मजदूर दिवस के ये गाने आपके दिल को छू लेंगे - Labor Day Songs in Hindi

Labor Day Songs in Hindi

सोचिए, देश में मजदूर न हो तो क्या होगा। हर वो इंसान, जो अपनी रोज़ी-रोटी के लिए घर से बाहर निकलकर पैसे कमा रहा है, मजदूर है। फिर चाहे वो दिहाड़ी मजदूर हो या फिर हर महीने सैलरी पाने वाला किसी ऑफिस में बैठा कर्मचारी ही क्यों न हो। अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस यानी लेबर डे 1 मई 1886 से मानी जाती है। दरअसल, उस समय अमेरिका में मजदूर यूनियन ने काम का समय 8 घंटे तय करने को लेकर भारी आंदोलन किया था। तभी से लेकर अब तक भारत सहित दुनिया भर के देशों में 8 घंटे काम करने का कानून बना हुआ है। साथ ही 1 मई को अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस (labour day quotes in hindi) के रूप में भी मनाया जाने लगा।

मजदूर दिवस पर गाने

बात करें बॉलीवुड की तो एक समय था जब बॉलीवुड में मजदूर के संघर्ष और उनकी व्यथा को बहुत ही बेहतरीन तरीके से दर्शाया जाता था। फिल्मों में मजदूर यूनियन और मालिकों के बीच की लड़ाई दिखाई जाती थी। अमीरी और गरीबी की इस लड़ाई ने कई बार दर्शकों का दिल जीत भी लिया। यहां तक कि फिल्म का एक गाना भी मजदूरों को डेडिकेट होता था। मगर समय के साथ मजदूरों पर फिल्में बनना बंद हो गईं। हम यहां आपके लिए मजदूर दिवस के मौके पर ऐसे ही कुछ बॉलीवुड गाने (Labor Day Songs in hindi) लेकर आए हैं, जो आपके दिल को छू लेंगे। 

हम मेहनतकश इस दुनिया से- मजदूर

सबसे पहले बात करते हैं उस फिल्म की, जिसका नाम ही 'मजदूर' है। अब सोचिए, जिस फिल्म का नाम ही मजदूर होगा, उसमें मजदूरों के संघर्ष को कितनी अच्छी-तरह बयां किया गया होगा। फिल्म में दिलीप कुमार और राज बब्बर ने मुख्य भूमिका निभाई है। गाने के बोल हैं, 'हम मेहनतकश इस दुनिया से जब अपना हिस्सा मांगेगे, एक बाग नहीं एक खेत नहीं हम सारी दुनिया मांगेंगे...। 
 

साथी हाथ बढ़ाना- नया दौर

सुपरस्टार दिलीप कुमार और वैजयंती माला की फिल्म 'नया दौर' का गाना 'साथी हाथ बढ़ाना... एक अकेला थक जायेगा, मिलकर बोझ उठाना... मजदूरों के जोश और जज़्बे को दर्शाता है। इस फिल्म में मासूम गरीब लोगों और तेज़-तर्रार बिजनेसमैन की जंग दिखाई गई है। यह गाना उस दौर में काफी फेमस हुआ था। यहां तक कि आज भी इस गाने को काफी पसंद किया जाता है। 
 

मेहनत कर इंसान- इंसान जाग उठा

आज़ादी के कुछ सालों बाद साल 1959 में फिल्म आई थी 'इंसान जाग उठा' फिल्म में सुनील दत्त और मधुबाला मुख्य किरदार निभाते हुए नजर आए थे। इस फिल्म में भी एक गाना मजदूरों के ऊपर लिखा गया था। गाने के बोल थे, मेहनत कर इंसान जाग उठा तो धरती के भाग्य जगे... वो मिट्टी सोना हो जाए, जिसमें हमारा हाथ लगे...। इस गाने को मशहूर सिंगर आशा भोंसले ने अपनी आवाज़ दी थी। आप भी सुनिए ये गाना।
 

दुनिया में हम आये हैं- मदर इंडिया

ये गाना तो आपने सुना ही होगा, दुनिया में हम आये हैं तो जीना ही पड़ेगा, जीवन है अगर जहर तो पीना ही पड़ेगा...। फिल्म 'मदर इंडिया' का यह गाना मजदूरों की जिंदगी और उनके संघर्ष को बखूबी बयां करता है। इस गाने में बेहद दर्द छिपा है। यही वजह है कि उस दौर में यह गाना बेहद पसंद किया गया था। फिल्म में नरगिस, सुनील दत्त और राजेंद्र कुमार मुख्य भूमिकाओं में थे। इन कलाकारों ने मजदूर के दर्द और उसकी व्यथा को अपनी अदायगी से बड़े पर्दे पर उतारा। 
 

ठहर जरा ओ जानेवाले- बूट पॉलिश

आज़ादी के कुछ सालों बाद साल 1853 में एक फिल्म आई थी, जिसका नाम था 'बूट पॉलिश'। फिल्म का एक गाना 'ठहर जरा ओ जानेवाले' वैसे तो मजदूरी कर मेहनत की रोटी खाने पर जोर देता है लेकिन यह गाना इतना इमोशनल है कि देखने वाले कि आंखों में आंसू आ जायेंगे। गाने में दो छोटे बच्चे अपने पिता द्वारा दी हुई सीख से बूट पॉलिश करने का काम कर रहे हैं और आने-जाने वाले हर राहगीर से बूट पॉलिश करवाने की रिक्वेस्ट कर रहे हैं। अगर आपने अभी तक इस गाने को नहीं देखा है तो अब देख लीजिये।
 
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