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हर महिला के अंदर होते हैं मां दुर्गा के ये नौ रूप

हर महिला के अंदर होते हैं मां दुर्गा के ये नौ रूप

हिन्दू धर्म में नवरात्रि (navratri wishes in hindi) के उत्सव को बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दौरान नौ दिनों तक मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा होती है। कहा जाता है कि मां दुर्गा के ये नौ रूप हर महिला के अंदर होते हैं। जो औरत साधारण तौर पर ममता की मूरत होती है, वही अपने मान सम्मान के लिए चंडालिका का रूप भी धारण कर सकती है। यहां हम आपको औरत के उन नौ रूपों के बारे में बता रहे हैं जो दुर्गा के नौ रूप भी हैं।    

1. शैलपुत्री – साहसी और शक्तिशालीShailputri-strength-brave-ganga-jal-priyanka

देवी के नौ रूपों में से पहला रूप शैलपुत्री का होता है। इन्हें हिमालय की बेटी भी कहा जाता है। जैसे पर्वत शक्तिशाली और मजबूत होता है, वैसे ही इनके रूप को भी शक्तिशाली और साहसी कहा जाता है।

2. ब्रह्मचारिणी – श्रद्धा और भक्ति का रूपBrahmacharini-pray-Deepika-durga-maa-navratri

देवी मां के दूसरे रूप को ब्रह्मचारिणी माना जाता है। भगवान शिव से शादी करने के लिए पार्वती जी ने जिस तरह से कठोर तपस्या की थी, उसी तरह अगर एक महिला चाहे तो अपने शांत व्यवहार से किसी को भी अपना बना सकती है।

3. चंद्रघंटा – क्रोध और गुस्से का रूपChandraghanta-angry-Sonakshi-durga-maa-akira-navratri

देवी मां का तीसरा रूप क्रोध का है, जिसे कल्याणकारी भी कहा जाता है। जैसे मां दुर्गा हमारे सभी दुखों को नष्ट कर  हमारा कल्याण करती हैं, वैसे ही एक महिला भी अपनों के सारे दुखों को ख़त्म कर देती है और हर दुख-सुख में साथ रह कर सबका कल्याण करती है।

4. कुष्मांडा – खुशी का रूपKushmanda-vidya-aapki-sulu-happy-durga-maa-navratri

देवी मां का चौथा रूप खुशी का होता है। कुष्मांडा देवी की पूजा करने से घर और जीवन में खुशहाली आती है। उसी तरह एक महिला के खुश रहने से घर में रौनक बनी रहती है और अगर वह उदास होगी तो घर में अशांति और दुख जैसा माहौल हो जाता है

5. स्कंदमाता – आशीर्वाद का रूपSkandamata-kajol-family-child-blessing-durga-maa-navratri

देवी मां का पांचवां रूप आशीर्वाद का माना जाता है। इस दिन मां के आशीर्वाद से भक्त की सारी इच्छाएं पूरी होती हैं। ठीक उसी तरह हमारी पालनहार मां के आशीर्वाद से हमारे सारे दुख खत्म हो जाते हैं और सारी इच्छाएं पूरी हो जाती हैं।

6. कात्यायनी – रिश्तों को मजबूत बनाने वालीKatyayani-family-durga-maa-navratri-navratri

कहा जाता है कि भगवान कृष्ण को पाने के लिए गोपियों ने कात्यायनी मां की पूजा की थी। अपने रिश्तों को मजबूत बनाने के लिए छठे दिन कात्यायनी मां की पूजा की जाती है। उसी तरह घर के सभी रिश्तों को जोड़ कर रखने की जिम्मेदारी अक्सर उस घर की स्त्री ही निभाती है।

7. कालरात्रि – भयंकर रूप यानि काली का रूपKalratri-chandalika-anuskha-sharma-durga-maa-navratri

नवरात्रि के सातवें दिन कालरात्रि यानि कि मां काली की उपासना की जाती है। इस दिन मां अपने महाविनाशक गुणों से शत्रुओं का विनाश करती हैं। अपने मान- सम्मान पर उंगली उठाए जाने पर एक स्त्री भी मां काली की तरह भयानक रूप धारण कर लेती है।

8. महागौरी  – शांत स्वरूपMahagauri-maa-durga-navratri-sonam-kapoor

देवी मां का आठवां स्वरूप सौम्य है और उनका वस्त्र सफ़ेद है, जो शुद्धता का प्रतीक है। उसी तरह एक महिला को सुंदर, कोमल और शांति का प्रतीक माना जाता है।

9. सिद्धिदात्री – सारी  इच्छाओं को पूरा करने वालीSiddhidatri-maa-durga-navratri-sanju-partner

मां का नौवां रूप सिद्धिदात्री का है। नवरात्रि के आखिरी दिन इनकी पूजा होती है। इनकी पूजा करने से हमारे जीवन की जो भी इच्छा है, वो मां के आशीर्वाद से पूरी हो जाती है। उसी तरह एक महिला भी जीवन के अंत तक आपके साथ रहती है और आपकी सारी इच्छाओं को पूरा करती है। 

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