महात्मा गांधी के विचार और कविताओं से बदलें अपने जीवन की दिशा - Gandhi ji Quotes in Hindi

महात्मा गांधी के विचार और कविताओं से बदलें अपने जीवन की दिशा  - Gandhi ji Quotes in Hindi

मोहनदास करमचंद गांधी जी के विचार दुनिया को रोशन करते हैं। सिर्फ भारत ही नहीं, विदेशों में भी उनके विचारों और नारों की धूम है। उनके इन्हीं विचारों ने भारत को आज़ादी दिलाई थी और आज भी लोग अपने जीवन में उनकी सीख और विचारों को काफी अहमियत देते हैं। उन्होंने अहिंसा के मार्ग पर चलकर अपने दम पर पूरे देश को एकजुट कर आंदोलन चलाए थे। महात्मा गांधी के विचार (Mahatma Gandhi Ke Vichar) न सिर्फ हमें मजबूत बनाते हैं, बल्कि अपनी काबिलियत के बल पर अपनी पहचान बनाने का साहस भी देते हैं।

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    गांधी जी का जीवन परिचय - About Gandhiji in Hindi

    मोहनदास करमचंद गांधी का जन्म 2 अक्टूबर 1869 (Gandhi Ji Ka Janam Kab Hua Tha) को गुजरात के पोरबंदर में हुआ था। वे पुतलीबाई और करमचंद गांधी के तीन बेटों में सबसे छोटे थे। महात्मा गांधी पढ़ाई-लिखाई में औसत थे और 13 साल की उम्र में करीब 6 महीने बड़ी कस्तूरबा से उनका विवाह हो गया था। साल 1888 में वे वकालत की पढ़ाई करने के लिए ब्रिटेन चले गए थे और जून 1891 में पढ़ाई पूरी कर वे देश वापिस आ गए थे। हालांकि, भारत में उनकी वकालत खास जमी नहीं थी और इसीलिए वे दक्षिण अफ्रीका चले गए थे। फिर वे लंदन चले गए थे और लंदन प्रवास के दौरान उन्होंने हिंदू, इस्लाम और ईसाई धर्मों का अध्ययन किया था। गांधी जी ने दक्षिण अफ्रीका में प्रवासी भारतीयों के अधिकारों और ब्रिटिश शासकों की रंगभेद की नीति के खिलाफ सफल आंदोलन किए थे। पढ़िए गांधी जी के विचार (Gandhiji Ke Vichar)

    गांधी जी गोपाल कृष्ण गोखले को अपना राजनीतिक गुरु मानते थे। भारत आने के बाद मई 1915 में गांधी जी ने गुजरात के अहमदाबाद में सत्याग्रह आश्रम की स्थापना की थी। मार्च 1930 में गांधी जी ने अपने जीवन की सबसे महत्वपूर्ण यात्रा दांडी मार्च शुरू की थी। 1942 में गांधी जी ने स्वराज की मांग करते हुए अंग्रेजों के खिलाफ भारत छोड़ो आंदोलन का आह्वान किया था। 15 अगस्त 1947 को भारत को आज़ादी मिल गई थी। 30 जनवरी 1948 को नाथूराम गोडसे ने महात्मा गांधी की गोली मारकर हत्या कर दी थी। गांधी जी को सम्मान देने के उपलक्ष्य में 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के तौर पर मनाया जाता है। इसी खास मौके पर पढ़िए महात्मा गांधी के विचार (Mahatma Gandhi Ke Vichar)।

    गांधी जी के विचार - Gandhiji Ke Vichar

    भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के सबसे प्रमुख नेताओं में से एक मोहनदास करमचंद गांधी को दुनिया बापू या ‘फादर ऑफ द नेशन’ के तौर पर भी जानती है। उन्होंने सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलते हुए देश को आज़ादी दिलाई थी। वे सिर्फ एक नेता ही नहीं, बल्कि सच्चे अर्थों में युग पुरुष थे। जानिए गांधी जी के विचार (Gandhiji Ke Vichar)।
    1. खुद वो बदलाव बनिए जो आप दुनिया में देखना चाहते हैं
    2. खुद को खोजने का सबसे अच्छा तरीका है, खुद को दूसरों की सेवा में खो दो
    3. पहले वो आप पर ध्यान नहीं देंगे, फिर वो आप पर हंसेंगे, फिर वो आप से लड़ेंगे, और तब आप जीत जाएंगे
    4. जिस दिन से एक महिला रात में सड़कों पर स्वतंत्र रूप से चलने लगेगी, उस दिन से हम कह सकते हैं कि भारत ने स्वतंत्रता हासिल कर ली हैं
    5. एक विनम्र तरीके से आप दुनिया को हिला सकते हैं

    6. आंख के बदले आंख पूरे विश्व को अंधा बना देगी
    7. शक्ति शारीरिक क्षमता से नहीं आती है, यह एक अदम्य इच्छा शक्ति से आती है
    8. थोड़ा सा अभ्यास बहुत सारे उपदेशों से बेहतर है
    9. विश्वास को हमेशा तर्क से तौलना चाहिए, जब विश्वास अंधा हो जाता है तो मर जाता है
    10. भविष्य इस बात पर निर्भर करता है कि आप आज क्या कर रहे हैं

    महात्मा गांधी के नारे - Gandhiji Slogans in Hindi

    महात्मा गांधी एक बहुमुखी प्रतिभा के धनी आदमी थे। उन्होंने इस बात का एक बेहतरीन उदाहरण पेश किया कि बिना किसी लड़ाई के भी युद्ध जीता जा सकता है। वे एक सच्चे देशभक्त, लेखक, महान वक्ता, समाज सुधारक, और स्वतंत्रता सेनानी के साथ-साथ एक महान व्यक्ति थे। पढ़िए महात्मा गांधी के नारे (Gandhi Ji Quotes in Hindi)।
    1. करो या मरो
    2. कानों का दुरुपयोग मन को दूषित और अशांत करता है
    3. जहां प्रेम है वहां जीवन है
    4. खुशी वही है, जब आपकी सोच, आपके शब्दों और आपके कर्मों में तालमेल हो
    5. दिल की कोई भाषा नहीं होती, दिल-दिल से बात करता है

    6. भगवान का कोई धर्म नहीं है
    7. केवल प्रसन्नता ही एकमात्र इत्र है, जिसे आप दूसरे पर छिड़कें तो उसकी कुछ बूंदें अवश्य ही आप पर भी पड़ती हैं
    8. जहां पवित्रता है, वहीं निर्भयता है
    9. मेरा जीवन मेरा संदेश है
    10. आपके विचार ही आपके जीवन का निर्माण करते हैं

    महात्मा गांधी के अनमोल वचन - Mahatma Gandhi Quotes in Hindi

    महात्मा गांधी के विचारों से दुनिया आज भी रोशन है। बच्चे हों या बड़े, सभी उनके विचारों को मानते हैं और उन्हें अपनी जीवन में आज़माने की कोशिश भी करते हैं। महात्मा गांधी के अनमोल वचन पढ़कर हम उनसे व उनकी सीख से प्रेरित हो सकते हैं। पढ़िए महात्मा गांधी के अनमोल वचन।
    1. आजादी का कोई अर्थ नहीं है, यदि इसमें गलतियां करने की आजादी शामिल न हो 
    2. किसी भी स्वाभिमानी व्यक्ति के लिए सोने की बेड़ियां, लोहे की बेड़ियों से कम कठोर नहीं होंगी... चुभन धातु में नहीं वरन् बेड़ियों में होती है
    3. उफनते तूफान को मात देना है तो अधिक जोखिम उठाते हुए हमें पूरी शक्ति के साथ आगे बढ़ना होगा
    4. ऐसे जिएं कि जैसे आपको कल मरना है और सीखें ऐसे, जैसे आपको हमेशा जीवित रहना है
    5.  डर शरीर का रोग नहीं है, यह आत्मा को मारता है

    6. गुलाब को उपदेश देने की आवश्यकता नहीं होती, वह तो केवल अपनी ख़ुशबू बिखेरता है... उसकी ख़ुशबू ही उसका संदेश है
    7. निःशस्त्र अहिंसा की शक्ति किसी भी परिस्थिति में सशस्त्र शक्ति से सर्वश्रेष्ठ होगी
    8. स्वतंत्रता एक जन्म की भांति है... जब तक हम पूर्णतः स्वतंत्र नहीं हो जाते तब तक हम परतंत्र ही रहेंगे
    9. क्रूरता का उत्तर क्रूरता से देने का अर्थ अपने नैतिक व बौद्धिक पतन को स्वीकार करना है
    10. मौन सबसे सशक्त भाषण है, धीरे-धीरे दुनिया आपको सुनेगी

    महात्मा गांधी पर शायरी - Mahatma Gandhi Shayari

    राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के खास मौके को अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस के रूप में मनाया जाता है। स्कूल-कॉलेजों में इस खास अवसर पर कार्यक्रम पेश किए जाते हैं। कहीं फैंसी ड्रेस शो होता है तो कहीं वाद-विवाद प्रतियोगिता या स्टेज पर गांधी जी से संबंधित अन्य कार्यक्रम भी होते हैं। इस विशेष अवसर पर पढ़िए महात्मा गांधी पर शायरी।
    1. अहिंसा का पुजारी,
    सत्य की राह दिखाने वाला,
    ईमान का पाठ पढ़ा गया हमें,
    वो बापू लाठी वाला।
    2. सत्य अहिंसा का था वो पुजारी,
    कभी न जिसने हिम्मत हारी,
    सांस दी हमें आजादी की,
    जन-जन है जिसका बलिहारी।
    3. देश के लिए जिसने विलास को ठुकराया था,
    त्याग विदेशी धागे उसने खुद ही खादी बनाया था,
    पहन के काठ की चप्पल जिसने सत्याग्रह का राग सुनाया था,
    वो महापुरुष महात्मा गांधी कहलाया था।
    4. खादी मेरी जान है,
    कर्म ही मेरी पूजा है,
    सच्चा मेरा कर्म है,
    और हिंदुस्तान मेरी जान है।

    5. सिर्फ एक सत्य-एक अहिंसा, दो थे जिनके हथियार,
    इन्हीं हथियारों से ही तो कर दिया हिन्दुस्तान को आजाद,
    ऐसी अमर आत्मा को करो दिल से सलाम।

    महात्मा गांधी के शैक्षिक विचार - Gandhiji Thoughts in Hindi

    हाईस्कूल तक पढ़ाई-लिखाई में औसत रहे महात्मा गांधी ने वकालत की पढ़ाई विदेश से की थी। हालांकि, उनके विचार देसी थे और उनके दिल में हिन्दुस्तान बसता था। इसी वजह से वे भारत वापिस लौट आए थे। महात्मा गांधी विश्व के उन नेताओं में से एक हैं जिनसे हर कोई बहुत कुछ सीख सकता है। उनकी कही हुई बातें लोगों को सही और सफल राहों पर ले जाती है। मौजूदा समय में खास कर के स्टूडेंट्स और यूथ को उनकी कही बातों को जानने की जरूरत है। उनकी बातों से उन्हें जिंदगी में कुछ अच्छा करने और बनने की प्रेरणा मिलेगी। जानिए, महात्मा गांधी के शैक्षिक विचार। पढ़िए महात्मा गांधी सन्देश।
    1. अपनी गलती को स्वीकारना झाड़ू लगाने के समान है, जो धरातल की सतह को चमकदार और साफ कर देती है
    2. जो समय बचाते हैं, वे धन बचाते हैं और बचाया हुआ धन, कमाए हुए धन के बराबर होता है
    3. किसी भी काम को या तो प्रेम से करें या उसे कभी करें ही नहीं
    4. अक्लमंद काम करने से पहले सोचता है और मूर्ख काम करने के बाद
    5. काम की अधिकता ही नहीं, काम की अनियमितता भी आदमी को तोड़ देती है

    6. भूल करने में पाप तो है ही, परंतु उसे छिपाने में उससे भी बड़ा पाप है
    7. लंबे-लंबे भाषणों से कहीं अधिक मूल्यवान है इंच भर कदम बढ़ाना
    8. आप प्रत्येक दिन भविष्य की तैयारी करते हैं
    9. पुस्तकों का मूल्य रत्नों से भी अधिक है, क्योंकि पुस्तकें अन्तःकरण को उज्ज्वल करती हैं
    10. यदि मनुष्य सीखना चाहे, तो उसकी हर भूल उसे कुछ शिक्षा दे सकती है

    महात्मा गांधी पर कविता - Gandhiji Poems in Hindi

    देश के कई जाने-माने कवियों ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी पर कविताएं लिखी हैं। इन कविताओं में उनके शौर्य और ज़िंदगी के बारे में बेहद सुंदर पंक्तियां लिखी गई हैं। ये हमें प्रेरित कर जीवन में अपना नया रास्ता बनाने का साहस देती हैं। आप भी पढ़िए महात्मा गांधीजी पर कविता के कुछ अंश।
    1. दुख से दूर पहुंचकर गांधी
    सुख से मौन खड़े हो
    मरते-खपते इंसानों के
    इस भारत में तुम्ही बड़े हो
    - केदारनाथ अग्रवाल 
    2. एक दिन इतिहास पूछेगा
    कि तुमने जन्म गांधी को दिया था,
    जिस समय अधिकार, शोषण, स्वार्थ
    हो निर्लज्ज, हो नि:शंक, हो निर्द्वन्द्व
    सद्य: जगे, संभले राष्ट्र में घुन-से लगे
    जर्जर उसे करते रहे थे,
    तुम कहां थे? और तुमने क्या किया था?
    - हरिवंशराय बच्चन
    3. गांधी तूफ़ान के पिता
    और बाजों के भी बाज थे।
    क्योंकि वे नीरवता की आवाज़ थे।
    -रामधारी सिंह "दिनकर"

     4. तुम मांस-हीन, तुम रक्तहीन,
    हे अस्थि-शेष! तुम अस्थिहीन,
    तुम शुद्ध-बुद्ध आत्मा केवल,
    हे चिर पुराण, हे चिर नवीन!
    तुम पूर्ण इकाई जीवन की,
    जिसमें असार भव-शून्य लीन;
    आधार अमर, होगी जिस पर
    भावी की संस्कृति समासीन!
    - सुमित्रानंदन पंत
    5. कौन कहता है कि बापू शत्रु थे विज्ञान के?
    वे मनुज से मात्र इतनी बात कहते थे,
    रेल, मोटर या कि पुष्पक-यान, चाहे जो रचो, पर,
    सोच लो, आखिर तुम्हें जाना कहां है।
    -रामधारी सिंह "दिनकर"