों से अच्छे दोस्त थे…बेड पर जाने से पहले हम दोस्त थे न.. मैं कितने सख्त दिल इंसान से प्यार कर बैठी थी!! क्या उसने कुछ भी नहीं सोचा ये सब बोलने से पहले कि मुझे कैसा लगेगा?

“हम दोनों इस सब से बाहर निकल जाएंगे,” उसने कहा, और मुझे ऐसे गले लगाया जैसे जानता ही न हो..एक अजनबी की तरह, “और हम हमेशा दोस्त रहेंगे..है न?”

मैंने हां में सिर हिलाया, और उसके मुंह पर दरवाज़ा बंद कर दिया।

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