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डिलीवरी के बाद ऑयली स्किन

पॉल्यूशन से बचाने वाले और स्किन को हेल्दी रखने वाले इन स्किन केयर प्रोडक्ट्स में करें इंवेस्ट

अगर आपके दिमाग में पॉल्यूशन शब्द से वार्निंग साइन नहीं आए हैं तो हो सकता है कि यह जानने के बाद आ जाएं. हमारे देश में 50 सबसे अधिक प्रदूषित शहरों में से 22 शहर हैं। जी हां, आप सही पढ़ रहे हैं। इतना ही नहीं ये प्रदूषण कई तरीकों से हमारी जिंदगी को सीधे तौर पर प्रभावित करते हैं लेकिन हम में से अधिकतर लोगों को इसकी जानकारी नहीं होती है। इतना ही नहीं प्रदूषण का असर हमारी त्वचा पर भी होता है। जिस हवा में हम सांस लेते हैं वो हमारी त्वचा को भी उतना ही नुकसान पहुंचा रही है और हंसने की बात ये है कि पहले हमें लगता था कि प्रदूषण के कारण स्किन पर थोड़ी टैनिंग ही तो होती है, उसे फेशियल से हटा लेंगे पर ऐसा नहीं है।

वायु प्रदूषण किस तरह से स्किन को करता है प्रभावित

तो चलिए हम बात करते हैं कि वायु प्रदूषण किस तरह से स्किन को प्रभावित करता है। वायु प्रदूषण सबसे बुरा होता है क्योंकि इसमें कई सारे प्रदूषण एक साथ मिल जाते हैं और साथ ही इसमें वेस्ट के माइक्रोस्कॉपिक पार्टिकल्स भी होते हैं। जिसकी वजह से आपकी स्किन पर हाइपरपिगमेंटेशन, डार्क सर्कल्स, एक्सेसिव ऑयल सीक्रेशन और स्किन डलनेस आदि होने लग जाता है। इस वजह से हम यहां आपको कुछ ऐसे प्रोडक्ट्स के बारे में बताने वाले हैं, जो आप अपने ब्यूटी रूटीन को तोड़े बिना अपने स्किनकेयर में शामिल कर सकती हैं क्योंकि मुंबई और दिल्ली जैसे शहर में रहने वाले लोग पॉल्यूशन को अवॉइड नहीं कर सकते हैं। ऐसे में बेस्ट ऑप्शन यही है कि हम स्किन को इससे बचाने की कोशिश करें।

मॉइश्चराइजर

नियमित रूप से मॉइश्चराइज करने से आपका स्किन बेरियर बढ़ता है जो एयर कंटेनमेंट्स को स्किन सेल्स में घुसने से रोकता है। क्रीमेडीस बहुत ही पावरफुल चीज होती है, जो स्किन बैरियर का काम करती है। हाइलूरॉनिक एसिड को भी सोडियम हाइलुरॉनेट माना जाता है जो स्किन बिल्डिंग इंग्रीडिएंट है और स्किन को हाइड्रेट रखने में मदद करता है।

प्रोबायोटिक्स और प्रीबायोटिक्स

प्रदूषण का स्किन के माइक्रोबायोम पर असर होता है, जो बैक्टीरिया और माइक्रोऑर्गेनिस्म से बना होता है और स्किन में घुस जाता है। यह स्किन के स्वास्थ्य को प्रभावित करता है। केवल ऐसे स्किनकेयर प्रोडक्ट्स जिन में माइक्रोबायोम होते हैं, वो ही स्किन हेल्थ को अच्छा बनाने में मदद करते हैं।

फिजिकल यूवी ब्लॉकर

यूवी लाइट आपकी स्किन में स्टेल्थ बॉमर की तरह एंटर करती है जो कोलाजन और इलास्टिक फाइबर को तोड़ देती है, जिससे आपके चेहरे पर झुर्रियां हो जाती है और स्किन सैगी हो जाती है और सेल्यूलर डीएनए बदल जाता है, जिससे कैंसर होने का रिस्क होता है। लेकिन अपनी स्किन को शील्ड करने का अन्य कारण भी है, जो प्रदूषण है और इस वजह से आपको एसपीएस 30 या फिर हाइयर वाली सनस्क्रीन जरूर लगानी चाहिए जो पॉल्यूशन और यूवी किरणों दोनों से ही स्किन को बचाने का काम करती है।

एंटीऑक्सीडेंट्स

एंटीऑक्सीडेंट्स, फ्री रेडिकल्स होते हैं जो स्किन सेल्स को बचाने में मदद करते हैं। एक सिग्निफिकेंट स्टडी के मुताबिक, हो सकता है कि पॉल्यूषण के कारण डैमेज हुई अपनी स्किन को सही कर सकते हैं। इसके लिए आपको अपनी स्किन पर एंटीऑक्सीडेंट सीरम, जिसमें विटामिन सी, ई और फेरुलिक एसिड होता है, उसे कम से कम दो बार लगाना चाहिए।

09 Jun 2022

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