PCOD के साथ वेट लॉस करना मुश्किल जरूर हो सकता है लेकिन नामुमकिन नहीं, फॉलो करें ये टिप्स

पीसीओडी के साथ वजन कम कैसे करें, how to lose weight with pcos, pcod wight, diksha chhabra

"कभी गिव अप मत करो!" पीसीओडी वैसे तो कई वजहों से हो सकता है, लेकिन इसका एक कारण स्ट्रैस भी है। महिलाओं पर काम, परिवार और घर से जुड़ी कई जिम्मेदारियां होती हैं, जिसकी वजह से उन्हें काफी स्ट्रैस हो सकता है और यहीं स्ट्रैस उन्हें पीसीओडी (PCOD) की ओर ले जा सकता है। महिलाएं स्ट्रैस के चलते अपने लाइफस्टाइल और खान-पान पर ध्यान नहीं देतीं, जिसके कारण उनका वजन बढ़ने लगता है। स्ट्रैस के अलावा इसके अन्य भी कई कारण हो सकते हैं। इसके बारे में कुछ टिप्स दे रही हैं DCFC की फाउंडर और जानी मानी फिटनेस इन्फ्लुएंसर और स्पोर्ट्स न्यूट्रीशनिस्ट दीक्षा छाबड़ा

क्या होता है PCOD में

हर 10 में से एक महिला को पीसीओडी और पीसीओएस का सामना करना पड़ता है। थायरॉयड ग्लैंड टी 3 और टी 4 (थायरॉयड हार्मोन) का सिक्रीशन (स्त्राव) कैलोरी को कम करने, एनर्जी बढ़ाने और शुगर के लेवल को बनाए रखने में जरूरी रोल होता है। पीसीओडी या हार्मोन के असामान्य सिक्रीशन (स्त्राव) से मेटाबॉलिज्म लो स्पीड से काम करने लगता है, जिसकी वजह से वजन बढ़ना, चेहरे पर बाल आना, स्किन प्रॉब्लम, थकान और सुस्ती होती है।

हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाएं

PCOD बचने के लिए सबसे जरूरी है, एक बेहतर लाइफस्टाइल को अपनाना। लाइफस्टाइल में बदलाव से इसपर फर्क पड़ सकता है। इससे फास्टिंग ब्लड ग्लूकोज कम होता है और इंसुलिन लेवल भी नॉर्मल होते हैं। इसलिए बेहतर है कि एक हेल्दी लाइफस्टाइल जीने की कोशिश करें। अगर आप अपनी लाइफस्टाइल में बदलाव लाने के बारे में सोचेंगी तो ये आपके लिए सबसे अच्छा होगा।  

पॉजिटिव सोच रखें

कई लोग मानते हैं कि PCOD में वजन को कंट्रोल करना बहुत मुश्किल है, लेकिन एक बैलेंस न्यूट्रिशियस डाइट, एक्टिव लाइफस्टाइल और सबसे जरूरी पॉजिटिव सोच और लगातार प्रयास करने से इससे बचा जा सकता है। ऐसी स्थिति  में हमेशा धीरे-धीरे और काफी मुश्किलों के बाद वजन कम होता है। लेकिन आप अपने टार्गेट पर फोकस रखें और धीरे- धीरे कोशिश करते रहे आपको जीत जरूर मिलेगी। 

सही डाइट लें

डाइट लेते समय यह ध्यान रखें कि प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट से भरपूर आहार (ओट्स, ब्राउन राइस पूरे गेहूं जैसे जटिल कार्बोहाइड्रेट), फेट और जरूरी हाइड्रेशन के साथ फाइबर का सेवन करने से आपको वजन कम करने में मदद मिल सकती है। हर 3 घंटे में लिये गए छोटे मील भी मेटाबॉलिज्म को बढ़ाने में मदद करते हैं। डाइट में आयोडीन, सेलेनियम और अन्य जरूरी विटामिन और मिनरल्स को शामिल करें। इसके लिए एक अच्छे ब्रांड के मल्टीविटामिन टैबलेट को भी ले सकते हैं, जो एक अच्छा ऑप्शन है। 

फिजिकल एक्टिविटी है जरूरी

बेहतर न्यूट्रीशन के साथ, 45 मिनट की फिजिकल एक्टिविटी को भी अपने लाइफस्टाइल में शामिल करें। स्ट्रेंथ ट्रेनिंग, फंक्शनल ट्रेनिंग, ब्रिस्क वॉक, जॉगिंग या एरोबिक्स खुद को एक्टिव रखने के अच्छे तरीके हैं। हमेशा एक आसान और कम थकाने वाली एक्सरसाइज से शुरुआत करें और धीरे-धीरे कुछ नया करें।
याद रहे! पीसीओडी और पीसीओएस खराब लाइफस्टाइल की वजह से होता है। इसलिए इससे बचने के लिए अपने लाइफस्टाइल में सुधार करें और अपनी बॉडी में प्रभावी और पॉजिटिव चेंज को देखें।
 

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