योनि संक्रमण के कारण और घरेलू उपचार - Yoni me Infection ki Medicine

Yoni me Infection ki Medicine

अक्सर महिलाओं को वेजाइनल इंफेक्शन के कारण खुजली की समस्या हो जाती है। वेजाइनल इंफेक्शन (vaginal infection in hindi) के कारण हो रही खुजली तब सबसे ज्यादा परेशानी पैदा करती है जब आप काम के सिलसिले में कहीं बाहर हों और खुजली पर नियंत्रण न कर पा रही हों। महिलाओं को अपने जीवन में कभी न कभी इस दर्दनाक स्थिति का सामना करना ही पड़ जाता है। बहुत अधिक खुजली, जलन, दर्द और डिस्चार्ज वैजाइनल इन्फेक्शन के आम लक्षण हैं। वैसे तो इस समस्या का निदान आसानी से किया जा सकता है लेकिन फिर भी वैजिनल इन्फेक्शन (vaginal infection treatment) होने की वजह से महिलाओं को बहुत असहज महसूस होने लगता है और इसके कारण उन्हें अपने दैनिक कार्य करने में भी दिक्कत आती है। इस इन्फेक्शन को खत्म करने के लिए कई तरह के घरेलू उपाय (yoni me infection ke gharelu upay) इस्तेमाल किए जाते हैं लेकिन जब उनसे भी बात न बने तो इसे खत्म करने के लिए गायनोकॉलोजिस्ट से सलाह लेनी चाहिए और उनकी बताई हुई एंटीफंगल क्रीम्स का इस्तेमाल करना चाहिए। एक शोध के मुताबिक, लगभग 90% महिलाएं योनि संक्रमण या योनि में खुजली की समस्या से जूझती हैं। इसके लिए हमारी लाइफस्टाइल, खाना-पान, पहनावा और लापरवाही जिम्मेदार है।

Table of Contents

    वैजाइनल इंफेक्शन क्या है? - What is Vaginal Infection in Hindi

    वेजाइनल इंफेक्शन (vaginal infection in hindi) को खमीर संक्रमण भी कहते हैं। खमीर एक तरह का फंगस होता है जो काफी कम मात्रा में वैजाइना में पाया जाता है। अगर आपकी वैजाइना में खमीर की मात्रा में अत्यधिक वृद्धि हो जाए तो उससे संक्रमण हो सकता है। वैजाइना में खुजली इसके सबसे सामान्य लक्षणों में से एक है। वैजिनल यीस्ट इन्फेक्शन (vaginal infection) होने पर महिलाओं को खुजली, जलन और वैजाइना में दर्द महसूस होने लगता है। हालांकि कई बार महिला जननांग में नम वातावरण के कारण भी इस फंगस को बढ़ने का मौका मिल जाता है। वैसे तो पुरुषों को भी इसका अनुभव हो सकता है लेकिन यह समस्या महिलाओं में ज्यादा आम है। इस संक्रमण से ग्रस्त महिलाओं की वैजाइना पर सफेद रंग के निशान पड़ जाते हैं और वहां से होने वाले डिस्चार्ज से बदबू आती है। वैजाइना में बैक्टीरियल संक्रमण के शुरुआती स्तर पर घरेलू नुस्खों (yoni me infection ke gharelu upay) की मदद से इसे ठीक किया जा सकता है लेकिन स्थिति गंभीर होने पर तुरंत चिकित्सक या स्त्री रोग विशेषज्ञ से परामर्श करना चाहिए। 

    कितनी तरह का होता है वैजाइनल इंफेक्शन ?

    बैक्टीरियल वैजाइनॉसिसः धूसर रंग का स्राव होना जिससे बदबू आती है।
    कैंडिडियासिसः गाढ़ा श्वेत स्राव होना। वैजाइना के आसपास दर्द का अहसास।
    ट्राइकॉमनियासिसः पीला हरा, बदबूदार, झागदार पानी आना।
    गनोरियाः मवादयुक्त पीला पानी आना और पेशाब करते हुए दर्द, पीरियड्स के बाद भी खून आना।
    जेनाइटल हरपीसः वैजाइना के आसपास बेहद दर्द वाला अल्सर।
    जेनाइटल वार्ट्सः वैजाइना पर छोटे आकार की गांठें।

    वैजाइनल यीस्ट इंफेक्शन के कारण - Yoni Infection ke Karan

    योनि संक्रमण या वैजिनल यीस्ट इन्फेक्शन (yoni infection) होने के कारण हो सकते हैं लेकिन आमतौर पर ये कैंडिडा नामक फंगस प्रजाति के कारण होता है। कैंडिडा आपकी योनि में कम संख्या में प्राकृतिक रूप से मौजूद रहते हैं जो आमतौर पर नुकसानदायक नहीं होते। लेकिन जब वे किसी वजह से संख्या में बढ़ जाते हैं तब योनि संक्रमण का कारण बनते हैं। इसके अलावा भी कई कारण वैजिनल इन्फेक्शन (yoni mein infection) के लिए जिम्मेदार हैं, आइए जानते हैं इनके बारे में - 

    एंटीबायोटिक का प्रयोग - 
    यीस्ट इंफेक्शन उन महिलाओं में ज्यादा होते हैं जो एंटीबायोटिक्स का सेवन अधिक करती हैं। ब्रॉड स्पैक्ट्रम एंटीबायोटिक्स जो कि अनेक प्रकार के बैक्टीरिया को मारते हैं, आपकी योनि/ वैजाइना में मौजूद स्वस्थ बैक्टीरिया को भी खत्म कर देते हैं, परिणामस्वरूप यीस्ट इंफेक्शन की आशंका बढ़ जाती है।
    एस्ट्रोजन लेवल में बढ़ोत्तरी - 
    यीस्ट इंफेक्शन (yoni mein infection) का खतरा उन महिलाओं को होने की आशंका ज्यादा रहती है जिनके शरीर में एस्ट्रोजन हॉरमोन का स्तर ज्यादा होता है। जैसे, गर्भवती महिलाएं, अधिक एस्ट्रोजन वाली गर्भ निरोधक गोलियों का सेवन करने वाली या फिर एस्ट्रोजन हार्मोन थेरेपी लेने वाली महिलाएं।
    हाई डायबिटीज़ वाली महिलाएं - 
    जिन महिलाओं को हाई डायबिटीज़ होती है यानि कि ब्लड शुगर लेवल बहुत ज्यादा होता है,  उनमें कंट्रोल्ड डायबिटीज वाली महिलाओं के मुकाबले यीस्ट इंफेक्शन (yoni mein infection) की आशंका ज्यादा होती है।
    कमजोर रजिस्टेंस पावर - 
    कमजोर प्रतिरक्षा तंत्र यानि जिन महिलाओं की रजिस्टेंस पावर कमजोर होती है, जैसे वे जो कॉर्टिकॉस्टेरॉयड थेरेपी या एचआईवी संक्रमण से ग्रस्त होती हैं, यीस्ट इंफेक्शन (yoni mein infection) की आशंका ज्यादा होती है।
    सेक्सुअली एक्टिव होना - 
    हालांकि यीस्ट इंफेक्शन को यौन संक्रमित नहीं माना जाता है, लेकिन यह भी देखा गया है कि वैजाइना यानि योनि में कैंडीडा रोगाणु के प्रवेश का एक जरिया सेक्स यानि यौन संपर्क भी होता है।

    वैजाइनल इंफेक्शन के लक्षण - Yoni Infection ke Lakshan

    महिलाओं को अपने जीवन में कभी न कभी इससे रूबरू जरूर होना पड़ता है। बहुत- सी महिलाएं तो दो या इससे भी ज्यादा तरह के यीस्ट इंफेक्शन (vaginal infection in hindi) से भी ग्रस्त होती हैं। लेकिन सभी महिलाओं को वैजिनल यीस्ट इन्फेक्शन के लक्षम महसूस नहीं होते हैं या फिर नॉर्मल खुजली की तरह लगते हैं। तो आइए जानते हैं योनि में इन्फेक्शन के आम लक्षण, जिन्हें महसूस होते ही आपको डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए - 
    • योनि में या उसके आसपास खुजली और दर्द भी अनुभव हो सकता है।
    • योनि के आसपास की जगह पर रैशेज, दाने या फिर लाल चकत्ते पड़ना।
    • सामान्य डब्ल्यूडीपीवी में रंगहीन स्राव यानि पानी आना आम है जो कि आमतौर पर पीरियड्स से पहले और बाद में तथा अंडस्राव के समय दिखाई देता है।
    • इंटरकोर्स के दौरान योनि में दर्द या जलन होना।
    • वैजाइना से अत्यधिक बदबू का आना।
    • योनि में सूजन आना।
    • योनि में खुजली, तेज जलन या असहज महसूस होना।
    • पेशाब करते समय जलन होना और दर्द होना।
    • सफेद और गाढ़ा योनिस्त्राव यानि कि वाइट डिस्चार्ज होना।

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    वैजाइनल इंफेक्शन के घरेलू उपाय - Home Remedies for Vaginal Infection in Hindi

    ज्यादातर एक्सपर्ट्स का मानना है कि प्राइवेट पार्ट के आस-पास साफ-सफाई न रखने से शरीर में यीस्ट इन्फेक्शन होने का खतरा बढ़ जाता है। लेकिन आयुर्वेद के अनुसार जब शरीर में पित्त एवं कफ का स्तर बढ़ता है तो तब भी वैजिनल यीस्ट इन्फेक्शन हो सकता है। घरेलू उपायों की मदद से योनि में इन्फेक्शन (yoni mein infection) को ठीक किया जा सकता है। यहां हम आपको कुछ ऐसे ही नुस्खे शेयर कर रहे हैं, जिसके इस्तेमाल से योनि में दर्द, खुजली, जलन और बदबूदार वाइट डिस्चार्ज आदि समस्याओं को कम किया जा सकता है। आइए जानते हैं वैजाइनल इंफेक्शन के घरेलू उपाय (yoni me infection ke gharelu upay) के बारे में -

    लहसुन से ठीक होगा वैजाइनल इन्फेक्शन

    लहसुन आपकी किचन में रखी एक ऐसी प्रसिद्ध जड़ी बूटी है जिसे विभिन्न बीमारियों का इलाज करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। लहसुन के अपने फायदे है। लहसुन में मौजूद एंटी फंगल, जीवाणुरोधी और प्राकृतिक एंटीबायोटिक कारक किसी भी प्रकार के यीस्ट संक्रमण और वैजिनल यीस्ट इन्फेक्शन के इलाज में अत्यधिक प्रभावी होते हैं। वेजाइनल इंफेक्शन के इलाज (vaginal infection treatment) के तौर पर आप लहसुन की कुछ फांकों को क्रश करके पेस्ट तैयार कर लें। अब लहसुन के पेस्ट को सीधा योनि के प्रभावित क्षेत्र पर लगाएं। अगर ताज़ा लहसुन आपके पास नहीं है तो आप लहसुन के तेल, विटामिन ई के तेल और नारियल के तेल को एक साथ मिलाकर योनि के प्रभावित क्षेत्र पर लगा सकते हैं। इसके अलावा आप लहसुन की गोलियां या कुछ ताज़े लहसुन की फांकें रोज़ाना खा सकते हैं। ताज़ा लहसुन खाने से आपके मुंह से गंध आ सकती है लेकिन ये खमीर संक्रमण के इलाज के लिए बहुत प्रभावी है।

    दही से ठीक होगा वैजाइनल इन्फेक्शन

    अगर आपको किसी दवाई के इस्तेमाल से वेजाइनल इंफेक्शन (vaginal infection) हुआ है तो आप दही खाकर उसे ठीक कर सकती हैं। आप चाहें तो दही को बाहर से प्रभावित क्षेत्र पर भी लगा सकती हैं। धोने से पहले इसे कुछ घंटों के लिए छोड़ दें। ध्यान रखें कि दही में चीनी, फल या अन्य कोई भी सामग्री नहीं होनी चाहिए। इसे लगाने के लिए रूई को दही में भिगोकर 2 घंटे के लिए अलग रख दें। दही एक ऐसा आहार है, जो स्वस्थ बैक्टीरिया से भरा हुआ होता है और इस कारण यह आपके वैजाइना को संक्रमण से भी सुरक्षित रखता है। दही के बैक्टीरिया वैजाइना मे होने वाले संक्रमण को रोकने में मदद करते हैं तो अच्छा होगा कि आप प्रतिदिन एक कप दही जरूर खाएं। इससे स्वास्थ अच्छा बना रहेगा और योनि में भी किसी तरह की समस्या नहीं होगी।

    सेब के सिरके से ठीक होगा वैजाइनल इन्फेक्शन 

    योनि को सेब साइडर सिरके से धोने से वैजिनल इन्फेक्शन (yoni mein infection) से होने वाली इचिंग और रेडनेस को कम करने में मदद मिलती है। इसके लिए लगभग एक लीटर पानी में 3 बड़े चम्मच कार्बोनिक सेब साइडर सिरका मिला कर वैजाइना को धोएं। यह आपको किसी भी स्टोर में आसानी से मिल जाएगा।

    टी ट्री ऑयल से ठीक होगा वैजाइनल इन्फेक्शन 

    टी ट्री तेल में शक्तिशाली और प्रभावी प्राकृतिक एंटी फंगल गुण होते हैं जो योनि संक्रमण या योनि में खुजली के घरेलू उपचार (yoni me infection ke gharelu upay) में मदद करते हैं। हालांकि ध्यान रखें कि गर्भवती महिलाओं को इस उपाय का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए क्योंकि टी ट्री के तेल में मौजूद कुछ गुण बच्चे के लिए हानिकारक हो सकते हैं। एक कप पानी में टी ट्री ऑयल मिलाएं। अब उसमें एक चम्मच जैतून का तेल या मीठा बादाम तेल मिलाएं। अब इस मिश्रण को योनि के प्रभावित क्षेत्रों पर लगाएं। दिन भर में कई बार इस मिश्रण का इस्तेमाल करने की कोशिश करें।

    जैतून का पत्ता से ठीक होगा वैजाइनल इन्फेक्शन

    जैतून और इसके पत्ते कई बीमारियों में लाभकारी होते हैं। इसलिए वेजाइनल इंफेक्शन (vaginal infection treatment) में भी जैतून के पत्ते बहुत प्रभावी साबित होते हैं। जैतून के पत्ते यीस्ट संक्रमण को रोकने के लिए भी बहुत प्रभावी माने जाते हैं। इनमें एंटीवायरल, एंटीफंगल, एंटीऑक्सिडेंट और एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण होते हैं जो खमीर संक्रमण से बचाते हैं। यह आपके शरीर में अच्छे बैक्टीरिया को भी बनाये रखता है। घर पर जैतून के पत्तों का जूस बनाने के लिए ताज़ा पत्तों को काट कर उन्हें एक गिलास में डाल दें और उस गिलास को ढक दें। कुछ मिनट बाद ढक्कन को हटाएं और उन पत्तियों के ऊपर वोदका डालें। ध्यान रहे, वोदका से आपकी सभी पत्तियां डूब जानी चाहिए। अब ढक्क्न से गिलास को बंद करें और लगभग 4 हफ्तों के लिए इसे किसी अंधेरी जगह पर रख दें। फिर उसका इस्तेमाल कर सकते हैं।

    नारियल के तेल से ठीक होगा वैजाइनल इन्फेक्शन

    नारियल तेल योनि संक्रमण के लिए प्रभावी प्राकृतिक उपचारों में से एक है। इसमें प्रभावी कवकरोधी गुण होते हैं जो संक्रमण के लिए जिम्मेदार खमीर को मार सकते हैं। नारियल का तेल 25 प्रकार की कैंडिडा प्रजातियों (जो खमीर संक्रमण के लिए जिम्मेदार हैं) को मारने में प्रभावी है। नारियल तेल को प्रभावित क्षेत्र पर दिन में 2 या 3 बार लगाएं, जब तक आपको सुधार दिखना शुरू न हो जाए। आप नारियल तेल को अपने दैनिक आहार में भी शामिल कर सकती हैं। 1 चम्मच नारियल तेल को दैनिक रूप से लेना शुरू करें ताकि आपको कभी वैजाइना से संबंधित कोई परेशानी न हो और धीरे-धीरे आप इसकी खुराक में वृद्धि कर सकती हैं।

    खूब पानी पीने से ठीक होगा वैजाइनल इन्फेक्शन

    अक्सर लोग बैक्टीरिया को खत्म करने के लिए एंटीबायोटिक्स का यूज़ करते हैं पर एंटीबायोटिक्स का ज्यादा इस्तेमाल शरीर में मौजूद अच्छे बैक्टीरिया को भी खत्म कर देता है। इसलिए एंटीबायोटिक दवाइयों का कम से कम इस्तेमाल करें। जब भी दवाइयां खाने के बाद वैजाइना की समस्या परेशान करे तो अपनी दिनचर्या में पानी की मात्रा बढ़ा दें। इससे सारे एंटीबायोटिक्स बाहर निकल जाते हैं।

    ठंडे पानी से मिलेगी राहत

    वैजाइना में इन्फेक्शन की समस्या ज्यादा नम और गर्म स्थिति में भी होती है। अगर आपकी वैजाइनल के क्षेत्र में गर्मी बनी रहेगी तो आपको संक्रमण की समस्या हो सकती है। अगर आप चाहती हैं कि आपको इस तरह की समस्या न हो तो ठंडे पानी से ही स्नान करें और अगर आप गर्म पानी का इस्तेमाल करती भी हैं तो उसके बाद हमेशा ढीले कपड़े ही पहनें।

    मेथी के बीज से ठीक होगा वैजाइनल इन्फेक्शन 

    मेथी के बीच भी वैजाइनल में होने वाले इन्फेक्शन को खत्म (yoni me infection ke gharelu upay) करते हैं। दो बड़े चम्मच मेथी के बीज को रात भर के लिए पानी में रख दें। इस मिश्रण को सुबह खाली पेट पियें। इस मिश्रण का प्रयोग रोज़ाना करें, जब तक कि आपको किसी भी प्रकार का असर न दिख जाये।

    दूध से ठीक होगा वैजाइनल इन्फेक्शन 

    दूध में लैक्टोबैसिली बैक्टीरिया होता है। बैक्टीरियल वेजिनोसिस के उत्कृष्ट प्राकृतिक इलाज के रूप में इसका प्रयोग किया जाता है। इसके अलावा दूध प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने में मदद करता है। दूध में रोज हल्दी पाउडर मिलाकर पीने से योनि में संक्रमण की समस्या जड़ से खत्म हो सकती है।

    वैजाइनल इंफेक्शन से कैसे करें बचाव - How to Prevent Vaginal Infection in Hindi

    योनि संक्रमण यानि वैजिनल यीस्ट इन्फेक्शन हर आयुवर्ग की महिलाओं को हो सकता है, लेकिन यह रिप्रोडक्टिव आयु वर्ग की महिलाओं में ज्यादा होता है। महिलाओं को अपनी वैजाइना की साफ- सफाई का खास ख्याल रखना चाहिए लेकिन ज्यादातर महिलाएं इस ओर ध्यान नहीं देती या इस बारे में उन्हें जानकारी ही नहीं होती। तो आइए जानते हैं ऐसी कौन-कौन सी बातें हैं , जिन्हें ध्यान में रखकर वैजाइनल इंफेक्शन (yoni infection) होने से बचा जा सकता है - 

    • संक्रमण को रोकने के लिए वैजाइना को क्लीन और हेल्दी रखना बहुत जरूरी होता है। इसलिए उसे साफ रखें और उस पर साबुन न लगाएं। वैजाइना काफी सेंसिटिव होती है इसलिए अपनी वैजाइना की सॉफ्टनेस के अनुसार ही उस पर सॉफ्ट साबुन या स्पेसिफिक एंटी बैक्टीरिया लिक्विड वॉश का इस्तेमाल करें। 
    • किसी भी बीमारी या संक्रमण के बढ़ने की सबसे अहम वजह है तनाव इसलिए तनाव से बचने की कोशिश करें। शरीर को पूरा आराम नहीं मिलता है तो शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर हो जाती है, जिसके कारण स्वास्थ खराब हो जाता है। इसलिए अपने शरीर को आराम दें, रोजाना कम से कम 7-8 घंटे की नींद जरूर लें।
    • तनावपूर्ण जीवन शैली कैंडिडा के अधिक विकसित होने का कारण बनती है क्योंकि इस समय आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर हो जाती है। ध्यान, मालिश, योग और नियमित एक्सरसाइज से इसे कम किया जा सकता है।
    • ढीले-ढाले कपड़े और अंडरवियर पहनने से ऑक्सीजन मिलती रहती है, जिससे फंगस का विकास रुकता है। टाइट अंडरवियर पहनने से पसीना बाहर नहीं निकल पाता और नमी की वजह से गलत बैक्टीरिया बढ़ जाते हैं।
    • प्राइवेट पार्ट को स्वस्थ रखने के लिए हमेशा कॉटन के अंडरवियर चुनें। रेशमी या सिंथेटिक कपड़े के अंडरवियर से आपको रैशेज हो सकते हैं। ध्यान रखें अंडरगारमेंट हमेशा साफ और सूखे हुए ही पहनने चाहिए। और सबसे जरूरी बात ये कि हर 3 से 6 महीने में अंडरवियर का स्टॉक बदलते रहें। क्योंकि न चाहते हुए भी आपके अंडरगारमेंट  गंदे ही रह जाते हैं, जिससे नुकसान पहुंचाने वाले बैक्टीरिया पनप सकते हैं और इंफेक्शन (yoni infection) पैदा कर सकते हैं। 
    • सेक्स से पहले अगर आपको बाथरूम जाने की जरूरत महसूस होती है तो भूलकर भी इसे रोकें नहीं। क्योंकि ऐसा करने से ब्लै़डर में मौजूद बैक्टीरिया निकल जाते है और इंफेक्शन की आशंका नहीं रहती है। 
    • पीरियड्स के दौरान सैनिटरी पैड जल्दी- जल्दी बदलें। अगर पीरियड्स के दौरान अच्छे से देखभाल न की जाए तो इंफेक्शन के अलावा यूटेरस और यौन अंगों से जुड़ी कई गंभीर बीमारियां होने का भी खतरा रहता है। 
    • जैसे ही इंफेक्शन शुरू हो, उसका इलाज करें ताकि वैजाइना की समस्या ज्यादा न बढ़ने पाए। वैजाइना की साफ- सफाई रखना आपकी रिप्रोडक्टिव हेल्थ के लिए बेहद जरूरी है। ऐसा करने से योनि में इन्फेक्शन (vaginal infection in hindi) होने का खतरा कम होता है और आप हेल्दी रहते है।
    • हमेशा अपने प्राइवेट पार्ट को आगे से पीछे की ओर ही धोना चाहिए। पीछे से आगे की ओर नहीं। क्योंकि पानी के साथ गुदा के बैक्टीरिया वैजाइना तक पहुंच कर नुकसान पहुंचा सकते हैं।

    POPxo की सलाह : त्वचा को स्वच्छ और नरम बनाये रखने के लिये यूकलिप्टस और नींबू के तेल से युक्त वाइपआउट सैनिटाइजिंग वाइप्स (WIPEOUT Sanitizing Wipes) का इस्तेमाल करें!

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    वैजाइनल इंफेक्शन FAQs

    क्या वेस्टर्न टॉयलेट इस्तेमाल करने से वैजाइनल इंफेक्शन होने का खतरा रहता है?

    वेस्टर्न टॉयलेट इस्तेमाल करने वाली हर दूसरी महिला यूटीआई का शिकार होती है। इनमें भी वर्किंग वुमन की संख्‍या सबसे ज्‍यादा है। क्योंकि वेस्‍टर्न टॉयलेट की सीट से हमारे प्राइवेट पार्ट टच होते हैं, जिससे वैजाइनल इंफेक्शन ( yoni mein infection) होने की आशंका ज्यादा होता है। इसीलिए पब्लिक प्लेस पर इंडियन टॉयलेट एकदम सेफ मानी जाती है।

    क्या वैजाइनल इंफेक्शन (vaginal infection in hind) के दौरान वैजाइना में सूजन आ जाती है?

    आमतौर पर योनि पर स्वस्थ प्रकार के बैक्टीरिया रहते हैं जिनसे कोई भी प्रॉब्लम नहीं होती लेकिन कभी कभी कई कारणों से बुरे बैक्टीरिया की संख्या ज्यादा हो जाती है और आपको प्राइवेट पार्ट में बैक्टीरियल इन्फेक्शन हो जाती है जिसके कराण वैजाइना में सूजन आ जाती है। 

    यूरिन पास करते समय जलन ज्यादा हो रही है तो क्या करें ?

    वैजाइनल इंफेक्शन के दौरान यूरिन पास करते समय जलन होती है। लेकिन कभी-कभी यह जलन इतनी ज्यादा बढ़ जाती है कि आप तिलमिला उठते हैं। अगर यूरिन पास करते समय जलन ज्यादा हो रही है तो एक गिलास गुनगुना पानी लें और उसमें एक नींबू निचोड़ने के बाद एक चम्‍मच शहद डालकर मिक्‍स कर लें। इस पानी को पीने से पेशाब करते समय जलन से छुटकारा मिलेगा।

    योनि में यीस्ट संक्रमण के दौरान क्या खाने से आराम मिलेगा ?

    योनी में यीस्ट संक्रमण यह सबसे आम प्रकार का योनि संक्रमण (vaginal infection in hind) है। इस दौरान योनि में खुजली, जलन, सूजन जैसी समस्याएं हो जाती है। इसीलिए योनि में यीस्ट संक्रमण के दौरान खूब पानी पीने और दही खाने की सलाह दी जाती है। 

    प्राइवेट पार्ट में खुजली के उपाय क्या हैं ?

    अक्‍सर महिलाओं को योनि में खुजली होने की समस्‍या (vaginal infection in hind) होती ही है।  प्राइवेट पार्ट में खुजली के उपाय (vaginal infection treatment) की बात करें तो एप्पल साइडर विनेगर यानि कि सेब का सिरका काफी कारगर साबित होता है। क्योंकि इसमें एंटी बैक्टेरियल और एंटी फंगल गुण होते हैं। इसके लिए 2 चम्मच विनगर को एक गिलास पानी में मिलाएं और इसे रोज़ पियें। या फिर एक चम्मच एप्‍पल साइडर वेनिगर को 1 कप गर्म पानी में मिलाएं और इससे अपने गुप्त अंगों को धोएं।

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