सर्दियों में सन स्क्रीन खरीदते वक्त इन बातों का रखें ध्यान

सर्दियों में सन स्क्रीन खरीदते वक्त इन बातों का रखें ध्यान

सर्दियों (Winter) की शुरुआत होते ही अधिकतर लोग सोचने लगते हैं कि अब उन्हें सन स्क्रीन लगाने की जरूरत नहीं है लेकिन सूरज की हानिकारक UV किरणों का कोई सीजन नहीं होता है। यहां तक कि सर्दियों में भी सन स्क्रीन आपको जरूर लगानी चाहिए और आपको इसके लिए एसपीएफ वाली सनस्क्रीन का ही इस्तेमाल करना चाहिए। दरअसल, एसपीएफ युक्त सन स्क्रीन उम्र से पहले होने वाले एजिंग और फाइन लाइन्स को रोकती है। यहां तक कि ठंडे, या फिर बारिश के दिन भू सूरज की हानिकारक किरणें आपकी त्वचा को नुकसान पहुंचा सकती हैं। 
पिछले कुछ सालों में भारत की सन स्क्रीन मार्केट में काफी उछाल देखने को मिला है। यहां तक कि आज के वक्त में मार्केट में लोकल से लेकर इंटरनेशनल ब्रांड्स तक कि कई सनस्क्रीन (Sunscreen) मौजूद हैं। ऐसे में खुद के लिए सही सनस्क्रीन का चुनाव  कर पाना आसान नहीं होता है। इस वजह से हम आपको इस लेख में बताने वाले हैं कि सर्दियों में अपने लिए सनस्क्रीन खरीदते वक्त आपको किन फीचर्स को ध्यान में रखना चाहिए।

सनस्क्रीन खरीदने से पहले इन बातों का रखें ध्यान- Features to Check Before Buying Sunscreen in Winter in Hindi

एसपीएफ रेटिंग

सारी सन स्क्रीन में सन प्रोटेक्शन फेक्टर यानी कि एसपीएफ होता है जो अल्ट्रावॉयलेट बी (यूवीबी) रेज को ब्लॉक करता है, जिसकी वजह से त्वचा पर सन बर्न होते हैं। जिन लोगों की त्वचा का रंग हल्का होते हैं, उनकी स्किन में कम मिलेनिन होता है, जिसकी वजह से यूवी किरणें त्वचा को अधिक नुक्सान पहुंचाती हैं। वहीं डार्क स्किन वाले लोगों में इनबिल्ट मेकैनिज्म होता है, जो उन्हें सूरज की किरणों से होने वाले नुक्सान से बचाता है। 
इस वजह से हमेशा एसपीएफ 30 (SPF 30) या फिर उससे अधिक वाली सनस्क्रीन इस्तेमाल की जाने की सलाह दी जाती है, ताकि ये 97 प्रतिशत तक यूवी किरणों को ब्लॉक कर सके और आपकी त्वचा को सुरक्षित रख सके। यह भी बता दें कि कोई भी सन स्क्रीन 100 प्रतिशत प्रोटेक्शन का दावा नहीं करती है। 

ब्रोड स्पेक्ट्रम

यह बहुत जरूरी है कि आप अपनी त्वचा को सूरज की हर तरह की हानिकारक किरणों से बचाएं। इस वजह से आपकी सनस्क्रीन में ब्रोड स्पेक्ट्रम जरूर होना चाहिए। यह आपको यूवीए और यूवीबी जैसी हानिकारक किरणों से बचाती है और त्वचा वाले कैंसर और उम्र से जल्दी एजिंग की समस्या को भी दूर रखती है।

फिजिकल और केमिकल

फिजिकल सन स्क्रीन नेचुरल मिनरल जैसे कि जिंक ऑक्साइड या फिर टाइटेनियम डाइऑक्साइट आदि की मदद से बनती हैं, वहीं केमिकल सन स्क्रीन में केमिकल कंपाउंड जैसे बेमोट्रीजिनॉल, एवोबनेजोन और बाइस्टाइजोर होते हैं, जो आपको ब्रोड स्पेक्ट्रम प्रोटेक्शन देते हैं। बच्चों को हमेशा फिजिकल सन स्क्रीन का इस्तेमाल करना चाहिए क्योंकि उनकी त्वचा काफी सेंसिटिव होती है। 

स्किन टाइप

सन स्क्रीन खरीदते वक्त अपनी स्किन टाइप (Skin Type) का जरूर ध्यान रखें। बाजार में नॉन स्टिकी और हाइड्रेटिंग सनस्क्रीन (Non Sticky and Hydrating Sunscreen) भी मौजूद हैं और इस वजह से अपने लिए बेस्ट ऑप्शन ढूंढना आसान हो जाता है। अगर आपकी स्किन ड्राी है तो ग्लिसरीन, लैनोलिन, तेल और एलोवेरा युक्त सन स्क्रीन चुनें। वहीं यदि आपकी स्किन ऑयली है तो लाइटवेट और नॉन ग्रीसी जेल सनस्क्रीन का चुनाव करें। सेंसिटिव स्किन के लिए बिना खुशबू वाली फिजिकल  सन स्क्रीन अच्छी होती है और इससे उनकी त्वचा को नुक्सान भी नहीं पहुंचता है। 
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