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#MyStory: डॉक्टर की वो Visit और मेरे Boyfriend का सच

AnonymousAnonymous  |  May 5, 2016
#MyStory: डॉक्टर की वो Visit और मेरे Boyfriend का सच

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देर रात एक दोस्त के कॉल ने मेरे होश उड़ा दिए। उसके कहे पांच शब्द मेरे दिमाग मे सैकड़ों ख्याल ले आए, ‘अभी फौरन मेरे घर आओ!’ आखिर क्या वजह हो सकती है….

“पांच दिन ज्यादा हो चुके हैं और मेरे पीरियड्स अभी तक नहीं हुए..ऐसा पहले कभी नहीं हुआ। मैं और राहुल हमेशा प्रोटेक्शन का इस्तेमाल करते हैं। ऐसा नहीं हो सकता!!” इन शब्दों के साथ मेरी दोस्त सिमी ने मेरा वेलकम किया…

“Okay, तो हम वो घर पर इस्तेमाल होने वाली pregnancy test किट ले आते हैं…चिंता मत करो, मैं यहीं हूं।” मैं इसके अलावा कुछ नहीं बोल पाई। केमिस्ट की दुकान पर जाकर मैं ही वो होम प्रेगनेंसी किट लाई। दुकान पर खड़े हुए लड़के ने मुझे जिस तरह देखा, मैं समझ गई कि वो अब तक मेरे बारे में अपनी राय बना चुका है..क्योंकि हां, मैं देखने में भी शादीशुदा तो नहीं ही लगती!! घर आकर वो कुछ पल हम दोनों के लिए बेहद मुश्किल और tensed रहे…हम बेसब्री से उस छोटे से instrument पर लाइन का पिंक (pregnant) या ब्लू (not pregnant) होने का इंतजार कर रहे थे।

“ब्लू…ये ब्लू हो गया!” सिमी चिल्लाई।

“देखा, मैंने तुम्हें कहा था, चिंता की कोई बात नहीं होगी।”

“तो फिर आखिर क्यों मेरे पीरियड्स पांच दिन लेट हो चुके हैं??!! ये होम टेस्ट ठीक तो होता है न??”

“बिल्कुल होता है, अब ज्यादा टेंशन मत लो”

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“नहीं, मुझे यकीन नहीं हो रहा…मेरे पीरियड्स क्यों नहीं हुए? एक काम करते हैं…तुम भी ये टेस्ट करो, अगर तुम्हारा रिजल्ट भी नेगेटिव आया तो मैं पूरी तरह रिलेक्स हो जाऊंगी।”

अब ये उन कामों में से है जो हम अपनी बेस्ट फ्रेंड के लिए करते हैं! इसलिए मैं भी वो प्रेग्नेंसी टेस्ट करने के लिए राज़ी हो गई…मुझे ये अंदाज़ा भी नहीं था कि अपनी दोस्त के लिए किया गया ये छोटा सा फेवर किस तरह मेरी जिंदगी बदल देगा।

“ये तो पिंक हो गया!!!,” मेरी लगभग चीख निकल गई..

“क्या? ऐसा नहीं हो सकता! देखा, मैंने तुमसे कहा था कि इन होम टेस्ट का कोई भरोसा नहीं होता। लेकिन तुम इतनी परेशान क्यों लग रही हो अनु? अरे इसे सीरियसली लेने की जरूरत नहीं है!”

लेकिन मैं पूरी तरह blank हो चुकी थी, मुझे समझ नहीं आ रहा था क्या कहूं..
“क्या तुमने और अजुर्न ने कभी प्रोटेक्शन के बिना भी…..?” सिमी मुझे पूछती रही, “एक मिनट..तुम तो pill ले रही थी न?”

“नहीं, दो महीने पहले ही गोलियां लेनी बंद कर दी थी। शायद तुम ठीक कहती हो..ये होम टेस्ट पूरी तरह ठीक नहीं होते” मैंने खुद हो ही दिलासा देने की कोशिश की।

“हां…भूल जाओ..चलो सोने चलते हैं।”

कुछ देर टीवी देखने के बाद हम दोनों सोने चले गए…लेकिन प्रेग्नेंसी का वो पॉजिटिव टेस्ट रिजल्ट मुझे सोने नहीं दे रहा था। मेरी नींद उड़ चुकी थी…..पूरी तरह!!

“सिमी, क्या तुम जाग रही हो?”

“हां, तुम भी नहीं सो पा रही हो न?”

“क्या तुम मेरे साथ कल gynaecologist के पास चलोगी?” मैंने सिमी के पूछा।

“बिल्कुल चलूंगी,” उसने जवाब दिया।

अगली सुबह हम दोनों ने अपने ऑफिस से छुट्टी ली। एक घंटे में मेरे तीन टेस्ट लिए गए, ब्लड टेस्ट, यूरीन टेस्ट और अलट्रासाउंड- gynaecologist ने मुझसे सीधे ही पूछ लिया, “क्या तुम्हारी शादी हो चुकी है?”

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“नहीं।”

“इस प्रेग्नेंसी को खत्म करने यानि abortion के दो तरीके हैं- एक, मैं तुम्हें कुछ दवाइयां दे सकती हूं जिससे तुम्हें अगले 10-12 दिनों तक बहुत ज्यादा bleeding होगी। दूसरा, मैं तुम्हारा एक छोटा सा ऑप्रेशन करुंगी।”

मेरे शादीशुदा न होने की वजह से डाक्टर ने खुद ही अंदाजा लगा लिया कि मेरा अगला कदम क्या होगा। उन्होंने एक बार भी इस option के बारे में पूछा तक नहीं कि मैं बच्चा रखना चाहती हूं या नहीं…लेकिन मुझे कुछ खास ताज्जुब नहीं हुआ।

“आपने मुझसे बिना पूछे ही कैसे सोच लिया कि मैं abortion करवाना चाहूंगी?” मैंने डॉक्टर से पूछा।

“क्या तुम इस बच्चे को रखना चाहती हो?” उन्होंने सवालिया नज़रों से ये सवाल पूछा।

“मुझे सोचने का समय चाहिए।”

डॉक्टर का जवाब सुने बिना ही मैं वहां से उठकर बाहर चली आई। सिमी ने मेरा हाथ पकड़ा हुआ था। अब तीन साल से मेरे साथ रिलेशनशिप में रहने और इस बच्चे के लिए बराबरी से जिम्मेदार अजुर्न को फोन करने का समय था। मुझे उसके रिएक्शन के बारे में बहुत डर लग रहा था।

“अज्जु, मुझे तुमसे बात करनी है”

“बिल्कुल,love. तुम ठीक तो हो न?”

“प्लीज, कहीं ऐसी जगह जाकर बात करो जहां तुम्हारे आसपास कोई न हो,” मैंने कहा। अजुर्न ऑफिस में होगा।

“Okay, एक मिनट रुको”

इंतजार का वो एक मिनट भी मुझे किसी पहाड़ जैसा लग रहा था। मैं खुद भी नहीं जानती थी कि क्या मैं सच में अजुर्न से इस बारे में बात करना भी चाहती हूं या नहीं…लेकिन मेरे पास दूसरा कोई रास्ता नहीं था, मुझे उसे ये बात बतानी ही थी। इतना बड़ा फैसला मैं खुद नहीं कर सकती थी।

“क्या हुआ अनु?” अजुर्न की आवाज में चिंता थी।

“मैं आज gynaecologist से मिली थी। बस हॉस्पिटल से बाहर ही आई हूं…मुझे नहीं पता ये सब कैसे हो गया लेकिन डाक्टर ने कन्फर्म किया है कि मैं pregnant हूं।”

अजुर्न की तरफ की चुप्पी मेरी उम्मीद से कुछ ज्यादा देर तक रही। मुझे उम्मीद थी कि अजुर्न का response कुछ “तुम्हें पूरा यकीन है?”, “ऐसा कैसे हो गया यार?”, “लेकिन हम तो हमेशा प्रोटेक्शन यूज़ करते थे!” जैसा कुछ होगा….

“अजुर्न….क्या तुम फोन पर हो?”

“Ya, love. Sorry, मेरे बॉस बुला रहे हैं…मैं तुम्हें बाद में कॉल करुं?”

“हां, बिल्कुल”

सिमी मुझसे कुछ दूरी पर बैठी थी। पार्किंग में ही एक चेयर पर बैठी वो इंतजार कर रही थी कि मैं अजुर्न को यह खबर सुनाऊं। मेरे फोन रखते ही वो मेरे पास आ गई… “उसने कैसे रिएक्ट किया अनु?”

“उसके बॉस ने उसे बुला लिया बीच में…वो कुछ देर बाद मुझे कॉल करेगा।”

“Cool. तुम्हें पिज्ज़ा खाना है?”

सिमी जानती है मुझे क्या पसंद है…शायद इसलिए मुझे कुछ रिलैक्स करने की कोशिश की उसने।

घंटों बीत गए, सारा दिन गुज़र गया लेकिन अजुर्न का कॉल नहीं आया। शाम होते होते हर तरह के ख्याल मेरे दिमाग में अपना घर बना चुके थे। करीब आधी रात को मैंने सिमी को फोन करके कहा कि abortion को लेकर मुझे जल्दी से जल्दी कोई फैसला लेना होगा।

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सिमी ने कहा, “उसके कॉल का इंतजार तो करो..शायद वो कहीं बिजी होगा। आज सोमवार था, ऑफिस में ज्यादा काम होता है। अगर कल भी उसका फोन नहीं आता तो हम देखेंगे। और इस बारे में तुम अच्छे से सोच लो, कल ऑफिस जाओ और ठंडे दिमाग से सोचो कि तुम्हें आगे क्या करना है। तुम जो भी फैसला करोगी मैं तुम्हारे साथ हूं।”

एक और दिन भी गुज़र गया, मैंने अजुर्न को कुछ मैसेज भेजे…और आखिर फैसला किया कि मुझे ये abortion करवाना ही होगा। मैंने ऑप्रेशन के जरिए abortion करवाने का फैसला किया। दस दिन तक ब्लीडिंग के दौरान अपने घर में कैद होना मुझे मंजूर नहीं था। न ही ऑफिस से इतने दिन की छुट्टी लेना मेरे लिए possible था, एक-दो दिन की छुट्टी तो मैं मैनेज कर सकती थी।

Gynaecologist ने सलाह दी कि मैं अगले दिन abortion करवाऊं, मैं पूरी तरह तैयार थी…मैंने आखिरी कोशिश करते हुए अजुर्न को मैसेज भेजा, “मैं आज abortion करवा रही हूं।”

लेकिन मैसेज का कोई reply नहीं आया।

ऑप्रेशन के बाद जब anaesthesia का असर कुछ कम होने लगा तो मैंने अपने पास सिमी को खड़ा पाया। हर पल के साथ मेरा दिल कुछ हल्का हो रहा था।

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