home / पैरेंटिंग
फर्स्ट टाइम मॉम्स

सेल्फ केयर: पहली बार मां बनी हैं, तो रोजाना इन 5 टिप्स को जरूर करें फॉलो

गर्भावस्था के दौरान महिला अपना पूरा ख्याल रखती है। यहां तक कि पूरा परिवार भी गर्भवती की देखभाल में जुटा रहता है। दूसरी तरफ जब बच्चा पैदा होता है, तो माँ समेत घरवालों का ध्यान बच्चे की तरफ चला जाता है। सभी शिशु की देखरेख में लग जाते हैं, जो कि अच्छी बात भी है। लेकिन शिशु के साथ-साथ न्यू मॉम को भी देखभाल की जरूरत होती है। खासतौर से जो महिलाएं, पहली बार मां बनी हैं, उन्हें तो अपना खास ख्याल रखना चाहिए। इस लेख में हम फर्स्ट टाइम मॉम्स के लिए सेल्फ केयर टिप्स के बारे में जानेंगे। 

फर्स्ट टाइम मॉम्स के लिए सेल्फ केयर प्रैक्टिस

जो महिलाएं पहली बार मां बनती हैं उन्हें बच्चे की छोटी से छोटी परेशानी को लेकर चिंता सताने लगती है। बच्चे की देखभाल में वे इस कदर व्यस्त हो जाती हैं कि उनके पास अपने लिए ही समय नहीं बचता है। उन्हें समझने की जरूरत है कि यह एक ऐसा समय है जिसमें उन्हें भी पूरी केयर की जरूरत होती है। यही वजह है नीचे कुछ ऐसे टिप्स दे रहे हैं, जो न्यू मॉम को अपना ध्यान रखने में भी मदद करेंगी

1. अपनी नींद का भी रखें ध्यान

फर्स्ट टाइम मॉम्स
न्यू बॉर्न बेबी के साथ माँ

बच्चे के जन्म के बाद माँ के लिए सबसे बड़ी परेशानी होती है उनकी नींद का पूरा न होना। न्यू मॉम्स के लिए नींद पूरी करना किसी टास्क से कम नहीं होता है। शारीरिक बदलाव, शिशु की देखभाल, घर के काम व मेहमानों की आवभगत के बीच न्यू मॉम की नींद पर मानों ग्रहण लग जाता है। वहीं, रात भी अपनी नहीं रहती। रात को उठ-उठकर शीशु को फीड कराना पड़ता है। 

नींद पूरी न होने के कारण न्यू मॉम्स का व्यवहार चिड़चिड़ा हो जाता है। कुछ न्यू मॉम्स तो अनिद्रा व तनाव की शिकार हो जाती है। ऐसे में निम्नलिखित उपायों के माध्यम से न्यू मॉम्स अपनी नींद को कुछ हद तक पूरा कर सकती हैं।

  • चाहे दिन का समय हो या शाम का जिस समय बच्चा सो रहा हो उस समय कोई दूसरा काम करने की बजाय न्यू मॉम को साथ में ही झपकी ले लेनी चाहिए। 
  • रात को सोने से पहले गुनगुने पानी से स्नान करें। चाहें तो हर्बल टी ले सकती हैं। ये दोनों उपाय ही आपको अच्छी नींद में मदद कर सकते हैं।
  • बच्चे के स्लीपिंग पैटर्न को समझें। उस अनुसार अपना भी नींद का रूटीन बनाएं।
  • बच्चे को दूध पिलाने के बाद अगर वह खेल रहा है तो उन्हें परिवार के दूसरे सदस्यों को दे दें। उस समय आप घर का काम कर सकती हैं। जिस समय बच्चा झपकी ले, उस समय आप भी सो सकती हैं।
  • सोने से पहले कॉफी या चाय का सेवन करने से बचें।
  • बिस्तर पर जाने से पहले टीवी और मोबाइल से दूरी बनाकर रखें। ये नींद में खलन डालने का काम करते हैं।

2. खुद को हाइड्रेट रखें

न्यू मॉम्स को ब्रेस्टफीडिंग करानी होती है, जिस वजह से उन्हें शरीर में पानी की कमी नहीं होने देनी चाहिए। खुद को हाइड्रेट रखने के लिए दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं। 

कुछ महिलाओं को शिशु की देखभाल के साथ पानी पीना तक याद नहीं रहता है। ऐसे में आप अपने फोन में पानी का अलार्म सेट कर सकती हैं। इसके अलावा, अपने बेड, सोफा या जहां-जहां आप दिनभर बैठती हैं उन उन जगहों पर पानी की बोतल भरकर रखें। इससे आप दिनभर में बच्चे को लेकर घर के जिस भी कोने में बैठी होंगी, आपके पास पानी पहले से उपलब्ध होगा।

3. पोस्टपार्टम मसाज है अहम

गर्भावस्था के नौ महीने व डिलीवरी की प्रक्रिया से एक महिला मानसिक के साथ-साथ शारीरिक रूप से काफी थका हुआ महसूस करती है। ऐसे में मसाज से उन्हें आराम मिलता है। साथ ही शरीर के अलग-अलग हिस्सों में होने वाले दर्द से भी राहत मिलती है।

डिलीवरी के बाद महिला की जल्दी रिकवीर के लिए भी पोस्टपार्टम मसाज को बेहतर माना जाता है। यह डिलीवरी के दौरान मांसपेशियों और ऊतकों में आई कमजोरी को दूर करने में सहायक भूमिका निभाती है।

4. हेल्दी फूड

फर्स्ट टाइम मॉम्स
फर्स्ट टाइम मॉम्स सेल्फ केयर टिप्स

डिलीवरी के छह महीने बाद तक बच्चा सिर्फ माँ का दूध पीता है। इस दौरान उसे पूरा पोषण माँ के दूध से ही मिलता है। ऐसे में न्यू मॉम को न सिर्फ डिलीवरी के बाद अपनी रिकवरी के लिए अच्छी डाइट लेनी चाहिए। बल्कि शिशु को पर्याप्त पोषण मिल सके, इसलिए भी हेल्दी फूड का सेवन करना चाहिए। एक्सपर्ट्स की मानें तो न्यू मॉम्स को फल, सब्जियों के साथ फाइबर व प्रोटीन से भरपूर डाइट लेनी चाहिए।

5. समय पर डॉक्टर के पास जाएं

न्यू मॉम को डिलीवरी के बाद समय-समय पर शिशु को लेकर बाल विशेषज्ञ के पास तो जाना होता है। साथ ही अपनी डॉक्टर के पास भी नियमित रूप से चेकअप कराने जरूर जाएं। 

जैसे डॉक्टर डिलीवरी के लिए लगाएं गए टांकों को चेक कर सकती हैं। इसके अलावा,  कई महिलाएं बच्चे के होने के बाद मानसिक रूप से कमजोर महसूस करती हैं। बात-बात पर गुस्सा करने लगती हैं, चिड़चिड़ा व्यवहार व बिना बात रोना आदि इसके लक्षण हैं। इसे बेबी ब्लूज के नाम से जाना जाता है। 

पोस्टपार्टम महिला को किसी भी तरह की समस्या हो रही है, तो उसे दूर करने के लिए उन्हें रूटीन चेकअप के लिए समय पर डॉक्टर को दिखाने जरूर जाना चाहिए।

तो ये थी कुछ ऐसी बातें जिसका पहली बार मां बनने वाली महिलाओं को जरूर ध्यान रखना चाहिए। क्योंकि, इस दौरान बहुत सारी चीजें उनके लिए नई होती हैं। ऐसे में लेख में दी गई टिप्स उनको भी स्वस्थ रखने में मददगार साबित होंगी।

चित्र स्रोत: Pexel & Freepik

05 Aug 2022

Read More

read more articles like this
good points logo

good points text