प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 3 मई तक बढ़ाया लाॅकडाउन, इन 7 बातों में मांगा देश का साथ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 3 मई तक बढ़ाया लाॅकडाउन, इन 7 बातों में मांगा देश का साथ

कोरोनावायरस नामक वैश्विक बीमारी से इस समय सारी दुनिया जूझ रही है। इसी के चलते पिछले 21 से देश में लॉकडाउन लगा हुआ था। आज यानी 14 अप्रैल को इस लॉकडाउन के आखिरी दिन भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुबह 10 बजे एक बार फिर राष्ट्र के नाम संबोधन किया। इस संबोधन में उन्होंने 3 मई तक लॉकडाउन बढ़ाने की बात कही साथ ही 7 बातों में देश का साथ भी मांगा।  

अपने संबोधन की शुरुआत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोनावायरस नाम की इस वैश्विक महामारी के खिलाफ भारत की लड़ाई के बारे में विस्तार से बात की। उन्होंने कहा, "कोरोना वैश्विक महामारी के खिलाफ भारत की लड़ाई, बहुत मजबूती के साथ आगे बढ़ रही  है। आपकी तपस्या, आपके त्याग की वजह से भारत अब तक, कोरोना से होने वाले नुकसान को काफी हद तक टालने में सफल रहा है। मैं जानता हूं,आपको कितनी दिक्कते आई हैं। किसी को खाने की परेशानी, किसी को आने-जाने की परेशानी, कोई घर-परिवार से दूर है।"

इसी की साथ प्रधानमंत्री मोदी ने बाबा साहेब डॉक्टर भीम राव आंबेडकर की जयंती पर श्रद्धांजलि देते हुए भारतवासियों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा, "बाबा साहेब डॉक्टर भीम राव आंबेडकर की जन्म जयंती पर, हम भारत के लोगों की तरफ से अपनी सामूहिक शक्ति का ये प्रदर्शन, ये संकल्प, उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि है। लॉकडाउन के इस समय में देश के लोग जिस तरह नियमों का पालन कर रहे हैं, जितने संयम से अपने घरों में रहकर त्योहार मना रहे हैं, वो बहुत प्रशंसनीय है। 

आज पूरे विश्व में कोरोना वैश्विक महामारी की जो स्थिति है, आप उसे भली-भांति जानते हैं। अन्य देशों के मुकाबले, भारत ने कैसे अपने यहां इस  संक्रमण को रोकने के प्रयास किए, आप इसके सहभागी भी रहे हैं और साक्षी भी इन सब प्रयासों के बीच, कोरोना जिस तरह फैल रहा है, उसने विश्व भर में हेल्थ एक्सपर्ट्स और सरकारों को और ज्यादा सतर्क कर दिया है।"

3 मई तक बढ़ा लाॅकडाउन

इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी ने देशभर में लॉकडाउन की बात आगे बढ़ाते हुए कहा, "भारत में भी कोरोना के खिलाफ लड़ाई अब आगे कैसे बढ़े, इसे लेकर मैंने राज्यों के साथ निरंतर बात की है। सभी का यही सुझाव है कि लॉकडाउन को बढ़ाया जाए। कई राज्य तो पहले से ही लॉकडाउन को बढ़ाने का फैसला कर चुके हैं। सारे सुझावों को ध्यान में रखते हुए ये तय किया गया है कि भारत में लॉकडाउन को अब 3 मई तक और बढ़ाना पड़ेगा। यानि 3 मई तक हम सभी को, हर देशवासी को लॉकडाउन में ही रहना होगा। इस दौरान हमें अनुशासन का उसी तरह पालन करना है, जैसे हम करते आ रहे हैं। मेरी सभी देशवासियों से ये प्रार्थना है कि अब कोरोना को हमें किसी भी कीमत पर नए क्षेत्रों में फैलने नहीं देना है।"

Hotspots को लेकर जाहिर की चिंता

प्रधानमंत्री मोदी ने Hotspots को लेकर भी अपनी चिंता जाहिर की। साथ ही 20 अप्रैल तक कुछ जगहों पर कड़ी नज़र रखते हुए, वहां कुछ गतिविधियों की छूट देने की बात भी कही। उन्होंने कहा, "स्थानीय स्तर पर अब एक भी मरीज बढ़ता है तो ये हमारे लिए चिंता का विषय होना चाहिए। इसलिए हमें Hotspots को लेकर बहुत ज्यादा सतर्कता बरतनी होगी। जिन स्थानों के Hotspot में बदलने की आशंका है उस पर भी हमें कड़ी नजर रखनी होगी। नए Hotspots का बनना, हमारे परिश्रम और हमारी तपस्या को और चुनौती देगा। 
अगले एक सप्ताह में कोरोना के खिलाफ लड़ाई में कठोरता और ज्यादा बढ़ाई जाएगी। 20 अप्रैल तक हर कस्बे, हर थाने, हर जिले, हर राज्य को परखा जाएगा, वहां लॉकडाउन का कितना पालन हो रहा है, उस क्षेत्र ने कोरोना से खुद को कितना बचाया है, ये देखा जाएगा, जो क्षेत्र इस अग्निपरीक्षा में सफल होंगे, जो Hotspot में नहीं होंगे, और जिनके Hotspot में बदलने की आशंका भी कम होगी, वहां पर 20 अप्रैल से कुछ जरूरी गतिविधियों की अनुमति दी जा सकती है। इसलिए, न खुद कोई लापरवाही करनी है और न ही किसी और को लापरवाही करने देना है।"

जारी की जाएगी गाइडलाइन

पीएम ने इस बारे में नई गाइडलाइन करने की बात भी कही। अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने कहा, "कल इस बारे में सरकार की तरफ से एक विस्तृत गाइडलाइन जारी की जाएगी। जो रोज कमाते हैं, रोज की कमाई से अपनी जरूरतें पूरी करते हैं, वो मेरा परिवार हैं। मेरी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में एक, इनके जीवन में आई मुश्किल को कम करना है। अब नई गाइडलइंस बनाते समय भी उनके हितों का पूरा ध्यान रखा गया है। इस समय रबी फसल की कटाई का काम भी जारी है। केंद्र सरकार और राज्य सरकारें मिलकर, प्रयास कर रही हैं कि किसानों को कम से कम दिक्कत हो।"
इसके बाद उन्होंने हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर पर भारत की तैयारियों पर भी खुलकर अपनी बात रखी। इस बारे में उन्होंने कहा. "हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर के मोर्चे पर भी हम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। जहां जनवरी में हमारे पास कोरोना की जांच के लिए सिर्फ एक लैब थी, वहीं अब 220 से अधिक लैब्स में टेस्टिंग का काम हो रहा है।
भारत में आज हम एक लाख से अधिक बेड्स की व्यवस्था कर चुके हैं। इतना ही नहीं, 600 से भी अधिक ऐसे अस्पताल हैं, जो सिर्फ कोविड के इलाज के लिए काम कर रहे हैं। इन सुविधाओं को और तेजी से बढ़ाया जा रहा है। आज भारत के पास भले सीमित संसाधन हों, लेकिन मेरा भारत के युवा वैज्ञानिकों से विशेष आग्रह है कि विश्व कल्याण के लिए, मानव कल्याण के लिए, आगे आएं, कोरोना की वैक्सीन बनाने का बीड़ा उठाएं। हम धैर्य बनाकर रखेंगे, नियमों का पालन करेंगे तो कोरोना जैसी महामारी को भी परास्त कर पाएंगे।"

वो 7 बातें जिनपर प्रधानमंत्री मोदी ने मांगा पूरे देश का साथ

पहली बात- अपने घर के बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें। विशेषकर ऐसे व्यक्ति जिन्हें पुरानी बीमारी हो, उनकी हमें एक्स्ट्रा केयर करनी है, उन्हें कोरोना से बहुत बचाकर रखना है।  
दूसरी बात- लॉकडाउन और Social Distancing की लक्ष्मण रेखा का पूरी तरह पालन करें, घर में बने फेसकवर या मास्क का अनिवार्य रूप से उपयोग करें
तीसरी बात- अपनी इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए, आयुष मंत्रालय द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करें, गर्म पानी, काढ़ा, इनका निरंतर सेवन करें। 
चौथी बात- कोरोना संक्रमण का फैलाव रोकने में मदद करने के लिए आरोग्य सेतु मोबाइल App जरूर डाउनलोड करें। दूसरों को भी इस App को डाउनलोड करने के लिए प्रेरित करें। 
पांचवी बात- जितना हो सके उतने गरीब परिवार की देखरेख करें, उनके भोजन की आवश्यकता पूरी करें। 
छठी बात- आप अपने व्यवसाय, अपने उद्योग में अपने साथ काम करे लोगों के प्रति संवेदना रखें, किसी को नौकरी से न निकालें। 
सातवीं बात- देश के कोरोना योद्धाओं, हमारे डॉक्टर- नर्सेस, सफाई कर्मी-पुलिसकर्मी का पूरा सम्मान करें।