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#मायस्टोरी: वह वन नाइट स्टैंड जिसने मुझे झिंझोड़ कर रख दिया…

#मायस्टोरी: वह वन नाइट स्टैंड जिसने मुझे झिंझोड़ कर रख दिया…

जो मै आज बताने जा रही हूं, उसे आप वन नाइट स्टैंड स्टोरी कहेंगे. बड़े होते हुए हमें सेक्स के बारे में बताने के लिए फिल्मों में या फिर हमारे अपने परिवार के बड़े लोग हमें बहुत सफाई से कहते हैं कि जब दो लोग बेइंतहा प्यार में होते हैं और एक दूसरे के लिए पूरी तरह समर्पित होते हैं तब….हां शायद तभी वो इतने करीब आते हैं… लेकिन हमारे मामले में ये बात लागू नहीं होती थी…हम प्यार में नहीं थे, हम साथ भी नहीं थे..लेकिन हम दोनों दो अलग अलग इंसान जरूर थे। जो हुआ वो कुछ ऐसा नहीं था जो मेरे लिए बहुत आम हो…मैं ऐसा अक्सर नहीं करती और मैं ये बात सिर्फ इसलिए भी नहीं कह रही हूं क्योंकि मैंने जो किया मैं उस पर कोई सफाई देना चाहती हूं…मैं ऐसा इसलिए कह रही हूं क्योंकि यह सच है। मैं सिर्फ अपने कम्फर्ट ज़ोन से बाहर आ रही थी और कुछ ऐसा अनुभव करने जा रही थी जो मैं नहीं जानती थी कि मैं सारी उम्र याद रखूंगी। क्या इसे ही वन नाइट स्टैंड कहते हैं?

वो नए साल की शाम थी। मैं अपनी कज़न के साथ उसके दोस्त की एक पार्टी में गई। पार्टी एक फार्म हाउस में थी जहां मैंने उसे पहली बार देखा। वो कोने में बार टेबल पर खड़ा हुआ था और व्हिस्की पी रहा था। उसने भी मुझे देखा और कुछ देर के लिए हमारी नजरें मिलीं। उसने मुझे देखते हुए अपना ग्लास उठाया और मैं भी बदले में मुस्कुरा दी। उसे कहीं यह वन नाइट स्टैंड का इशारा तो नहीं लगा?

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वो मुझे लगातार देखता हुआ मेरी ओर बढ़ने लगा..इस बीच उसने एक बार भी मुझसे अपनी नजरें नहीं हटाईं…मैंने भी नहीं हटाईं। हमारी आंखें जैसे बातें कर रही थी..वो बातें जो अब तक हमारे होंठों के बीच शुरू भी नहीं हुई थी। क्या मैं आपके लिए एक ड्रिंक ला सकता हूं?” मेरे पास आते ही उसने मुझसे पूछा। उसकी आवाज़ में एक अजीब सा जादू था। मैं एक ले चुकी हूं..थैंक्स,” मैंने कहा। क्या हमारी वन नाइट स्टैंड स्टोरी शायद शुरू होने के पहले ही ख़त्म हो गयी थी? मेरे मन में एक साथ कई विचार उमड़ कर आ रहे थे.

पार्टी चल रही थी, हमने साथ में डांस किया। उसने और मैंने नहीं…बल्कि मैंने, मेरी कज़न और उसके दोस्तों ने..सबने एक साथ। डांस करते हुए मेरी नज़र जितनी बार भी बार टेबल की तरफ गई वो वहीं था…और वो भी जान गया था कि मैं जानती हूं कि वो वहीं हैआखिरकार रात के 12 बजे। मैं ऊपर के कमरे की तरफ जाने लगी जहां मेरा बैग था। मैं अपने मम्मी-पापा को फोन करके उन्हें नए साल की विश देना चाहती थी। मेरे पीछे-पीछे वो भी ऊपर आने लगा। मैं झूठ नहीं कहूंगी…मैंने कमरे में कुछ देर इंतजार किया, ये देखने के लिए कि क्या वो भी कमरे में आता है….पर वो नहीं आया। मेरी बेचैनी बढ़ गई। अगर उसे कमरे में नहीं आना था तो उसने सीढ़ियों पर मेरा पीछा क्यों किया? मैंने देखा वो वहीं बरामदे में खड़ा है। उसके हाथ में सिगरेट है। उसने मुझे देखा…मेरी ओर बढ़ा..और बिना किसी कोशिश के उसने मुझे दीवार की ओर धकेल दिया…हम दोनों ने एक दूसरे को किस किया.. हमारी सांसें एक दूसरे की सांसों में समा रही थी…बेडरूम साथ में ही था.. शायद इसलिए हमारे कदम बढ़ने में भी कुछ समय नहीं लगा। ये क्या हो रहा था मेरे साथ, मुझे अब तक उसका नाम तक नहीं पता था और हमारे बीच वन नाइट स्टैंड होने जा रहा था।

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हम दोनों सेफ थे। मैंने शराब पी हुई थी लेकिन मैं होश में थी। उन नज़दीकी पलों के बाद वो बेड से उठकर बाथरुम में चला गया…सबूत को मिटाने। मैं भी बेड से उठी..इस बात से अनजान कि इस वन नाइट स्टैंड के बाद आगे क्या होने वाला है। वो आया और मेरे बिना कुछ कहे कपड़े पहनने में मेरी मदद की। पता नहीं क्यों..पर मुझे उसका ये करना बहुत अच्छा लगा। शायद कई बार ये पढ़ चुकी थी कि सेक्स से पहले आप एक दूसरे के कपड़े उतारने में मदद करते हो लेकिन सेक्स के बाद आप सिर्फ अपने कपड़े पहनते हो। जो भी हो लेकिन मेरे दिमाग में उसके इस छोटे से जेस्चर के बारे में कई बातें आ रही थी। आखिर क्या मतलब हो सकता है इसका…क्या वो मुझे पसंद करता है? जो हुआ क्या वो अचानक से हुए किसी हादसे से कुछ ज्यादा था? जो हुआ वो ठीक हुआ? क्या उसने भी एन्जॉय किया? क्या मैंने मेरा वन नाइट स्टैंड एन्जॉय किया? आखिर उसका नाम क्या है? हम दोनों ने कुछ बात नहीं की और नीचे आ गए। मैं वापस पार्टी में शामिल हो गई..किसी ने भी नोटिस नहीं किया कि मैं कुछ देर के लिए पार्टी से गायब भी थी। सब अपनी मस्ती में चूर थे। कुछ लोगों ने खाना शुरू कर दिया था। मैं दोबारा अपनी कज़न के पास गई और उसकी स्कूल की कुछ पुरानी दोस्तों के साथ बात करने लगी। अचानक वो भी वहां आ गया और हम सब के साथ ग्रुप में शामिल हो कर बातें करने लगा। ओह! ये समीर है..ये घर इसी का है,” मेरी कज़न ने बताया…मुझे अच्छा लगा सुनकर…तो उसका नाम समीर है! और ये रेशू है, समीर की ‘फियान्सी’…उसकी मंगेतर, मेरी अच्छी दोस्तये कहते हुए मेरी कज़न ने ग्रुप की एक लड़की तरफ इशारा किया, जिससे हम बात कर रहे थे। कुछ सेकेंड के लिए जैसे मेरी सांसें बंद हो गईं। मेरी आंखें उसकी तरफ उठी, हम दोनों की आंखें मिली और उसने एक बार फिर अपना ग्लास मेरी ओर उठा दिया। एक नई शुरूआत के नाम! किसी ने सही नाम दिया है ऐसे इंटिमेट रिलेशन को वन नाइट स्टैंड का.  इसमें कोई इमोशन अटैच्ड नहीं होते। अपनी मंगेतर को धोखा देने वाले उस शख्स की आंखें उस वक्त भी मेरे ऊपर से नहीं हटी। हम सबने उसके बाद और मस्ती की…खूब डांस किया। किसी ने भी मेरी चुप्पी को नोटिस नहीं किया। कुछ देर बाद मेरी कज़न ने कहा कि वो घर जाना चाहती है, मैं भी उसके साथ उस घर से बाहर आ गई। घर आने के बाद मैंने खुद को कमरे में बंद कर लिया।one-night-stand-3

मेरा मन कर रहा था कि मैं जोर से रोऊं लेकिन मेरी आंखों में पानी नहीं था। मैं एकटक छत की ओर देख रही थी…पंखें पर पड़ती चांद की रोशनी एक अजीब की परछाई बना रही थी…मेरा मन एकदम खाली हो चुका था। मैंने शराब पी हुई थी लेकिन मैं पूरी तरह अपने होथ में थी। मैं बहुत थका हुआ महसूस कर रही थी…यह थकान शायद सेक्स के बाद होने वाली थकान थी…वन नाइट स्टैंड की थकान?

उसने कभी फोन नहीं किया, हम दुबारा कभी नहीं मिले…रेशू से उसकी शादी इसी साल की 31 दिसंबर को थी। ये है मेरे वन नाइट स्टैंड की स्टोरी जिसने मुझे काफी ठेस पहुंचाई।

05 May 2016

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