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लॉकडाउन हटाने को लेकर WHO ने जारी किए दिशा-निर्देश, छोटी चूक भी पड़ सकती है भारी

लॉकडाउन हटाने को लेकर WHO ने जारी किए दिशा-निर्देश, छोटी चूक भी पड़ सकती है भारी

दुनियाभर में कोरोनावायरस (coronavirus) से संक्रमित लोगों की संख्या में इज़ाफा होता जा रहा है। ऐसे में संक्रमण की चेन को रोकने के लिए सबने अपने-अपने हिसाब से अपने देश में लॉकडाउन (lockdown) लगाया है। लॉकडाउन की वजह से देशों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है और लोगों को रोज़गार संबंधी परेशानी भी हो रही है। ऐसे में जहां लोग लॉकडाउन का उल्लंघन करते हुए पकड़े जा रहे हैं तो वहीं कई देश भी धीरे-धीरे करके लॉकडाउन की अवधि को कम कर रहे हैं।

WHO के दिशा-निर्देश

WHO यानि विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organisation) लगातार हर देश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर अपनी नज़रें बनाए हुए है। कोरोनावायरस को लेकर भी WHO की तरफ से समय-समय पर दिशा-निर्देश जारी किए जाते हैं। हाल ही में WHO ने लॉकडाउन हटाने से जुड़ी कुछ गाइडलाइंस शेयर की हैं।

WHO के टॉप इमर्जेंसीस एक्सपर्ट डॉ. माइक रयान ने लॉकडाउन को जल्द खोलने के खिलाफ चेताया है। उनके मुताबिक, लॉकडाउन को जल्द हटाना जोखिम भरा हो सकता है। कई देश लॉकडाउन को लेकर ज्यादा सख्त नहीं हैं और अपने नागरिकों को ढील प्रदान कर रहे हैं, जो कि गलत है। WHO के निदेशक टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसस ने भी अभी बुरा वक्त आने की चेतावनी दी है।

क्या है लॉकडाउन?

लॉकडाउन का मतलब होता है किसी भी जगह को पूर्ण रूप से प्रतिबंधित कर देना यानि कि वहां के लोगों को अपने घरों से बाहर निकलने तक की इजाज़त नहीं होती है। अब जब लोग ही अपने घरों से नहीं निकल सकते हैं तो यह सामान्य सी बात है कि उस जगह के ऑफिस और फैक्ट्री आदि भी बंद रखे जाते हैं। पब्लिक ट्रांसपोर्ट को पूरी तरह से रोक दिया जाता है और सिर्फ बेहद ज़रूरी काम से ही लोगों को घरों से निकलने की अनुमति होती है।

हालांकि, इस दौरान कुछ सरकारी कर्मचारियों, पुलिस विभाग में कार्यरत लोगों, मीडिया और हेल्थ वर्कर्स के आने-जाने और कुछ खास दुकानों को खुलने की अनुमति होती है।

भारत में लॉकडाउन

भारत की बात करें तो यहां जनवरी में पहला केस केरल में देखा गया था, उसके बाद मार्च से कोरोनावायरस ने यहां अपने पांव पसारने शुरू कर दिए थे। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों के स्वास्थ्य को सर्वोपरि मानते हुए जनता कर्फ्यू से शुरुआत करते हुए 21 दिनों के लॉकडाउन की घोषणा कर दी थी। ये 21 दिन पूरे होने से पहले ही लॉकडाउन की अवधि को बढ़ाकर 40 दिन कर दिया गया था।

लॉकडाउन के दौरान भी कोरोनावायरस से संक्रमित मरीज़ों की संख्या में लगातार होती बढ़ोतरी की वजह से लॉकडाउन में किसी भी प्रदान की छूट न देकर उसका बेहद सख्ती से पालन करवाया जा रहा है।

कोरोनावायरस लंंबे समय तक हमारे जीवन का हिस्सा बनकर रहने वाला है इसलिए हमें खुद भी सावधानी और सतर्कता के कदम उठाने होंगे। अपना ख्याल रखें और कोरोनावायरस के लक्षण महसूस होने या संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने पर अपनी जांच ज़रूर करवाएं।

23 Apr 2020

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