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Muharram Quotes Status in Hindi – मुहर्रम कोट्स और स्टेटस

Shabnam Khan  |  Jul 13, 2021
Muharram quotes in hindi, Muharram Status In Hindi

मुहर्रम इस्लामिक कलैंडर का पहला महीना है यानी इस महीने से ही इस्लाम धर्म में नए साल की शुरुआत होती है। इस्लामिक कलैंडर को हिजरी कैलेंडर भी कहा जाता है। जो कि चांद के हिसाब से चलता है। इस्लामी कैलेंडर में जिल-हिज्जा के महीने की आखिरी तारीख को चांद दिखते ही मुहर्रम का महीना शुरू हो जाता है और इसी के साथ नए साल का आगाज भी हो जाता है। इस दिन आप अपने जानने वालों को मुहरर्म कोट्स ( Muharram Quotes in Hindi) भेजकर नया साल विश कर सकते हैं। इस साल मुहर्रम का महीना 11 अगस्त से शुरू होगा और 9 सितंबर को खत्म होगा। मुहर्रम की 9 और10 तारीख को रोजा रखने की भी परंपरा है। हालांकि मुहर्रम के ये रोजे रखना प्रत्येक मुसलमान के लिए फर्ज (अनिवार्य) नहीं है। माना जाता है कि मुहर्रम को ये 2 रोजे रखने से बहुत सवाब मिलता है। यहां हम आपके लिए कुछ चुनिंदा मुहर्रम कोट्स और  स्टेटस (Muharram Status In Hindi) लेकर आए हैं जिन्हें आप अपनों के साथ शेयर कर सकते हैं।

मुहर्रम कोट्स – Muharram Quotes in Hindi

मुहर्रम के महीने की 10वीं तारीख को पैगम्बर मोहम्मद के नवासे हजरत इमाम हुसैन को कर्बला की जंग में परिवार व साथियों सहित शहीद कर दिया गया था। उनकी शहादत की याद में मुहर्रम मनाया जाता है। मस्जिदों-घरों में इबादत की जाती है। इस दिन को यौम-ए-आशूरा भी कहते हैं। मुहर्रम के दिन जहां सुन्नी समुदाय ताजिया बनाकर सड़कों पर जलूस निकलाते हैं तो वहीं शिया समुदाय के लोग काले कपड़े पहनकर इमाम हुसैन की याद में मातम करते हैं। इन खास मुहर्रम शायरी, कोट्स (Muharram Quotes) के जरिए आप भी शहीदों की कुर्बानी को याद कर इन्हें अपनों के साथ शेयर कर सकते हैं-

1. ऐसी नमाज़ कौन पढ़ेगा जहां

सजदा किया तो सर ना उठाया हुसैन ने

सब कुछ खुदा की राह में कुर्बान कर दिया

असग़र सा फूल भी ना बचाया हुसैन ने।

2. सजदे से कर्बला को बंदगी मिल गई

सब्र से उम्‍मत को ज़‍िंदगी मिल गई

एक चमन फातिमा का गुज़रा

मगर सारे इस्‍लाम को ज़‍िंदगी मिल गई।

3. क्या जलवा कर्बला में दिखाया हुसैन ने 

सजदे में जाकर सिर कटाया हुसैन ने 

नेजे पे सिर था और ज़ुबान पे आयतें 

कुरान इस तरह सुनाया हुसैन ने।

4. करीब अल्लाह के आओ तो कोई बात बने

ईमान फिर से जगाओ तो कोई बात बने 

लहू जो बह गया कर्बला में 

उनके मकसद को समझो तो कोई बात बने।

5. कर्बला की जमीं पर खून बहा,

कत्लेआम का मंजर सजा,

दर्द और दुखों से भरा था सारा जहां 

लेकिन फौलादी हौसले को शहीद का नाम मिला।

6. एक दिन बड़े गुरूर से कहने लगी जमीन

है मेरे नसीब में परचम हुसैन का

फिर चाँद ने कहा मेरे सीने के दाग देख

होता है आसमान पर भी मातम हुसैन का।

7. कर्बला को कर्बला के शहंशाह पर नाज़ है,

उस नवासे पर मुहम्मद को नाज़ है

यूं तो लाखों सिर झुके सज़दे में,

लेकिन हुसैन ने वो सजदा किया

जिस पर खुदा को नाज़ है।

8. खून से चराग-ए-दीन जलाया हुसैन ने

रस्म-ए-वफ़ा को खूब निभाया हुसैन ने

खुद को तो एक बूंद भी मिल न सका पानी

लेकिन कर्बला को खून पिलाया हुसैन ने।

9. वो जिसने अपने नाना का वादा वफ़ा कर दिया

घर का घर सुपर्द-ए-खुदा कर दिया

नोश कर लिया जिसने शहादत का जाम

उस हुसैन इब्ने-अली पर लाखों सलाम।

10. हुसैन तेरी अता का चश्मा दिलों के दामन भिगो रहा है

  आसमान में उदास बादल तेरी मोहब्बत में रो रहा है।

मुहर्रम स्टेटस – Muharram Status In Hindi

मुहर्रम का महीना इस्लाम धर्म के चार पवित्र महीनों में से एक है। क्योंकि इस महीने से नए साल की शुरुआत होती है इसलिए भी यह महीना दुनियाभर के मुसलमानों के लिए बहुत खास होता है। कोरोना काल आने से पहले मुहर्रम की 10 तारीख को ताजिए और सड़कों पर बड़ी तादाद में जुलूस निकाले जाते थे। हालांकि कोरोना महामारी के बाद से मुहर्रम के मौके पर न तो ताजिए निकाले जा रहे हैं और न ही सड़कों पर जुलूस…इस महामारी की गाइडलाइन के तहत लोगों को अपने घरों व इमामबाड़ों में ही मुहर्रम मनाना पड़ रहा है। क्योंकि सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना भी ज़रूरी है ऐसे में आप अपनों के साथ दिल को छू लेने वाले मुहर्रम स्टेटस (Muharram Status In Hindi) शेयर कर सकते हैं-

1. कैसी जंग थी, मासूम पानी के लिए तड़पाए गए

सजदे में सिर थे उनके, धोके से जब उड़ाए गए

कर्बला की ओर से आज भी जो सदा आती है

वहां के पत्थरों में अब भी नमी है यही बताती है

2. जब भी कभी ज़मीर का सौदा हो दोस्तों, 

कायम रहो हुसैन के इंकार की तरह।

3. कर्बला की शहादत इस्लाम बना गयी, 

खून तो बहा था लेकिन कुर्बानी हौसलों की उड़ान दिखा गयी।

4. ना जाने क्यों मेरी आंखों में आ गए आंसू,

 सिखा रहा था मैं बच्चे को कर्बला लिखना।

5. यूं ही नहीं जहां में चर्चा हुसैन का

 कुछ देख के हुआ था जमाना हुसैन का

 सर दे के जो जहां की हुकूमत खरीद ली 

महंगा पड़ा यजीद को सौदा हुसैन का।

6. कर्बला की कहानी में कत्लेआम था

लेकिन हौसलों के आगे हर कोई गुलाम था

खुदा के बन्दे ने शहीद की कुर्बानी दी इसलिए उसका नाम पैगाम बना।

7. लड़खड़ाते हैं कदम हालाते ‘रोजे’ में थोड़ा चलने के बाद

कैसे चला होगा काफिला ‘कर्बला’ में हुसैन की शहादत के बाद।

8. गुरूर टूट गया कोई मर्तबा न मिला

सितम के बाद भी कुछ हासिल जफा न मिला

सिर-ऐ-हुसैन मिला है यजीद को लेकिन

शिकस्त यह है की फिर भी झुका हुआ न मिला।

9. चढ़ा है चांद फलक पर मनाओ आशूरा

महीना गम का है मोमिनों मनाओ आशूरा

बरस रही हैं ये आंखें तुम्हारे गम में हुसैन

दिल कह रहा है तड़प कर मनाओ आशूरा।

10. कौन भूलेगा वो सजदा हुसैन का

खंजरों तले भी सिर झुका न था हुसैन का

मिट गई नस्ल ए यजीद कर्बला की खाक में

कयामत तक रहेगा जमाना हुसैन का।

मुहर्रम विशेष इन हिंदी – Muharram Wishes in Hindi

कर्बला की जंग में शहीद हुए पैगम्बर मोहम्मद के नवासे हजरत इमाम हुसैन की याद में मुहर्रम मनाया जाता है। यह इस्लाम धर्म के लोगो के लिए शहीदी और दुःख भरा दिन माना जाता है। आप भी अपने जानने वालों के साथ मुहर्रम विशेष इन हिंदी (Muharram Wishes in Hindi) शेयर कर शहीदों की कुर्बानी को याद करें।

Muharram Wishes in Hindi

1. खून से चराग-ए-दीन जलाया हुसैन ने

रस्म-ए-वफ़ा को खूब निभाया हुसैन ने

खुद को तो एक बूंद भी मिल न सका पानी

लेकिन कर्बला को खून पिलाया हुसैन ने।

2. वो जिसने अपने नाना का वादा वफ़ा कर दिया

घर का घर सुपर्द-ए-खुदा कर दिया

नोश कर लिया जिसने शहादत का जाम

उस हुसैन इब्ने-अली पर लाखों सलाम।

3. हुसैन तेरी अता का चश्मा दिलों के दामन भिगो रहा है

  आसमान में उदास बादल तेरी मोहब्बत में रो रहा है।

गुरूर टूट गया कोई मर्तबा न मिला

सितम के बाद भी कुछ हासिल जफा न मिला

सिर-ऐ-हुसैन मिला है यजीद को लेकिन

शिकस्त यह है की फिर भी झुका हुआ न मिला।

4. चढ़ा है चांद फलक पर मनाओ आशूरा

महीना गम का है मोमिनों मनाओ आशूरा

बरस रही हैं ये आंखें तुम्हारे गम में हुसैन

दिल कह रहा है तड़प कर मनाओ आशूरा।

5. कौन भूलेगा वो सजदा हुसैन का

खंजरों तले भी सिर झुका न था हुसैन का

मिट गई नस्ल ए यजीद कर्बला की खाक में

कयामत तक रहेगा जमाना हुसैन का।

6. फिर आज हक़ के लिए जान फिदा करे कोई,

वफ़ा भी झूम उठे यूँ वफ़ा करे कोई,

नमाज़ 1400 सालों से इंतजार में है,

हुसैन की तरह मुझे अदा करे कोई।

7. पानी का तलब हो तो एक काम किया कर,

कर्बला के नाम पर एक जाम पिया कर,

दी मुझको हुसैन इब्न अली ने ये नसीहत,

जालिम हो मुकाबिल तो मेरा नाम लिया कर।

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