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ज़िंदगी को पॉजिटिव बनाने के लिए अपनाएं ये वास्तु टिप्स

Deepali PorwalDeepali Porwal  |  Aug 16, 2020
ज़िंदगी को पॉजिटिव बनाने के लिए अपनाएं ये वास्तु टिप्स

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ज़िंदगी में सुख-शांति होना बहुत ज़रूरी है। हालांकि, कभी पर्सनल तो कभी प्रोफेशनल वजहों से लाइफ में स्ट्रेस हो जाना भी बेहद आम बात है। किसी भी तरह के स्ट्रेस का सीधा असर घर की सुख-शांति पर ज़रूर पड़ता है। एक सफल-सुखी और प्रगतिशील जीवन के लिए सकारात्मक विचार, व्यवहार और आचार का होना बेहद आवश्यक है, फिर भी जाने-अनजाने में हम ऐसे कई काम कर बैठते हैं, जिनसे हमारे जीवन में नेगेटिविटी (नकारात्मकता) को आमंत्रण मिलता है और हम उससे घिर जाते हैं। वास्तु कंसल्टेंट और ज्योतिषी आचार्य मनोज श्रीवास्तव से जानिए, ज़िंदगी से नेगेटिविटी को हटाकर पॉजिटिविटी लाने के कुछ सरल उपाय।

विचारों से बनती ज़िंदगी की दिशा

सकारात्मक और नकारात्मक विचार हमारे अवचेतन मन से आते हैं और इसलिए चाहते हुए भी हमारा इन पर नियंत्रण नहीं रह पाता है। सकारात्मक आचार-विचार का अपने मन-मस्तिष्क में संचार करने के लिए यह बेहद जरूरी है कि हम अपने घर और ऑफिस को वास्तु दोषों से हमेशा दूर रखें। हमारे घर और ऑफिस की वास्तु (Vastu) ऊर्जा सीधे हमारे अवचेतन मन को प्रभावित करती है। वास्तु एक सूक्ष्म ऊर्जा है, जो हमारी पांच इन्द्रियों से महसूस नहीं की जाती मगर फिर भी हमारे जीवन पर इसका गहरा प्रभाव होता है। सरल भाषा में इसे समझें तो अगर हमारे घर या ऑफिस का वातावरण सकारात्मक (पॉजिटिव) है तो हमारा मन भी सकारात्मक विचारों से भरा रहता है।
इस वजह से हमारे कार्य और व्यवहार भी हमें सकारात्मक जीवन की और अग्रसर करते हैं। वास्तु एक प्राण ऊर्जा भी है- जैसे आपने कभी देखा होगा कि एक दुबले-पतले आदमी में भी गजब की ऊर्जा और हिम्मत होती है। कोई अपने आत्मबल से किसी गंभीर बीमारी पर विजय प्राप्त कर लेता है। हमारे शरीर में प्राण ऊर्जा होती है जो दिखाई नहीं देती है, न ही इसे किसी मशीन से मापा जा सकता है लेकिन यह अत्यंत प्रबल या दुर्बल हो सकती है। ऐसे ही हमारे वातावरण में एक प्राण ऊर्जा होती है, जिसे हम वास्तु कहते हैं और यह भी सबल या दुर्बल हो सकती है और इसका भी हमारे जीवन पर उतना ही प्रभाव है, जितना कि शारीरिक ऊर्जा का है।

कोरोना में नेगेटिविटी

कोरोना महामारी और गिरती अर्थव्यवस्था के कारण आज चारों ओर निराशा और नकारात्मकता का वातावरण है। टीवी, रेडियो, समाचार पत्र और यहां तक कि लोक विमर्श भी नेगेटिविटी से भरे हुए हैं। आप चाहे किसी से फोन पर बात कर रहे हों या डाइनिंग टेबल पर अपने परिवार से संवाद कर रहे हों, हर समय आप खुद को नकारात्मक विचार और संवादों से घिरा हुआ पा रहे होंगे। ऐसे समय में समझने की कोशिश करिए कि कैसे हम अपने आस-पास के वातावरण की मदद से अपने जीवन में सकारात्मकता का संचार कर सकते हैं।

पॉजिटिविटी के लिए वास्तु टिप्स

घर का माहौल बदलने के लिए आप ये वास्तु टिप्स (Vastu Tips) अपना सकते हैं-
1. घर का मुख्य द्वार प्राण ऊर्जा का प्रमुख स्रोत है। अच्छी और बुरी प्राण ऊर्जा का घर में आवागमन मुख्य द्वार से होता है और हम किसी भी कार्य के लिए इसी द्वार से जाते हैं। मुख्य द्वार घर का सबसे बड़ा द्वार होना चाहिए और यह घर के अंदर की तरफ और बिना आवाज के पूरा खुलना चाहिए। हमेशा ध्यान रखें कि खुद से बंद होने वाले दरवाजे उपयुक्त नहीं होते हैं। मुख्य द्वार को हमेशा शुभ चिन्हों, जैसे- स्वास्तिक, कलश, तोरण आदि से सुसज्जित करना चाहिए। इससे हम सकारात्मक प्राण ऊर्जा को आमंत्रित कर सकते हैं।
2. घर के अन्दर की साज-सज्जा और हवा भी हम पर वैसा ही प्रभाव डालती है, जैसे हमारे शरीर में मौजूद रक्त-कोशिकाओं में व्याप्त उर्जा। जिस तरह से शरीर में मौजूद विजातीय द्रव्य या टॉक्सिंस हमारी ऊर्जा को दूषित करते हैं, उसी तरह से घर में व्याप्त अव्यस्वथा घर की प्राण ऊर्जा को दूषित कर देती है। इसलिए घर में रखी हर चीज़ को व्यवस्थित तरीके से रखना घर की ऊर्जा को सकारात्मक रखने में सर्वाधिक योगदान देता है। घर में हवा का अबाध आवागमन, उपयुक्त रौशनी और वातावरण में व्याप्त खुशबू घर में प्राण ऊर्जा की उपस्थिति का संकेत देता है।
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3. आपके बेडरूम और बेड की गुणवत्ता भी आपके घर की ऊर्जा को कंट्रोल करती है। कई लोग अपने पलंग के नीचे बने बॉक्स में सामान रखते हैं। यह आमतौर पर वही सामान होता है, जो कई वर्षों तक उपयोग में नहीं आता है और नकारात्मक ऊर्जा का संग्रह कर रहा होता है। पलंग के नीचे हवा के आने-जाने का पर्याप्त स्थान होना आवश्यक है। घर में रखे पुराने टेडी बियर और गुड़िया जैसे खिलौनों में समय के साथ धूल तो जमती ही है, इनमें नेगेटिव एनर्जी भी जमा हो जाती है। घर की पुरानी घड़ियां, वाद्य यंत्र, मोबाइल फोन व अन्य इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स को घर के बाहर रखना चाहिए या फिर उन्हें कबाड़ी को दे देना ज्यादा उपयुक्त होता है। पुरानी चीजें घर की ऊर्जा को दूषित करती हैं। कई घरों में पलंग के नीचे जूते-चप्पल रखे जाते हैं, उससे भी घर में वास्तु दोष उत्पन्न हो जाता है।
4. घर के दक्षिण-पूर्व या उत्तर-पश्चिम में किचन का होना घर को सकारात्मक ऊर्जा से भर देता है। खाना बनाते समय अगर घर की लक्ष्मी पूर्व की ओर अपना मुंह कर के खाना बनाए तो घर की सकारात्मक ऊर्जा उस भोजन के माध्यम से शरीर में समाहित हो जाती है।

नेगेटिविटी को कम करने के उपाय

थोड़ी सी कोशिश करके घर में व्याप्त नेगेटिविटी को खत्म या कम किया जा सकता है। जानिए, कैसे।
1. हफ्ते में एक बार पहाड़ी नमक या समुद्री नमक से घर में पोछा लगाने से घर के वातावरण में व्याप्त नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है।
2. घर के आंगन या बालकनी में चंपा का पेड़ लगाना जहां घर को सकारात्मक ऊर्जा देता है, वहीं यह घर से नकारात्मक ऊर्जा को भी बाहर करता है।
इन बेहद छोटे और सरल उपायों से हम अपने घरों को सकारात्मक ऊर्जा का केंद्र बनाकर जीवन के प्रगति पथ पर आगे बढ़ सकते हैं।