कोरोनावायरस में न करें एक-दूसरे को परेशान, खुश रहें और करें सहयोग

कोरोनावायरस में न करें एक-दूसरे को परेशान, खुश रहें और करें सहयोग

कोरोनावायरस (Coronavirus) ने लगभग पूरी दुनिया पर अपना कहर बरपा दिया है। चाइना, इटली, यूनाइटेड स्टेट्स, स्पेन जैसे बड़े देशों में अपना खतरनाक असर दिखाने के बाद कोरोनावायरस ने अब भारत में भी अपने पांव पसार दिए हैं। भारत में कोरोना वायरस (corona virus) से संक्रमित लोगों की संख्या 500 से अधिक हो चुकी है। भारत में महाराष्ट्र को कोरोनावायरस का केंद्र माना जा रहा है। ऐसे में अब ज़रूरी है कि सभी लोग एक-दूसरे का सहयोग कर इस मुसीबत का सामना करें।

बदल रही है स्थिति

22 मार्च, सोमवार, से भारत के कई राज्यों में लॉकडाउन (lockdown) की घोषणा की जा चुकी है। राज्य सरकारें इस वायरस से निपटने के लिए अपने-अपने तरीकों से काम कर रही हैं, मगर उसके बावजूद इस स्थिति को संभाल पाना इतना आसान नहीं है। लॉकडाउन होने व कई शहरों में कर्फ्यू तक लगा देने के बाद भी कोरोनावायरस के मामले थम नहीं रहे हैं। कुछ ही दिनों में मरीज़ों की संख्या बढ़कर 500 से ऊपर पहुंच चुकी है।

सबसे ज्यादा सोचनीयन स्थिति यह है कि अब वायरस बड़े शहरों तक ही सीमित नहीं रह गया है। सरकार के लगातार मना करते रहने के बावजूद लोग अपने शहरों व गांवों की ओर पलायन करते रहे, जिसकी वजह से यह वायरस दिल्ली, लखनऊ, मुंबई, पुणे, कोलकाता, चेन्नई, नोएडा आदि शहरों से निकलकर अब कानपुर और वाराणसी स्थित गांवों तक पहुंच गया है।

समझें मामले की गंभीरता

कुछ लोगों को लॉकडाउन की स्थिति की गंभीरता का अंदाज़ा नहीं हो रहा है। फिलहाल यह समझना ज़रूरी है कि घर में खुद को कैद करने के अलावा कोरोनावायरस (coronavirus) से निपटने का दूसरा कोई तरीका मौजूद नहीं है। न तो देश में कभी रेलवे सर्विस रोकी गई है और न ही यूं अचानक से मेट्रो या लोकल ट्रेन का आवागमन बंद किया गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए विभिन्न राज्यों ने स्टेट हाईवे और यहां तक कि एक शहर से सटे दूसरे शहर तक जाने में रोक लगा दी।

इन सबके बावजूद लोग जहां-तहां से जाने के प्रयास में लगे हुए हैं, जो कि सरासर गलत है। ऐसा करके आप न सिर्फ खुद को मुसीबत में डाल रहे हैं, बल्कि अपने करीबियों को भी। मान लीजिए कि घर से निकलते समय आप स्वस्थ हैं और रास्ते में आप किसी संक्रमित व्यक्ति से टकरा गए तो?

इम्युनिटी का खेल सारा

कोरोनावायरस और उसके हमले की जांच कर रहे लोगों ने अपनी स्टडी में पाया कि यह संक्रमण कुछ ही पलों में एक व्यक्ति से दूसरे में फैल सकता है। सबसे बड़ी बात है कि जहां कुछ लोगों में इस संक्रमण के लक्षण तक नज़र नहीं आए, वहीं कुछ लोग स्वत: भी ठीक हो गए।

दूसरी तरफ यह बात भी सामने आई कि अगर किसी व्यक्ति की इम्युनिटी मज़बूत है और उसे पहले से कोई बीमारी नहीं है तो कोरोनावायरस के अटैक के बावजूद वह खुद को संभाल सकता है पर मान लीजिए कि वह किसी कमज़ोर इम्युनिटी वाले व्यक्ति से मुलाकात करता है तो उसके खुद को संभालने की संभावना कम हो जाती है। इसलिए फिलहाल ज़रूरी है कि अपना ख्याल रखने के साथ ही हम दूसरों की सेहत के प्रति भी सावधानी बरतें।

कोरोनावायरस एक ऐसा संक्रमण है, जो लोगों में बहुत तेज़ी से फैलता है। इसके लिए संक्रमित व्यक्ति, उसके घरवाले या आप ज़िम्मेदार नहीं हैं। आपकी सुरक्षा के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं, मगर उनमें आपके सहयोग की उम्मीद भी की जा रही है। आप पर लगाई जा रही रोक-टोक का पालन करने के साथ ही आपसे यह उम्मीद भी की जा रही है कि आप एक-दूसरे की मदद करें, जिससे कि सब साथ मिलकर सभी जल्द इस स्थिति से उबर सकें।

जानिए कुछ ऐसी ही बातें :
1. कोई बेहद ज़रूरी काम होने पर ही घर से निकलें। अगर आपको सर्दी-जुकाम है तो मास्क ज़रूर लगाएं और तबीयत ठीक होने पर भी चेहरा ढक कर ही घर से निकलें।
2. एक-दूसरे को डराने के बजाय जागरूक करें और पॉज़िटिव खबरों व बातों से एक-दूसरे का मनोबल बढ़ाएं।
3. अगर कोई किसी कारणवश कहीं अकेले फंस गया है तो उससे बातें करते रहें, जिससे वह डिप्रेशन के इस दौर में खुद को अकेला न समझे।

4. लोगों से समूहों में न मिलें, वीडियो कॉल करके एक-दूसरे का हाल जानते रहें।
5. खुद को व्यस्त रखें और अगर वर्क फ्रॉम होम कर रहे हैं तो हर चीज़ के लिए अपना एक निश्चित टाइमटेबल बना लें।
6. सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों व नियमों का मज़ाक बनाने के बजाय उनका समर्थन करें और पालन करके अपना सही योगदान दें। 
7. अगर आपके आसपास कोई संक्रमित व्यक्ति है तो उससे दूरी ज़रूर बनाएं पर उसे सामाजिक तौर पर बॉयकॉट न कर दें। यह संक्रमण उस व्यक्ति की किसी निजी गलती से नहीं हुआ है इसलिए न तो उसका मज़ाक बनाएं और न ही उल्टा-सीधा कहें।
8. खुद की तबियत खराब लग रही हो या किसी परिजन या दोस्त की, डॉक्टर से सलाह लें और खुद डॉक्टर बनने से बचें। कई लोग आइसोलेशन वॉर्ड्स से घबरा रहे हैं, जो कि बिलकुल गलत है। वैसे भी भारत में बहुत से संक्रमित लोगों को उनके घर पर ही क्वॉरंटाइन (quarantine) किया जा रहा है इसलिए हॉस्पिटल या आइसोलेशन से भयभीत न हों।

9. अगर आप ऑफिस जा रहे हैं तो अपने स्टाफ से एक निश्चित दूरी बनाकर बात करें। दुकानों पर भीड़ में न जाएं और दुकानदार से भी दूरी बनाकर ही बात करें। कैश पेमेंट के बजाय डिजिटल पेमेंट को तरजीह दें।
10. नवरात्रि शुरू होने वाली हैं, आस्था के इस त्योहार में घर पर कन्या पूजन न करें और न ही पंडितों को बुलाकर भजन-कीर्तन करवाएं। वैसे तो ज्यादातर मंदिरों को इस समय बंद ही कर दिया गया है पर अगर आपकी सोसाइटी या मोहल्ले में किसी मंदिर के पट खुले हों तो वहां भीड़ न लगाएं। 
यह एक ऐसी मुश्किल घड़ी है, जिसमें हम सब बराबर से एक साथ खड़े हैं। ऐसे समय पर नकारात्मकता और दोष-बुराई को छोड़कर एक-दूसरे का मनोबल बढ़ाने और सकारात्मकता का संचार करिए। एक-दूसरे से अच्छी बातें करिए और अफवाहों के बाज़ार को हवा न दीजिए। आपस में ऑनलाइन गेम्स खेलिए, एक-दूसरे की तारीफें करिए और हर दिन सुरक्षित रहने के लिए भगवान के साथ ही आसपास मौजूद लोगों को भी धन्यवाद कहिए!

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