रोजाना सिर दर्द के कारण, लक्षण और घरेलू उपाय - Sir Dard ka Ilaj

रोजाना सिर दर्द के कारण, Sir Dard ka Ilaj

सिर में दर्द होना एक बेहद ही आम समस्या है और कई लोग आमतौर पर सिर दर्द (sir me dard) की परेशानी का सामना करते हैं। हालांकि, शुरुआती तौर पर कोई भी व्यक्ति सिर दर्द के इलाज के लिए डॉक्टर के पास नहीं जाता है। या तो वो अपने आप ही सिर दर्द (headache in hindi) का ठीक होने का इंतजार करते हैं या फिर कई बार घरेलू नुस्खों की मदद से दर्द को ठीक करने की कोशिश करते हैं। लेकिन इसके बाद भी यदि आपका सिर दर्द ठीक नहीं होता है या फिर रोजाना सिर दर्द होने लगता है तो आपको समझ जाना चाहिए कि आपके लिए डॉक्टर के पास जाना जरूरी है। ऐसा इसलिए क्योंकि सिर में रोजाना दर्द होने के सही कारण और उसके इलाज के बारे में डॉक्टर ही अच्छे से बता पाएंगे। हालांकि, सिर दर्द होने के कुछ अन्य कारण और घरेलू उपाय भी हैं। जिनकी मदद से आप आसानी से घरेलू नुस्खों की मदद से ठीक हो सकते हैं।

Table of Contents

    सिर दर्द क्या है - What is Headache in Hindi

    सिर में किसी भी वजह (सिर में भारीपन के कारण) से होने वाले दर्द को सिर दर्द कहते हैं। यह दर्द किसी भी कारण से हो सकता है। साथ ही सिर के किसी भी हिस्से में होने वाले दर्द को सिर दर्द कहते हैं। सिर दर्द, सिर के एक तरफ या फिर दोनों तरफ या फिर बीच में भी हो सकता है। सिर दर्द कई बार धीरे-धीरे शुरू होकर एक दम से बढ़ जाता है और यह कितनी भी देर तक हो सकता है। अगर आपको भी कई बार सिर दर्द की समस्या होती है तो आप भी इस लेख में बताए गए कुछ घरेलू नुस्खों की मदद से सिर दर्द से छुटकारा पा सकते हैं। हालांकि, यदि आपको घरेलू नुस्खों का इस्तेमाल करने के बाद भी आराम नहीं आता है तो आपको बिना कोई देरी किए डॉक्टर को दिखाना चाहिए।

    सिर दर्द के कारण - Sir Dard ke Karan

    जैसा कि हमने आपको ऊपर भी बताया है कि सिर दर्द होने के कोई भी कारण हो सकते हैं। उदाहरण के लिए कई बार पेट की गैस जब सिर में चढ़ने लगती है तो लोगों के सिर में दर्द होने लगता है। उसी तरह से माइग्रेन भी सिर दर्द का एक कारण है। इसके अलावा सिर दर्द होने के कुछ कारणों के बारे में हम आपको अपने इस लेख में बताने वाले हैं। इनकी मदद से आपको अपने सिर में होने वाले दर्द की वजह पता चल सकती है।

    खाना ना खाने के कारण

    सिर में दर्द होने का बहुत ही आम कारण खाना समय से ना खाना या फिर खाना ना खाना है। कई बार हम लोग जल्दबाजी में या फिर कुछ बनाने की इच्छा ना होने पर खाना स्किप कर देते हैं और इस वजह से पेट में गैस हो जाती है। जब यह गैस सिर में चढ़ने लगती हैं तो सिर में दर्द होने लगता है। इस वजह से यदि आप चाहते हैं कि आपके सिर में दर्द ना हो तो जरूरी है कि आप अपना खाना समय से खाएं। 

    खुशबू की वजह से

    दरअसल, यहां खुशबू से हमारा मतलब फ्रेगरेंस या फिर परफ्यूम से है। कई लोगों को तेज खुशबू से एलर्जी होती है, जिस वजह से जब भी वो इस तरह की खुशबू सूंगते हैं तो उनके सिर में दर्द होने लग जाता है। इस वजह से यदि आपको भी तेज खुशबू से एलर्जी है तो आपको थोड़ा सावधान और सतर्क रहना चाहिए।

    अधिक मात्रा में कैफीन के सेवन के कारण

    ऐसे बहुत से खाद्य पदार्थ होते हैं, जिनका अधिक मात्रा में सेवन करने से शरीर में कैफीन की मात्रा बढ़ जाती है और इस वजह से सिर दर्द होने लगता है। उदाहरण के लिए कॉलड्रिंग, कॉफी, लिकर आदि। इसके अलावा फर्मेंटेड फूड, सिट्रिक फ्रूट आदि भी अधिक मात्रा में खाने के कारण सिर दर्द हो सकता है। ऐसे में जरूरी है कि आप अधिक मात्रा में कैफीन का सेवन ना करें।

    कम पानी पीने के कारण

    कई बार शरीर में पानी की कमी के कारण भी सिर दर्द हो सकता है। दरअसल, जब शरीर में पानी की कमी हो जाती है तो शरीर में मौजूद विषाक्त पदार्थ बाहर नहीं निकल पाते और सिर दर्द का कारण बनते हैं।

    गर्भनिरोधक लेने के कारण

    जब कोई महिला गर्भनिरोधक का सेवन करती है तो उसके शरीर में कुछ हार्मोनल बदलाव होते हैं। इस वजह से वो आमतौर पर सिर दर्द की समस्या का सामना करती हैं। 

    सिर दर्द और आँखों में दर्द के कारण

    कई बार आंखों में दर्द होने के कारण भी सिर में दर्द होने लगता है। दरअसल, उदाहरण के लिए जब आई साइट कमजोर होती है तो सिर में दर्द होने लगता है। वहीं कई बार सिर में दर्द होने की वजह से आंखें भारी हो जाती हैं। जब बुखार या फिर जुखाम के साथ सिर में दर्द होता है तो आंखें भारी (सिर में भारीपन के कारण) होने लग जाती हैं। वहीं अगर आपकी आंखें कमजोर हो गई हैं तो भी आप सिर में नियमित रूप  से दर्द होने की समस्या का सामना कर सकते हैं।

    तनाव सिरदर्द के लक्षण - Headache Symptoms in Hindi

    सिर दर्द होने के कुछ अन्य कारण भी सकते हैं। उदाहरण के लिए खांसी, जुखाम और बुखार के कारण होने वाला सिर दर्द या फिर तनाव या अधिक स्ट्रेस लेने की वजह से होने वाला सिर दर्द। तो चलिए आपको बताते हैं सिर दर्द होने के कुछ अन्य कारण।

    खांसी, जुखाम के कारण होने वाला सिर दर्द

    जब आपको खांसी और जुखाम होता है तो आपकी छाती में कफ जमा हो जाता है। ऐसे में आपको आंखें भारी लगने लगती हैं और सांस लेने में भी परेशानी होती है। वहीं कई बार नाक भी बंद हो जाती है और इस वजह से सिर में दर्द होने लगता है। 

    माइग्रेन

    माइग्रेन एक प्रकार का सिर दर्द का रोग है। माइग्रेन में किसी भी व्यक्ति को सिर के केवल एक ही हिस्से में काफी तेज दर्द होता है। कई बार ये दर्द असहनीय भी हो जाता है और यह दर्द आमतौर पर 2 घंटों से लेकर 72 घंटों तक रह सकता है। माइग्रेन का दर्द होने पर व्यक्ति मितली, उल्टी, फोटोफोबिया आदि समस्याओं का सामना कर सकता है। 

    क्लस्टर सिर दर्द

    यह काफी रेयर सिर दर्द है और आमतौर पर ये पुरुषों को प्रभावित करता है। यह दर्द कभी भी किसी भी कारण से हो जाता है। इस दर्द में जलन भी होती है। क्लस्टर सिर दर्द में दर्द सिर के किसी भी भाग, चेहरे या फिर गर्दन में हो सकता है। अगर सिर दर्द के दौरान आंख में भी दर्द हो रहा है तो आंखों से पानी भी आने लगता है। 

    तनाव के कारण होने वाला सिर दर्द

    सिर का यह बहुत ही आम कारण है और कई बार इसकी वजह से आपको रोजाना या फिर नियमित रूप से सिर दर्द की समस्या होती है। तनाव के कारण (तनाव सिरदर्द के लक्षण) होने वाले सिर दर्द के दौरान आपको काफी अधिक थकावट महसूस हो सकती है। इसके अलावा चिड़चिड़ापन, सोने में समस्या और मांसपेशियों में दर्द आदि की समस्या हो सकती है।

    सिर दर्द के घरेलू उपाय - Sir Dard ke Gharelu Upay

    आमतौर पर सिरदर्द (सिर दर्द का घरेलू इलाज) की समस्या होने पर लोग दवाई लेने से पहले घरेलू नुस्खों को ही ट्राई करते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि जल्दी से लोग दवाई लेना पसंद नहीं करते हैं। इस वजह से वो पहले घरेलू नुस्खों को अपनाते हैं। ऐसे में यदि आपको सामान्य सिर दर्द की समस्या है तो वो तो इन घरेलू नुस्खों से ठीक हो जाएगा लेकिन यदि आपको किसी अन्य कारण की वजह से सिर में दर्द हो रहा है तो आपको डॉक्टर से परामर्श करना चाहिए। 

    गर्म पानी में पैर डुबोने से

    गर्म पानी में पैर डुबोने से आपका दिमाग शांत होता और आपकी थकावट भी दूर होती है। दरअसल, गर्म पानी में पैर डुबोने से सिर की रक्त वाहिनियों में दबाव कम होता है और आपको रिलेक्सेशन मिलता है। हालांकि यदि आपके सिर में अधिक दर्द हो रहा है तो आप गर्म पानी में सरसो का तेल मिला कर भी पैरों को डुबो कर रख सकते हैं।

    बर्फ की सिकाई से

    बर्फ की ठंडक सिर की सूजन को कम करती है और इससे आपको सिर दर्द में राहत मिलती है। यदि किसी कारण से आपके सिर के किसी हिस्से में सूजन हो गई है तो आप बर्फ से सिकाई कर सकते हैं। 

    तेल से चंपी करने से

    यदि आपको कोई बात परेशान कर रही है तो आप सिर में चंपी कर सकते हैं। इससे आपका तनाव कम होगा और आप रिलेक्स होंगे। ऐसा होगा तो आपका सिर दर्द अपने आप कम हो जाएगा।

    अदरक

    अदरक को एंटीबायोटिक औषधी के रूप में जाना जाता है। साथ ही इसमें ए, हबी और सी कॉम्प्लेक्स होते हैं। इसके अलावा अदरक में विटामिन्स, मैग्नीशियम, पोटैशियम भी होता है। रिसर्च के मुताबिक अदरक रक्त वाहिनियों में दर्द और सूजन पैदा करने से रोकता है। इस वजह से यह माइग्रेन ( sar dard ke upay) पीड़ितों के लिए बहुत ही अच्छा उपचार है। 

    तुलसी

    तुलसी मांसपेशियों को आराम देने में मदद करती है। यदि थकी हुई मांसपेशियों के कारण आपके सिर में दर्द हो रहा है तो आप तुलसी की मदद से अपने सिर दर्द को झट से भगा सकते हैं। इसके लिए आप तुलसी की चाय बना सकते हैं। तुलसी की चाय बनाने के लिए आपको तुलसी की 3-4 पत्तियों को पानी में अच्छे से उबालना होगा। इसके बाद पानी को छान कर उसमें शहद मिला कर इसे पी लें।

    पूदीना

    पूदीना, मैगनीज, तांबा और विटामिन सी का अच्छा स्त्रोत माना जाता है। इसमें एजेलेसिक प्रभाव होते हैं, जो सिर दर्द कम करने में मदद करते हैं और रक्त प्रवाह में सुधार करते हैं। आप पूदीने की पत्तियों का जूस निकाल कर अपने माथे पर लगा सकते हैं। ऐसा करने से आपको सिर दर्द में राहत मिलेगी।

    लौंग की पेस्ट

    सिर दर्द से छुटकारा पाना हो तो आप लौंग को पीसकर और हल्का गर्म कर के आपके सिर के जिस भाग में दर्द है, उस भाग में लगा सकते हैं।

    नारियल का मिश्रण

    यदि आपके सिर में दर्द है तो आपको सूर्योदय से पहले नारियल की सूखी गिरी को पीसकर खाना चाहिए। ऐसा करने से आपका सिर दर्द पूरी तरह से ठीक हो जाएगा। 

    सिर दर्द के योग - Yoga for Headache

    यदि आप को रोजाना या फिर नियमित रूप से सिर दर्द की समस्या रहती है तो आप भी अपने डेली रूटीन में थोड़ा बदलाव करके और उसमें नीचे बताए गए 4 योगासन (सिर दर्द के योग) को शामिल करके इससे छुटकारा पा सकती हैं। नियमित रूप से इन योगा आसन (sir dard ka yoga) को करने से आपको सिर के दर्द की परेशानी में आराम मिलेगा। साथ ही यह ठीक भी हो जाएगा। तो चलिए बिना कोई देरी किए आपको विस्तार से इन योगासन के बारे में बताते हैं।
    - सेतू बांधासन- इस आसन को करने से आपके शरीर में रक्त संचार नियंत्रण में रहता है। सेतू बांधासन करने से आपका मन और मस्तिष्क शांत होता है। साथ ही इस आसन को करते वक्त सिर में रक्त का प्रवाह बढ़ जाता है, जिससे आपको सिर दर्द में राहत मिलती है।
    - बालासन- स्ट्रेस या फिर तनाव को कम करने के लिए बालासन बहुत ही फायदेमंद होता है। इस आसन को करते हुए आपको कूल्हों, जांघों और एड़ियों में खिचांव महसूस हो सकता है लेकिन इससे आपका दिमाग शांत होगा और सिर दर्द में आराम मिलेगा। यह आसन तंत्रिका तंत्र को भी शांत करने में मदद करता है।

    - मर्जारियासन- यह आसन रक्त संचार में सुधार करता है। तनाव को दूर करता है और दिमाग को शांत करने के साथ सांस लेने की क्षमता को बढ़ाता है। इस आसन को करने से आपकी थकी हुई मांसपेशियों को भी आराम मिलता है और सिर दर्द से राहत मिलती है।
    - पद्मासन- यह योगासन केवल सामान्य सिर दर्द ही नहीं बल्कि माइग्रेन जैसे सिर दर्द से भी राहत दिलाता है। 

    सिर दर्द की दवा - Sar Dard ki Dawa

    यदि आपका सिर दर्द ठीक नहीं हो रहा है और आप इससे काफी अधिक परेशान हैं तो आपको सीधे डॉक्टर से परामर्श करना चाहिए। डॉक्टर ही आपको सिर में दर्द होने का सही कारण और उसके अनुसार सही दवाई (आधे सिर दर्द की दवा) दे सकता है। हालांकि, हम यहां आपको कुछ दवाइयों (sir dard ka ilaj) के नाम जरूर बताने वाले हैं लेकिन इन दवाइयों (sir dard ki tablet) का सेवन डॉक्टर के परामर्श के बिना ना करें। 
    एंटीडिप्रेसन्ट- उदाहरण के लिए यदि आपको काफी समय से सिर में दर्द की समस्या (sir dard ki medicine) है तो नोरेट्रिप्टीलिन का उपयोग इलाज के लिए किया जा सकता है। इस तरह की दवाई नियमित रूप से होने वाले सिर दर्द के साथ अन्य समस्याएं जैसे कि अवसाद, चिंता और अनियमित नींद आदि के इलाज के लिए अच्छी होती हैं। 
    बीटा अवरोधक- आमतौर पर इस दवाई का इस्तेमाल उच्च रक्तचाप को रोकने के लिए किया जाता है लेकिन यह दवाई माइग्रेन को रोकने में भी मदद करती है। कुछ बीटा ब्लॉकर्स में एटेनोलोल, मेटोप्रोलोल और प्रोपानोलोल शामिल है।
    एंटी सीज्यूर दवाइयां- कुछ एंटी सीज्यूर दवाइयों का इस्तेमाल माइग्रेन को रोकने के साथ-साथ दीर्घकालीन सिर दर्द को रोकने के लिए भी किया जाता है। 

    सिर दर्द का घरेलू इलाज से जुड़े सवाल और जवाब- FAQ's

    1. सिर दर्द कितने प्रकार का होता है?

    मुख्य रूप से सिर दर्द के चार प्रकार होते हैं- माइग्रेन, ट्यूमर, साइनस और तनाव।

    2.सिर दर्द किसकी कमी से होता है?

    जुखाम, सायनिस से लेकर दिमागी बुखार तक हर तरह की परेशानी में सिर दर्द हो सकता है। इस तरह से सिर में दर्द होने को सेकेंडरी सिर दर्द कहते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि ये किसी अन्य बीमारी के कारण होते हैं।

    3. सिर भारी होने पर क्या करें?

    यदि आपका सिर भारी हो रहा है तो आपको आराम करना चाहिए। या फिर आपको सिर की चंपी करनी चाहिए। आप चाहें तो गर्म पानी में पैर डालकर भी बैठ सकते हैं। ऐसा करने से आप रिलेक्स फील करते हैं और सिर का दर्द कम होता है।

    4. सिर दर्द की सबसे अच्छी दवा कौन सी है?

    सिर दर्द के लिए आमतौर पर आप एसपिरिन, फेनोप्रोफेन या फिर मेटाएक्सलोन आदि दवाई ले सकते हैं। हालांकि, इन दवाइयों को लेने से पहले अपने डॉक्टर से अवश्य परामर्श करें।

    5.सिर के पीछे दर्द क्यों होता है?

    मुख्य रूप से माइग्रेन के कारण सिर के किसी भी हिस्से में दर्द होने लगता है। माइग्रेन का दर्द आमतौर पर सिर के एक ही हिस्से में होता है। यह दर्द सिर के पीछे (सिर में पीछे दर्द) या फिर कनपटी या फिर आंख के आस-पास कहीं भी हो सकता है।

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