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नवजात शिशु की मालिश

नवजात शिशु की मालिश के लिए किस तेल का इस्तेमाल करना चाहिए?

यह तो सभी को पता है नवजात शिशु की मालिश करने से उसके शारीरिक विकास में बहुत मदद मिलती है। नवजात शिशु की मालिश के लिए तेल के सही चयन और सही तरह से शिशु का मसाज करने पर उसकी हड्डियों और मांसपेशियों को मजबूती मिलती है। न्यू मॉम के लिए यह एक बड़ी समस्या है कि वह किस तेल का चुनाव करें। 

घर के बड़े-बूढ़े, टीवी पर विज्ञापन, लोगों की सलाह जैसे बहुत सारे साधन आपकी समस्या का समाधान करने की कोशिश तो करेंगे लेकिन सही मशवरे के लिए डॉक्टर से बात करना ही ठीक होगा। अगर आप अपने बच्चे की मालिश करने के लिए सही तेल का चुनाव नहीं कर पा रही हैं तो इस लेख के द्वारा हम आपकी मदद कर सकते हैं।

शिशु की मालिश करने के फायदे (Baby Massage OiI Benefits in Hindi)

शिशु की मालिश करने के लिए किस तेल का इस्तेमाल करना चाहिए, ऐसे ही कई सवालों का जवाब देने से पहले बात करते हैं शिशु की ऑयल मसाज के फायदों के बारे में। शिशु को ऑयल मसाज करने से कई तरह के फायदे होते हैं, और हमें विश्वास है कि आप इन फायदों से अनजान हैं-

  • शिशु को ऑयल मसाज करने से उसकी हड्डी और मांसपेशियों यानि मसल्स को मजबूती मिलती है।
  • शिशु का मसाज करने के दौरान माँ का स्पर्श शिशु और माँ के बीच अनोखा भावनात्मक (इमोशनल) संबंध से जोड़ता है।
  • मसाज करने से शिशु को आराम मिलता है, जिससे अच्छी नींद आने में मदद मिलती है।
  • अक्सर शिशु की प्राथमिक त्वचा संबंधी समस्याएं ऑयल मसाज से ही ठीक हो जाती है, मसलन रैशेज पर नारियल तेल लगाने से शिशु को खुजली से राहत मिलती है।
  • सही तरीके से ऑयल मसाज करने पर शिशु का विकास बेहतर तरीके से हो पाता है।

क्या नवजात शिशु की मालिश करने से कोई जोखिम हो सकता है? (Baby Massage Oil Disadvantages in Hindi)

आम तौर पर शिशु को ऑयल मसाज करने से किसी प्रकार का नुकसान नहीं होता है, लेकिन मसाज करते वक्त इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि तरीका सही होना चाहिए। अगर ऑयल मसाज का तरीका गलत होगा तो लेने के देने पड़ सकते हैं। इसके अलावा अगर शिशु को किसी प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी समस्या है तो बिना डॉक्टर के सलाह मसाज न करें।

नवजात शिशु की मालिश
शिशु की मालिश

नवजात शिशु की मालिश कैसे करें? (Guide to Baby Massage in Hindi)

जिस तरह नवजात शिशु की मालिश के लिए तेल का सही चुनाव करना जरूरी है, ठीक उसी तरह मसाज करने का सही तरीका जानना भी जरूरी है।

  • खाना खिलाने या दूध पिलाने के कम से कम एक घंटा बाद ही शिशु का ऑयल मसाज करना चाहिए, नहीं तो उसको उल्टी होने की संभावना रहती है।
  • मसाज करने के पहले कमरे का वातावरण अनुकूल बनाएं। कमरे का तापमान और रोशनी को सामान्य बनाएं और शांत वाली जगह में मसाज करें।
  • शिशु को जिस तेल से मसाज करेंगे, उस तेल का इस्तेमाल करने से पहले शिशु की हथेली पर दो चार बूंद डालकर देख लें कि कोई रियेक्शन तो नहीं हो रहा है। इत्मिनान करने के बाद ही शिशु का मसाज करें।
  • जब आपका बच्चा शांत हो और खेलने के मूड में हो तभी उसको ऑयल मसाज दें ताकि वह मसाज का आनंद ले पाए।
  • शिशु को मालिश करने के पहले अपने हाथ और उंगली से गहने निकाल दें ताकि उससे शिशु को चोट न लगे।
  • शिशु को सर से लेकर गर्दन, फिर पूरे शरीर में अच्छी तरह से तेल लगाकर मालिश करें। मसाज के दौरान उंगली के पोरों से दबाव डालें, लेकिन दबाव नॉर्मल होना चाहिए। हद से ज्यादा दबाव शिशु के लिए कष्टदायक साबित हो सकता है।
  • आम तौर पर मसाज करने के बाद शिशु को नींद आ जाती है, इसलिए उसके सोने की तैयारी पहले ही कर लें।

नवजात शिशु की मालिश के लिए तेल का चुनाव करने के टिप्स (Tips for Selection of Massage Oil for Babies in Hindi)

शिशु की मालिश के लिए गलत तेल का चुनाव करने पर उसको स्किन रैशेज या बैक्टीरियल इंफेक्शन होने का खतरा होता है। इसलिए तेल का चुनाव करने के पहले इन बातों का रखें ध्यान-

  • मसाज का तेल ऐसा होना चाहिए जो त्वचा की नमी को बरकरार रखें, क्योंकि तेल मालिश से शिशु की त्वचा मॉइश्चराइज होती है।
  • मसाज का तेल केमिकल फ्री होना चाहिए ताकि शिशु की त्वचा को किसी प्रकार का नुकसान न पहुँचे।
  • गर्म और आद्र जलवायु में कभी भी मोटा या गाढ़े तेल का इस्तेमाल न करें।
  • तेल का महक कभी भी उग्र नहीं होना चाहिए, हमेशा हल्का होना चाहिए।
नवजात शिशु की मालिश
नवजात शिशु की मालिश करने के लिए बेस्ट तेल

नवजात शिशु की मालिश के लिए तेल का इस्तेमाल करना कौन-सा बेस्ट होता है? (Which Oil is Best for Baby Massage in Hindi)

शिशु की मालिश किस तेल से करनी चाहिए, इसके बारे में डॉक्टर से सलाह लेना ही बेस्ट होता है। त्वचा के किस्म और मौसम के हिसाब से तेल का चयन करना ठीक रहता है।

नॉर्मल स्किन 

सबसे पहले जानते हैं नॉर्मल स्किन वाले शिशुओं की मालिश के लिए कौन से तेल का इस्तेमाल लाभकारी हो सकता है।

  1. सरसों का तेल-  सदियों से यह माना जाता है कि सरसों का तेल न सिर्फ खाना पकाने के लिए उत्तम है बल्कि यह तेल शिशु के मालिश के लिए भी अच्छा होता है। इसका साइड-इफेक्ट न के बराबर होता है।
  1. तिल का तेल- इस तेल का एन्टी-बैक्टीरियल, एंटी ऑक्सिडेंट, एंटी- इंफ्लामेटोरी आदि गुण शिशु की मालिश के लिए सही तेल बनाता है। तिल के तेल से मसाज करने पर बदन दर्द और सूजन से राहत मिलती है।
  1. नारियल का तेल-  नारियल का तेल हमेशा से ही गर्म और आद्र जलवायु के लिए अच्छा माना जाता है। यह तेल प्रकृति से हल्का होता है और शरीर में पूरी तरह से अवशोषित हो जाता है। नारियल के तेल में विटामिन ई होता है, जो शिशु की त्वचा के लिए हेल्दी होता है।
  1. बादाम का तेल-  बादाम का तेल यूवी रे के दुष्प्रभावों से बचाने में मदद करता है। त्वचा की रंगत को निखारने के लिए इस तेल का इस्तेमाल ज्यादातर समय किया जाता है।

सेंसिटिव स्किन (संवेदनशील त्वचा)

अगर आपके शिशु को एलर्जी, एक्जिमा या रैशेज आदि की समस्या है तो मसाज ऑयल का चयन करने के लिए डॉक्टर की सलाह जरूर लें। जिस वनस्पती तेल में लिनोलिक एसिड होता है, वह संवेदनशील त्वचा के लिए अच्छा होता है।

  1. कैलेंडुला तेल- इस तेल का इस्तेमाल नहाने के बाद किया जाता है। इसका एंटी-इंफ्लामेटोरी गुण त्वचा संबंधी समस्या और डायपर रैशेज से राहत दिलाने में मदद करता है। सेंसिटिव स्किन के लिए बेबीचक्रा द्वारा निर्मित नरिशिंग मसाज ऑयल का चुनाव भी कर सकती हैं।

अब तक तो आप समझ ही चुके होंगे कि नवजात शिशु की मालिश के लिए तेल का चुनाव करते वक्त किन-किन बातों का ध्यान रखना चाहिए। सही तेल का चुनाव करें और शिशु को सेहतमंद बनाएं।

23 Mar 2022

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