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जानें क्यों मनाई जाती है बुद्ध पूर्णिमा और क्या है इस दिन गंगा स्नान का महत्व

Supriya SrivastavaSupriya Srivastava  |  Apr 30, 2018
जानें क्यों मनाई जाती है बुद्ध पूर्णिमा और क्या है इस दिन गंगा स्नान का महत्व

बुद्ध पूर्णिमा को भगवान गौतम बुद्ध की जयंती के तौर पर मनाया जाता है। चूंकि बुद्ध भगवान बौद्ध धर्म के संस्थापक थे इसलिए बुद्ध अनुयायियों के लिए यह दिन काफी महत्त्व रखता है। हिन्दू मान्यताओं के अनुसार बुद्ध, भगवान विष्णु के 9वें अवतार है, इसी वजह से हिन्दुओं में भी इस दिन के लिए पूरी आस्था होती है। बौद्ध धर्म के अनुयायी दुनियाभर के कई देशों में फैले हुए हैं। इनमें भारत के साथ श्रीलंका, चीन, कंबोडिया, वियतनाम, थाईलैंड, नेपाल, मलयेशिया, म्यांमार और इंडोनेशिया जैसे प्रमुख देश भी शामिल हैं। यही वजह है कि बुद्ध पूर्णिमा को दुनिया के कई देशों में बड़ी ही धूमधाम के साथ मनाया जाता है।

यहां हुई भगवान बुद्ध को ज्ञान की प्राप्ति

बुद्ध के ही बिहार स्थित बोधगया नामक स्थान हिन्दू व बौद्ध धर्म वालों लिए पवित्र तीर्थ स्थान हैं। मान्यता है कि गृहत्याग के बाद सिद्धार्थ सत्य की खोज के लिए सात वर्षों तक वन में भटकते रहे। यहां उन्होंने कठोर तप किया और अंततः बोधगया में बोधिवृक्ष के नीचे उन्हें बुद्धत्व ज्ञान की प्राप्ति हुई।

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क्यों है इस दिन गंगा स्नान का महत्त्व

माना जाता है कि इस दिन गंगा स्नान करने से कई जन्मों के पापों से मुक्ति मिलती है और जीवन में सुख-शांति का संचार होता है। बुद्ध पूर्णिमा के दिन ब्रह्म मुहूर्त पर स्नान कर पूरे दिन का उपवास रखना चाहिए। रात के समय पूजा करके चंद्रमा को जल चढ़ाना चाहिए। इसके अलावा पूजा के बाद ब्राह्मण को दान भी देना चाहिए। साथ ही स्वच्छ जल से भरे हुए घड़े के साथ ब्राह्मण को सोना दान करना बहुत शुभ माना जाता है।

 

 

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