प्रेगनेंसी से लेकर वजन कम करने तक जानिए सहजन पत्ती के फायदे - Sahjan ke Fayde

सहजन के फायदे, Drumstick in Hindi, Sahjan ke Fayde

हमने और आपने कई बार ड्रमस्टिक को सब्जी मंडी में देखा होगा और उसका इस्तेमाल सांभर बनाने में भी किया होगा। लेकिन बहुत कम ही लोग जानते हैं कि ये ड्रमस्टिक (drumstick in hindi) जिसे सहजन की फली भी कहते हैं, ये कितनी ज्यादा गुणकारी होती है। तमाम तरह के पोषक तत्वों से भरपूर होने के कारण सहजन को सुपर फूड के नाम से भी जाना जाता है। भारत में सहजन का उपयोग दक्षिण भारत में अधिकता से सांभर एवं सब्जी (sahjan ki sabji) के रूप में किया जाता है क्योंकि दक्षिण भारत में साल भर फली देने वाला सहजन के पेड़ होते हैं जबकि उत्तर भारत में यह साल में एक बार ही फली देता है। सहजन की पत्तियां, फूल और बीजों में काफी मात्रा में एंटी-ऑक्सीडेंट्स होते हैं जो शरीर में रेडियोएक्टिवता कम कर कैंसर और आर्थराइटिस जैसी गम्भीर बीमारियों से बचाव तक करने में सहायक हैं। सहजन की इन्हीं खूबियों के चलते इसे अपने डाइट में शामिल करने की सलाह दी जाती है।
यहां हम आपको गुणकारी सहजन (sahjan ki fali) के बारे में हर वो जानकारी देंगे जो आपको जाननी जरूरी है। जैसे कि सहजन पत्ती के फायदे (moringa benefits in hindi), सहजन गोंद के फायदे, सहजन की छाल के फायदे, सहजन के बीज के फायदे (sahjan ke beej), सहजन का चूर्ण बनाने की विधि (sahjan ki patti ka powder) और सहजन के घरेलू उपाय आदि।

Table of Contents

    सहजन क्या है? - What is Drumstick in Hindi

    सहजन या ड्रमास्टिक का वनस्पतिक नाम मोरिंगा ओलिफेरा (Moringa Oleifera) है। इसे सीजना, सुरजना, शोभाजन, मरूगई, मरूनागाई, इण्डियन हार्सरैडिश आदि नामों से भी जाना जाता है। दक्षिण भारत में व्यंजनों में इसका उपयोग खूब किया जाता है। यहां इसे 'सहजन की फली' (sahjan ki fali) कहते हैं। सहजन की पत्ती, फूल, फल, बीज, जड़ और छाल हर किसी को दवाई के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।

    सहजन के पौषिक तत्व - Nutrients of Drumstick in Hindi

    सहजन पूरे भारत में सुगमता से पाया जाने वाला पेड़ है। सहजन को प्राकृतिक औषधि का भण्डार माना जाता है। इसके अलग-अलग हिस्सों में 300 से अधिक रोगों के रोकथाम के गुण हैं। सहजन (moringa in hindi) में 92 तरह के मल्टीविटामिन्स, 46 तरह के एंटी आक्सीडेंट गुण, 36 तरह के दर्द निवारक और 18 तरह के एमिनो एसिड पाये जाते हैं।

    सहजन के फायदे - Sahjan ke Fayde

    सहजन के पेड़ को चमत्कारी पेड़ कहा जाता है। क्योंकि सहजन के पत्तियों में भरपूर मात्रा में पोषक तत्व पाए जाते हैं। सहजन के पत्तों में संतरे/ नींबू की तुलना में सात गुना अधिक विटामिन सी होता है। इसके अलावा बहुत सारे एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन होते हैं जो हमारे स्वास्थ्य के साथ-साथ त्वचा के लिए बेहद फायदेमंद होते हैं। तो आइए जानते हैं सहजन पत्ती के फायदे यानि कि सहजन के फायदे (moringa benefits in hindi) के बारे में -

    इम्यून सिस्टम करे बढ़िया

    सहजन में विटामिन सी का स्तर उच्च होता है जो आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाकर कई बीमारियों से रक्षा करता है। इसलिए आप अपनी डाइट में सहजन की सब्‍जी (sahjan ke beej) को जरूर जोड़ लें। 

    मोटापा कम करे

    मोटापा हर बीमारी की जड़ है और समय रहते ही इसपर काबू पाना बेहद जरूरी है। अपना वजन तेजी से कम करने के लिए अपने डाइट में सहजन को जरूर शामिल करें। सहजन की पत्तियों के रस के सेवन से मोटापा धीरे धीरे कम होने लगता है। दरअसल,  सहजन (sahjan ke beej) में क्लोरोजेनिक एसिड पाया जाता है, जिसमें एंटी-ओबेसिटी गुण मौजूद होते हैं। इस वजह से वजन कम करने के लिए इसका इस्तेमाल किया जा सकता है।

    हड्डियां और दांत हों मजबूत

    सहजन में प्रचुर मात्रा में कैल्शियम और प्रोटीन पाया जाता है। इसमें दूध की तुलना में चार गुना कैल्शियम और दोगुना प्रोटीन होता है। आप अपनी हड्डियों को स्वस्थ रखने के लिए सहजन का सेवन (drumstick vegetable in hindi) कर सकते हैं। इससे हड्डियां और दांत दोनों ही मजबूत बनते हैं। इसे गर्भवती महिलाओं को देने से उनके होने वाले बच्चों में कैल्शियम की मात्रा भरपूर मिलती है और बच्चा बिल्कुल तंदुरस्त पैदा होता है।

    हाई ब्लड प्रेशर और शुगर को करे कंट्रोल

    सहजन आपके हाई ब्लड प्रेशर और शुगर दोनों को ही कंट्रोल करने में काफी हद तक मददगार साबित होता है। क्योंकि सहजन में राइबोफ्लेविन प्रचुर मात्रा में पाया जाता है, जिसके चलते यह ब्‍लड शुगर लेवल को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है

    पुरुषों के लिए सहजन लाभ

    सहजन महिलाओं के साथ-साथ पुरुषों के लिए भी बेहद गुणकारी है। पुरुषों में होने वाली सेक्स संबंधी समस्याओं को दूर करने, वीर्य को गाढ़ा करने और सेक्स पावर को बढ़ाने में सहजन बेहद कारगर है। जो पुरुष सहजन का सेवन(moringa leaves in hindi) करते हैं उनको प्रोस्टेट कैंसर होने की संभावना बेहद ही कम हो जाती है। 

    स्किन के लिए सहजन के फायदे

    सहजन की पत्तियों में खून को शुद्ध करने के गुण पाये जाते हैं। इससे स्किन में भी बेदाग निखार आता है। सहजन में ऐसे गुण पाए जाते हैं जो स्किन में कोलोजन की मात्रा को बढ़ा देता है। जिससे स्किन के खुले छिद्रों को कम करने में मदद में मदद मिलती है। इसके साथ ही स्किन की झुर्रियों, झाइयों और अन्य समस्याओं को भी दूर करता है। यही वजह है कि त्वचा रोग के इलाज में सहजन का विशेष स्थान है।

    मस्तिष्क के लिए है बेहतर

    बढ़ती उम्र का असर मस्तिष्क पर सबसे पहले होता है और नतीजा याददाश्त कमजोर होना, भूलने की बीमारी या फिरस नर्वस सिस्टम से जुड़ा कोई विकार हो सकता है। ऐसे में अगर आप पहले सी ही सहजन का सेवन (moringa leaves in hindi) करते हैं तो आपको ये सारी समस्याएं नहीं होती है। क्योंकि यह हमारे मस्तिष्क के लिए किसी टॉनिक की तरह काम करता है।

    प्रेगनेंसी में सहजन के फायदे

    प्रेगनेंसी के दौरान सहजन खाने की सलाह दी जाती है। क्योंकि इसमें पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम, कैरोटीन फॉस्फोरस और विटामिन सी पाया जाता है। सहजन का जूस (drumstick vegetable in hindi) गर्भवती के लिए बेहद फायदेमंद है। इससे डिलवरी में होने वाली समस्या से राहत मिलती है और डिलवरी के बाद होने वाला दर्द कम होता है।

    सहजन के उपयोग - Sahjan ka Upyog

    सहजन बेहद गुणकारी है आपने ये जान ही लिया है। सहजन के पौधे में जड़ से लेकर सहजन के फूल, पत्तियों तक सेहत के गुण भरे हुए होते हैं। लेकिन बहुत से लोगों को ये नहीं पता होता है कि सहजन का उपयोग (sahjan ke phool ke fayde) किस तरह किया जाता है। तो आइए जानते हैं कि सहजन का सेवन किन-किन तरीकों से किया जा सकता है -

    1. कई लोग सहजन की सब्जी बनाकर खाते हैं। सहजन की फली की सब्जी (drumstick vegetable in hindi) भारत में लगभग हर घर में बनती है।
    2. सहजन की छाल, सहजन का गोंद, सहजन का बीज (sahjan ke beej) और सहजन का चूर्ण औषधी के तौर पर उपयोग किया जाता है।
    3. सहजन के फूल की भी सब्जी (sahjan ki sabji) बनती है।
    4. सहजन के पाउडर (sahjan ki patti ka powder) का इस्तेमाल सलाद के रूप में भी कर सकते हैं।
    5. इसके अलावा सहजन का आचार व सहजन का सूप भी बनाया जाता है, जोकि टेस्टी होने के साथ-साथ स्वास्थ्यवर्धक भी होता है। 

    सहजन के घरेलू उपाय - Sahjan ke Gharelu Upay

    • शुगर कंट्रोल करने में सहजन पत्ती के फायदे ही फायदे हैं। सहजन यानि कि ड्रमस्टिक की पत्तियों को पीसकर (drumstick in hindi) उन्हें निचोड़ लें और रोजाना सुबह खाली पेट सेवन करें। इससे आपका ब्लड शुगर कंट्रोल में रहेगा।
    • बहुत ज्यादा सर्दी होने पर इसकी पत्तियों और फल को पानी में उबालकर उस पानी की भाप लेने से बंद नाक खुल सकती है। साथ ही सीने की जकड़न कम होती है।
    • अगर किसी को उल्टी, चक्कर या फिर घबराहट हो रही हो तो उसे सहजन की पत्तियों (sahjan ki patti ka powder) का रस निकालकर काढ़ा बनाकर देने से लाभ मिलता है।
    • अगर किसी के पेट में कीड़े हो गये हैं तो उसे हफ्ते में एक या दो बार सहजन की चटनी का सेवन कराएं। यह पेट के कीड़ों को बाहर निकाल फेंकने में काफी कारगर होती है। सहजन की चटनी बनाने के लिए सहजन की पत्तियों (moringa benefits in hindi) को बारीक कुचल कर पीस लें और इसमें स्वादानुसार नमक और मिर्च पाउडर मिलाकर तवे या कढाही पर आधा चम्मच तेल डालकर कुछ देर भूनें।
    • मुंहासों से निजात पाने के लिए सहजन की ताजा पत्तियों के निचोड़े हुए रस के साथ नींबू के रस को मिलाकर चेहरे पर 10-15 मिनट लगाएं और फिर पानी से धो लें। इससे ब्लेक स्पॉट्स हटते हैं साथ ही मुंहासों से भी छुटकारा मिलता है।
    • पुरुषों में शीघ्रपतन की समस्या भी दूर करने व वीर्य की गुणवत्ता में सुधार के लिए सहजन की छाल (sahjan ki patti ka powder) बेहद फायदेमंद है। रोजाना सहजन की छाल का पाउडर, शहद और पानी के साथ लेने से मर्दों वाली समस्याएं जड़ से दूर हो जाती हैं।
    • यदि किसी टीबी, ब्रोंकाइटिस या अस्थमा की बीमारी है ऐसे में सहजन की पत्तियां नींबू का रस, कालीमिर्च और सेंधा नमक मिलाकर तैयार किया गया का सूप (drumstick vegetable in hindi) बेहद फायदेमंद साबित होता है।
    • सहजन के बीज से पानी को काफी हद तक शुद्ध करके पेयजल के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।
    • सहजन की जड़ की छाल का काढ़ा सेंधा नमक और हींग डालकर पीने से पित्ताशय की पथरी में लाभ होता है।
    • सहजन की पत्ती की लुगदी बनाकर सरसों तेल डालकर आंच पर पकाएं तथा मोच के स्थान पर लगाने से शीघ्र ही लाभ मिलने लगता है।
    • सहजन की पत्ती का काढ़ा बनाकर पीने से गठिया, शियाटिका ,पक्षाघात, वायु विकार में शीघ्र लाभ पहुंचता है।
    • सहजन की सब्जी खाने से पुराने गठिया ए जोड़ों के दर्दए वायु संचय, वात रोगों में लाभ होता है।
    • सहजन के ताज़े पत्तों का रस कान में डालने से दर्द ठीक हो जाता है।
    • पेशाब में अधिक मात्रा में यूरिया जा रहा हो तो मरीज को सहजन की ताजी पत्तियों के निचोड़े हुए रस के साथ खीरा या गाजर के रस के मिलाकर पिला दें। इससे तत्काल आराम मिलता है। (sahjan ki patti ka powder)

    सहजन के नुकसान - Side Effects of Drumstick in Hindi

    अति हर चीज की बुरी होती है। ऐसा जरूरी नहीं है कि सहजन हर किसी के लिए फायदेमंद ही साबित हो। इसके सेवन के नुकसान भी हैं। तो आइए जानते है कि सहजन का सेवन (drumstick in hindi) किन लोगों को किस तरह से नुकसान पहुंचा  सकता है -

    • प्रेगनेंसी में सहजन फायदेमंद तो हैं लेकिन जरूरत से ज्यादा इसका इस्तेमाल नुकसानदायक साबित हो सकता है। खासतौर पर सहजन की छाल का अगर संतुलित मात्रा में इस्तेमाल न किया तो गर्भपात हो सकता है।
    • सहजन ब्लड प्रेशर कम करने में सहायक है लेकिन अगर किसी का ब्लड प्रेशर कम रहता है तो उसके लिए ये खतरनाक साबित हो सकती है। 
    • सहजन का जरूरत से ज्यादा सेवन करने से ब्लड शुगर भी जरूरत से ज्यादा कम होने का खतरा बना रहता है। 
    • सहजन का ज्यादा उपयोग तनाव को बढ़ा सकता हैं। क्योंकि सहजन में इसोथियोसीयानेट और ग्लाइकोसाइड सायनाइड नामक विषैले तत्व भी पाये जाते हैं।
    • नोट - वैसे सहजन के नुकसान इतने ज्यादा नहीं है जितने की फायदे। सहजन (moringa leaves in hindi) का संतुलित मात्रा में सेवन करके आप इसके फायदों का आनंद उठा सकते हैं।

    सहजन पत्ती के फायदे से जुड़े सवाल और जवाब FAQs

    सहजन की फली की सब्जी कैसे बनती है?

    सहजन की फली की सब्जी (sahjan ki sabji) बनाने के लिए सबसे पहले सहजन की फली को साफ करके 2 इंज के बराबर टुकड़े कर लें। साथ में आलू के भी चार हिस्से कर लें। इसके बाद कुकर में फली, आलू और टमाटर, पानी और थोड़ा सा नमक डालें और 2 सिटी आने तक पक्का लें। फिर दूसरी तरफ कढ़ाई में प्याज, लहसुन, अदरक डालकर मसाला तैयार करें और उबली सब्जी डालकर मिलाकर सब्जीनुमा बना लें।

    सहजन के पत्ते का उपयोग कैसे करें?

    सहजन के पत्ते का इस्तेमाल आप उसे सुखाकर पाउडर (sahjan ki patti ka powder) बना लें और इसे सलाद और सूप में ऊपर डालकर स्वाद बढ़ा सकते हैं।

    सहजन की तासीर कैसी होती है?

    सहजन की तासीर (sahjan ki fali) गर्म स्वभाव की होती है। इसीलिए गर्मियों की तुलना में सर्दियों का इसका सेवन बेहद फायदेमंद होता है।

    सहजन का चूर्ण बनाने की विधि क्या है?

    सहजन का चूर्ण बनाने की विधि बेहद आसान है। आप इसकी पत्तियों और बीजों को साफ करके धूप में सूखा दें। जब ये अच्छे से सूख जाए तो इन्हें पीस कर पाउडर तैयार कर लें। इस चूर्ण को डब्बी में भरकर रख लें और रोज एक चम्मच इस चूर्ण का सेवन करें।

    सहजन के बीज के फायदे क्या हैं?

    सहजन के बीज के फायदे (sahjan ke beej) ही फायदे हैं। सहजन के बीज से तेल निकाला जाता है और इसका इस्तेमाल दवाई आदि में किया जाता है। इसमें प्रचुर मात्रा में प्रोटीन, कैल्शियम, पोटेशियम, आयरन, मैग्नीशियम, विटामिन सी पाया जाता है।

    सहजन की छाल के फायदे क्या हैं?

    सहजन छाल का सेवन साइटिका, गठिया, लीवर आदि के रोगों में लाभकारी होता है। सहजन की छाल मुख्य रूप से औषधि के तौर पर ही इस्तेमाल की जाती है।

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