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कोरोनावायरस के लक्षण, अफवाहें और बचाव – Coronavirus Symptoms in Hindi

Dileep GautamDileep Gautam  |  Mar 26, 2020
कोरोनावायरस के लक्षण, अफवाहें और बचाव – Coronavirus Symptoms in Hindi

कोरोनावायरस से आज हर कोई परिचित है। इस एक वायरस ने पूरे विश्व को हिला कर रख दिया है और लगभग हर देश में लॉकडाउन की स्थिति पैदा हो गई है। चीन के शहर वुहान से निकला कोरोनावायरस (coronavirus) आज 170 से अधिक देशों में अपना घर बना चुका है। वैज्ञानिक से लेकर डॉक्टर तक सभी इस बीमारी की दवा खोजने में जुटे हुए हैं पर अभी तक कोई सफलता हाथ नहीं लगी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कोरोना वायरस को महामारी घोषित कर दिया है, कोरोनावायरस (corona virus) से संक्रमित लोगों के ताजा आंकड़ों पर नजर डालें तो करीब 3 लाख से अधिक लोग इस बीमारी की चपेट में आ चुके हैं और मरने वालों की संख्या करीब 14 हजार तक पहुंच चुकी है। ये आंकड़े लगातार बढ़ते जा रहे हैं। कोरोनावायरस के सबसे गंभीर परिणाम चीन और इटली में देखने को मिले हैं। जहां इटली में 1720 लोगों की कोरोनावायरस से मौत हो चुकी है, वहीं चीन में 3,270 लोग इस बीमारी से अपना दम तोड़ चुके हैं। इस बीच अच्छी खबर ये है कि फिलहाल चीन में कोरोनावायरस से होने वाली मौतों की संख्या घट रही है। अगर हम भारत (corona virus in India) की बात करें तो COVID-19 से मरने वालों की संख्या करीब 11 तक पहुंच चुकी है और इसकी गिरफ़्त में करीब 650 लोग हैं और ये आंकड़े हर पल बदल रहे हैं। COVID-19 की भारत में वर्तमान स्थिति क्या है इसकी जानकारी आप भारत सरकार द्वारा जारी किये गये इस वेबसाइट के जरिए पता कर सकते है।

सेल्फ आइसोलेशन ज़ोन के लिए क्रिएटिव स्किल्स

coronavirus precautions

ये आंकड़े हम आपको डराने के लिए नहीं बता रहे हैं। हमारा सिर्फ एक ही मकसद है कि आप कोरोना वायरस से सतर्क रहें क्योंकि ये बीमारी छुआ-छूत का रूप ले चुकी है। इस बीमारी से बचने का उपाय (coronavirus precautions in hindi) तो है मगर अभी तक इलाज (coronavirus treatment in hindi) नहीं मिल पाया है।

सेल्फ आइसोलेशन के दौरान ज़रूरी है मन की शांत

इसी बीच लोगों में कोरोनावायरस (covid-19) को लेकर कई भ्रांतियां फैल गईं हैं। अफवाहों का शिकार लोगों के मन में अजीबोगरीब डर बैठ गए हैं, जिनकी वजह से वे ऐसे काम कर रहे हैं, जो उन्हें नहीं करने चाहिए। इस माहौल में हमारा दायित्व बनता है कि आज हम आपको अफ़वाहों के बाजार से बाहर निकालें और बताएं कि आपदा की स्थिति में एक समझदार नागरिक का ज़िम्मेदारी भरा कर्तव्य क्या होता है।

भारत में कोविड-19 की स्थिति – Coronavirus in India

ऐसा बिल्कुल भी नहीं है कि इस वायरस से पीड़ित लोग ठीक नहीं हुए हैं या ठीक नहीं हो सकते। कोरोनावायरस से मरने वालों की संख्या उतनी नहीं है, जितनी इससे संक्रमित लोगों की है। हम आपके सामने स्वास्थ्य एंव परिवार कल्याण मंत्रालय (MOHFW) का ताजा आंकड़ा रख रहे हैं जिसके जरिए आप अंदाज़ा लगा सकते हैं कि भारत में कोरोनावायरस (coronavirus in india) की क्या स्थिति है।

S. No. Name of State / UT Total Confirmed cases (Including 76 foreign Nationals) Cured/Discharged/
Migrated
Death
1 Andaman & Nicobar 11 10 0
2 Andhra Pradesh 503 16 9
3 Arunachal Pradesh 1 0 0
4 Assam 33 0 1
5 Bihar 70 29 1
6 Chandigarh 21 7 0
7 Chhattisgarh 33 13 0
8 Delhi 1561 30 30
9 Goa 7 5 0
10 Gujarat 695 59 30
11 Haryana 199 34 3
12 Himachal Pradesh 33 13 1
13 Jammu & Kashmir 278 30 4
14 Jharkhand 27 0 2
15 Karnataka 277 75 11
16 Kerala 387 211 3
17 Ladakh 17 10 0
18 Madhya Pradesh 987 64 53
19 Maharashtra 2687 259 178
20 Manipur 2 1 0
21 Meghalaya 7 0 1
22 Mizoram 1 0 0
23 Nagaland# 0 0 0
24 Odisha 60 18 1
25 Puducherry 7 1 0
26 Punjab 186 14 13
27 Rajasthan 1005 147 3
28 Tamil Nadu 1204 81 12
29 Telengana 647 120 18
30 Tripura 2 0 0
31 Uttarakhand 37 9 0
32 Uttar Pradesh 735 51 11
32 West Bengal 213 37 7
Corona Cases in India 11933 1344 392

जहां आपको इन आंकड़ो से भारत में कोविड-19 के मामले (corona cases in India) का अंदाजा होगा वहीं आप ये भी जान पायेंगे कि कोरोना के केस भारत में कितने ठीक हो चुके हैं या इस बीमारी की चपेट में आने से कितने लोगों की मृत्यु हो चुकी है।

कोरोनावायरस क्या है? – What is Corona in Hindi

What is Corona in Hindi

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक, कोरोनावायरस (coronavirus) एक ऐसा संक्रमण (corona infection) है जो बेहद ही सूक्ष्म है और उसे नंगी आंखों से नहीं देखा जा सकता। इसका मानव शरीर पर असर जानलेवा है। अभी तक इस वायरस का कोई पुख्ता इलाज नहीं मिला है। (coronavirus treatment) कोरोनावायरस का गहरा प्रभाव हमारी अंतड़ियों और फेफड़ों पर होता है, जिसके बाद इंसान को सांस लेने में तकलीफ़ होती है और फिर बुखार, खांसी और जुखाम की समस्या शुरू हो जाती है। विशेषज्ञों की मानें तो कोविड-19 (COVID – 19) सतह पर लंबे समय तक जिंदा रहता है, जैसे:- टेबल, हैंडल, दरवाजे, धातु, कांच, प्लास्टिक आदि। 

कोरोनावायरस से जुड़ी अफवाहें – Coronavirus Myths in Hindi

Coronavirus Myths in Hindi

कोरोनावायरस का खौफ लोगों पर इस कदर हावी हो चुका है कि इसके बचाव के लिए वे कुछ भी करने को तैयार बैठे हैं। इस कारण कई बार उन्हें स्वास्थ्य लाभ होने के बजाय हानि हो जाती है और वे कोरोना की जगह दूसरी बीमारियों को न्योता दे बैठते हैं।  

  • लोगों में ऐसी ही एक भ्रांति फैली है कि गाय के गोबर और गो-मूत्र से कोविड-19 (COVID – 19) ठीक हो जाता है। इस बात का कोई भी मेडिकल सबूत मौजूद नहीं है जिससे साबित हो जाए कि गो-मूत्र या गोबर में एंटी-वायरस तत्व मौजूद हैं जो कोरोनावायरस (Corona Virus) को खत्म करने में सक्षम हों। ऐसी स्थिति में हमारी आपको सलाह है कि अफ़वाहों पर ध्यान न देकर अपने डॉक्टर से सलाह-मशविरा करें।
  • इस माहौल में सबसे तेज जो अफवाह फैली है, वो ये कि कोरोनावायरस गर्मी में जिंदा नहीं रह पाता, पारा चढ़ते ही कोरोना वायरस अपना दम तोड़ देता है। जबकि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की मानें तो इस बात में कोई  सच्चाई नहीं है। (WHO) के अनुसार, कोरोना वायरस किसी भी मौसम में फैल सकता है। इसका तापमान के बढ़ने या घटने से कोई वास्ता नहीं है। गर्मी के कारण कोरोनावायरस (coronavirus in india) मर जाता है, इस बात की पुष्टि अभी तक किसी वैज्ञानिक द्वारा नहीं की गई है।
  • इसके अलावा लोगों में एक भ्रांति ये भी फैली हुई है कि जड़ी-बूटियों द्वारा भी हैंड सैनिटाइज़र बनाया जा सकता है। किसी भी सैनिटाइज़र में करीब 80 प्रतिशत तक अल्कोहल की मात्रा होनी चाहिए, जबकि जिस अल्कोहल का सेवन किया जाता है, उसमें मात्र 40 प्रतिशत ही अल्कोहल होता है। इसलिए घर में बनाया गया सैनिटाइज़र वायरस को खत्म करने में असरदार साबित नहीं होता है।
  • लोगों में एक भ्रांति ये भी है कि सेनिटाइज़र द्वारा ही कोरोनावायरस (coronavirus) को हाथों से साफ किया जा सकता है जोकि सच नहीं है। आप अगर एक साधारण साबुन से भी अपने हाथ को 20 सेकेंड तक धोते हैं तो आपके हाथ से वायरस जाने की पूरी संभावना है।
  • इसके अलावा गिलोय, हल्दी और तुलसी के पत्तों को खाने से कोविड-19 (COVID – 19) से बचा जा सकता है.. इसका अभी तक कोई प्रमाण सामने नहीं आया है और न ही हमारे स्वास्थ्य मंत्रालय ने इसकी पुष्टि की है। 
  • मास्क को लेकर भी लोगों के बीच मारा-मारी मची हुई है। हम आपको बताना चाहेंगे कि मास्क पहनना जितना आपके लिए जरूरी है, उससे कहीं ज्यादा आवश्यक कोरोनावायरस से संक्रमित (corona infection) इंसान को है। कोरोनावायरस के कीटाणु बेहद सूक्ष्म होते हैं और मास्क उन्हें आप तक पहुंचने से नहीं रोक सकता। हां, अगर पीड़ित व्यक्ति मास्क का इस्तेमाल करता है तो वायरस को फैलने से कुछ हद तक जरूर रोका जा सकता है।

कोरोनावायरस के लक्षण – Coronavirus Symptoms

 Corona Symptoms in Hindi

इन दिनों हमारे सामने कई ऐसे केस आए हैं, जिनमें देखा गया है कि संक्रमित व्यक्ति कोरोनावायरस (covid-19) से पीड़ित होने के बावजूद उसके लक्षण (Corona symptoms in hindi) पहचान नहीं पाता, जिसकी वजह से दूसरे लोग भी संक्रमित (corona infection) हो जाते हैं। अब हमारे सामने सबसे बड़ा सवाल ये उठता है कि हम कोविड-19 के लक्षण को कैसे पहचानें? विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक, कोरोना वायरस के लक्षण (Coronavirus symptoms) को आसानी से पहचाना जा सकता है। जानिए, कैसे।

  • कोरोनावायरस का पहला लक्षण (Corona symptoms) है सूखी खांसी।
  • शरीर का तापमान अचानक बढ़ जाना।
  • शुरूआती पांच दिनों में सांस लेने में तकलीफ़ होना।
  • इसके अलावा मांसपेशियों और सर में दर्द होना।

अगर 5 दिनों में आपको ये सभी लक्षण नजर आते हैं तो बिना समय गंवाए डॉक्टर से संपर्क करें।

कोरोनावायरस को लेकर सामाजिक दायित्व – Social Responsibilities for Coronavirus

Social Responsibilities for Coronavirus

जैसा कि हम सब भली-भांति समझ चुके हैं कि कोरोना वायरस (covid-19) पूरी दुनिया के लिए किसी विश्व युद्ध से कम की स्थिति नहीं है। ऐसे में बहुत जरूरी हो जाता है कि हम अपने सामाजिक दायित्व को पूरी ईमानदारी के साथ निभाएं और सरकार के दिशा-निर्देशों का पालन करें। 

  • मौजूदा स्थिति को देखते हुए सरकार ने भारत (coronavirus in india) के 23 राज्यों में लॉकडाउन घोषित कर दिया है। इस आदेश के बाद कोई भी व्यक्ति बिना किसी इमरजेंसी के घर से बाहर नहीं निकल सकता। ऐसे में ये हमारा दायित्व बन जाता है कि हम सरकार के आदेश का पालन करें। कोरोनावायरस (covid-19) एक प्रकार से छुआ-छूत का रूप ले चुका है। हम जितने लोगों के संपर्क में आयेंगे, ये बीमारी (Corona virus) उतनी ही ज्यादा फैलेगी।
  • इस महामारी के माहौल में हमें अफवाहों से बचना चाहिए। बिना जांच-परख के हमें किसी भी बात को सच नहीं मान लेना चाहिए, न ही किसी दूसरे तक अफवाह को पहुंचने देना चाहिए। इससे स्थिति और बिगड़ सकती है। इसका ताजा उदाहरण हमारे सामने मौजूद है। एक अफवाह उड़ी कि खाने-पीने का सामान खत्म होने वाला है, इस अफवाह के चलते लोग बे-वजह अपने घरों में राशन इकट्ठा करने लग गये। इसकी वजह से आज सामान्य वस्तुओं की कीमत भी बढ़ गई है। सरकार ने साफ शब्दों में कहा है कि हमारे पास खाद्य पदार्थ भरपूर मात्रा में मौजूद हैं।
  • दुकानदारों का भी सामाजिक दायित्व बनता है कि इस मुश्किल घड़ी में मजबूरी का फायदा न उठाकर लोगों को उचित दाम पर सामान मुहैया करवाएं। हाल के दिनों में देखा गया है कि कई दुकानदार मनमानी कीमतों पर मास्क और सेनिटाइज़र बेच रहे हैं, जो कि पूरी तरह से गलत है।
    सरकार ने प्राइवेट कंपनियों को आदेश दिया है कि जब तक लॉकडाउन की स्थिति बनी हुई है, तब तक वो अपने कर्मचारियों को पूरा वेतन दें। सरकार का ये फैसला सराहनीय है। अब ये प्राइवेट कंपनियों का दायित्व बन जाता है कि ऐसी महामारी की स्थिति में वो अपने कर्मचारियों का पूरा ख्याल रखें।
  • इसके अलावा कॉर्पोरेट जगत का भी दायित्व बनता है कि वो इस भयावह स्थिति में सरकार और जनता, दोनों की मदद के लिए सामने आए और अपने कोष का कुछ हिस्सा इस बीमारी (covid-19) से लड़ने के लिए दान करे।
  • सोशल मीडिया के जमाने में कोई भी खबर आग की तरह फैलाई जा सकती है। हमें इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि कोई गलत सूचना आगे न फॉरवर्ड हो जाये। ऐसी स्थिति से बचें क्योंकि आपके एक गलत संदेश के कारण लाखों लोगों को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।

कोरोनावायरस का इलाज – Coronavirus Treatment in Hindi

Washing Hands as a Coronavirus Treatment

हमें अब ये भली-भांति समझ लेना चाहिए कि कोरोनावायरस से लड़ने के लिए किसी भी देश के पास अभी तक इसका कोई इलाज (coronavirus treatment) नहीं है। सभी वैज्ञानिक और एक्सपर्ट इस बीमारी (covid-19) पर रिसर्च ही कर रहे हैं और अनुमान लगाया जा रहा है कि कोरोनावायरस का एंटी-डोट बनाने में करीब 1 से 2 साल तक का समय लग सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक फिलहाल इस बीमारी का एक ही इलाज (corona cure) है और वह है सावधानी:- 

  • अपने हाथ को साबुन से हर 20 मिनट में 20 सेकेंड तक धोएं।
  • अपने चेहरे, नाक और आंखों को बार-बार न छुएं। हाथों पर सेनिटाइज़र का इस्तेमाल करें।
  • लोगों से मिलना-जुलना बंद करें, जितना संभव हो घर में ही रहें।
  • कोरोनावायरस के लक्षण (corona symptoms) सामने आते ही तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
  • अपने आस-पास सफाई का पूरा ध्यान रखें।
  • यात्रा के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करने से बचें।

कोरोनावायरस को मेडिटेशन से हराया जा सकता है? – Coronavirus Defeated by Meditation?

Meditation at Home

आप मेडिटेशन से कोरोना वायरस खत्म तो नहीं कर सकते पर हां, इस गंभीर और डरावने माहौल पर काबू जरूर पा सकते हैं। हम सब ये जानते हैं कि मेडिटेशन से हमारा मन-मस्तिष्क शांत रहता है, दृढ़ शक्ति मजबूत होती है, हमारे अंदर सकारात्मक भाव आते हैं और हमारा इम्यून सिस्टम मजबूत होता है। इस माहौल में अगर आप सुबह-शाम मेडिटेशन करते हैं तो तनाव मुक्त रहेंगे, आपके अंदर एक सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होगा, जो आपको कोरोनावायरस से लड़ने में जरूर मदद करेगी। 

कोरोना वायरस से जुड़े सवाल-जवाब – FAQ’s

सवाल- क्या सेक्स करने से कोरोनावायरस फैलता है?
जवाब- जब हम बात करते हैं कि कोरोनावायरस इंसान से इंसान में फैलने वाली बीमारी है तो ऐसे में ये सवाल लाज़मी है। हम आपको बता दें कि अभी तक वैज्ञानिकों का इस पर कोई शोध नहीं आया है कि सेक्स से इस कीटाणु का आदान-प्रदान होता है। लेकिन हमें ये नहीं भूलना चाहिए कि कोरोना वायरस (Corona Virus) सांस से जरूर फैलता है इसलिए हमारी सलाह यही होगी कि फिलहाल आप ऐसी किसी भी स्थिति से बचें।

सवाल- क्या गर्मी से कोरोना वायरस मर जाता है?
जवाब- ये एक कोरी अफवाह है कि गर्मी से कोरोनावायरस मर जाता है। इस बात की अभी तक कोई पुष्टि नहीं हुई है कि कोरोनावायरस गर्मी के कारण मर जाता है। WHO के अनुसार, कोरोना वायरस का गर्मी से कोई लेना-देना नहीं है। ये वायरस किसी भी तापमान में जिंदा रह सकता है।

सवाल- क्या मास्क वायरस के ख़िलाफ़ कारगर है?
जवाब- हम मास्क को कोरोनावायरस के खिलाफ पूरी तरह कारगर नहीं मान सकते हैं। कोरोनावायरस बेहद सूक्ष्म है, जो मास्क के अंदर भी प्रवेश कर सकता है। लेकिन अगर आप मास्क पहनते हैं तो इसमें कोई नुकसान भी नहीं है। अगर संक्रमित (corona infection) व्यक्ति मास्क पहने तो उसका लाभ ज्यादा होगा।

सवाल- क्या दरवाज़े छूने से कोरोना वायरस फैल सकता है?
जवाब- अगर कोरोनावायरस के कीटाणु दरवाजे पर मौजूद हैं और आपने उसे छू लिया और फिर आपने हाथ को नाक, आंख या चेहरे पर लगा लिया तो संक्रमित होने की पूरी आशंका है। इसलिए जब भी आप कहीं बाहर से आएं तो अपने हाथ को साबुन से 20 सेकेंड तक जरूर धोएं या सेनिटाइज करें।

सवाल- कोरोना वायरस कितने दिनों तक ज़िंदा रहता है?
जवाब- कोरोनावायरस की जिंदगी :-

  • कोरोनावायरस प्लास्टिक, स्टील और कॉपर की सतह पर करीब 3 से 4 दिन तक जिंदा रहता है। 
  • कोरोनावायरस हवा में करीब 3 घंटे तक जीवित रह सकता है। 
  • कार्ड बोर्ड पर कोविड-19 (COVID – 19) सिर्फ 4 घंटे तक ही जिंदा रह पाता है। 

हम आपको बताना चाहेंगे कि नोट (करेंसी) पर भी कोरोनावायरस (Corona Virus) का असर पाया जाता है। इसलिए हमारी सलाह है कि आप कैश का इस्तेमाल न के बराबर करें, अगर आप करते भी हैं तो तुरंत अपने हाथों को साबुन से धो लें और उस नोट को 2 से 3  दिनों तक के लिए अलग डिब्बे में रख दें। आजकल डिजिटल मनी की सुविधा हर जगह मौजूद है, उसका लाभ उठायें।