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जानिए कब्ज के लक्षण, कारण और उपाय के बारे में – Kabj ka Ilaj

Archana ChaturvediArchana Chaturvedi  |  Oct 25, 2019
कब्ज के लक्षण  - Kabj ka Ilaj
कहा जाता है कि एक अच्छे स्वास्थ्य और सेहतमंद इंसान का पेट भी तंदुरुस्त होना चाहिए। यह शरीर का बहुत महत्वपूर्ण हिस्सा है। अगर पेट में किसी तरह की कोई गड़बड़ी हो तो ये और भी बहुत सी बीमारियों को न्यौता देती है। अधिकांश लोग अक्सर पेट साफ न होने, यानी कब्ज (kabz) की शिकायत से परेशान रहते हैं। उम्र बढ़ने के साथ ये समस्या भी बढ़ने लगती है। इसका कारण पाचन क्रिया में गड़बड़ी के अलावा खान-पान का सही न होना भी होता है। कई बार हमारा गलत लाइफस्टाइल भी एक बहुत बड़ी वजह बनकर पेट पर बुरा असर डालता है। 
आजकल तो कब्ज (constipation) ज्यादातर लोगों के लिए एक आम समस्या हो गई है। यह समस्या भले ही सुनने में छोटी लगे, लेकिन स्वास्थ्य से जुड़ी बड़ी परेशानियों को जन्म दे सकती है। भारतीयों में कब्ज (kabz) को लेकर सबसे अधिक गलतफहमियां हैं। अधिकांश लोग मल की मात्रा को देखकर पेट साफ होने, न होने का आकलन करते हैं। अगर सुबह तरोताजा नहीं हुए तो उनका दिमाग उस ओर लगा रहता है। उसके लिए चाहे गर्म पानी, चाय या फिर रात को चूर्ण लेकर सोना पड़े, वे हमेशा तैयार रहते हैं, लेकिन ये सब चीजें कब्ज को खत्म करने के लिए पर्याप्त नहीं हैं। आइए जानते हैं कब्ज के उपाय (kabj ke upay) और कब्ज के बारे में हर छोटी से छोटी बात, जिससे कब्ज की शिकायत को स्थायी रूप से दूर किया जा सके।

कब्ज क्या है? – Kabj Kya Hai?

दरअसल, जो हम लोग रोज खाते हैं, वह पचने के बाद मल में परिवर्तित होकर बाहर निकल जाता है और जरूरी पोषक तत्व शरीर ग्रहण कर लेता है। यह एक स्वाभाविक प्रक्रिया है, लेकिन जब मल पूरी तरह से बाहर नहीं निकल पाता है या फिर कई दिनों के बाद निकले अथवा आसानी से न निकले और पेट खुलकर साफ न हो पाए तो इसे कब्ज (constipation) कहा जाता है। इस समस्या में व्यक्ति मलाशय से मल को बाहर निकालने में कठिनाई और दर्द महसूस करता है।

कब्ज के लक्षण – Kabj ke Lakshan

कब्ज के उपाय (Kabj ke upay) निकालते हुए हम आपको कब्ज के लक्षण के बारे में बता रहे हैं, जो संकेत देते हैं कि आप कब्ज की परेशानी से जूझ रहे हैं –

 

kabj ke Lakshan

  • सप्ताह में 2 से अधिक दिन तक मल त्याग न हो तो ये कब्ज के लक्षण हो सकता है।
  • मल सख्त हो जाता है और उसका वेग भी कम हो जाता है, जिससे मल त्याग के समय अधिक जोर लगाना पड़ता है। इस दौरान काफी कष्ट भी हो सकता है।
  • मल त्याग करने में बहुत जोर लगाना पड़े और काफी कोशिश करनी पड़ें।
  • जीभ का रंग सफ़ेद या मटमैला हो जाता है।
  • पेट तन जाना या फूलने लगना है।
  • बार-बार सिर दर्द होना।
  • भूख कम या न लगना।
  • मुंह बेस्वाद हो जाना।
  • पेट में सूजन और दर्द बने रहना।
  • चिड़चिड़ापन बढ़ जाना।
  • नींद न आने की समस्या होना।
  • आंखों का चकरा जाना।

कब्ज के कारण – Kabj ke Karan

हालांकि कब्ज एक आम समस्या है, लेकिन ज्यादातर मामलों में इसका कारण शरीर में मौजूद भोजन की तुलना में पानी का सेवन कम होना होता है। जी हां, जब शरीर में पाचन तंत्र धीमी गति से खाने को पचाता है तो ज्यादा पानी अवशोषित होता है। यही कारण है कि मल सूख कर ठोस हो जाता है। इसी वजह से कब्ज जैसी समस्या पैदा होती है। सिर्फ एक यही कारण नहीं है कब्ज (kabj) होने का, बल्कि और भी कई वजहें इसकी जिम्मेदार हैं। तो आइए, जानते हैं कि किन-किन कारणों की वजह से कब्ज जैसी समस्या पैदा होती है –
  • अत्यधिक नॉनवेज खाना खाने से।
  • ज्यादा तेल-मसाले वाला भोजन करने से।
  • गर्भावस्था के कारण।
  • बढ़ती उम्र के कारण पाचन शक्ति कमजोर हो जाने के कारण।
  • एक ही तरह का खाना रोजाना खाने से।
  • बार-बार पेट साफ करने या जुलाब की दवा का सेवन करने से।
  • रात के खाने के बाद सीधे सो जाने की वजह से।
  • किसी बीमारी के पुराने होते जाने की वजह से।
  • बहुत सारे डेयरी उत्पादों का सेवन करने से।
  • खाने में रेशों या फाइबर की कमी से।
  • शरीर के कम एक्टिव रहने की वजह से।
  • अत्यधिक तनाव रहने के कारण।
  • भोजन विकार।
  • पेट का कैंसर।
  • मुंह में छाले भी हैं एक कारण।
  • पौष्टिक आहार की कमी।
  • मल जबरदस्ती रोकने की आदत से।

कब्ज के उपाय – Kabj ke Upay

कब्ज से पीड़ित व्यक्ति को अपनी लाइफस्टाइल में बदलाव कर इन टिप्स को अपने डेली रुटीन में जरूर फॉलो करना चाहिए – 

Constipation Prevention

  • एक दिन में दो से चार अतिरिक्त ग्लास पानी पिएं, जब तक कि आपके डॉक्टर ने आपको किसी अन्य कारण से तरल पदार्थों का सीमित सेवन करने के लिए न कहा हो।
  • गर्म तरल पदार्थों का सेवन करें, विशेष रूप से सुबह के समय।
  • अपने आहार में फलों और सब्जियों को अधिक शामिल करें।
  • बीन्स, सब्जियां, फल, साबुत अनाज जैसे हाई फाइबर फूड अपनी डाइट में जरूर शामिल करें।
  • सप्ताह के अधिकांश दिनों में व्यायाम करें, क्योंकि ऐसा करने से मांसपेशियों में तनाव पैदा होता है और वे सक्रिय हो जाती हैं।
  • जब भी महसूस हो तुरंत मल त्याग के लिए जाएं,उसे जबर्दस्ती न रोकें।
  • खुश रहें और तनाव से मुक्त रहने के लिए मेडिटेशन करें।

कब्ज में क्या खाएं, क्या न खाएं

ज्यादा समय तक कब्ज की बीमारी से पीडित रहने पर त्वचा पर भी इसका असर दिखाई देने लगता है। इससे चेहरे का कुदरती निखार खोना शुरू हो जाता है। साथ ही तनाव भी रहने लगता है, लेकिन ऐसा नहीं है कि आप कब्ज की समस्या से छुटकारा नहीं पा सकते हैं। बस इसके लिए आपको सही जानकारी की जरूरत है। सलाहकारों की मानें तो हर व्यक्ति को रोजाना कम से कम 20 से 25 ग्राम फाइबर अपने भोजन में जरूर लेना चाहिए। बहुत से लोगों को तो ये ही नहीं पता होता है कि कब्ज में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं। कब्ज दूर करने के लिए बस पेट साफ करने वाली दवाइयां लेना ही एकमात्र उपाय नहीं है। यहां हम आपको बता रहे हैं कि कब्ज की समस्या में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं।

कब्ज में क्या खाएं

Eat in Constipation

पॉपकॉर्न खाएं, इसमें अच्छी-खासी कैलोरी होती है और ये फाइबर का भी अच्छा सोर्स है। 
बीन्स खाएं, इनमें अन्य चीजों के मुकाबले दो गुना फाइबर होता है। ये कब्ज के रोगियों के लिए किसी रामबाण से कम नहीं है।
ड्राई फ्रूट खाएं, क्योंकि फाइबर कब्ज को कम करने में सहायक होता है और डेट पाम यानि खजूर, किशमिश, अंजीर और  खुबानी में भूरपूर मात्रा में फाइबर पाया जाता है
ब्रोकली खाएं, इसमें प्रोटीन, कैल्शियम, कार्बोहाइड्रेट, आयरन, विटामिन ए, सी और कई दूसरे पोषक तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। कब्ज में कच्ची ब्रोकली का सेवन बेहद लाभदायक होता है। 
फल खाएं, इनमें पेक्टीन मौजूद होते हैं, जो कब्ज कम करने में मदद करते हैं। खासतौर पर बेर का फल, सेब, पपीता और नाशपाती कब्ज में अधिक फायदा करते हैं।
सूप पीएं, ये पौष्टिक होता है और पचने में आसान भी। ये मल नरम कर उसे आसानी से बाहर निकलने में मदद करता है।
गेहूं का चोकर, ये सबसे बेहतर विकल्प है कब्ज में राहत (constipation relief) के लिए। यह अघुलनशील फाइबर से समृद्ध होता है, जो आंतों के माध्यम से भोजन के प्रवाह को तेज करता है।

कब्ज में क्या न खाएं

Foods to Avoid in Constipation

डेयरी प्रोडक्ट, ये कब्ज में बेहद नुकसानदायक होते हैं, क्योंकि पनीर, दही, आइसक्रीम आदि दूध से बने होते हैं और दूध कब्ज बढ़ाता है।
नॉनवेज, खासतौर पर रेड मीट कब्ज की समस्या को और बढ़ाता है, इसीलिए इससे पीड़ित लोगों को यह नहीं खाना चाहिए।
बेकरी प्रोडक्ट, इनमें फाइबर की मात्रा बहुत कम होती है और ये रिफाइड कार्बोहाइड्रेट होते हैं, जोकि कब्ज में और ज्यादा नुकसान करते हैं। 
तली-भुनी चीजें, ये सब पाचन शक्ति को और भी कमजोर करती हैं। साथ ही कब्ज की समस्या को बढ़ाती भी हैं, इसीलिए बहुत ज्यादा फ्राइड और मसालेदार खाद्य पदार्थों से दूर ही रहना चाहिए।
शराब, इससे कब्ज की समस्या इतनी बढ़ जाती है कि फिर किसी तरह का कोई दवाई काम नहीं करती। शराब के सेवन से शरीर का ज्यादातर पानी पेशाब के रूप में बाहर निकल जाता है। शरीर में पानी की कमी के कारण मल सूखा और सख्त हो जाता है।
प्रोसेस्ड फूड, इन चीजों का तो सेवन वैसे भी कम ही करना चाहिए। आपको जानकर हैरानी होगी कि अधिकांश लोगों को कब्ज की शिकायत इनके सेवन से हो रही है।

कब्ज के घरेलू उपाय – Home Remedies for Constipation in Hindi

कई बार तो कब्ज की समस्या इतनी बढ़ जाती है कि आप कुछ भी कर पाने की हालत में नहीं होते। ऐसे में हम कई बार राहत (constipation relief) पाने के लिए दवाएं भी खा लेते हैं, जो सेहत को और नुकसान पहुंचा सकती हैं। यहां हम आपको कब्ज का इलाज (kabj ka ilaj) घरेलू नुस्खे द्वारा कैसे किया जा सकता है ये बता रहे हैं, जिनसे राहत मिलेगी।

Home Remedies for Constipation in Hindi

– रोजाना रात में एक गिलास दूध में एक चम्मच शुद्ध शहद डालकर पीएं। इससे आपको कभी भी कब्ज की शिकायत नहीं होगी। साथ ही आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता भी मजबूत होगी।
– अगर आपको लम्बे समय से कब्ज की शिकायत है तो रोजाना रात को सोने से पहले त्रिफला चूर्ण गुनगुने पानी के साथ सेवन करें। जल्द ही इस समस्या से निजात मिलेगी।
– पुदीने और अदरक की चाय का सेवन करने से पाचन शक्ति दुरुस्त रहती है। अदरक एक “वार्मिंग” जड़ी-बूटी है, जो शरीर में गर्मी उत्पन्न कर पाचन में तेजी लाती है।
– खाली पेट कुछ दिनों तक पके हुए अमरूद का सेवन करने से भी कब्ज की शिकायत दूर हो जाती है।
– खाने के साथ कच्चे आम की चटनी, जिसमें गुड़, काली मिर्च डली हो, जीरा का सेवन करने से हाजमा एकदम सही बना रहता है।
– अनार के पत्तों का काढ़ा बनाकर सेवन करने से कब्ज दूर होती है।
– रोजाना एक कप कॉफी पीने से भी मल की गति सही रहती है।
– रोज सुबह एक कटोरी पपीता खाली पेट या फिर दिन में किसी भी समय खा सकते हैं। इसे दूध के साथ मिक्स करके या शेक बनाकर भी पी सकते हैं। इससे कब्ज की समस्या दूर होती है।
– अलसी के बीज कब्ज में बेहद फायदेमंद होते हैं। इन बीजों को पानी में भिगोकर, फिर बाद में छानकर दिन में दो-चार बार इस पानी को पी जाएं।

कब्ज को लेकर पूछे जाने वाले आम सवाल और उनके जवाब (FAQ’S)

कब्ज की सबसे अच्छी दवा कौन सी है?

वैसे तो कब्ज में दवा से बेहतर घरेलू नुस्खे (home remedies for constipation) ही रहते हैं, लेकिन होम्योपैथिक दवाई भी काफी असर करती है। आप डॉक्टर के परामर्श से नक्स वोमिका, एलुमिना 200, कॉस्टिकम 30 नाम की दवाइयां ले सकते हैं।

क्या कब्ज एक लाइलाज बीमारी है? (kabj ka ilaj)

जी नहीं, कब्ज का इलाज (treatment of constipation) संभव है। इसके लिए आपको बस अपना खान-पान और लाइफस्टाइल सही रखने की जरूरत है। सही आहार नियमित समय पर लेने की आदत डाल कर आप कब्ज से छुटकारा पा सकते हैं। 

कब्ज की समस्या कितने समय तक बनी रहती है?

इसका कोई निश्चित समय नहीं होता है। जब तक आपका पेट साफ नहीं होगा, पाचन शक्ति मजबूत नहीं होगी, तब तक ये समस्या बनी रहेगी। इसके लिए दवाई के साथ-साथ परहेज करना भी बेहद जरूरी है।

कब्ज की शिकायत न हो, इसके लिए किस तरह की टॉयलेट सीट इस्तेमाल करनी चाहिए?

वेस्टर्न टॉयलेट के मुकाबले इंडियन टॉयलेट सीट ज्यादा बेहतर है, क्योंकि इसमें मल त्याग सबसे सही तरीके से होता है। इंडियन टॉयलेट सीट के स्टाइल में बैठने से कब्ज, गैस और कोलोन कैंसर जैसे रोगों के होने की आशंका काफी कम हो जाती है।

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