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हल्दी-दूध के फायदे और नुकसान – Haldi Doodh Ke Fayde

Supriya SrivastavaSupriya Srivastava  |  Sep 15, 2021
haldi doodh ke fayde - हल्दी दूध के फायदे और नुकसान

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बचपन में चोट लग जाने पर आपने अक्सर घर के बड़ों को आपके लिए हल्दी वाला दूध बनाते हुए देखा होगा। चोट अधिक दर्द न करे और जल्दी ठीक हो जाये इसके लिए वे किसी भी तरह आपको हल्दी वाला दूध पिलाकर ही दम लेते होंगे। दरअसल, गोल्डन मिल्क जिसे हल्दी वाला दूध भी कहा जाता है एक भारतीय ड्रिंक है, जो अपनी खूबियों के चलते भारत के साथ अब पश्चिमी संस्कृतियों में भी लोकप्रियता हासिल कर रही है। यह अपने कई स्वास्थ्य लाभों के लिए जाना जाता है और अक्सर इम्यूनिटी को बढ़ाने के साथ कई बीमारियों को दूर करने के लिए वैकल्पिक उपाय के रूप में उपयोग किया जाता है। हल्दी वाले दूध के फायदे (haldi doodh ke fayde) आपको हैरान कर सकते हैं। हम यहां आपको हल्दी दूध के फायदे और नुकसान के बारे में बता रहे हैं।  जानिए अशोकारिष्ट के फायदे और नुकसान

हल्दी-दूध के फायदे – Haldi Wala Doodh Peene Ke Fayde

हल्दी दूध (turmeric milk), जिसे अब ‘गोल्डन मिल्क’ के नाम से जाना जाता है, कई स्वास्थ्य समस्याओं का तुरंत समाधान करता है। एक कप गर्म दूध में एक चुटकी हल्दी पाउडर, बस इतना ही आपके शरीर को ठीक करने के लिए काफी है। भारत हल्दी का सबसे बड़ा उत्पादक और उपभोक्ता है और मसाले के रूप में यह हर भारतीय घर की रसोईं में पाई जा सकती है। हल्दी न केवल हमारे व्यंजनों में रंग और स्वाद जोड़ती है बल्कि कई धार्मिक परंपराओं के लिए भी महत्वपूर्ण है। आयुर्वेद, यूनानी और सिद्ध जैसी वैकल्पिक पारंपरिक चिकित्सा विभिन्न विकारों के इलाज के लिए हल्दी का उपयोग करती है। आधुनिक चिकित्सा ने भी हल्दी के उपयोग को मान्यता दी है। मगर जब यही हल्दी एक कप गर्म दूध में मिला दी जाती है तो इसकी क्षमता दोगुनी हो जाती है। हम यहां आपको दूध में हल्दी के फायदे (turmeric milk benefits in hindi) बता रहे हैं। 

हल्दी-दूध के फायदे - Haldi Wala Doodh Peene Ke Fayde

चोट लगने पर हल्दी-दूध के फायदे – Chot Lagne Par Haldi Dudh Ke Fayde

शल्य चिकित्सा के जनक सुश्रुत ने हल्दी के एंटीसेप्टिक और जीवाणुरोधी गुणों को दुनिया के पहले चिकित्सा पाठ में लिखा था! वैदिक परंपरा हल्दी का उपयोग ड्रेसिंग कट और घावों से लेकर गंभीर बीमारियों को रोकने के लिए कई तरह की बीमारियों को ठीक करने के लिए करती रही है। यही वजह है कि आज भी चोट लगने पर सबसे पहले हल्दी-दूध पीने की सलाह दी जाती है। 

अनिद्रा में राहत – Sleeplessness Ke Liye Haldi Doodh

आजकल की लाइफस्टाइल में नींद न आने की समस्या आम हो चुकी है। हम सोना भी चाहें तो सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफार्म का लालच हमें सोने नहीं देता। इस वजह से अनिद्रा की आदत बढ़ती चली जाती है। हल्दी-दूध अनिद्रा में राहत दिलाने का काम करता है। अगर आपको अनिद्रा की समस्या है तो रोज रात खाना खाने के लगभग 1 घंटे बाद या फिर सोने से पहले दूध में हल्दी मिलकर पियें। इससे आपको अच्छी नींद आएगी। 

खांसी-जुकाम में फायदेमंद – Cold Cough Ke Liye Haldi Dudh

हल्दी वाला दूध एंटी वायरल और एंटी बैक्टीरियल गुणों से भरपूर होता है, यही वजह है कि हल्के सा सर्दी-जुकाम होने पर भी घर के बड़े हल्दी वाला दूध पीने की सलाह देते हैं। हल्दी वाला दूध न सिर्फ सर्दी में राहत पहुंचाता है बल्कि जुकाम को भी जल्द ठीक कर देता है। बात जब सर्दी-जुकाम के घरेलू उपचार की आती है तो हल्दी-दूध एक बेहतर विकल्प माना जाता है।  

हड्डियां बनाएं मजबूत – Bones Ke Liye Haldi Doodh

दूध आम तौर पर कैल्शियम और विटामिन डी से भरपूर होते हैं। यह दोनों ही मजबूत हड्डियों के निर्माण के लिए आवश्यक पोषक तत्व होते हैं। विटामिन डी आपके आहार से कैल्शियम को अवशोषित करने की आपकी आंत की क्षमता में सुधार करके हड्डियों को मजबूत बनाने में योगदान देता है। वहीं हल्दी का करक्यूमिन कंपाउंड भी हड्डियों के नुकसान और हड्डी संबंधी रोग को बढ़ने से रोकने में मदद करता है। यही वजह है कि हल्दी वाला दूध पीने से हड्डियां मजबूत बनती हैं।

इम्यूनिटी बढ़ाए – Immunity Ke Liye Turmeric Milk

हल्दी में करक्यूमिन नमक एक एंटीऑक्सिडेंट है, जो हमारे स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है और कई बैक्टीरिया और वायरल संक्रमणों के खिलाफ हमारे रक्षा तंत्र में सुधार करता है। हल्दी का नियमित उपयोग इम्यूनिटी बूस्टर के रूप में कार्य करता है, जिससे हमारे शरीर को संक्रमण के खिलाफ बेहतर तरीके से तैयार और प्रभावी बनाने में मदद मिलती है।

पाचन शक्ति बढ़ाए – Digestion Ke Liye Haldi Milk

अगर आपकी पाचन शक्ति कमजोर है और आप उसे बेहतर बनाना चाहते हैं तो हल्दी-दूध का सेवन जरूर करें। हल्दी और दूध का सेवन आंतों को स्वस्थ रखता है और पाचन शक्ति को बढ़ाता है। साथ ही दूध में विटामिन-बी12 भी होता है, जिसे पाचन के लिए अच्छा माना गया है। कहना गलत नहीं होगा कि पाचन शक्ति बढ़ाने के लिए हल्दी वाला दूध एक बेहतर विकल्प है। 

पाचन शक्ति बढ़ाए - Digestion Ke Liye Haldi Milk

पीरियड के दर्द को करे कम 

हल्दी वाले दूध में एंटीस्पास्मोडिक गुण भी होते हैं जो मासिक धर्म के दौरान होने वाले दर्द को कम करते हैं। यह चक्र को सामान्य करने में भी मदद करता है। अगर महिलाओं को हार्मोनल असंतुलन, एंडोमेट्रियोसिस, ल्यूकोरिया या फाइब्रॉएड है, तो हल्दी वाला दूध उनकी मदद करता है। हल्दी वाला दूध प्रजनन स्वास्थ्य को बढ़ाता है। 

मस्तिष्क स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद 

मस्तिष्क स्वास्थ्य यानि आपके दिमाग के लिए हल्दी वाला दूध काफी फायदेमंद साबित हो सकता है। इसमें मौजूद करक्यूमिन मस्तिष्क कोशिकाओं के विकास को बढ़ावा देता है। यहां तक कि गुस्सा आने, मूड खराब होने, स्ट्रेस और डिप्रेशन जैसी परेशानी में दूध-हल्दी एक बेहतर विकल्प बनकर उभरता है। 

डायबिटीज में भी फायदेमंद 

दूध-हल्दी में आप अदरक और दालचीनी मिलाकर भी पी सकते हैं। गोल्डन मिल्क में मौजूद यह तत्व ब्लड शुगर लेवल को कम करने में मदद कर सकते हैं। दूध में मौजूद कैल्शियम ग्लूकोज मेटाबॉलिज्म में मदद करके डायबिटीज से बचाव कर सकता है। वहीं डायबिटीज टाइप 1 के मरीजों को 3 महीने तक रोजाना 5 ग्राम हल्दी देने से उनका ब्लड शुगर लेवल काफी हद कंट्रोल हो सकता है। 

दूध में हल्दी के नुकसान – haldi doodh side effects in hindi 

दूध में हल्दी के नुकसान - haldi doodh side effects in hindi

हर चीज़ के अपने फायदे और नुकसान होते हैं। अगर हल्दी वाले दूध के फायदे (haldi wala doodh peene ke fayde) हैं तो दूध में हल्दी के नुकसान (haldi doodh side effects in hindi) भी हैं। आमतौर पर हल्दी नुकसान नहीं करती है। मगर कुछ लोगों को हल्दी-दूध के लगातार और अधिक सेवन से पेट खराब, मतली, चक्कर आना या दस्त की शिकायत हो सकती है। वहीं हल्दी-दूध की तासीर गर्म होने के कारण गर्भावस्था के दौरान डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही दूध में हल्दी मिलकर पियें। इसके अलावा कभी भी कच्चे दूध में हल्दी मिलकर न पियें ये स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है।  

हल्दी-दूध को लेकर पूछे जाने वाले सवाल-जवाब -FAQs

सवाल- हल्दी वाला दूध कब नहीं पीना चाहिए?

जवाब- सबुह-सुबह इसे पीना नजरअंदाज करें तो बेहतर होगा। हल्दी वाला दूध अपना असप रात में जल्दी दिखाता है।

सवाल- दूध में हल्दी मिलाकर कैसे पीना चाहिए?

जवाब- एक कप गर्म दूध में चुटकी भर हल्दी मिलाकर पिएं।

सवाल- क्या हल्दी वाला दूध रोज पीना चाहिए?

जवाब- जिन लोगों को गर्म तासीर वाली चीजें खाने से स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव नहीं पड़ता है, वे हल्दी वाला दूध रोज पी सकते हैं।

सवाल- क्या हम हल्दी वाले दूध में शहद मिला सकते हैं?

जवाब- हां, हल्दी वाले दूध में शहद मिला सकते हैं

सवाल- क्या रात में दूध पीने से वजन बढ़ सकता है?

जवाब- नहीं, बल्कि हल्दी वाला दूध रात में ही पीना चाहिए।

सवाल- हल्दी वाला दूध किसे नहीं पीना चाहिए?

जवाब- जिन लोगों के स्वास्थ्य पर गर्म तासीर वाली चीजें नकारात्मक असर डालती हैं उन्हें हल्दी वाला दूध नहीं पीना चाहिए।

सवाल- दूध खड़े होकर क्यों पीना चाहिए?

जवाब- क्योंकि आयुर्वेद में कहा गया है कि बैठकर दूध पीने से पाचन संबन्धी परेशानियां होती हैं