बालों से जुड़ी सबसे बड़ी गलतफहमियां और उनकी सच्चाई, जानिए और दूसरों को भी बताइए

बालों से जुड़ी सबसे बड़ी गलतफहमियां और उनकी सच्चाई, जानिए और दूसरों को भी बताइए

स्किन की तुलना में लोग अपने बालों को लेकर थोड़े लापरवाह होते हैं। जब तक बालों से संबंधित कोई समस्या बढ़ने नहीं लगती तब उसे इग्नोर करना बेहतर समझते हैं। लेकिन ये तरीका बहुत गलत है और साथ नुकसानदायक भी। बहुत से लोग तो स्थिति बिगड़ने लगती है तो दूसरों की सलाह पर घरेलू नुस्खे और तमाम तरह के पैतरे आजमाने लगते हैं। बालों के मामले में कई बार सुनी-सुनाई बातें (Hair Myths in HIndi) नुकासनदायक भी साबित हो जाती हैं। क्योंकि हर किसी बाल और उसका खान-पान अलग तरह का होता है और हर चीज का असर सब पर अलग-अलग तरह होता है। इसीलए बालों के मामले में किसी भी तरह के भ्रम या मिथक पर भरोसा नहीं करना चाहिए।

बालों से जुड़े मिथक और उनकी सच्चाई Facts and Myths about Hair in HIndi

खूबसूरत बाल कुदरत का तोहफा मना जाता है और हम लोग भी अपने बालों को चमकदार, घना, काला और मजबूत बनाए रखने के लिए हर जतन करते हैं। लेकिन कई बार तो समस्या न होते हुए भी या फिर कुछ गलतफहमियों में आकर खुद से अपने बालों को नुकसान पहुंचा बैठते हैं। कई बार बिना सच जाने किसी बात को मान से लेने से अंत में पछतावा ही होता है। इसीलिए बिना जानकारी के किसी भी तरह का उपाय नहीं अपनाना चाहिए। खासतौर पर जब बात स्किन और बालों के बात हो तो हकीकत या फैक्ट जरूर पता होना चाहिए। यहां हम आपको उन सामान्य बालों से जुड़े मिथक (Hair Myths in HIndi) यानि कि गलतफहमियों के बारे में बता रहे हैं, जिन्हें ज्यादातर लोग सही मानते हैं और उनकी बिना सच्चाई जानें ही फॉलो भी करते रहते हैं। तो आइए जानते हैं ब्यूटी से जुड़े मिथ और उनके फैक्ट्स के बारे में - 

1. मिथक - कलर कराने से बाल ज्यादा झड़ने लगते हैं।

सच्चाई - बालों का झड़ना उनके पोषण पर निर्भर करता है न कि हेयर प्रोडक्ट इस्तेमाल करने पर। आयुर्वेदिक और अच्छे ब्रांड के हेयर कलरिंग प्रॉडक्ट्स आपके बालों को नुकसान नहीं पहंचाते हैं। 

2. मिथक - बालों को रोजाना या हफ्ते में 5 बार धुलना चाहिए

सच्चाई - बहुत से लोगों को इस बात की गलतफहमी है कि रोजाना बाल धोने से वो हेल्दी और साफ रहते हैं। जबकि ऐसा करने से आप बालों को उनके नैचुरल ऑयल से वंचित कर रही हैं। ऐसा करने से सामान्य बालों की तुलना में ज्यादा नुकसान होता है।

3. मिथक - एक सफेद बाल तोड़ने से ये और भी ज्यादा होते हैं।

सच्चाई -  इस बात का जवाब तो साइंस के पास भी नहीं है कि सफेद बाल तोड़ने से ये बढ़ते भी हैं या नहीं। वैसे भी सफेद बालों का तोड़ना को हल नहीं है। इस समस्या से निजात पाने के लिए इन्हें तोड़ें नहीं बल्कि कलर करें।

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4. मिथक - धूप में बहुत ज्‍यादा घूमने से बाल सफेद हो सकते हैं 

सच्चाई - 'बाल धूप में यूं ही सफेद नहीं हुए हैं' आपने तो ये अक्सर अपने बड़े-बूढ़ों से कहावत सुनी ही होगी। वैसे यह बात भी कुछ हद तक सच है। क्योंकि धूप में ज्यादा समय तक रहने से बालों की चमक कम होने लगती है और उनका रंग भी कम हो जाता है। इसी वजह से धूप में बाल को ढक कर रखने की सलाह दी जाती है।

5. मिथक -सोते समय बाल गीले हों तो स्कैल्प में फंगस हो जाता है।

सच्चाई - वैसे आपको बता दें कि ये सरासर गलत बात है। क्योंकि स्कैल्प में फंगस का गीले बालों से कोई लेना-देना नहीं है। फंगस बैक्टीरियल इंफेक्शन से होते हैं, जोकि गंदी कंघी इस्तेमाल करने या फिर ड्रैंडफ के कारण होता है।

6. मिथक - बालों को बार-बार काटने से वो तेजी से बढ़ते हैं।

सच्चाई - इस बात को ज्यादातर लोग सच ही मानते हैं। लेकिन ऐसा सच बिल्कुल भी नहीं है। क्योंकि हमारे बाल हमारी जड़ों से बढ़ते हैं और बाल तो अंत से काटे जाते हैं, फिर कैसे वो तेजी से बढ़ सकते हैं? हालांकि ये बात सही है कि हर 2 महीने पर 1 बार हेयरकट या फिर ट्रिमिंग कराने से बालों का टूटना कम हो जाता है और दो-मुंहे बालों की समस्या भी नहीं रहती है।

7. मिथक - बार-बार शैंपू करने से बाल जल्दी टूटने लगते हैं।

सच्चाई - आपने ये बात भी लोगों से सुना होगा कि ज्यादा बालों को शैंपू नहीं करना चाहिए। लेकिन आपको बता दें कि ऐसा कहीं भी कोई प्रूव नहीं है कि बालों को शैंपू करने से वो ज्यादा टूटते हैं। दरअसल, बाल बढ़ने के तीन चरण होते हैं और उसका अंतिम चरण उनका टूटना ही माना जाता है। इसीलिए अगर ज्यादा बाल नहीं टूट रहे हैं तो ये कुछ बालों का टूटना तो बिल्कुल नॉर्मल है। इसलिए कही-सुनी बातों पर बिल्कुल भी भरोसा न करें।

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