Covid-19 वैक्सीन लगवाने का मेरा अनुभव : कोरोना से बचने के लिए खुद को ऐसे किया तैयार

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पूरी दुनिया में तबाही मचा रहे कोरोना वायरस (coronavirus) के खात्मे की एक आस है उसका टीकाकरण कराना। उम्मीद है कि इससे कोरोना की खतरनाक हो चुकी दूसरी लहर को थामने में कुछ हद तक मदद मिलेगी। कोरोना वायरस की वैक्सीन (Corona vaccine) पर भारत में अब तेजी से काम जारी है। 1 मई 2021 से सभी वयस्कों को भी वैक्सीन लगनी शुरू हो चुकी है। 
वैक्सीन को लेकर तमाम तरह की भ्रांतियां आपको अपने आस-पास सुनने को जरूर मिली होगीं। लेकिन खुद से ये सवाल कीजिए कि क्या कोरोना से बचने के लिए हमारे पास इसके अलावा और कोई ऑप्शन है? जवाब आपको ना में ही मिलेगा। क्योंकि ये सच्चाई है आज जिस तरह से हालात बेकाबू हो रहे हैं आने वाले समय के लिए कोरोना से बचाने के लिए हमें खुद को तैयार तो करना ही पड़ेगा। इसीलिए मैंने सोचा कि क्यूं न मैं अपना ही Covid-19 वैक्सीन लगवाने का अनुभव (My COVID vaccination experience) आपके साथ शेयर करूं। ताकि वैक्सीन को लेकर आपके मन में जो गलतफहमियां और घबराहट है वो दूर हो सके। तो आइए जानते हैं कि कोविड वैक्सीन की पहली डोज लगवाने के बाद मुझे क्या दिक्कतें महसूस हुई और इसे लेकर मेरा ओवऑल एक्सपीरिंयस कैसा रहा -

निगेटिव नहीं बल्कि पॉजिटिव रिस्पॉन्स पर दिया ध्यान

मुझे 1 मई का बेसब्री से इंतजार था। इसीलिए कुछ दिनों पहले ही मैंने आरोग्य सेतू ऐप पर वैक्सीन के लिए रजिस्ट्रेशन करवा लिया और 1 मई को सेंटर खुलते ही अपने और अपने हसबैंड को कोविड वैक्सीन लगवाने के लिए 4 मई के लिए स्लॉट बुक करा लिया। इसके लिए हमें कोई भी पैसे नहीं देने पड़े। क्योंकि सरकारी में टीकाकरण मुफ्त है। अगर फ्री में स्लॉट नहीं मिल रहा है तो पेड ऑप्शन चुनकर भी वैक्सीन लगवा सकते हैं। मैं पहले से ही वैक्सीन लगवाने के लिए तैयार थी। मैंने सोच रखा था कि जो होगा देखा जायेगा लोगों की बातों में नहीं आना है। खासतौर पर जो आपसे ये कह रहें हो कि वैक्सीन लगवाने से उनके जानने वालों में कई लोगों की मौत हो चुकी है। इस बात पर ध्यान न देकर मैंने उन लोगों पर ध्यान दिया जो वैक्सीन लगवाने के बाद सुरक्षित हैं और उन्हें कोरोना होने के बाद भी ज्यादा कोई दिक्कत नहीं हुई। मेरे घर में सभी 45 उम्र के बाद के लोगों ने 2 डोज वैक्सीन की लगवा ली थी। उन्हें इससे कोई भी दिक्कत महसूस नहीं हुई। इस बात ने मेरा हौंसला बढ़ाया और मैं वैक्सीन लगवाने के लिए पूरी तरह से तैयार हो गई।

वैक्सीन लगवाने से पहले की तैयारी

मैंने कोविड वैक्सीन गाइडलाइन में पढ़ रखा था कि वैक्सीन लगवाने से पहले आपको भरपेट खाना खा कर सेंटर पर पहुंचना है। इसीलिए हमने एक रात पहले और वैक्सीन लगने वाली सुबह में भरपेट खाना खाया, ताकि बिल्कुल कमजोरी महसूस न हो। फेस शील्ड, गल्व्स और फेस मास्क साथ 2 गज की दूरी का ध्यान रखते हुए वैक्सीनेशन सेंटर पर पहुंचे। हालांकि वहां पर सभी इसी कोविड सेफ्टी गाइडलाइन को फॉलो करते हुए नजर आये। 

नहीं महसूस हुई कोई दिक्कत

अपनी बारी का इंतजार करते हुए हम 1 घंटे में वैक्सीनेशन बूथ पर पहुंचे। वहां ANM ने मुझे और मेरे हसबैंड को कोविडशील्ड वैक्सीन लगाई और जिसे लगने में बिल्कुल भी दर्द महसूस नहीं हुआ। उन्होंने बताया अगर टीका लगने वाली जगह पर दर्द होता है तो बर्फ से सिकाई करनी है और बुखार आने पर पैरासिटामोल टेबलेट लेनी है। फिर हमें 30 मिनट के लिए ऑब्जर्वेशन रूम भेजा गया। यहां भी हमें कोई दिक्कत महसूस नहीं हुई और फिर हमें घर जाने के लिए बोल दिया गया।

बुखार आया लेकिन सिर्फ 3-4 घंटे के लिए

ये बात तो पता थी कि कोरोना की वैक्सीन लेने के बाद इंजेक्शन वाली जगह पर दर्द होना, थकान, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, ठंड लगना, जोड़ो में दर्द और बुखार हो सकता है। हमनें 11.30 बजे वैक्सीन लगवाई थी, तब से लेकर रात 10 बजे तक तो कोई दिक्कत नहीं हुई। लेकिन देर रात मुझे बुखार चढ़ने लगा। मैंने टैम्परेचर चेक किया तो 102-103 के करीब पहुंच गया। तुरंत मैंने पैरासिटामोल टेबलेट खाई और हसबैंड ने ठंडे पानी से माथे पर पट्टी रखी। सुबह उठने के बाद मेरा बुखार सही हो गया लेकिन बदन में दर्द महसूस हो रहा था। हालांकि मेरे हसबैंड को बुखार नहीं आया लेकिन बदन दर्द महसूस हुआ। टीके वाली जगह पर हल्का-फुल्का दर्द 2-3 दिनों तक बना रहा फिर अपने आप ठीक हो गया। वास्तव में 3-4 घंटे के लिए बुखार आया उसके बाद मुझे ऐसी कोई गंभीर साइड इफेक्ट नहीं दिखा।

वैक्सीन लगवाने के बाद बरती ये सावधानियां

हमें पता था कि वैक्‍सीनेशन के बाद आपकी इम्यूनिटी कमजोर पड़ जाती है। इसीलिए उसके बाद वर्कआउट नहीं किया। क्योंकि इस दौरान मांसपेशियों में दर्द रहता है जोकि कसरत करने से और बढ़ जाने की आशंका रहती है। वैक्‍सीन लगवाने के बाद शरीर को फुल हाइड्रेटेड रखा। क्‍योंकि इम्‍युन रेस्‍पांस को प्रोसेस करने में पानी शरीर की मदद करता है। रात में दूध के साथ मुनक्का का सेवन, गर्म पानी पीना, दिन में 1 बार गिलोय का काढ़ा और साथ पौष्टिक भोजन का सेवन किया। 
मेरी जानकारी में कई लोगों को वैक्सीन लगाने के बाद कोरोना से लड़ने में मदद मिली। ऐसा नहीं है कि वैक्सीन लगने के बाद आपको कोरोना नहीं हो सकता है, लेकिन रिकवरी की स्पीड काफी तेजी से बढ़ जाती है और आप कोरोना के गंभीर प्रभावों से बच सकते हैं। मेरे अनुभव के आधार पर कोरोना वैक्सीन पूरी से सेफ है, कारगर है। आप सभी से अनुरोध है कि कोविड वैक्सीन लगवाने के लेकर फैली तमाम गलतफहमियों को दूर करते हुए टीका जरूर से लगवाएं। अगर आपको वैक्सीन को लेकर कोई संशय है तो उसे अपने डॉक्टर से परामर्श लेकर क्लियर करें। क्योंकि अगर टीका नहीं टालेंगे तो महामारी नहीं पालेंगे।

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