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Tuna Fish in Hindi

Tuna Fish in Hindi – क्या होती है टूना फिश और क्या हैं इसे खाने के फायदे

दुनियाभर में फिश लवर्स टूना फिश (tuna fish in hindi) को पसंद करते हैं और इसे खाना एंजॉय करते हैं। सूशी से लेकर कटलेट या सलाद तक, टूना फिश को कई तरह से खाया जा सकता है और ये हेल्दी ईटिंग करने वालों के लिस्ट में भी सबसे ऊपर रहती है। स्वादिष्ट और हेल्दी टूना फिश के बार में सभी जानकारी जैसे टूना फिश क्या है ( tuna meaning in hindi) और टूना को देसी स्टाइल( tuna fish in hindi name) में कैसे खा सकते हैं इस लेख में पढ़े-

What is Tuna Fish in Hindi – टूना मछली क्या है

टूना मछली खारे पानी की मछली होती है जिसे एशिया से लेकर यूरोप और ऑस्ट्रेलिया तक कई तरह के कुजीन में यूज किया जाता है। टूना मछली की कई प्रजाति होती है जैसे ब्लू फिन, यलो फिन, बुलेट टूना आदि, लेकिन मार्केट में सबसे ज्यादा टूना की दो वरायटी मिलती है- स्किपजैक और अल्बाकोर। टूना की सभी प्रजातियां ज्यादा तर समुद्र में एक जगह से दूसरी जगह माइग्रेट करती रहती हैं। ये अटलांटिक ओसन, ब्लैक वॉटर्स और मेडिटरेनियन सी में आसानी से मिल जाती हैं और इन्हें पकड़ना भी दूसरी मछलियों के मुकाबले काफी आसान होता है। आमतौर पर ये मछलियां तीन से पांच साल तक जीवित रहती हैं, लेकिन इनमें कुछ कई सालों तक जिंदा रह जाती हैं। 

जापान और ऑस्ट्रेलिया में टूना मछलियों की मांग बहुत होने की वजह से इन देशों में इनकी सप्लाई भी बहुत अधिक है, लेकिन दुनियाभर में इसके स्वाद और गुणों को इतना पसंद किया जाता है कि ये मछलियां अब विलुप्त होने के कगार पर पहुंच रही हैं। मछली खाने से क्या होता है

Tuna Fish in Hindi

Tuna Fish Nutrition in Hindi – टूना मछली का न्यूट्रिशनल वैल्यू

टूना मछली में विटामिन डी की अधिकता होती है और ये डाइट के जरिए विटामिन डी पाने के लिए बहुत अच्छा जरिया है। 3 औंस कैन्ड टूना मछली से एक दिन की विटामिन डी की जरूरत का 50 प्रतिशत शरीर को मिल जाता है। इसके अलावा टूना मछली में आयरन, विटामिन बी6, पोटेशियम, सेलेनियम और आयोडीन भी मौजूद होता है। इसमें ओमेगा 3 फैटी एसिड भी प्रचुर मात्रा में होता है। 

4 औंस (लगभग 110 ग्राम) टूना मछली में 145 कैलोरी, 26.77 ग्राम प्रोटीन, 3.37 ग्राम फैट होता है और कार्बोहाइड्रेट, शुगर और फाइबर बिलकुल नहीं होता है। 

मछली हमेशा से सेहत के लिए फायदेमंद रही है और यही वजह है कि जो लोग मछली नहीं खाते उन्हें जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ फिश ऑयल( Fish Oil benefits in Hindi) खाने की सलाह देते हैं।

Tuna Fish Khane ke Fayde – टूना मछली खाने के फायदे

Tuna Fish Khane ke Fayde

1. हार्ट हेल्थ

2. इम्युनिटी बूस्टर

3. बोन हेल्थ

4. प्रेगनेंसी

5. ब्रेस्ट कैंसर 

6. वेट लॉस

7. स्किन 

1. हार्ट हेल्थ

कई शोध में ये बात सामने आ चुकी है कि ऑमेगा 3 फैटी एसिड रिच खाना खाने से दिल से जुड़ी बीमारियां और हार्ट अटैक से बचाव किया जा सकता है। टूना मछली में ओमेगा 3 फैटी एसिड की अधिकता होती है और ये माना जाता है कि इसकी वजह से धमनियों में जमा होने वाले ओमेगा 6 फैटी एसिड और एल डी एल कोलेस्ट्रॉल का स्तर भी कम होता है।

2. इम्युनिटी बूस्टर

टूना मछली में विटामिन सी, जिंक और मैंगनीज की अच्छी मात्रा होती है, जो कि एंटीऑक्सिडेंट्स होते हैं और ये शरीर की फ्री रेडिकल्स से बचाव करते हैं। फ्री रेडिकल्स शरीर में हो रहे सेल्स के मेटाबोलिज्म की वजह से पैदा होने वाले प्रोडक्ट होते हैं जो कि तरह-तरह की बीमारी का कारण बनते हैं। इसके अलावा इसमें सेलेनियम भी प्रचूर मात्रा में होता है और ये तथ्य भी टूना मछली को इम्यूनिटी बूस्ट करने वाला बना देता है।

3. बोन हेल्थ

टूना मछली के यलो स्पीशीज में विटामिन डी का स्तर अच्छा होता है और ये शरीर में हड्डियों के लिए जरूरी कैल्शियम को अब्जॉर्ब करने के लिए उपयोगी है। इसके अलावा टूना में मैग्नीशियम और फास्फोरस की भी अधिकता होती है और ये दोनों बोन्स के हेल्थ के लिए जरूरी हैं।

4. प्रेगनेंसी

टूना मछली में ऐसे कई पोषक तत्व हैं जो प्रेगनेंसी के दौरान जरूरी माने जाते हैं जैसे विटामिन डी, प्रोटीन, लॉन्ग चेन ओमेगा 3 एसिड के कई प्रकार, आयरन और  विटामिन बी12। ये पोषक तत्व प्रेगनेंसी के दौरान होने वाली जटिलताओं से बचाव करते हैं और शिशु के ग्रोथ में भी सहायक होते हैं।। 

5. ब्रेस्ट कैंसर 

टूना मछली में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स कैंसर से बचाव करने में सक्षम होते हैं। कई शोध में ये बात सामने आई है कि टूना मछली नियमित खाने से  ब्रेस्ट और किडनी के कैंसर से राहत मिलती है।

6. वेट लॉस

टूना मछली में कैलोरी और फैट दोनों का स्तर बहुत कम होता है और प्रोटीन की अधिकता होती है। इस मछली में मौजूद ओमेगा 3 फैटी एसिड शरीर में लेप्टिन नामक हार्मोन को स्टीमुलेट करता है और ये हार्मोन बॉडी का खाने का इंटेक और खाना खाने की चाहत के बीच संतुलन बनाता है। इससे ओवर ईट करने की चाहत कम होती है और व्यक्ति उतना ही खाता है जितना उसकी बॉडी को चाहिए। 

शोध में ये बात ,सिद्ध हो चुकी है कि ओमेगा 3 फैटी एसिड लेप्टिन को स्टीमुलेट करने में मदद करते हैं। 

7. स्किन 

जिस तरह से सभी नट्स में सेलेनियम की अधिकता होती है, वैसे ही टूना मछली में भी सेलेनियम की अधिकता होती है। सेलेनियम स्किन में मौजूद इलास्टिन नामक प्रोटीन को सक्रिय करता है और ये स्किन की टाइटनेस और स्मूदनेस को बनाए रखता है।

इस मछली में मौजूद विटामिन बी कॉम्प्लेक्स भी स्किन को हेल्दी रखता है। 

टूना मछली खाने से मेटाबॉलिज्म भी सही होता है और ये शरीर के सभी ऑर्गन को एनर्जी देता है और उन्हें एक्टिव बनाए रखता है। 

How to Use Tuna Fish in Hindi – टूना मछली खाने का तरीका

1. टूना फिश को कैन या फ्रेश दोनों तरह से खाया जा सकता है। 

2. टूना मछली को कई तरह से खाया जा सकता है। 

3. फ्रेश टूना को इंडियन स्टाइल में भून कर करी के साथ कुक किया जा सकता है। 

4. टूना स्टीक्स को फिश फ्राई के रूप में खाया जा सकता है।

5. कैन में मिलने वाली टूना मछली पहले से कुक्ड होती है, तो इसे फिटनेस लवर्स हल्के टॉसिंग के साथ सीधे खा सकते हैं। 

कैन्ड टूना को रोल या रैप्स की स्टफिंग के लिए भी यूज कर सकते हैं।

6. कैन्ड टूना को इंडियन स्टाइल में भून कर सीधे रोटी के साथ या सैंडविच में स्टफ करके भी एंजॉय किया जा सकता है।

7. इसे कटलेट बनाकर भी एंजॉय कर सकते हैं। इसे बर्दर में भी आलू टिक्की या चिकन टिक्की की जगह यूज करना अच्छा और यमी विकल्प है। 

एफडीए के अनुसार सप्ताह में दो से तीन बार टूना फिश खाना चाहिए। अगर आप व्हाइट टूना खा रहे हैं तो सप्ताह में एक बार ही इसे खाने की सलाह दी जाती है क्योंकि इसका मरकरी कंटेन्ट अधिक होता है। एक आम व्यस्क टूना मछली की एक सर्विंग या एक बार में 100 ग्राम (लगभग 4 औंस)  के आसपास खा सकता है। कैन्ड टूना फिश में फ्रेश टूना की तुलना में मरकरी काफी कम होता है।

Tuna Fish Side Effects in Hindi

Tuna Fish Side Effects in Hindi – टूना फिश खाने के नुकसान

टूना मछली खाना अगर सेहत के लिए फायदेमंद है तो इसके कुछ साइड इफेक्ट्स भी हैं इसलिए इसे रूटीन में नियमित खाने के लिए विशेषज्ञों द्वारा बताई गई सर्विंग साइज यानि कितना खाना चाहिए ये जानना जरूरी है।

1. टूना मछली में मरकरी की अधिकता होती है। मरकरी न्यूरोटॉक्सिन होता है और शरीर में पहुंचने के बाद ब्रेन और तंत्रिका तंत्र (नर्वस सिस्टम)  दोनों को प्रभावित करता है। यही वजह है कि प्रेगनेंट महिलाओं को इसे खाने की सलाह कम ही दी जाती है। ऐसी स्थिति में अगर टूना फिश खाना है तो बिना विशेषज्ञ से पूछे इसे नहीं खाना चाहिए।

2. कैन में मिलने वाली टूना फिश में मरकरी कम होता है क्योंकि कैन में ये थोड़ी सी पैक की जाती है, लेकिन कैन में मिलने वाली टूना फिश के पैकिंग के दौरान अगर थोड़ी सी भी ढील हुई हो तो इससे बैक्टीरियल इंफेक्शन का खतरा बनता है।

3. क्योंकि कैन में मिलने वाले टूना में 200 से 300 मिलीग्राम सोडियम होता है, इसे खाना डायबिटीज, ब्ल़ड प्रेशर या हार्ट के मरीजों के लिए नुकसानदायक हो सकता है। ऐसे लोगों को फ्रेश टूना खाना चाहिए। 

जिस तरह से फ्रश वॉटर की मछली खाने वालों को रोहू मछली खाने के फायदे बहुत आकर्षित करते हैं, उसी तरह से दुनियाभर में सीफूड के नाम पर टूना मछली बहुत लोकप्रिय है। टूना मछली खाने के कई फायदे तो बहुत हैं, लेकिन अत्यधिक टूना फिश खाने से सेहत को कुछ नुकसान होने का डर भी बना रहता है। टूना मछली को बिना किसी नुकसान के खाने के लिए इसकी मात्रा को सीमित रखें और इस स्वादिष्ट और सेहतमंद मछली के गुणों को एंजॉय करें।

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26 Jul 2022

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