पितृ दिवस का इतिहास और महत्व - About Fathers Day in Hindi

About Fathers Day in Hindi,  पिता का महत्व

मातृ दिवस के साथ-साथ पितृ दिवस भी हर साल दुनियाभर में मनाया जाता है। इस दिन बच्चे अपनी माताओं के साथ मिलकर पिताओं को तोहफे देते हैं और परिवारों के साथ मिलकर इस दिवस का जश्न मनाते हैं। बच्चे अपनी मां के साथ मिलकर पिता के लिए ग्रीटिंग कार्ड बनाते हैं। वहीं जो हाल ही में पिता बने हैं वो अपने पिताओं से अपने बच्चों को संभालना सीखते हैं और उनके साथ पिता दिवस का जश्न मनाते हैं। 
हालांकि, पिछले साल कोविड-19 के कारण शायद सभी लोगों को अपने घर पर ही पिता दिवस का जश्न मनाना पड़ा होगा लेकिन ये साल भी कुछ अलग नहीं है। इस साल भी सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करते हुए और अपने घरों में ही लोगों को पितृ दिवस मनाना होगा। हालांकि, इसका मतलब ये नहीं है कि आप इस दिन को एंजॉय नहीं कर सकते हैं। आप चाहें तो उन्हें फादर्स डे कोट्स भेज कर भी विश कर सकते हैं। आप इस मौके पर अपने पिता के लिए कार्ड बना सकते हैं या उन्हें कुछ और तोहफे देकर इस दिन का जश्न मना सकते हैं। हालांकि, यदि आप सोच रहे हैं कि पितृ दिवस की शुरुआत कैसे हुई और किस तरह से लोग इस दिवस को मनाने लगे तो इस बारे में हम आपको इस लेख में विस्तार से बताने वाले हैं। 

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    पितृ दिवस का इतिहास - Father's Day History in Hindi

    पितृ दिवस के इतिहास (पितृ दिवस का इतिहास) का सीधा संबंध मातृ दिवस से है। दरअसल, पितृ दिवस से पहले मातृ दिवस मनाए जाने की शुरुआत हुई थी। मातृ दिवस का इतिहास 1860 के दशक से जुड़ा हुआ है और इसके बाद 1914 में इसे अमेरिका में राष्ट्रीय छुट्टी का दिन घोषित किया गया था। जब एक पेरेंट के लिए जश्न का दिन बनाया गया तो उसके बाद दूसरे पेरेंट के लिए जश्न का दिन मनाए जाने की भी मांगे उठने लगीं। इसके बाद 1908 में वेस्ट वर्जीनिया में एक सरमन का आयोजन किया गया, जिसमें 362 पुरुषों का सम्मान किया गया। ये सभी पुरुष कोयला माइनिंग के दौरान हुए एक्सप्लोजन में मर गए थे। ये इस तरह का पहला ईवेंट था, जिसमें पिताओं का सम्मान किया गया था।
    इसके बाद सोनारा स्मार्ट डोड नाम की महिला ने पितृ दिवस के मौके पर अमेरिका में राष्ट्रीय छुट्टी का दिन घोषित किए जाने की मांग की। सोनारा उन 6 भाई-बहनों में से एक थी, जिन्हें उनके पिता ने अकेले पाला था और इस वजह से वह चाहती थी कि पिताओं को भी माताओं की तरह ही सम्मान मिलना चाहिए। सोनारा द्वारा पिटिशन भरने के एक साल बाद वाशिंगटन में 19 जून 1910 को पहली बार पितृ दिवस मनाया गया। इसके बाद से ही एक राज्य से दूसरे राज्य में पितृ दिवस मनाया जाने लगा और एक लंबी लड़ाई के बाद 1972 में इसे राष्ट्रीय छुट्टी का दिन घोषित किया गया। 
    पितृ दिवस (Fathers Day History in Hindi) मनाए जाने की शुरुआत के बाद लगभग 60 वर्ष बाद इसे अमेरिका में एक राष्ट्रीय छुट्टी का दिन घोषित किया गया था लेकिन इस बीच अमेरिका में इसे मनाए जाने को लेकर काफी लड़ाई हुई। यहां तक कि 1920 और 1930  के दशक में मातृ और पितृ दिवस अलग-अलग मनाए जाने की बजाए केवल पेरेंट डे मनाए जाने के बारे में भी सोचा गया था। वहीं कई पुरुष पितृ दिवस मनाना ही नहीं चाहते थे। कुछ लोगों ने इसे "हॉलमार्क हॉलिडे" के रूप में देखा, जिसका आविष्कार एक व्यावसायिक नौटंकी के एकमात्र उद्देश्य के लिए किया गया था, और उस समय कई पिता अकेले कमाने वाले थे, वे विशेष रूप से फूलों और चॉकलेट पर अपनी मेहनत की कमाई खर्च नहीं करना चाहते थे।
    हालांकि, विश्व युद्ध II के बाद पितृ दिवस मनाए जाने को सकारात्मक दृष्टिकोण से देखा जाने लगा। संघर्षरत खुदरा विक्रेताओं ने अवसाद के दौरान उपहार देने वाली छुट्टी बढ़ावा दिया क्योंकि इससे उन्हें परिवार के साथ समय बिताने का मौका मिलता था, और युद्ध के दौरान, फादर्स डे विदेशों में सेवा करने वाले कई पिताओं का सम्मान करने के लिए एक दिन बन गया। जब तक राष्ट्रपति निक्सन ने फादर्स डे को अवकाश बनाने की घोषणा पर हस्ताक्षर किए, तब तक यह पहले से ही एक राष्ट्रीय संस्था बन चुकी थी।

    फादर्स डे का महत्व - Importance of Fathers Day in HIndi

    इस दिन बच्चे अपने पिता (पिता का महत्व) या फिर पिता समान व्यक्ति के साथ समय बिताते हैं और उनकी सराहना करते हैं, जो उनके जीवन में अहम भूमिका निभाते हैं, फिर चाहे वह भावनात्मक रूप से हो मानसिक रूप से या फिर आर्थिक रूप से। इस दिन बच्चे अपने जीवन में पिता की भूमिका के महत्व को समझते हैं। यह दिन बड़े पैमाने पर अपने परिवारों और समाज में पिता (Importance of Fathers Day in HIndi) के योगदान को स्वीकार करता है। बच्चे अपने पिता या पिता जैसी भूमिका निभाने वालों के लिए उपहार खरीदते हैं या उपहार बनाते हैं, या फिर कार्ड बनाते हैं।  बच्चे इस मौके पर उन गतिविधियों में संलग्न दिन बिताते हैं जिनका आनंद वो अपने पिता के साथ लेना चाहते है, चाहे वह लंबी पैदल यात्रा हो, मछली पकड़ना हो या बस फिर पिता के साथ टीवी पर कुछ देखना मात्र हो। भारत में विशेष रूप से, अधिकांश बच्चों का अपनी मां के साथ घनिष्ठ संबंध होता है, इसलिए यह दिन निश्चित रूप से किसी पिता के साथ घनिष्ठ संबंध बनाने में मदद करता है।

    दुनिया के अन्य हिस्सों में किस दिन मनाया जाता है पितृ दिवस

    पितृ दिवस अलग-अलग देशों में अलग-अलग दिन मनाया जाता है। उदाहरण के लिए यूरोप, अमेरिका और कुछ अन्य बड़े देशों में यह दिवस जून के तीसरे रविवार को मनाया जाता है। वहीं कई अन्य कैथोलिक देशों जैसे कि लेटिन अमेरिका में पितृ दिवस, सेंट जोसेफ डे पर मनाया जाता है, जो हर साल 19 मार्च को होता है। कई अन्य पैसिफिक देशों में, जैसे कि ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और फिजी आदि में पितृ दिवस सितंबर के पहले रविवार को मनाया जाता है। गौरतलब है कि भारत में जून के तीसरे रविवार को ही पितृ दिवस मनाया जाता है और इस साल पितृ दिवस 20 जून को मनाया जा रहा है। 
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