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शादी के पहले दो साल होते हैं सबसे ज्यादा जरूरी, नये जोड़ों को इन 3 बातों का रखना है खास ध्यान

शादी के पहले दो साल होते हैं सबसे ज्यादा जरूरी, नये जोड़ों को इन 3 बातों का रखना है खास ध्यान

शादी हर किसी के जीवन का एक बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। शादी करने से पहले एक-दूसरे को ठीक से जानना जरूरी है, यह देखने के लिए कि क्या विचार मेल खाते हैं। इसके लिए पहले 2-3 बार मिल कर अंदाजा लगाया जा सकता है। लेकिन कभी-कभी इन मुलाकातों में भी सही से पता नहीं चल पाता है कि आपका पार्टनर कैसा है। वैसे किसी भी व्यक्ति को सही से जानने के लिए पूरी जिंदगी कम पड़ जाती है। मगर शादी के लिए आपको कुछ ही मुलाकातों में जिंदगी पर साथ रहने के लिए पार्टनर का चुनाव करना पड़ता है। वैसे एक बार शादी हो जाने के बाद वह व्यक्ति चौबीसों घंटे आपके साथ रहेगा। ऐसे में जरूरी है कि एक-दूसरे का ख्याल रखें और बातें करें।

शादी के पहले दो साल इन 3 बातों का रखें खास ध्यान Take care of these things in the first 2 years of marriage in hindi

कभी-कभी आपके विवाह में समस्याएं और संघर्ष उत्पन्न हो सकते हैं। लेकिन, ऐसे में हमें एक-दूसरे से बात करनी चाहिए और समस्या का शांति से समाधान निकालना चाहिए। यह शादी के पहले साल से ही करना चाहिए। क्योंकि कहते हैं कि शादी के पहले दो साल नवविवाहित जोड़ों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होते हैं क्योंकि यही समय निर्धारित करता है कि आप एक-दूसरे के साथ खुश रहेंगे या नहीं। तो आइए जानते हैं शादी के पहले दो साल में किन 3 बातों का खास ध्यान रखना चाहिए।

हनीमून ब्लूज़

कुछ कपल शादी या हनीमून के बाद खुद अकेला और दुखी महसूस कर सकते हैं। इस अवधि को हनीमून ब्लूज़ माना जाता है। क्योंकि कम उम्र के लड़के-लड़कियों में शादियों को लेकर एक खासा उत्साह रहता है। लेकिन शादी के बाद ज्यादातर कपल्स को अचानक से खालीपन का अनुभव हो सकता है। खासकर लड़कियों के लिए जो अपने घरवालों से दूर ससुराल में आई होती हैं। इसीलिए नवविवाहितों को हनीमून ब्लूज़ से निपटने के लिए तैयार रहना चाहिए। उन्हें इस बात पर अधिक ध्यान देना चाहिए कि दूसरी सभी जिम्मेदारियों का ध्यान रखते हुए अपनी मैरिड लाइफ में रोमांस को कैसे बनाए रखें और साथ पार्टनर को अकेलापन महसूस होने न दें।

निराशा और उम्मीदों का पूरा न होना

शादी के पहले दो साल कपल्स के लिए निराशाजनक रहने की संभावना है। इस दौरान उनके रिश्ते में जो अच्छे और बुरे बदलाव होते हैं, उनके लंबे समय तक चलने वाले परिणाम हो सकते हैं। इस पर हुए कई शोध के दौरान ये पता चला है कि शादी के शुरुआती दिनों में कुछ विवाहित जोड़ों को एक-दूसरे के बारे में भ्रम और नकारात्मक भावनाएं बन जाती हैं। क्योंकि वो शादी से पहले अपने पार्टनर से कई तरह की उम्मीद लगाये हुए होते हैं और फैंटेसी वर्ड में जी रहे होते हैं। लेकिन शादी के बाद जब पार्टनर उनकी उम्मीद पर खरे नहीं उतर पाते हैं तो नौबत लड़ाई-झगड़े से बढ़कर तलाक तक आ जाती है। इसलिए जो कपल्स सकारात्मक सोच के साथ और बिना कोई पार्टनर से उम्मीद किये शादी के इस फेस की नई तरह से शुरूआत करते हैं, उन्हें शादी के बाद सुखद अनुभव होता है, वे अपनी समस्याओं को भी सही तरीके से हल करते हैं। इसलिए नए रिश्ते की शुरुआत के लिए सिर्फ सकारात्मक सोच की जरूरत होती है।

मुश्किल समय में क्या करें? 

शादी के पहले दो सालों में कपल्स के बीच अनबन हो सकती है। ऐसे में अंत के बारे में सोचे बिना स्पष्ट और खुले तौर पर बातचीत करना बहुत जरूरी है। इसके लिए कोशिश करें कि एक-दूसरे पर दोषारोपण किए बिना बात करें। क्योंकि यह तनावपूर्ण हो सकता है। इसीलिए ये आप पर तय करता है कि आपने शादी के शुरूआती साल में आई मुश्किलों को लड़ाई-झगड़ों से हल करना चाहते हैं या फिर प्यार से मुश्किलों का निपटारा करना चाहते हैं। क्योंकि आप शुरूआती समय में जिस तरह का रवैया अपनाएंगे वो ही आगे भी चलेगा। 

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