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एक शहर से दूसरे शहर में शिफ्ट करते समय इन बातों का रखें खास ख्याल

एक शहर से दूसरे शहर में शिफ्ट करते समय इन बातों का रखें खास ख्याल

एक ऐसे परिवेश में जब नौकरियों और रोजगार के अधिकतम अवसर बड़े शहरों में सीमित हैं, एक बड़ी आबादी किराये के घरों में रहती है। अक्सर सुनहरे भविष्य के आस में सैकड़ों लोग एक शहर से दूसरे शहर, बोरिया-बिस्‍तर समेटकर शिफ्ट होते देखे जा सकते हैं। लेकिन जब घर शिफ्ट करने की बात आती है, तो हम अक्सर शिफ्टिंग के कुछ खास फैक्ट्स को नजरअंदाज़ या अनदेखा कर देते हैं। ज्यादातर मौकों पर हम में से कई लोग गूगल पर उपलब्‍ध चेक लिस्ट बनाने और शिफ्टिंग के लिए मूवर्स एंड पैकर्स को हायर करने के सुझावों पर भरोसा करते हैं, जबकि कई अन्य बारीकियां हैं जो वास्तव में शिफ्टिंग को परेशानी मुक्त अनुभव बनाने में वास्तविक भूमिका निभाती हैं। तो आइए जानते हैं इस विषय के एक्सपर्ट अविनाश राघव (Co-Founder & MD, Shift Freight) से कि एक शहर से दूसरे शहर में शिफ्ट करते समय किन-किन बातों का खास ख्याल रखना चाहिए –

पैकेजिंग मैटीरियल (Packaging Material)

शिफ्टिंग के बाद क्षतिग्रस्त सामान मिलने का अनुभव किसी को पसंद नहीं है, और एक चीज जो इसमें मददगार हो सकती है, वह है पैकेजिंग के लिए सही मटैरियल का चयन करना। बहुत संभव है कि अधिक टिकाऊ बॉक्‍सेस और मैटीरियल्‍स लेने से लागत कुछ हद तक बढ़ जाए, लेकिन बड़े नुकसान से बचने की के बजाय कुछ अतिरिक्त रुपये खर्च करना एक बेहतर विकल्प है। सभी नाजुक तथा अन्य वस्तुओं को पैक करने के लिए केवल उच्च गुणवत्ता वाली पैकेजिंग सामग्री का उपयोग किया जाना चाहिए, चाहे आपकी दूरी लंबी हो या छोटी। याद रखें, वस्तुओं को सुरक्षित तरीके लोड और अनलोड करने के लिए हमेशा प्रोफेशनल लोगों पर ही भरोसा करें।

समग्र बीमा (Comprehensive Insurance)

बीमा एक ऐसी चीज है जिस पर शिफ्टिंग की योजना बनाते समय अतिरिक्त ध्यान देने की आवश्यकता है। अधिकांश ग्राहक इन-ट्रांजिट बीमा का विकल्प चुनते हैं, क्योंकि अक्सर मूवर्स एंड पैकर्स ऐसा करने का सुझाव देते हैं। यहां ध्यान देने योग्य बात यह है कि इन-ट्रांजिट बीमा लागत को तभी कवर करता है जब नुकसान ट्रांजिट प्रक्रिया के दौरान हुआ हो और यह भी तब होता है जब सामान पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हुआ हो। इसलिए किसी भी शिफ्टिंग के लिए सबसे अच्छा विकल्प समग्र बीमा है जो पूर्ण क्षति के साथ छोटे टूट-फूट को भी कवर करता है। इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि यह सभी प्रक्रिया – पैकिंग, लोडिंग, अनलोडिंग और अनपैकिंग के दौरान हुई किसी भी क्षति की लागत को कवर करता है।

चालान (इन्‍वॉयस) कभी न खोएं (Never lose the invoice)

रीलोकेशन पार्टनर द्वारा शेयर की गई वैल्यू प्राइस लिस्टिंग के चालान को सुरक्षित और संरक्षित तरीके से रखना अनिवार्य है। चूंकि चालान में सभी प्रमुख जानकारी शामिल होती है, जिसमें सर्वेक्षण और पैक किए गए सामान या वस्तुओं की सूची के साथ-साथ बीमा मानकों के अनुसार उनका मूल्य भी शामिल होता है, इसलिए यह एकमात्र सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज बन जाता है। शिफ्टिंग प्रक्रिया तभी पूरी हो सकती जब चालान सही हो।

हिट एंड ट्रायल नहीं करें (No hit & trial)

हममें से कितने लोग आने-जाने के लिए इंडिविजुअल स्थानीय टैक्सियां किराये पर लेते हैं या बुकिंग करने के लिए होटल की अपनी वेबसाइट या ऐप पर जाते हैं? इसका जवाब है बहुत कम, क्‍योंकि इस क्षेत्र में एग्रीगेटर्स के उद्भव ने इसके पारंपरिक तौर-तरीकों को पूरी तरह से बदल दिया है। इसी तरह का विकास मूवर्स और पैकर्स क्षेत्र में भी हो चुका है, और समय आ गया है कि ग्राहकों द्वारा इसका सही उपयोग किया जाए। हमेशा विश्वसनीय एग्रीगेटर के साथ जाएं, क्योंकि ट्रांजिट या किसी अन्य चरण के दौरान चीजें खराब होने पर वह आपकी मदद के लिए खड़ा रहता है। ग्राहकों के एग्रीगेटर्स के साथ जुड़ने से उन्हें कई मामलों में बेहतर सुविधाएं मिलती हैं, जैसे कि सबसे कम कीमत, कानूनी सहायता, शुरुआत से लेकर अनपैकिंग तक लगातार अपडेट्स। और इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि हम जैसे एग्रीगेटर ग्राहकों को किसी भी घटना से निपटने के लिए जानकारी के साथ सशक्त बनाते हैं।

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30 Oct 2021

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