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40+ Guru Nanak Jayanti 2021 Wishes in Hindi | गुरु नानक जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं

Anu VermaAnu Verma  |  Nov 17, 2021
40+ Guru Nanak Jayanti 2021 Wishes in Hindi | गुरु नानक जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं

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कार्तिक पूर्णिमा को श्री गुरु नानक जी का जन्मदिन मनाया जाता है। गुरु नानक जयंती सिख विशेष रूप से समुदाय में मनाया जाने वाला सबसे सम्मानित दिन है। इस पर्व को गुरु पर्व के नाम से भी जाना जाता है, जिसका अर्थ है गुरु का उत्सव। इस दिन की बहुत अहमियत है। गुरु नानक जी नैतिकता, कड़ी मेहनत और सच्चाई का संदेश देते थे। यह दिन महान आस्था, सामूहिक भावना और प्रयास के साथ पूरे विश्व में मनाया जाता है। गुरु नानक जी का जीवन प्रेम, ज्ञान और वीरता से भरा हुआ था। इस पर्व को लेकर यह मान्यता है कि 500 साल पहले भारत में गुरु नानक देव जी नामक एक महान संत थे। गुरु नानक देव जी पंजाब के रहने वाले थे। आप भी इस साल गुरु नानक जयंती पर अपने दोस्तों, रिश्तेदारों और जानने वालों के साथ शेयर करें गुरु नानक जयंती की शुभकामनाएं (Guru Nanak Jayanti 2021 Wishes in Hindi), गुरु नानक देव जी के दोहे (Guru Nanak ji ke Dohe in Hindi) और गुरु नानक जयंती संदेश (Guru Nanak Jayanti 2021 Messages in Hindi)।

  Guru Nanak Jayanti Wishes in Hindi |  गुरु नानक जयंती पर शुभकामनाएं  (Shutter Story)

Guru Nanak Jayanti 2021 Wishes in Hindi |  गुरु नानक जयंती पर शुभकामनाएं

 

1. वाहेगुरु का आशीष सदा मिले, ऐसी कामना है हमारी, गुरु की कृपा से आएगी, घर-घर में ख़ुशहाली, हैप्पी गुरु नानक जयंती।
2. खुशियां और आपका जनम-जनम का साथ हो, हर किसी की जुबान पर आपकी हंसी की बात हो, जीवन में कभी कोई मुसीबत आए भी तो, आपके सिर पर गुरु नानक का हाथ हो।
3. राज करेगा खालसा, बाके रहे ना कोए, वाहेगुरु जी दा खालसा वाहे गुरु जी दी फ़तेह, हैप्पी गुरु नानक जयंती।
4. नानक नीच कहे विचार, वेरिया ना जाव एक वार, जो टूड भावे सई भली कार, तू सदा सलामत निरंकार, गुरु पर्व दी लख-लख बधाईयां।
5. दुनिया में किसी भी व्यक्ति को भ्रम में नहीं रहना चाहिए। बिना गुरु के कोई भी दूसरे किनारे तक नहीं जा सकता है। गुरु नानक जयंती के शुभ दिन की खूब शुभकामनाएं।
6. खालसा मेरा रूप है ख़ास, खालसे में ही करूं निवास, खालसा अकाल पुरख की फ़ौज, खालसा मेरा मित्र कहाए, खालसा दे जन्मदिन दी सब को बधाई।
7. ज्यों कर सूरज निकल्या, तारे छुपे हनेर प्लोवा, मिटी ढूंढ जग चानन होवा, काल तान गुरु नानक आइया।
8. नानक नीच कहे विचार, वारेया ना जावां एक वार, जो तुध भावे साईं भली कार, तू सदा सलामत निरंकार, गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व की आपको बधाई।
9. तुमने सिखाया उंगली पकड़कर चलना, तुमने बताया कैसे गिरने पर है संभलना, तुम्हारी वजह से आज हम पहुंचे इस मुकाम पे, गुरु पूरब बीते प्रभु नाम में। हैप्पी गुरु नानक जयंती। 
10. गुरु नानक देव जी के सद्कर्म, हमें सदा राह दिखाएंगे, वाहे गुरु के ज्ञान से, सबके बिगड़े हुए कारज बन जाएंगे, गुरु नानक जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं। 

Precious Thoughts of Guru Nanak Dev Ji | गुरु नानक जी के अनमोल वचन 

1. कोई उसे तर्क द्वारा नहीं समझ सकता, भले वह युगों तक तर्क करता रहे।
2. भगवान एक है, लेकिन उसके कई रूप हैं। वह सभी का निर्माण करता है और वह खुद मनुष्य का रूप लेता है।
3. यदि किसी को धन की अथवा कोई अन्य मदद चाहिए तो हमें कदापि पीछे नहीं हटना चाहिए।
4. मेरा जन्म नहीं हुआ है तो भला मेरा जन्म या मृत्यु कैसे हो सकती है।
5. बंधुओ, हम मौत को बुरा नहीं कहते, यदि हम जानते कि वास्तव में मरा कैसे जाता है।
6. प्रभु के लिए खुशियों के गीत गाओ, प्रभु के नाम की सेवा करो और उसके सेवकों के सेवक बन जाओ।
7. ना ही एक बच्चा हूं, ना एक नवयुवक, ना ही में पौराणिक हूं, ना ही किसी जाति का हूं।
8. अपने जीवन में कभी यह नहीं सोचना कि यह नामुमकिन है।
9. अपने हाथों से मेहनत कर, लोभ को त्याग कर एवं न्यायोचित साधनों से धन का अर्जन करना चाहिए।
10. स्त्री जाति का आदर करना चाहिए ।

Guru Nanak Dev Ji ke Dohe | गुरु नानक देव जी के दोहे

Guru Nanak Dev Ji ke Dohe | गुरु नानक देव जी के दोहे

Guru Nanak Dev Ji ke Dohe | गुरु नानक देव जी के दोहे

 

1. साचा साहिबु साचु नाइ,भाखिआ भाउ अपारू,आखहि मंगहि देहि देहि दाति करे दातारू। अर्थात- प्रभु सत्य एवं उसका नाम सत्य है, अलग-अलग विचारों और भावों तथा बोलियों में उसे भिन्न- भिन्न नाम दिए गए हैं। प्रत्येक जीव उससे दया की भीख मांगता है तथा सब जीव उसके कृपा के अधिकारी हैं और वह भी हमें कर्मों के मुताबिक अपनी दया प्रदान करता है।
2. फेरि कि अगै रखीऐ, जितु दिसै दरबारू। मुहौ कि बोलणु बोलीएै, जितु सुणि धरे पिआरू।
अर्थात- हमें यह ज्ञात नहीं है कि उसे क्या अर्पण किया जाए, जिससे वह हमें दर्शन दे, हम कैसे उसे गाएं, याद करें, गुणगान करें कि वह प्रसन्न होकर हमें, अपनी कृपा से सराबोर करे और अपना प्रेम हमें सुलभ कर दे।
3. अंम्रित वेला सचु नाउ वडिआई वीचारू। अर्थात- नानक देव जी ने प्रातःकाल को अमृत बेला कहा है। इस समय हृदय से प्रभु का जप स्मरण करने से वह अपनी कृपा प्रदान करता है। इस समय ईश्वर में एकाग्रता सहज होती है । अतः प्रातःकाल में हमें प्रभु का ध्यान अवश्य करना चाहिए।
4. करमी आवै कपड़ा, नदरी मोखु दुआरू। नानक एवै जाणीऐ, सभु आपे सचिआरू। अर्थात- अच्छे-बुरे कर्मों से यह शरीर बदल जाता है, मोक्ष नहीं मिलता है। मुक्ति तो केवल प्रभु कृपा से संभव है। हमें अपने समस्त भ्रमों का नाश करके ईश्वर तत्व का ज्ञान प्राप्त करना चाहिए।
5. पवणु गुरू पाणी पिता, माता धरति महतु। दिवसु राति दुइ दाई, दाइआ खेलै सगल जगतु। अर्थात- हवा वह गुरु है, जो आदमी के जीवन को चलायमान करती है। पानी पिता और पृथ्वी मां सदृश्य है। इन्हीं दोनों के मेल से सारे घास-फूस पौधे-पत्ते जन्म लेते हैं। तब दिन और रात लोगों को पुरुषार्थ कराने वाले सेवक और सेविकाएं हैं।
6. चंगिआईआ बुरिआईआ,वाचै धरमु हदूरि। करमी आपो आपणी, के नेड़ै के दूरि। अर्थात- धर्मराज के रूप में परमेश्वर खुद हमारी आत्मा में बैठकर, हमारे समस्त कार्यों का हिसाब-किताब रखता है। इसी कारण हम स्वयं अपने कर्मों के मुताबिक प्रभु से दूर या निकट हो जाते हैं।
7. जिनी नामु धिआइआ गए मसकति घालि। नानक ते मुख उजले केती छुटी नालि।
अर्थात- उनका जीवन सफल एवं धन्य है, जो प्रभु नाम सुमिरण करते हैं तथा उन्होंने अपने उज्ज्वल चरित्र एवं व्यवहार से संसार में अनेक लोगों का जीवन धन्य करके उन्हें मुक्ति प्रदान की है।
8. जे को कहै करै वीचारू। करते कै करणै नाही सुमारू। अर्थात- कोई यदि उन संतों को किसी अन्य विचार की ओर ले जाता है तो वे खूब सोच-विचार कर समझ लेते हैं कि वह विचार उचित है या अनुचित। ईश्वर का काम अंतहीन है। वह स्वयं अनन्त एवं अपरिमित है।
9. धौलु धरमु दइआ का पूतु। संतोखु थापि रखिआ जिनि सूति। अर्थात- संत कोई बल नहीं, वह साक्षात धर्म होता है। दया-करुणा उसकी मां के जैसी होती है। दया का पुत्र धर्म पर स्थिर रहता है। वह पृथ्वी एवं संतोष  रूपी धागे से हमेशा धर्म से मजबूती से बंधा हुआ है।
10. जीअ जाति रंगा के नाव। सभना लिखिआ वुड़ी कलाम। एहु लेखा लिखि जाणै कोइ। लेखा लिखिआ केता होई। अर्थात- प्रभु के रचित संसार में अनेकानेक जातियों और रंगों के अनंत जीव हैं। सभी जीवों के कर्मों का लेखा, परमेश्वर की एक ही कलम से लिखा गया है। किसी भी प्राणी के लिए उनका लेखा या गिनती कर पाना असंभव है। यह गिनती तो अपरम्पार है।

Guru Nanak Jayanti 2021 Messages in Hindi | गुरु नानक जयंती संदेश

1. सांसारिक प्यार को जला दे, अपनी राख को घिसे और उसकी स्याही बनाए, अपने दिल को कलम (पेन) बनाए, अपनी बुद्धि को लेखक बनाए, और वह लिखे जिसका कोई अंत न हो और जिसकी कोई सीमा न हो। – श्री गुरु नानक देव। हैप्पी गुरु पर्व।
2. दुनिया एक नाटक है, जिसे सपनों में प्रस्तुत करना होता है। – श्री गुरु नानक देव। हैप्पी गुरु पर्व।
3. वे लोग जिनके पास प्यार है, वे उन लोगों में से हैं, जिन्होंने भगवान को ढूंढ लिया। – श्री गुरु नानक देव। Happy Gurpurab हैप्पी गुरु पर्व।
4. योगी को किस बात का डर होना चाहिए! पेड़, पौधे सभी उसी के अंदर और बाहर होते हैं। श्री गुरु नानक देव। हैप्पी गुरु पर्व।
5. माया को जेब में ही स्थान देना चाहिए, अपने हृदय में नहीं। – श्री गुरु नानक देव। हैप्पी गुरु पर्व ।
6. सिर्फ और सिर्फ वहीं बोलें, जो शब्द आपको सम्मानित करते हैं। – श्री गुरु नानक देव। हैप्पी गुरु पर्व।
7. हमेशा एक ईश्वर की उपासना करो। – श्री गुरु नानक देव, हैप्पी गुरु पर्व।
8 .दूब की तरह छोटे बनकर रहो, जब घास-पात जल जाते हैं, तब भी दूब जस की तस रहती है। – श्री गुरु नानक देव, हैप्पी गुरु पर्व।
9. शांति से अपने ही घर में खुद का विचार करें, तब आपको मृत्यु का दूत छू भी नहीं पाएगा। – श्री गुरु नानक देव, हैप्पी गुरु पर्व।
10. भोजन शरीर को जिंदा रखने के लिए ज़रूरी है, पर लोभ-लालच व संग्रहवृत्ति बुरी है। श्री गुरु नानक देव, हैप्पी गुरु पर्व।

 

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