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शिशु के कान में खुजली

शिशु के कान में खुजली को ना करें नजरअंदाज, इन घरेलू उपाय से पाएं निजात

अगर आपका शिशु बार-बार कान पकड़ रहा है या उसे खींच रहा है तो इस बात को नजरअंदाज ना करें। पता है वह ऐसा क्यों कर रहा है?  इसलिए क्योंकि उसे कान में खुजली या दर्द की शिकायत हो सकती है। शिशु के कान में खुजली  तब होती है जब उसके कान में मैल जम जाता है। कई दफा किसी इंफेक्शन के कारण भी ऐसा हो सकता है।

कभी-कभी पेरेंट्स शिशु के इन संकेतों पर ध्यान नहीं दे पाते या फिर वे समझ नहीं पाते आखिर शिशु को क्या दिक्कत हो रही है। परंतु, अगर शिशु के कान में खुजली की समस्या पर ध्यान नहीं दिया तो आगे चलकर यह कान में बड़ी इंजरी या फिर बहरेपन की समस्या का कारण बन सकता है। इसलिए अभिभावकों को ये लक्षण नजर आने पर किसी तरह की लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए।

इस आर्टिकल में हम आज इसी मुद्दे पर बात करेंगे। अगर शिशु कान को बार-बार पकड़ रहा है और कान पकड़कर रो रहा है, तो समझ जाइए कि उसे कान संबंधी प्रॉब्लम हो रही है। शिशु के कान में खुजली करने के कारण समेत हम आपके साथ कुछ घरेलू टिप्स साझा कर रहे हैं। इनकी मदद से आप शिशु की कान में खुजली करने की समस्या को झट से दूर कर सकते हैं।

शिशु के कान में खुजली होने के कारण (Causes of Itchy Ear in Babies in Hindi)

अगर आपका बच्चा बार-बार कान को टच करता है व कान में खुजली करता है, तो इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं। 

  1. कान के आस-पास रैशेज होना
शिशु का कान

शिशु का कान में खुजली करने का एक कारण कान के आस-पास की त्वचा का ड्राई होना हो सकता है। दरअसल, कई दफा बच्चों के तापमान में बदलाव, ज्यादा देर धूप में या एसी में बैठने की वजह से कान के आस-पास की त्वचा खुष्क हो जाती है। ऐसे में बच्चा बार-बार कानों को टच कर सकता है।

  1. कानों के संक्रमण

कई बार शिशुओं द्वारा कानों को खींचना, टटोलना व खुजली करने के पीछे की वजह संक्रमण हो सकता है। कान का संक्रमण ज्यादातर बच्चों को कोल्ड या फ्लू के दौरान या इसके ठीक हो जाने के तुरंत बाद होता है। कई बार इसके साथ बुखार भी आ सकता है।

यदि बच्चा कानों को टच करने के साथ रोता है या फिर चिड़चिड़ा और बेचैन रहता है। न ठीक से खाना खाता है न सोता है। ये सभी लक्षण शिशु के कान में संक्रमण की ओर इशारा करते हैं। हालांकि, कुछ मामलों में यह अन्य किसी बीमारी के लक्षण भी हो सकते हैं।

  1. दांत निकलना

कई बार बच्चों का कान खींचने या खुजली करने की वजह उसके दांत आना हो सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि दांत और मुंह के आस-पास की नसे कानों तक जाती हैं। ऐसे में बच्चा कानों को टच करने व कानों में इचिंग करने के लिए मजबूर हो सकता है।

  1. एक्‍ज‍िमा रोग

शिशु के कानों में खुजली करना एक्‍ज‍िमा रोग (डर्मेटाइटिस) का लक्षण हो सकता है। शिशुओं में एटोपिक डर्मेटाइटिस की समस्या बेहद आम है। इस स्थिति से बचाव के लिए शिशु की साफ-सफाई का खास ख्याल रखने के लिए कहा जाता है।

यदि शिशु की कान के आस-पास की त्वचा लाल, ड्राई व सूज रखी है या फिर पस निकल रहा है, तो यह एक्जिमा के लक्षण हो सकते हैं। शिशु में ये लक्षण नजर आए, तो माता-पिता को बिना देरी किए बाल रोग विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए।

  1. इयर वैक्स यानी कान का मैल

कान का मैल भी बच्चों के कान की खुजली के मुख्य कारणों में से एक है। यह कान की मृत कोशिकाएं होती हैं, जो कान में वैक्स के रूप में एकत्रित हो जाती हैं। कई बार ये इतना बढ़ जाती हैं कि बेबी के कान में खुजली पैदा होने लगती है।

अगर बच्चे के कान में खुजली का कारण मैल है तो गलती से भी कॉटन की तीली से इसे निकालने की गलती न करें। डॉक्टर इसके लिए ईयर ड्रॉप्स रिकमेंड करते हैं, जिससे कान का मैल खुद बाहर निकल आता है।

  1. शिशु में अपने कानों को लेकर जिज्ञासा

शिशु हमेशा अपने आस-पास की चीजों को टटोलते रहते हैं। इसमें उनका अपना शरीर भी शामिल है। जैसे-जैसे वो बड़े होते हैं, सबसे पहले हाथों और उंगलियों को समझने लगते हैं। उन पर नियंत्रण पाने की कोशिश करते हैं। कई बार उनकी ये खोज कानों तक पहुंच जाती है। जब ऐसा होता है, तो वो बार-बार कानों को महसूस करने का प्रयास करने लगते हैं।

इस उम्र में जिज्ञासा होना अच्छी बात है। ऐसे में माता-पिता को शिशु को बात करके बताना चाहिए कि ये उनके कान है। इसके लिए आप उनके साथ गेम खेल सकते हैं, जिसमें आप उनसे आंखें, नाक, होंठ, कान आदि के बारे में पूछेंगे और वो उस पार्ट को टच करके बताएंगे।

शिशु के कान में खुजली के घरेलू उपचार (Home Remedies for Itchy Ear in Babies in Hindi)

लेख में आपने ऊपर शिशु के कान में खुजली के अलग-अलग कारण के बारे में जाना। इसके इलाज के लिए भी इसका कारण मालूम होना जरूरी है, जैसे-

  • शिशु के कान में खुजली का कारण यदि ईयर वैक्स (कान की मैल) है, तो ऐसे में गुनगुने पानी में कॉटन के कपड़े को भिगोकर कान के बाहरी हिस्से को साफ कर सकते हैं। ध्यान रखें इस दौरान कान की नलिका (Ear Canal) में पानी न जाए।
  • अगर बच्चा दांत आने की वजह से कान को बार-बार टच या खुजली करता है, तो ऐसे में अपने हाथों को अच्छे से सैनिटाइज करें। इसके बाद अपनी उंगली से बच्चे के मसूड़ों को धीरे से रगड़ें।
  • मसूढ़ों में होने वाली इरिटेशन को शांत करने के लिए फ्रिज में रखा ठंडे चम्मच का प्रयोग कर सकते हैं। एक साफ कपड़ें को फ्रिज में ठंडा करके बच्चे को चबाने के लिए दे सकते हैं। ये घरेलू टीथर का काम करता है।
  • सर्दी-खांसी या जुकाम की वजह से शिशु को कान में खुजली की शिकायत हो रही है। ऐसे में शिशु के कमरे में ह्यूमिडिफायर का इस्तेमाल कर सकते हैं। बता दें कि कूल ह्यूमिडिफायर भांप छोड़ने वाला उपकरण  होता है।
  • बच्चे के कान में इंफेक्शन है तो कान के ऊपरी हिस्से की गर्म सिकाई कर सकते हैं। कान के बाहर टी ट्री ऑयल की कुछ बूंदें लगा सकते हैं। बच्चे के कान के आस-पास की त्वचा पर मसाज करने से कुछ हद तक दर्द कम हो सकता है।

शिशुओं के कान में खुजली से बचाव

शिशु के कान में खुजली
टॉडलर

बच्चों में कान में खुजली की समस्या से बचाव में निम्नलिखित टिप्स मददगार हो सकते हैं:

  • बच्चों के हाथों की साफ-सफाई का ख्याल रखें। कई बार गंदे हाथों की वजह से कान में बैक्टीरिया फैल सकता है।
  • बच्चों के खिलौनों को हर कुछ दिन में साफ करें। अक्सर बच्चे अपने खिलौनों को कान व मुंह पर टच करते रहते हैं। इससे भी कानों में इंफेक्शन होने के कारण खुजली की शिकायत हो सकती है।
  • बच्चे को धूल-मिट्टी वाली जगहों पर न लेकर जाएं।
  • शिशु के आस-पास धूम्रपान न करें।
  • बच्चे को सभी टीके समय पर लगवाएं।
  • शिशु को पीठ के बल लेटाकर दूध पिलाती हैं तो ऐसा न करें। हमेशा बच्चे को थोड़ा ऊंचा बिठाकर दूध पिलाएं।

शिशु के कान में खुजली को नजरअंदाज न करें। कई बार यह चिंता का विषय भी हो सकता है। यदि बच्चा कान में खुजली करने के साथ चिड़चिड़ा व्यवहार कर रहा है या बार-बार रो रहा है, तो बिना देरी करें बच्चे को ईएनटी स्‍पेशल‍िस्‍ट को दिखाएं। डॉक्टर शिशु के कान में खुजली का कारण पता लगा उसका इलाज कर सकते हैं। शिशु से जुड़ी हर छोटी बात को लेकर अभिभावकों को सतर्क रहने की आवश्यकता होती है।

Image Sources: Pexel/Freepik

07 Apr 2022

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