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अगर मॉर्निग वॉक के दौरान करते हैं मोबाइल का इस्तेमाल तो हो सकते हैं आपको ये नुकसान

अगर मॉर्निग वॉक के दौरान करते हैं मोबाइल का इस्तेमाल तो हो सकते हैं आपको ये नुकसान

आज के समय में मोबाइल ने लगभग हर इंसान की लाइफ में अच्छी-खासी स्पेस बना ली है। छोटे बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर कोई मोबाइल का दीवाना है। आलम ये है कि सुबह सबसे पहले मोबाइल उठाने के बाद वह हमारे साथ तब तक रहता है जब तक हम रात को सोने नहीं जाते। मोबाइल हमारे जीवन का अहम हिस्सा बन गया है। लेकिन अगर आप इसे ज़्यादा इस्तेमाल करते हैं, तो नुकसान आपका ही है।

आजकल बहुत से लोग स्वास्थ्य के प्रति जागरूक हो गए हैं। सुबह के समय आपने बहुत से लोगों को सड़क पर वॉक करते हुए देखा होगा। मॉर्निंग वॉक पर जाने वाले ज्यादातर लोगों के कानों में हेडफोन और हाथों में मोबाइल जरूर पाया जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि वॉक के दौरान मोबाइल का इस्तेमाल हमारे शरीर को बेहद नुकसान पहुंचा सकता है। आइए जानते हैं किस तरह से –

बॉडी पॉश्चर को सकता है बिगाड़ 

जी हां, अगर आप वॉक पर मोबाइल को साथ लेकर जाते हैं तो ये आपके बॉडी पॉश्चर बिगाड़ ला सकता है। क्योंकि वॉक के दौरान हमारी स्पाइनल कॉर्ड हमेशा सीधी रहनी चाहिए। लेकिन वॉक के बीच-बीच में मोबाइल को इस्तेमाल करने से हमारी रीढ़ की हड्डी सीधी नहीं रह पाती है। ऐसा करने से आपका बॉडी पॉश्चर बिगड़ने लगता है।

मसल्स पेन की शिकायत

जब मॉर्निंग वॉक के दौरान आपका पूरा शरीर व्यायाम कर रहा होता है, तो आपके एक हाथ में मोबाइल होने की वजह से हाथ एक मोशन में नहीं रहते हैं। तो आपकी हाथों की मांसपेशियां असंतुलित हो जाती हैं और आपको मसल्स पेन होने लगता है।

वॉक से ध्यान भटकना

अगर आप सुबह या फिर शाम में टहलते समय अपने साथ मोबाइल रखते हैं तो आपका सारा ध्यान मोबाइल पर रहता है। इससे चलते समय हमेशा ध्यान भटकता रहता है और इससे एकाग्रता में कमी आती है। इससे टहलने में मन नहीं लगता है और जो फायदा मिल रहा है वो भी नुकसान में बदल जाता है। क्योंकि तन और मन दोनों को शांत और स्वस्थ्य रखने के लिए वॉक किया जाता है लेकिन मोबाइल के साथ आपको इसके फायदे से महरूम रह सकते हैं।

कमर दर्द की शिकायत

अगर आप सुबह अपने मोबाइल को देखकर चल रहे हैं तो आपकी गर्दन और पीठ में तनाव होगा और आपकी पीठ में दर्द होने लगेगा। ऐसा इसलिए क्योंकि हम एक ही पोजीशन में न चलकर पॉश्चर बदलते रहते हैं। इससे गर्दन और पीठ में तनाव होने लगता है और दर्द शुरू हो जाता है।

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