आरोग्य सेतु ऐप : जानिए कोरोना संक्रमित के संपर्क में आते ही कैसे करेगा आपको ये अलर्ट

आरोग्य सेतु ऐप : जानिए कोरोना संक्रमित के संपर्क में आते ही कैसे करेगा आपको ये अलर्ट

भारत सहित अधिकांश देश कोरोना वायरस की चपेट में है। ऐसे में भारत सरकार द्वारा लॉन्च किया गया आरोग्य सेतु (Aarogya Setu) ऐप इस बीमारी से बचाने के लिए किसी संजीवनी बूटी से कम नहीं है। जी हां, कोरोना वायरस के संक्रमण के जोखिम का आंकलन करने के उद्देश्य से बनाया गया आरोग्य सेतु ऐप आपको यह बताएगा कि आप जोखिम में हैं या नहीं। लोग इस मोबाइल ऐप की मदद से भी वायरस से खतरे और बचाव के तरीके भी जान सकेंगे।
पीएम मोदी ने भी 14 अप्रैल को दिये गये अपने जनसंदेश में लोगों से ये अपील की है कि यदि वो कोरोना वायरस मुक्त भारत में योगदान देना चाहते हैं तो आरोग्य सेतु (Aarogya Setu) मोबाइल ऐप जरूर डाउनलोड करें। उनका कहना है कि हर एक भारतीय के मोबाइल में ये ऐप होना ही चाहिए। ताकि वर्तमान और साथ ही भविष्य में भी कोरोना वायरस जैसे महामारी से बचा जा सके। तो आइए जानते हैं आरोग्य सेतु ऐप के बारे में वो सबकुछ जो आपको जानना जरूरी है। जैसे कि ये ऐप क्या है ? कैसे काम करता है ? इसे कैसे इस्तमाल करें और कहां से डाउनलोड करें -

क्या है आरोग्य सेतु ऐप - What is Aroyga Setu App in Hindi

दरअसल ये मोबाइल ऐप हमारे आसपास मौजूद कोरोना पॉजिटिव लोगों के बारे में पता लगाने में मदद करता है। ये आपके मोबाइल के ब्लूटूथ, लोकेशन और मोबाइल नंबर का उपयोग करके आपके सेफ जोन और अनसेफ जोन के बारे में बताता है। साथ ही सरकार का दावा है कि यह एप कोविड-19 संक्रमण के प्रसार, जोखिम और बचाव एवं उपचार के लिए लोगों तक सही और सटीक जानकारी देने का काम करेगा। सबसे खास बात यह है कि आरोग्य सेतु ऐप अंग्रेजी सहित 11 भाषाओं में उपलब्ध है। 

कैसे करेगा काम - How to Work Aroyga Setu App in Hindi

इस ऐप का मुख्य काम है आपको कोरोना पॉजिटव व्यक्ति और संक्रमित स्थान से दूर रखना। इसलिए यह ऐप सक्रिय तौर पर सटीकता से काम कर सके, इसलिए इसे हर समय लोकेशन एक्सेस देने और ब्लूटूथ ऑन रखने की जरूरत पड़ती है। यदि आप जोखिम या उच्च जोखिम वाले क्षेत्र में हैं, तो ऐप आपको परीक्षण कराने जाने के लिए निकटतम परीक्षण केंद्र में अपॉइनमेंट के लिए टोल-फ्री नंबर 1075 पर कॉल करने के लिए सुझाव देगा। यही नहीं ये ऐप वायरस से बचाव के लिए बुनियादी सावधानी बरतने के टिप्स भी बताता है। वहीं अगर आपका परीक्षण सकारात्मक आता है तो यह ऐप आपके डाटा को सरकार के साथ साझा करेगा। ऐप की गोपनीयता नीति में उल्लेख किया गया है कि यह अन्य थर्ड पार्टी ऐप के साथ डाटा साझा नहीं करता है। इसीलिए टेंशन लेने की आपको कोई जरूरत नहीं है। ये पूरी तरह से सुरक्षित ऐप है।

कैसे करें इस ऐप को डाउनलोड - How to Download Aroyga Setu App in Hindi

आरोग्य सेतु (Aarogya Setu) ऐप एंड्रॉयड और आईओएस दोनों पर ही उपलब्ध है। इसे आप सिंपल प्ले स्टोर या ऐप स्टोर के जरिए डाउनलोड कर सकते हैं। लेकिन डुप्लीकेट और किसी फेक ऐप से बचने के लिए जब ऐप स्टोर पर इस ऐप का नाम टाइप करें के तो ध्यान रखिएगा कि आरोग्‍य (Aarogya) और सेतु (Setu) के बीच कोई स्थान नहीं हो। बस आपको  'AarogyaSetu'टाइप करके सर्च करना है। वैसे आप चाहें तो नीचे दिये गये इस लिंकर पर भी क्लिक करके इस ऐप को डाउनलोड कर सकते हैं - 

कैसे करें आरोग्य सेतु ऐप का इस्तेमाल - How to Use Aroyga Setu App in Hindi

इस ऐप को डाउनलोड करने के बाद जब आप इस ऐप को खोलेंगे तो सबसे पहले अपनी पसंदीदा भाषा को चुनें। उसके बाद ये ऐप आपको कुछ मुख्य जानकारी देगा। सारी जानकारी पढ़ने के बाद आप इसे 'रजिस्‍टर नाउ' करें। इसके लिए आप उसमें अपना मोबाइल नंबर दर्द करें। ऐसा करने के बाद आपको मैसेज में OTP नंबर आएगा जिसे दर्ज कर आप इस ऐप में रजिस्टर हो जायेंगे। 

 

फिर इसके बाद एक वैकल्पिक फॉर्म भी आता है जो नाम, उम्र, पेशा और पिछले 30 दिनों के दौरान विदेश यात्रा के बारे में पूछता है। आरोग्‍य सेतु एप पर आप 'सेल्‍फ एसेसमेंट टेस्‍ट' फीचर का इस्‍तेमाल भी कर सकते हैं। इस फीचर का इस्‍तेमाल करने के लिए ऑप्‍शन पर क्लिक करें और फिर ऐप चैट विंडो खोल देगा। इसमें यूजर की सेहत और लक्षण से जुड़े कुछ सवाल किए जाएंगे।

इसके बाद आप वो आपको हरे और पीले रंगों के आधार पर बताता है कि आप खतरे वाले जोन में हैं या फिर सुरक्षित हैं। यह भी सुझाव देता है कि आपको क्‍या करना चाहिए। अगर आपको हरे रंग में दिखाया जाता है और बताया जाता है कि 'आप सुरक्षित हैं' तो कोई खतरा नहीं है। वहीं अगर आपको पीले रंग में दिखाया जाता है और टेक्‍स्‍ट बताता है कि 'आपको बहुत जोखिम है' तो आपको हेल्‍पलाइन में संपर्क करना चाहिए।

POPxo  की टीम आप सभी से अनुरोध करती है कि भारत सरकार द्वारा दिये गये सभी निर्देशों का पालन करें। जरूरत न हो तो घर से बाहर बिल्कुल भी न निकलें। बाहर निकलने की स्थिति में संक्रमण का खतरा बढ़ जाएगा।