विश्व पर्यावरण दिवस: ऐसे 18 काम करके आप भी कर सकते हैं पर्यावरण बचाने में मदद

विश्व पर्यावरण दिवस: ऐसे 18 काम करके आप भी कर सकते हैं पर्यावरण बचाने में मदद

आज विश्व पर्यावरण दिवस है। हालांकि यह बात हमें पूरे साल और जीवन भर याद रखनी चाहिए कि हमारा पर्यावरण हमारी धरती हमारे जीवन के लिए कितनी महत्वपूर्ण है। अगर हम अपनी कुछ आदतें बदल कर इसे हो रहे नुकसान से बचा सकते हैं तो यह हमारे और हमारी आने वाली पीढ़ियों के जीवन के लिए ही फायदेमंद साबित होगा। अपनी धरती को बचाने के लिए हम बहुत कुछ ऐसा कर सकते हैं। इसके लिए हमें ऐसा कोई भी प्रोडक्ट इस्तेमाल नहीं करना चाहिए जो हमारी नदियों, समुद्री कोरल या समुद्र के जीवों को नुकसान पहुंचाएं। इसके अलावा आजकल हमारे रुटीन में बहुत ज्यादा शामिल हो चुकी प्लास्टिक हमारी धरती के लिए बहुत बड़ा खतरा बन चुकी है। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि प्लास्टिक कभी भी खत्म नहीं होती, यहां तक कि बायोडिग्रेडेबल प्लास्टिक भी पूरी तरह से डिग्रेड नहीं होती। प्लास्टिक को रिसाइकल करना भी काफी महंंगा होता है। अगर देखें तो सुबह के टूथब्रश से लेकर खाने-पीने और पहनने तक में हम जाने कितना प्लास्टिक इस्तेमाल करते हैं। नीचे लिखे तरीकों से हम अपने पर्यावरण को बचाने के लिए बहुत कुछ कर सकते हैं, साथ ही रोजमर्रा में इस्तेमाल किये जाने वाले प्लास्टिक से बच भी सकते हैं।  



1. रियूज़ (दोबारा इस्तेमाल)


बहुत सी चीजें हैं जिनका हम नहीं तो कोई और इस्तेमाल कर सकता है। जैसे कि पुराने किताबें, कपड़े, मोबाइल, कंप्यूटर इत्यादि। इन्हें ऐसे लोगों को दे दें जो इन्हें प्रयोग कर सकें। और आप भी अगर अपने यूज के लिए कहीं से कुछ प्राप्त कर सकें तो उसे लेने में झिझक या शर्मिंदगी ना महसूस करें।


2. रिसाइकल


प्लास्टिक नॉन बायोडिग्रेडेबल है। अगर इसको जलायेंगे तो इससे डायोक्सिन तथा फ्यूरौन जैसे रसायन हवा के जरिये हमारे शरीर में प्रवेश कर जाते हैं और गंभीर बीमारयों को न्योता देते हैं। इसलिए ऐसी चीजों को रीसायकल करना बहुत ज़रूरी है।


3. बिजली बचाना


हम जितनी अधिक बिजली बचाएंगे, उतनी कम बिजली प्रोड्यूस करनी पड़ेगी। भारत में कुल बिजली उत्पादन का लगभग 65% थर्मल पावर प्लांट्स से होता है, जो कोयले का इस्तेमाल करते हैं और वातावरण में CO2, SO2 जैसी ज़हरीली गैस छोड़ते हैं। हमारा बिजली बचाना हमारे वातावरण को बचाएगा। इसके लिए आप सूर्य की रोशनी से चलने वाले सोलर उपकरणों का इस्तेमाल भी कर सकते हैं। 


4. पानी बचाना


जमीन का वॉटर लेवल दिन प्रति दिन गिरता जा रहा है पर फिर भी लोग पानी की बर्बादी पर ध्यान नहीं देते। अगर हम छोटी-छोटी बातों पर ध्यान दें तो काफी पानी बचा सकते हैं।


5. कार पूलिंग


ऐसे लोगों को तलाशें जो रोज आपके रूट से ट्रेवल करते हैं और उनके साथ कार पूलिंग करें। पार्टनर खोजने के लिए आप गूगल पर सर्च कर सकते हैं।


6. पॉलिथिन का इस्तेमाल न करें


अगर हम वाकई अपने पर्यावरण को बचाना चाहते हैं तो हमें रोजमर्रा की शॉपिंग के लिए  प्लास्टिक यानि पॉलिथिन के बैग का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। हम प्लास्टिक बैग्स लेने की जगह हर समय अपने पास एक कपड़े का बैग रख सकते हैं। इसके लिए किसी कानून का इंतज़ार करने के बजाय खुद कपड़े का बैग इस्तेमाल करें। सब्जी, राशन, या दूसरी चीजों के लिए पेपर बैग्स या कपड़ों के बने झोलों का प्रयोग करें। यूएन एनवायर्नमेंट के अनुसार हर साल 500 बिलियन पॉलिथिन बैग्स का इस्तेमाल होता है और हर मिनट करीब 10 लाख पॉलीबैग यूज़ किये जाते हैं, जो पर्यावरण के लिए सबसे ज्यादा नुकसादेह होते हैं। बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रणावत भी यहां प्लास्टिक और पॉलिथिन से होने वाले नुकसान के बारे में बता रही हैं।





 


7. नॉनस्टिक कोटिंग का नुकसान


अपने किचन में अगर आप नॉनस्टिक बर्तनों का इस्तेमाल न करें तो यह पर्यावरण के लिए बहुत अच्छा होगा। इसकी वजह यह है कि टेफ्लॉन कोटिंग एक तरह से प्लास्टिक कोटिंग होती है, जो धीरे- धीरे बहुत छोटे माइक्रोप्लास्टिक के कणों के रूप में पानी के साथ निकलती रहती है। यह कण हमारे पेट में जाकर हमारे शरीर को तो नुकसान पहुंचाते ही है, हमारे सीवेज सिस्टम के माध्यम से नदी और समुद्र में भी पहुंचकर समुद्री जीवों को भी नुकसान पहुंचाते हैं।


8. बॉटल और टिफिन


प्लास्टिक से बनी अपनी पानी की बॉटल और टिफिन की जगह रियूजेबल स्टील या फिर कांच की बॉटल और टिफिन का इस्तेमाल करके भी आप पर्यावरण के संरक्षण में अपना योगदान दे सकते हैं। इसके अलावा बाजार या ऑफिस में चाय या कॉफी पीने के लिए अपने पास कप रखें, ताकि प्लास्टिक के कप से बचें और पेपर कप बचाकर पेड़ों के संरक्षण में योगदान दे सकें। इसके अलावा आजकल बाजार में स्टील की स्ट्रॉ भी मिलने लगी है, जिसे अपने पास रखकर आप प्लास्टिक के स्ट्रॉ के यूज़ से भी बच सकते हैं।


9. सिंथेटिक आउटफिट्स को नो-नो


अपने आउटफिट्स में किसी सिंथेटिक फाइबर को जगह न देकर भी आप पर्यारण को बचाने में मदद कर सकते हैं। सिंथेटिक फाइबर की जगह पूरी तरह से कॉटन के कपड़े पहनें। यह पहनने में सिंथेटिक से ज्यादा आरामदेह भी होते हैं जबकि सिंथेटिक फाइबर माइक्रो डस्ट पार्टिकल्स रिलीज करते हैं  जो हमारे फेफड़ों को नुकसान पहुंचाने के अलावा समुद्र में जाकर समुद्री जीवों को भी नुकसान पहुंचाते हैं।


10. टूथब्रश की जगह दातुन


अपने टूथब्रश की जगह आप नीम की दातुन या फिर बाजार में मिलने वाले बांस के टूथब्रश का इस्तेमाल कर सकते हैं।


11. साधारण रेजर का इस्तेमाल


प्लास्टिक के डिस्पोजेबल रेजर की जगह साधारण ब्लेड वाले रेजर का इस्तेमाल करके भी प्लास्टिक के इस्तेमाल से बचा जा सकता है।


12. सिंथेटिक हेयर केयर प्रोडक्ट्स


बालों के लिए इस्तेमाल होने वाले शैम्पू और दूसरे प्रोडक्ट्स में भी प्लास्टिक होता है। अगर आप ध्यान से इनकी सामग्री को देखेंगे तो पाएंगे कि सिलिकॉन और पेट्रोलियम के रूप में आप पर्यावरण के लिए नुकसानदेह चीजों का इस्तेमाल कर रहे हैं। शैम्पू खरीदते वक्त ध्यान रखें कि इसमें सिलिकॉन और पेट्रोलियम की जगह प्राकृतिक ऑयल और दूसरी चीजें हों। याद रखें कि वैश्विक कूड़े का 80 फीसदी हिस्सा बिना ट्रीटमेंट के नदियों में बहाया जाता है, यानि हमारी नदियां और समुद्र के गंदे होने का एक कारण आपके शैम्पू और दूसरे प्रोडक्ट्स भी हैं।


13.  स्किनकेयर रुटीन


अपने स्किनकेयर रुटीन से भी आप प्लास्टिक को दूर रख सकते हैं। अपने स्किन केयर प्रोडक्ट्स का चुनाव भी यह देखकर ही करें कि इनमें प्राकृतिक सामग्री है या सिंथेटिक। कई बार कुछ स्किन केयर प्रोडक्ट्स में सीसॉल्ट और प्लांट बेस्ड चीजें होती हैं, जैसे कुछ फलों का सत या फिर कोकोनट हस्क आदि। ऐसे प्राकृतिक पदार्थों वाले स्किन केयर प्रोडक्ट्स इस्तेमाल के लिए भी बेस्ट होते हैं।


14. डिस्पोजेबल कॉटन स्वैब


अगर आप अपने मेकअप को रिमूव करने के लिए बाजार में मिलने वाली डिस्पोजेबल कॉटन स्वैब का इस्तेमाल करती हैं तो इसे बंद कर दें, क्योंकि इन स्वैब में सिंथेटिक फाइबर का इस्तेमाल होता है। इसकी जगह आप सिंपल कॉटन टॉवल या फिर कॉटन यानि साधारण रुई का इस्तेमाल कर सकती हैं।


15. बैलून हैं खतरनाक


पार्टीज़ में बलून और ग्लिटर की जगह दूसरी खूबसूरत चीजों का इस्तेमाल कर सकते हैं। बलून का इस्तेमाल पर्यावरण के लिए बहुत नुकसानदेह होता है क्योंकि फटे हुए बलून के टुकड़े जानवरों और समुद्री जीवों के श्वसन तंत्र को चोक कर सकते हैं।


16. सिंथेटिक डिटर्जेंट


कपड़े धोने के लिए ईकोफ्रेंडली डिटर्जेंट और बर्तन धोने के लिए नेचुरल फाइबर से बने स्पॉन्ज का इस्तेमाल भी पर्यावरण को बचाए रखने में मदद करेगा।


17. प्लास्टिक पैकेजिंग


इन सभी चीजों के अलावा प्लास्टिक से बनी पैकेजिंग, प्लास्टिक की फैशन एक्सेसरीज़, प्लास्टिक स्लिपर्स, प्लास्टिक के खिलौने जैसी छोटी- छोटी चीजों का इस्तेमाल बंद करना भी पर्यावरण के लिए काफी जरूरी है। अगर कुछ चीजें ऐसी हैं जिनका इस्तेमाल करना बेहद ही जरूरी है तो उन्हें दोबारा और बार- बार इस्तेमाल करें, ताकि वह प्लास्टिक कचरे में शामिल न हो।


18. फेंकना मना है


कचरा इधर उधर न फेंकें, खासतौर पर प्लास्टिक से बनी चीजों को। क्या आपको पता है कि पूरे विश्व में इस्तेमाल होने वाली प्लास्टिक पैकेजिंग का एक तिहाई हिस्सा इधर- उधर पड़ा होने की वजह से शहरों के सीवेज सिस्टम को चोक कर देता है या फिर नदी और समुद्र में पहुंचकर समुद्री जीव जंतुओं की जान के लिए खतरा बन जाता है।


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