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Periods में ज्यादा दर्द से परेशान? इस तरह पाएं राहत

Periods में ज्यादा दर्द से परेशान? इस तरह पाएं राहत

हम सभी को independent woman बनना बेहद पसंद है। पर हमारा uterus बहुत समय तक हमें उतना independent रहने नहीं देता। Menstrual cramps से हम सभी आए दिन परेशान रहते हैं। अक्सर एक tablet लेकर हम सभी चीज़ें ठीक करने की कोशिश करते हैं पर ये प्रॉब्लम यहीं खत्म नहीं होती। अगर आपको नॉर्मल से ज्यादा दर्द होता है तो अब उस दर्द को seriously लेना शुरू कर दें।

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कब problem बड़ी हो सकती है

क्या आपको लगता है कि आपको दूसरे लोगों से कहीं ज्यादा दर्द होता है? अगर ये दर्द unbearable है और आपकी डेली रुटीन को प्रभावित करता है तो इस पर सोचने की ज़रूरत है। अगर ये दर्द pain-killers से भी नहीं जा रहा है तो अपने डॉक्टर से मिलें क्योंकि problem इनमें से कुछ भी हो सकता है:

1. Endometriosis

ये एक ऐसी प्रॉब्लम है जिसमें uterus की lining उसके बाहर तक आ जाती है जिससे न सिर्फ़ pelvic muscles में दर्द होता है बल्कि fertility में भी problem होती है। कई बार बिना पीरियड्स के भी आप दर्द महसूस करती हैं। इसके लिए परेशान होने की ज़रूरत नहीं है। Proper ईलाज इससे निज़ात दिला सकता है।

2. Fibroids

Uterine fibroids uterus में होने वाले बहुत छोटे tubules होते हैं जो कि बहुत सामान्य हैं। बहुत सारी महिलाओं को ये उम्र के किसी न किसी पड़ाव पर होते ही हैं। हालांकि ये cancerous नहीं होते फिर भी ये आपकी पीरियड्स का दर्द औप बढ़ा देते हैं। पीरियड ज्यादा दिनों तक चलता है और heavy flow होता है। Ultrasound के जरिए इन्हें detect किया जा सकता है, इन्हें medically भी ठीक कर सकते हैं और surgically भी।

3. Pelvic Inflammatory Diseases

ऐसा तब होता है जब बैक्टीरिया के कारण reproductive organs में infection हो जाता है या फिर gonorrhea या chlamydia जैसी बीमारियां हों। इससे pelvis और abdominal area में दर्द होता है, periods में irregularity होती है, सेक्स के दौरान दर्द होता है और सामान्यतः heavy discharge होता है। कई बार आपको इनमें से कोई लक्षण नज़र नहीं आता। ऐसे में जल्दी ही अपने डॉक्टर की सलाह लें। ये कुछ antibiotics मात्र से ही ठीक हो जाता है।

ऐसे दर्द के लिए आसान इलाज

अगर ज्यादा प्रॉब्लम न भी हो तो भी ये cramps आपको चैन की सांस नहीं लेने देते। ऐसे में ये remedies आज़माएं।

1. Caffeine लें

ये आपके blood vessels के flow को दुरुस्त करता है। इसलिए चाट, कॉफी और energy drinks जैसी चीज़ें ऐसे समय में राहत देती हैं।

2. गर्मी लें

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गरम पानी की बॉटल या heating pad से सिकाई करें। इससे ब्ल़ड फ्लो ठीक हो जाता है और दर्द में आराम मिलता है।

3. हर्बल आज़माएं

हर बार painkillers आपकी सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं। इसलिए इस बार हर्बल टी ट्राय करें।

4. डाइट पर दें ध्यान

इस हालत में ज्यादा कुछ खाने का मन नहीं तो bread-butter या फिर एक बर्गर खा लिया, ऐसा न करें। इस वक्त आपको डाइट पर ध्यान देने की ज़रूरत ज्यादा है। ऐसी डाइट लें जिसमें zinc, calcium, iron और antioxidants ज्यादा हों।

5. Exercise करें

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ऐसे समय में बेड पर पड़े रहना कोई solution नहीं है। उठें, active रहें, योगा करें। इससे आपकी ब़ॉडी का blood-flow ठीक रहेगा और दर्द में कमी होगी।

6. सेक्स टाइम

इस वक्त आपको सेक्स का मन नहीं करेगा। पर इससे आपकी बॉडी में endorphins और oxytocin जैसे hormones release होते हैं जिनसे आप अच्छा फील करती हैं और दर्द में आराम मिलता है।

7. पीरियड गमीज़ और पेन रिलीफ पैच

पीरियड के समय और उसके पहले शरीर में होने वाले बदलाव जैसे ब्लोटिंग, क्रैम्प या हार्मोनल ऐक्ने से बचने के लिए महिलाएं सिरोना के पीएमएस गमीज अपने रूटीन में शामिल कर सकती हैं। इसके साथ ही दर्द से राहत के लिए 12 घंटे काम करने वाला पेन रिलीफ पैच भी यूज करके दर्द से राहत पा सकती हैं। 

पीरियड के समय कमर में दर्द 

पीरियड के समय पेट के दर्द के अलावा महिलाएं कमर दर्द से भी परेशान होती हैं, हालांकि कुछ महिलाओं में ये दर्द असहनीय होता है और इस दर्द से उनकी रोजमर्रा की लाइफ गड़बड़ होने लगती है। पीरियड्स के दौरान तेज दर्द के कई कारण होते हैं जिनमें कुछ मेडिकल कारण होते हैं तो कुछ ऐसे कारण होते हैं जिन्हें लाइफस्टाइल में बदलाव करके नियंत्रित किया जा सकता है। एंडेमेट्रियोसिस, फाइब्रॉयड्स और स्टेनोसिस जैसे मेडिकल कंडीशन के अलावा पीरियड के दौरान कमर में दर्द का कारण ये छोटी-छोटी चीजें भी बनती हैं हेवी फ्लो। 

पीरियड के दौरान अगर ब्लड का फ्लो बहुत अधिक हो तो भी कमर में दर्द होने लगता है। पीरियड एक नैचुरल प्रोसेस है इसलिए इस समय होने वाले दर्द को कम करने के लिए दवा तभी खाना चाहिए जब दर्द बर्दाश्त से बाहर हो। हेवी फ्लो से शरीर में थकान और डिहाइड्रेशन से लेकर एनीमिया तक की समस्या महिलाओं में देखी जा चुकी है।

हेवी फ्लो को मैनेज करने के लिए खान-पान का ध्यान रखने के साथ-साथ मेंस्ट्रुअल कप इस्तेमाल करना एक अच्छा उपाय है। मेंस्ट्रुअल कप के इस्तेमाल से ब्लड का फ्लो कम तो नहीं होता है, लेकिन इससे बार-बार वॉशरूम जाकर पैड बदलने का चक्कर खत्म हो जाता है। मेंस्ट्रुअल कप में सामान्य पैड या टैम्पोन से ज्यादा ब्लड स्टोर होता है। इसलिए इसके जल्दी-जल्दी भरने और बदलने की चिंता नहीं रहती है।

सिरोना का सौ प्रतिशत मेडिकल ग्रेड सिलिकॉन से बना अल्ट्रा सॉफ्ट मेंस्ट्रुअल कप 8 से 10 घंटे लीकप्रूफ स्टोरेज देता है और इससे किसी तरह के रैशेज भी नहीं होते हैं।

यूज कर सकते हैं एप्लिकेटर टैम्पोन

हेवी फ्लो को मैनेज करने के लिए सिरोना के एप्लिकेटर टैम्पोन यूज करना भी अच्छा उपाय है। आमतौर पर पीरियड के शुरूआती दो तीन दिनों में दर्द के साथ फ्लो भी हेवी रहता है तो ऐसे में सिरोना का मिक्स फ्लो एप्लिकेटर टैम्पोन यूज करना फायदेमंद रहता है। 8 टैम्पोन्स के इस पैक में 4 टैम्पोन रेगुलर फ्लो के लिए और 4 टैम्पोन सुपर फ्लो के लिए दिए गए हैं। 

कब्ज, ज्यादा ठंडा या गर्म खाने, उम्र बढ़ने, पीरियड के दौरान हेल्दी खाना न खाने या कुछ लोगों में बहुत अधिक नमक खाने की वजह से भी पीरियड के दौरान कमर दर्द की शिकायत होने लगती है।

Menstrual Cramps के कुछ facts

ये अधिकतर uterine contractions के कारण होता है। Uterus lining से prostaglandins जैसे केमिकल्स रिलीज़ होते हैं जो इसका मुख्य कारण हैं।
Painful periods को Dysmenorrhea भी कहते हैं।
ये 2 तरह के होते हैं – primary और secondary। Primary स्टेज नॉर्मल होता है जिसमें 2-4 दिन तक दर्द रहता है। Secondary स्टेज में cramps के साथ-साथ कई medical issues के कारण back pain भी होता है।

Images: Shutterstock

यह स्टोरी POPxo हिंदी के लिए Riwa Singh ने लिखी है।

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05 May 2016

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