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मासिक धर्म की समस्या और अनियमित माहवारी का घरेलू इलाज – Period Ruk Jaye to Kya Kare

Megha Sharma  |  Oct 13, 2020
Period Ruk Jaye to Kya Kare

 

 

मासिक धर्म प्यूबर्टी के बाद सभी महिलाओं या लड़कियों को होता है। आमतौर पर 14 से 16 की उम्र के बीच लड़कियों को मासिक धर्म होना शुरू हो जाता है। वहीं 40 की उम्र के बाद मैनोपॉज़ के कारण मासिक धर्म पूरी तरह से बंद हो जाता है। कई बार महिलाएं या फिर लड़कियां मासिक धर्म या फिर पीरियड समय पर ना आने (Irregular Period) की समस्या का सामना करती हैं। इसके पीछे बहुत से कारण हो सकते हैं। कुछ लड़कियों या फिर महिलाओं को समय से पहले पीरियड आ जाते हैं या फिर समय से काफी लेट भी आते हैं।  जानिए यूरिन इन्फेक्शन में घरेलू उपाय

 

अनियमित (लेट) पीरियड्स क्या है? – What is Irregular Period in Hindi

 

अनियमित पीरियड या फिर लेट मासिक धर्म उन पीरियड साइकिल को कहते हैं, जो अक्सर ही समय से लेट होती है। इसका मतलब है कि या तो आपके पीरियड जल्दी आ जाते हैं या फिर लेट आते हैं। मुख्य रूप से सामान्य पीरियड साइकिल 28 दिन की होती है। हालांकि, कुछ महिलाओं की पीरियड साइकिल इससे 2 दिन कम या फिर 2-4 दिन ज्यादा की भी हो सकती है। कोई भी पीरियड साइकिल उस वक्त अनियमित कहलाई जाती है, जब आपके पीरियड्स 35 दिन से भी लेट आते हैं या फिर 24 दिन होने से पहले आते हैं। वहीं सामान्य तौर पर पीरियड (periods kitne din chalta hai) 4 से 7 दिन तक चल सकते हैं।                     जानिए समय से पहले पीरियड जल्दी लाने का उपाय

पीरियड अनियमित होने के कारण – Period Miss Hone ke Karan

पीरियड अनियमित होने के कारण: पीरियड्स के अनियमित (पीरियड लेट क्यों होते है) होने के बहुत से कारण हो सकते हैं। कई बार केवल अधिक तनाव होने के कारण भी पीरियड साइकिल अनियमित हो जाती है। यदि आप अधिक तनाव में रहती हैं तो इससे आपके शरीर पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है और इस वजह से आपकी पीरियड साइकिल लेट और अनियमित हो जाती है। इसके अलावा कई बीमारियों के कारण भी आपके पीरियड्स लेट (मासिक धर्म में देरी के कारण) हो सकते हैं।

PCOS के कारण

पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS) में, अंडाशय बड़ी मात्रा में एण्ड्रोजन बनाते हैं, जो पुरुष हार्मोन होते हैं। अंडाशय में छोटे द्रव से भरे थैली (अल्सर) बन सकते हैं। इन्हें अक्सर अल्ट्रासाउंड पर देखा जा सकता है। हार्मोनल परिवर्तन अंडे को परिपक्व होने से रोक सकते हैं, और इसलिए ओव्यूलेशन लगातार नहीं होता है। कभी-कभी पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम वाली महिलाओ में अनियमित पीरियड्स होते हैं या फिर मासिक धर्म पूरी तरह से रुक जाते हैं। इसके अलावा, मोटापा, बांझपन और अत्यधिक बाल आना और मुहांसे भी होने लगते हैं। 
यह स्थिति एक हार्मोनल असंतुलन के कारण हो सकती है, हालांकि इसका सटीक कारण के बारे में अभी तक जानकारी नहीं मिल पाई है। पीसीओएस का उपचार इस बात पर निर्भर करता है कि महिला गर्भावस्था की इच्छा रखती है या नहीं। यदि गर्भावस्था एक लक्ष्य नहीं है, तो वजन घटाने, गर्भनिरोधक गोलियां, मधुमेह में उपयोग किया जाने वाला इंसुलिन एक महिला के चक्र को नियमित करने में मदद कर सकता है। यदि गर्भावस्था वांछित है, तो ओव्यूलेशन-उत्तेजक दवाओं की कोशिश की जा सकती है।

थाइराइड के कारण

हाइपोथायरायडिज्म (जब आपकी थायरॉयड ग्रंथि पर्याप्त थायराइड हार्मोन का उत्पादन नहीं करती है), हाइपरथायरायडिज्म (आपकी ग्रंथि बहुत अधिक उत्पादन करती है), और हाइपरप्रोलैक्टिनेमिया (आपको बहुत अधिक प्रोलैक्टिन है, जो आपके खून में पिट्यूटरी ग्रंथि का एक हार्मोन) सभी मासिक धर्म की नियमितता को प्रभावित कर सकते हैं। एक स्टडी के मुताबिक थाइराइड के कारण 44 प्रतिशत महिलाओं की पीरियड साइकिल अनियमित हो जाती है।

PID के कारण

पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज (PID) एक जीवाणु संक्रमण है जो महिला प्रजनन प्रणाली को प्रभावित करता है। यह बैक्टीरिया यौन संपर्क के माध्यम से योनि में प्रवेश कर सकते हैं और फिर गर्भाशय और ऊपरी जननांग पथ में फैल सकते हैं। बैक्टीरिया स्त्री रोग संबंधी प्रक्रियाओं के माध्यम से या प्रसव या गर्भपात के माध्यम से भी प्रजनन पथ में प्रवेश कर सकते हैं। पीआईडी के लक्षणों में एक अप्रिय गंध, अनियमित अवधियों के साथ भारी योनि स्राव, श्रोणि और निचले पेट के हिस्सों में दर्द, बुखार, मतली, उल्टी या दस्त शामिल हैं।

बिना किसी बीमारी के भी देरी से आ सकते हैं पीरियड्स

जरूरी नहीं है कि अनियमित पीरियड का कारण कोई बीमारी ही हो। कई बार किसी भी तरह की बीमारी ना होने के बावजूद भी आप देरी से पीरियड आने या फिर मासिक धर्म की समस्या का सामना कर सकती हैं। बिना किसी बीमारी के भी देरी से आने वाले पीरियड्स के निम्नलिखित कारण हो सकते हैं।

पेरीमेनोपॉज़

बढ़ती उम्र के साथ एक वक्त ऐसा भी आता है जब महिलाओं की पीरियड्स होने पूरी तरह से बंद हो जाते हैं। इस स्थिति को मेनोपॉज़ कहा जाता है। मेनोपॉज़ में प्रवेश करने से पहले कई महिलाएं पेरीमेनोपॉज़ की स्थिति का सामना भी करती हैं। ऐसा मेनोपॉज़ होने से कुछ साल पहले होता है। इस स्थिति में महिलाओं की पीरियड साइकिल अनियमित होने लगती है। 

तनाव और चिंता

अधिक तनाव और चिंता के कारण भी पीरियड्स अनियमित हो सकते हैं। दरअसल, अधिक तनाव और चिंता के कारण शरीर का हार्मोनल बैलेंस खराब हो जाता है और इस वजह पीरियड साइकिल पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। ऐसे में कई बार महिलाओं को देरी से पीरियड आते हैं।

ज़रूरत से ज्यादा व्यायाम करने के कारण

कई बार आवश्यकता से अधिक एक्सरसाइज या फिर व्यायाम करने के कारण भी मेंसुरल साइकिल प्रभावित हो जाती है। ऐसे में पीरियड्स देरी से आने लगते हैं या फिर पीरियड साइकिल अनियमित हो जाती है।

बहुत अधिक डायटिंग या फिर वजन घटाने के कारण

यदि आपका वजन कम है या फिर आप डायटिंग करती हैं और वजन घटा रही हैं तो भी आप अनियमित पीरियड होने की समस्या का सामना कर सकती हैं। इस स्थिति में ज़रूरी है कि आप अपनी डायटिंग को थोड़े वक्त के लिए ब्रेक दें और अपने स्वास्थ्य पर अधिक ध्यान दें।

अन्य मासिक धर्म में देरी के कारण – Periods Late Hone ke Karan

कई बार शादी के बाद भी आप अनियमित पीरियड साइकिल (period miss hone ke karan) की समस्या का सामना कर सकती हैं। इसके भी बहुत से कारण हो सकते हैं। हालांकि, इन कारणों से पीरियड साइकिल कुछ समय के लिए ही अनियमित या फिर लेट होती है।

ब्रेस्ट फीडिंग कराने की वजह से

बच्चे को जन्म देने के बाद महिलाओं द्वारा बच्चे को स्तनपान यानी कि ब्रेस्ट फीडिंग कराई जाती है। ऐसे में भी कई बार महिलाओं के शरीर में ऑव्यूलेशन प्रक्रिया धीमी हो जाती है या फिर पीरियड साइकिल कुछ वक्त के लिए अनियमित हो जाती है। हालांकि, कुछ महीनों में ही पीरियड साइकिल एक बार फिर से सामान्य हो जाती है।

मिसकैरिज होने की वजह से

मिसकैरिज उस स्थिति को कहते हैं, जब प्रेगनेंसी के 20 हफ्तों के अंदर ही बच्चा किसी न किसी कारण से गिर जाता है। प्रेगनेंसी के 20 हफ्तों के बाद बच्चे के गिरने को स्टिलबर्थ कहते हैं। इस स्थिति में आपकी पीरियड साइकिल कुछ वक्त के लिए प्रभावित हो जाती है और आपके पीरियड्स अनियमित हो जाते हैं।

पीरियड आने से पहले के लक्षण – Periods Aane ke Lakshan

समय से पहले पीरियड्स आना: इस तरह के लक्षण पीरियड्स (पीरियड आने से पहले के लक्षण) आने से दो-तीन दिन पहले दिखाई देने लगते हैं। दरअसल, पीरियड्स आने से दो-तीन दिन पहले से ही शरीर में कुछ बदलाव होने लगते हैं। इसे पीएमएस और पीएमडीडी कहते हैं। पीएमएस, प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रॉम को कहते हैं और पीएमडीडी, प्रीमेन्स्ट्रुअल डिस्फॉरिक सिन्ड्रॉम को कहते हैं।
पीएमएस होने पर महिलाओं को ब्रेस्ट में दर्द, जी मिचलाना, उलटी होना आदि समस्याएं होती हैं लेकिन भावनात्कम और मानसिक स्तर पर इसका बहुत अधिक प्रभाव नहीं होता है। कई बार पीएमएस के लक्षण पीरियड् के दौरान भी दिखाई देते हैं। हालांकि, इससे महिलाओं को किसी तरह का नुकसान नहीं होता है।
वहीं पीएमडीडी होने पर महिलाएं भावनात्मक रूप से भी प्रभावित होती हैं। ये मानसिक रूप से अधिक प्रभावित होते हैं। जानकारी के मुताबिक, पीएमडीडी में काफी अधिक मूड स्विंग होते हैं। कई बार महिलाओं के काम पर भी इसका असर पड़ता है और यदि पीएमडीडी के लक्षण अधिक बढ़ जाएं तो महिलाओं को डॉक्टर को ज़रूर दिखाना चाहिए। 

पीरियड जल्दी क्यों आता है

समय से पहले पीरियड्स आना: शरीर में होने वाले हार्मोनल चेंज के कारण कई बार पीरियड जल्दी आ सकते (periods jaldi lane ke upay) हैं। मुख्य रूप से ऐसा प्यूबर्टी यानी कि यौवन की शुरुआत में पेरीमेनोपॉज़ के दौरान होता है। हालांकि, कई बार बीमार होने की वजह से भी पीरियड्स जल्दी आ सकते हैं। मुख्य रूप से प्यूबर्टी, पेरीमेनोपॉज़, एसटीआई, इंप्लांटेशन ब्लीडिंग, गर्भावस्था का नुकसान, पीसीओएस (PCOS) और एंड्रोमीट्रिओसिस के कारण आपके पीरियड्स ज्लदी आ सकते हैं।

अनियमित माहवारी का घरेलू इलाज – Periods Late Aane ke Upay

अनियमित माहवारी का घरेलू इलाज: अनियमित माहवारी से निजात पाने या रोकने के लिए आप निम्नलिखित घरेलू उपचार कर सकती हैं। ये केवल आपके अनियमित माहवारी की समस्या को ही दूर नहीं करेंगे बल्कि आपके स्वास्थ्य को सुधारने में भी मदद करेंगे।

योग करें

हमेशा से ही योग को अलग-अलग पीरियड्स से संबंधित मुद्धों के लिए एक प्रभावी उपचार के रूप में देखा गया है। एक स्टडी के मुताबिक, 6 महीने तक हफ्ते में 5 दिन योग करने से अनियमित माहवारी संबंधित हार्मोन के स्तर को कम करने में मदद मिलती है। इस वजह से यदि आप भी अनियमित माहवारी संबंधी परेशानियों का सामना कर रही हैं तो आपको योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना लेना चाहिए।

वजन का ध्यान रखें

कई बार बहुत अधिक वजन घटाने या फिर वजन के बढ़ जाने के कारण भी आपकी पीरियड साइकिल अनियमित हो सकती है। इस वजह से स्वस्थ वजन को बनाए रखना भी ज़रूरी है। जो महिलाएं अधिक वजन वाली होती हैं, उनमें अनियमित पीरियड्स होने की संभावना अधिक होती है। 

अदरक के साथ मसाले वाली चीजें

अदरक का इस्तेमाल कई सारी बीमारियों के लिए घरेलू उपचार के रूप में किया जाता है लेकिन इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है कि अदरक बीमारियों को दूर करने में कितना प्रभावशाली होता है। एक स्टडी के अनुसार अदरक को अपनी खुराक में शामिल करने से पीरियड्स के दौरान बहने वाले खून की मात्रा कम होती है। साथ ही अदरक अनियमित पीरियड की समस्या को कम करने में भी मदद करता है।

अपनी खुराक में शामिल करें विटामिन

2015 में किए गए एक अध्ययन के अनुसार विटामिन-डी का सेवन करने से अनियमित पीरियड की समस्या कम होती है। साथ ही विटामिन डी के कई अन्य स्वास्थ्य लाभ भी हैं, जिनमें वजन कम करना, डिप्रेशन कम करना शामिल है। विटामिन डी मुख्य रूप से डेयरी उत्पादों और कुछ अनाजों में पाया जाता है।

पीरियड मिस होने पर क्या करें – सवाल और जवाब

क्या देरी से आने वाले पीरियड्स का इलाज किया जा सकता है?

जी हां, देरी से आने वाले पीरियड्स का इलाज संभव है। आप चाहें तो इसके लिए घरेलू नुस्खों का उपयोग कर सकती हैं। हालांकि, यदि उससे भी आपके पीरियड्स समय पर नहीं आते हैं तो आपको डॉक्टर को दिखाना चाहिए। डॉक्टर आपकी इस समस्या पर अधिक सही तरीके से बता पाएंगे और साथ ही अनियमित पीरियड साइकिल होने की वजह के बारे में भी आपको बता पाएंगे।

देरी से पीरियड्स आने के बाद भी प्रेगनेंट हो सकते हैं या नहीं?

यदि आपको अनियमित पीरियड की समस्या है तो इसका मतलब ये नहीं है कि आप प्रेगनेंट नहीं हो सकती हैं। हालांकि, आपको प्रेगनेंसी के बारे में प्लानिंग करने से पहले डॉक्टर से सलाह ज़रूर लेनी चाहिए।

देरी से पीरियड्स आने के बाद भी प्रेगनेंट हो सकते हैं या नहीं?

यदि आपको अनियमित पीरियड की समस्या है तो इसका मतलब ये नहीं है कि आप प्रेगनेंट नहीं हो सकती हैं। हालांकि, आपको प्रेगनेंसी के बारे में प्लानिंग करने से पहले डॉक्टर से सलाह ज़रूर लेनी चाहिए।

देरी से पीरियड्स आने के बाद भी प्रेगनेंट हो सकते हैं या नहीं?

यदि आपको अनियमित पीरियड की समस्या है तो इसका मतलब ये नहीं है कि आप प्रेगनेंट नहीं हो सकती हैं। हालांकि, आपको प्रेगनेंसी के बारे में प्लानिंग करने से पहले डॉक्टर से सलाह ज़रूर लेनी चाहिए।

पीरियड मिस होने पर क्या करें

यदि आपके पीरियड मिस हो गए हैं या फिर लेट हो गए हैं तो आपको अजवायन, जीरा, कच्चा पपीता, अदरक, सौंफ, अनार और तिल आदि चीज़ों का सेवन करना चाहिए। हालांकि, इस बात का ध्यान रखें कि आप प्रेगनेंट ना हों। यदि आप प्रेगनेंट होती हैं और इन चीज़ों का सेवन करती हैं तो आपका गर्भपात हो सकता है।

पीरियड मिस होने पर क्या करें

यदि आपके पीरियड मिस हो गए हैं या फिर लेट हो गए हैं तो आपको अजवायन, जीरा, कच्चा पपीता, अदरक, सौंफ, अनार और तिल आदि चीज़ों का सेवन करना चाहिए। हालांकि, इस बात का ध्यान रखें कि आप प्रेगनेंट ना हों। यदि आप प्रेगनेंट होती हैं और इन चीज़ों का सेवन करती हैं तो आपका गर्भपात हो सकता है।

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