महिलाओं में थायराइड के लक्षण और रामबाण इलाज - Thyroid ke Lakshan aur Ilaj

Thyroid ke Lakshan, Thyroid in Hindi

थायराइड एक ऐसी बीमारी है, जो अस्वस्थ खान-पान और तनावपूर्ण जीवन शैली के कारण होती है। दरअसल, थायराइड एक बटरफ्लाई जैसा ग्लैंड होता है, जो गले में मौजूद होता है। यह ग्लैंड टेट्रा आयोडो पायरोनिन (टी4) और ट्राईआयोडोथायरोनिन (टी3) प्रोड्यूस करता है, ये ऐसे दो हार्मोन हैं जो शरीर आपके सेल्स एनर्जी का इस्तेमाल कैसे करते हैं, इसे तय करते हैं। आपकी थायराइड ग्रंथि इन हार्मोनों की रिहाई के माध्यम से आपके चयापचय को नियंत्रित करती है।

Table of Contents

    थायराइड क्या है - Thyroid Kya Hota hai

    थायराइड (thyroid kya hota hai) ग्रंथि में होने वाली गड़बड़ी के कारण आपको थायराइड की समस्या होती है। इसकी वजह से आपको Hyperthyroidism (हाइपर थायराइड के घरेलू उपचार) या फिर Hypothyroidism हो सकता है। चयापचय या फिर मेटाबॉलिज्म में थायराइड ग्रंथि बहुत ही अहम भूमिका निभाती है। यह ग्रंथि हमारे गले के स्वरयंत्र के एकदम नीचे स्थित होती है और इसका मुख्य काम मेटाबॉलिज्म प्रक्रिया को नियंत्रित करना होता है। 

    थायराइड कैसे होता है? - Thyroid Kaise Hota Hai

    स्थितियों की एक किस्म हाइपरथायरायडिज्म (थायराइड के लक्षण) का कारण बन सकती है। एक स्व-प्रतिरक्षित विकार, ग्रेव्स रोग, अतिगलग्रंथिता का सबसे आम कारण है। यह बहुत अधिक हार्मोन स्रावित करने के लिए थायराइड (thyroid kaise hota hai) को उत्तेजित करने के लिए एंटीबॉडी का कारण बनता है। ग्रेव्स रोग महिलाओं में पुरुषों की तुलना में अधिक होता है। यह परिवारों में चलता है, जो एक आनुवंशिक लिंग का सुझाव देता है। 

    थायराइड के प्रकार? - Types of Thyroid in Hindi

    थायराइड ग्रंथि विकार (थायराइड के प्रकार) या फिर रोग दो प्रकार का होता है-
    - थायराइड ग्रंथि की अतिसक्रियता (Hyperthyroidism)
    - थायराइड ग्रंथि की अल्प सक्रियता (Hypothyroidism)

    अतिसक्रियता

    थायराइड ग्रंथि (thyroid ke lakshan kya hai) की अतिसक्रियता के कारण टी3 और टी4 हार्मोन का जरूरत से ज्यादा उत्पादन होने लगता है। इन हार्मोन का अधिक उत्पादन होने की वजह से शरीर भी अधिक मात्रा में एनर्जी का उपयोग करने लगता है। इस स्थिति को ही हाइपरथायरायडिज्म (thyroid ke lakshan in hindi) कहते हैं। पुरुषों के मुकाबले महिलाओं में ये बीमारी अधिक होती है। इसके लक्षण निम्न हैं- 
    - हाइपरथायरायडिज्म (types of thyroid) की स्थिति में मेटाबॉलिज्म बढ़ जाता है और हमारा शरीर हर काम को तेजी से करने लगता है। 
    - घटबराहट
    - चिड़चिड़ापन
    - जरूरत से ज्यादा पसीना आना
    - हाथों का कांपना
    - बालों का पतला होना
    - नींद ना आना
    - मांसपेशियों में दर्द होना
    - दिल की धड़कन का बढ़ना
    - अधिक भूख लगने के बाद भी वजन का ना बढ़ना
    - मासिक धर्म में अनियमितता होना

    अल्प थायराइड

    थायराइड ग्रंथि द्वारा टी3 और टी4 का जरूरत के मुकाबले कम मात्रा में उत्पान होना अल्प थायराइड का कारण होता है। इसके लक्षण निम्न हैं-
    - दिल की धड़कन की धीमी गति
    - हमेशा थकावट महसूस होना
    - अवसाद
    - सर्दी के प्रति संवेदनशील होना
    - मेटाबॉलिज्म कम होने के कारण मोटा होना
    - नाखूनों का पतला होना और टूटना
    - कम पसीना आना
    - जोड़ों में दर्द और मांसपेशियों का अकड़ना
    - बालों का बहुत अधिक झड़ना
    - कब्ज 
    - आंखों में सूजन
    - चेहरे और आंखों में सूजन
    - मासिक धर्म में अनियमितता होना
    - खून में कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ना

    थायराइड के लक्षण - Thyroid ke Lakshan

    थायराइड (thyroid ke lakshan) होने के निम्नलिखित कारण (थायराइड के कारण) हो सकते हैं-
    - यदि आपका जीवन अधिक तनावपूर्ण है तो आपको थायराइड (गले मे थायराइड के लक्षण) की समस्या हो सकती है।
    - आहार में आयोडीन की मात्रा कम या अधिक होने के कारण भी आपको थायराइड की समस्या हो सकती है।
    - यह रोग अनुवांशिक हो सकता है। इसका मतलब है कि यदि आपके परिवार में पहले किसी को यह समस्या रह चुकी है तो आपको भी हो सकती है।
    - कई महिलाओं में गर्भावस्था के दौरान थायराइड हार्मोन में असंतुलन देखा जाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि प्रेगनेंसी के दौरान महिलाओं के शरीर में कई सारे हार्मोनल बदलाव होते हैं।
    - यदि आप भोजन में सोया उत्पादों का अधिक प्रयोग करते हैं, तो भी आपको थायराइड हो सकता है।

    थायराइड होने के अन्य कारण

    - हाशिमोटो रोग के कारण आपकी थायराइड ग्रंथि (थायराइड का आयुर्वेदिक उपचार पतंजलि) प्रभावित होती है। यह रोग थायराइड ग्रंथि के किसी एक भाग को निष्क्रिय बना देता है।
    - यदि थायराइड ग्रंथि (हाइपरथाइरॉयडिज़्म के घरेलू उपचार) में सूजन हो जाए, तो भी आपको ये समस्या हो सकती है। शुरुआत में इसमें टी3 और टी4 का अधिक उत्पादन होता है और बाद में ये कम हो जाता है। ऐसे में महिलाओं को हाइपोडायराइडिज्म हो जाता है। आमतौर पर ये समस्या गर्भवती महिलाओं में होती है। 
    - कई महिलाओं में विटामिन बी12 के कारण भी थायराइड  (थायराइड का होम्योपैथिक इलाज) हो जाता है।

    थायराइड का रामबाण इलाज - Thyroid ka Ilaj

    थायराइड (थायराइड के घरेलू उपचार) जैसी बीमारी कई तरीकों से आपके शरीर को नुकसान पहुंचाती है। चाहे आपको हाइपोथायरायडिज्म हो या फिर हाइपरथायरायडिज्म (थायराइड के मरीज को कभी नहीं करनी चाहिए ये 7 चीजें), ये बीमारी आपको कई तरीकों से प्रभावित करती है। फिर चाहे आपका वजन बढ़ना हो या फिर वजन का कम होना हो। इसके अलावा इस स्थिति में आपकी ऊर्जा भी प्रभावित होती है, या फिर नींद आने में समस्या भी होती है। ऐसे में जरूरी है कि आप सही प्रकार से अपनी जांच कराएं (थायराइड को जड़ से खत्म करने के उपाय) और डॉक्टर की सलाह अनुसार दवाइयों का सेवन करें। हालांकि, फिर भी कुछ ऐसे घरेलू नुस्खे भी हैं, जिनकी मदद से आप इस बीमारी से छुटकारा पा सकते हैं। तो चलिए बिना कोई देरी किए आपको इन घरेलू नुस्खों (थायराइड का इलाज) के बारे में विस्तार से बताते हैं।

    प्याज से थायराइड का इलाज

    थायराइड (थायराइड की दवा के नुकसान) की समस्या में या तो आपका वजन बढ़ता है या फिर कम होता है। इससे छुटकारा पाने के लिए प्याज बेहद ही फायदेमंद होता है। दरअसल, रात को सोने से पहले आपको प्याज के दो टुकड़े कर के गले पर थायराइड ग्रंथि की मसाज करनी चाहिए। इससे थायराइड ग्रंथि को ठीक करने में मदद मिलती है।

    मुलेठी से थायराइड का इलाज

    यदि आपको थायराइड है तो आपको मुलेठी का सेवन करना चाहिए। इसमें मौजूद ट्रीटरपेनोइड ग्लाइसेरीथेनिक एसिड थायराइड ग्रंथि को नियंत्रित करने में मदद करता है। 

    अश्वगंधा से थायराइड का इलाज

    अश्वगंधा का चूर्ण भी थायराइड से निजात पाने में मदद करता है। इसके लिए आपको रात को सोने से पहले गाय के दूध के साथ अश्वगंधा चूर्ण का सेवन करना चाहिए। आप चाहें तो इसकी पत्तियों या फिर जड़ का पानी उबालकर भी पी सकते हैं। 

    तुलसी से थायराइड का इलाज

    दो चम्मच तुलसी के रस में आपको एलोवेरा का जूस मिलाकर पीना चाहिए। इसे पीने से भी थायराइड की समस्या दूर होती है।

    धनिया से थायराइड का इलाज

    इसके लिए आप धनिया को पीस लें और फिर एक गिलास पानी में घोल कर इसका सेवन करें। इससे थायराइड की समस्या कम होती है। 

    त्रिफला से थायराइड का इलाज

    यदि आप थायराइड है तो इससे छुटकारा पाने के लिए आपको रोजाना त्रिफला चूर्ण का सेवन करना चाहिए।

    काली मिर्च से थायराइड का इलाज

    थायराइड की समस्या को दूर करने के लिए काली मिर्च भी बहुत ही उपयोगी होती है। दरअसल, यदि आपको थायराइड है तो आपको अपने भोजन में काली मिर्च को डालना चाहिए और फिर इसका सेवन करना चाहिए।

    थायराइड में परहेज

    यदि आपको थायराइड है तो आपको खाने पीने में भी थोड़ा बहुत परहेज करना चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि थायराइड की समस्या में यदि आप कुछ चीजों का परहेज नहीं करेंगे तो आपकी ये समस्या बढ़ भी सकती है। इस वजह से थायराइड में आपको जंक फूड या फिर प्रिजरवेटिव आधारित आहारों का सेवन नहीं करना चाहिए। इसके अलावा आपको धूम्रपान और नशीले पदार्थों से भी दूरी बना लेनी चाहिए। 

    थायराइड में आहार - Thyroid Diet in Hindi

    थायराइड (थायराइड को कैसे करें कंट्रोल?) की समस्या के दौरान आपका खान-पान निम्न प्रकार का होना चाहिए-
    - इस बीमारी में कम वसा वाले पदार्थों का सेवन करें।
    - अधिक से अधिक फलों और सब्जियों का सेवन करें।
    - हरी पत्तियों का सेवन करें। इनमें उचित मात्रा में आयरन होता है, जो थायराइड को दूर करने के लिए फायदेमंद होता है।
    - मिनरल्स और विटामिन से भरपूर चीजों का सेवन करें।
    - आयोडिन युक्त चीजों का सेवन करें।
    - नट्स जैसे कि बादाम, काजू आदि का अधिक मात्रा में सेवन करें।
    - विटामिन ए का अधिक मात्रा में सेवन करें।
    - गेहूं और ज्वार का सेवन करें।

    थायराइड के घरेलू उपचार से जुड़े सवाल जवाब - FAQ’s

    थायराइड कैसे ठीक करें?

    यदि आप चाहते हैं कि थायराइड की समस्या दूर हो जाए तो उसके लिए बहुत जरूरी है कि आप सही तरीके से इसका उपचार लें और डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवाइयों का सेवन करें। इसके अलावा आप चाहें तो ऊपर बताए गए घरेलू उपचारों की भी मदद ले सकते हैं।

    थायराइड कितने दिन में ठीक होता है?

    थायराइड पूरी तरह से ठीक होने में कितना समय लगता है, ये कई बार आपके शरीर के ऊपर निर्भर करता है। इसके अलावा आप कितना जल्दी इस समस्या को दूर करना चाहती हैं और उसके लिए आप क्या प्रयास कर रहे हैं उस पर भी निर्भर करता है। इस वजह से थायराइड को ठीक होने में कितने दिन लगेंगे ये नहीं बताया जा सकता है।

    थायराइड कितना होना चाहिए?

    वयस्कों में थायराइड का सामान्य स्तर 0.4 से 5 मिली इंटरनेशनल यूनिट होता है।

    थायराइड में वजन क्यों बढ़ता है?

    हाइपोथायरायडिज्म की स्थिति में शरीर का मेटाबॉलिज्म कम हो जाता है और इस वजह से इस स्थिति में महिलाओं का वजन काफी तेजी से बढ़ने लग जाता है।

    थायराइड बढ़ने से क्या परेशानी होती है?

    थायराइड बढ़ने से आपका वजन बढ़ सकता है, ऊर्ज कम हो सकती है। नींद आने में समस्या आदि कई समस्याएं हो सकती हैं।

    थायराइड क्या जानलेवा बीमारी है?

    यदि समय रहते थायराइड का इलाज ना हो तो इसके खतरनाक परिणाम हो सकते हैं।

    थायराइड का पता कैसे चलता है?

    यदि आपको थायराइड की समस्या होती है तो ऐसे में आपके हाथ-पैर ठंडे रह सकते हैं। इस वजह से रोग-प्रतिरोधक क्षमता भी कम हो जाती है। थायराइड में नाखून टूटने लगते हैं और बाल भी पतले होने लगते हैं। त्वचा का रूखापन, अधिक थकावट और वजन का बढ़ना या घटना इसी के लक्षण हैं। ।

    थायराइड का टेस्ट खाली पेट होता है क्या?

    जरूरी नहीं है कि थायराइड का टेस्ट खाली पेट ही हो। डॉक्टर द्वारा बताया जाता है कि थायराइड का टेस्ट खाली पेट करवाना है या फिर भोजन के बाद। थायराइड के लिए एक स्क्रीनिंग टेस्ट किया जाता है।

    थायराइड से नुकसान होता है?

    थायराइड की वजह से आपके शरीर का मेटाबॉलिज्म प्रभावित होता है। इस वजह से आपको चिड़चिड़ापन, थकावट, ऊर्जा की कमी, नींद ना आना, घबराहट होना आदि परेशानी हो सकती हैं।

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