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जादुई माहौल के बीच दुनिया में जल्द होगी तारों की बारिश

Deepali PorwalDeepali Porwal  |  Jan 3, 2020
जादुई माहौल के बीच दुनिया में जल्द होगी तारों की बारिश

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दुनिया में अजब-गजब कारनामे होते रहते हैं, जिन्हें देखकर लोगों का हतप्रभ रह जाना लाज़िमी है। कभी हम इंद्रधनुष के रंगों में खो जाते हैं तो कभी सूरज की लालिमा और चांद की चांदनी हमारा दिल जीत लेती है। हाल ही में सूर्य ग्रहण के दर्शन करने के बाद अब बारी है कुदरत के एक और करिश्मे की! इस करिश्मे की खासियत है कि बिल्कुल वैसा ही नज़ारा एक टीवी सीरियल में भी नज़र आने वाला है।

जादुई होगा समां

तमाम कुदरती चमत्कारों के बीच दुनिया अब एक और अद्भुत नज़ारे की गवाह बन अभिभूत होने वाली है। अंतर्राष्ट्रीय खगोलीय विभाग (International Meteor Organization) की मानें तो दुनिया के कई हिस्सों में तारों की बारिश होने के आसार बन रहे हैं। टूटते तारों के बारे में तो आपने सुना ही होगा। कई लोग तो टूटते तारों से विशेज़ भी मांगते हैं। अब दुनिया के कई हिस्सों में इन्हीं टूटते तारों की बारिश (Quadrantid meteor showers) होने वाली है।

यह बारिश 4 जनवरी, 2020 को दोपहर 1.30 बजे होगी। अगर आप सोच रहे हैं कि आप भी इस अनोखी बारिश के नज़ारे के गवाह बन सकते हैं तो ऐसा संभव नहीं हो सकेगा। भारत के मौसम को देखते हुए यहां इसे नहीं देखा जा सकेगा, मगर आपको परेशान होने की ज़रूरत नहीं है। इस बारिश का संयोग कुछ ऐसा बन पड़ा है कि हम इसे छोटे पर्दे पर देख सकेंगे!

ये जादू है जिन्न का

स्टार प्लस पर प्रसारित होने वाले टीवी सीरियल ‘ये जादू है जिन्न का’ (Yehh Jadu Hai Jinn Ka) में हर हफ्ते एक नया जादुई कारनामा दिखाया जाता है। कभी उसमें लाल चांद धरती पर उग आता है तो कभी कारें हवा में उड़ने लगती हैं। सिर्फ इतना ही नहीं, सीरियल का लीड एक्टर (जो कि आधा जिन्न भी है) अपने जादू से घर में ही बादल और बारिश ले आने में भी सक्षम है।

फिलहाल, सीरियल के ट्रैक में है तारों की बारिश। जी हां, सीरियल के लिए शूट की गई तारों की बारिश का संयोग कुछ ऐसा बन पड़ा है कि उसी दिन दुनिया में हकीकत में भी तारों की बारिश का नज़ारा साफ तौर पर नज़र आएगा। सीरियल की प्रोड्यूसर गुल खान इस बात को लेकर काफी उत्साहित हैं। अब आप इस चकित कर देने वाले कारनामे को अपने घर पर ही टीवी के जरिये देख सकते हैं।

यह संयोग चामत्कारिक ज़रूर है, मगर दर्शकों से अपील है कि दोनों घटनाओं को जोड़कर न देखें। टीवी पर दिखाई जाने वाली घटनाएं मात्र एक कहानी का हिस्सा हैं, जबकि हकीकत में होने वाली तारों की बारिश के अपने मौसमी कारण हैं।