इन ब्यूटी ट्रीटमेंट्स की मदद से हटवाएं चेहरे पर मौजूद एक्ने के निशान

इन ब्यूटी  ट्रीटमेंट्स की मदद से हटवाएं चेहरे पर मौजूद एक्ने के निशान

खूबसूरती को लेकर हर किसी का पैमाना अलग होता है। मेरा मानना है कि अगर आप खुश हैं तो वह खुशी खूबसूरती बनकर आपकी आंखों और चेहरे पर झलकने लगेगी। वैसे कहा भी जाता है कि खूबसूरती तो देखने वाले की आंखों में होती है। लड़की हो चाहे लड़का, हर किसी की चाहत होती है कि उसका चेहरा साफ-सुंदर हो और त्वचा हमेशा चमकती-दमकती रहे। एक साफ और खूबसूरत चेहरे की चाह इस हद तक है कि चेहरे पर कोई भी निशान होने की स्थिति में हम ब्यूटी एडिटिंग एप्स या फिल्टर्स का इस्तेमाल कर उस निशान को हटा लेते हैं। आज के परिवेश और वातावरण में चेहरे पर कील-मुंहासे निकलना आम बात हो चुकी है। समय के साथ एक्ने (चेहरे पर मुंहासे) तो ठीक हो जाते हैं पर कई बार इनके ज़िद्दी दाग-धब्बे लंबे समय तक चेहरे पर अपनी मौजूदगी दर्ज करवा लेते हैं। अगर आप एक्ने स्कार्स (acne scars-मुंहासों के निशान) से परेशान हैं तो इन ब्यूटी ट्रीटमेंट्स (beauty treatment) की मदद से अपने चेहरे को क्लीन एंड क्लीयर कर सकती हैं। 

ताकि त्वचा पर आए निखार

फ्लॉलेस स्किन की चाह में हम सभी कई तरह के घरेलू नुस्खे अपनाने के साथ ही समय-समय पर फेशियल्स भी करवाते हैं। उसके बावजूद पॉल्यूशन, बदलती लाइफस्टाइल, मेंटल स्ट्रेस और खान-पान की आदतों के कारण चेहरे पर कील-मुंहासे निकलना एक बेहद आम सौंदर्य समस्या है। अगर आप भी चेहरे पर मुंहासों या उनके दाग-धब्बों से परेशान हैं तो इन ब्यूटी ट्रीटमेंट्स की मदद से उन निशानों (acne scars) को कुछ कम कर सकती हैं।

लेजर रीसर्फेसिंग (Laser Resurfacing)

एक्ने स्कार्स (acne scars) यानि कि मुहांसों के निशान को मिटाने के लिए लेजर रीसर्फेसिंग (laser resurfacing) तकनीक को काफी प्रभावी माना जाता है। लेजर टेक्नोलॉजी में कार्बन डाइऑक्साइड से लेकर अर्बियम ग्लास लेजर (erbium glass laser) तक की तकनीकें आज़माई जाती हैं। वैसे तो ये दोनों ही लेजर तकनीकें एक्ने स्कार्स को मिटाने के लिए कारगर साबित हुई हैं पर इनका रिजल्ट काफी हद तक लेजर करने वाले एक्सपर्ट पर भी निर्भर करता है। भारतीयों में हाइपरपिगमेंटेशन की समस्या होना बेहद आम है। ऐसे में अगर आप किसी बिना या कम अनुभव वाले व्यक्ति से लेजर रीसर्फेसिंग करवाएंगे तो आपकी त्वचा का रंग अस्थाई तौर पर गहरा हो सकता है।

पील्स (Peels)

पील्स (Peels) वे केमिकल पदार्थ होते हैं, जिन्हें चेहरे या शरीर के अन्य हिस्सों पर लगाकर त्वचा को एक्सफोलिएट किया जाता है। इससे ये दाग हल्के पड़ जाते हैं। पील्स कई प्रकार के होते हैं और गहरे धब्बों को हटाने या कम करने के लिए गहरे पील्स का इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि, पील्स करवाते समय चेहरे पर अगर कोई एक्टिव एक्ने होता है तो पीलिंग प्रक्रिया के माध्यम से उस मुंहासे का दाग बनने से रोका जा सकता है। इसलिए बेहतर रहेगा अगर मुंहासे या एक्ने का उसी दौरान इलाज करवा लिया जाए, न कि उसके खत्म होकर उसके दाग-धब्बे बनने का इंतजार किया जाए।

माइक्रोनीडलिंग (Microneedling)

माइक्रोनीडलिंग (Microneedling) एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें फाइन नीडल्स (सुइयों) के सेट से त्वचा में चैनल्स बनाए जाते हैं। इससे त्वचा को अपने खुद के कोलेजन (collagen) का निर्माण करने में मदद मिलती है। इस प्रक्रिया से दाग कम होते हैं और त्वचा का स्वास्थ्य भी बेहतर होता है। माइक्रोनीडलिंग के प्रोसेस के साथ ही अन्य रेडियोफ्रीक्वेंसी ट्रीटमेंट्स भी लिए जा सकते हैं।

सब्सिशन (Subcision)

यह एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें दाग को त्वचा के अंदर तक गहराई से जाकर साफ किया जाता है। दरअसल, एक्ने स्कार्स त्वता के अंदर टिश्यूज पर चिपक जाते हैं। इस प्रक्रिया में इन दागों को उस टिश्यू से निकाला जाता है, जिससे उनका प्रभाव कुछ कम पड़ जाता है। इस प्रक्रिया के साथ स्कार्स में फिलर या फैट ग्राफ्टिंग भी करवाई जा सकती है, जिससे वे ऊपर ही रहें और दोबारा टिश्यूज से न चिपकें।

इन सभी प्रोसीजर्स में सबसे पहले एक्टिव एक्ने का इलाज किया जाना चाहिए। अगर एक्टिव एक्ने का इलाज कर लिया जाएगा तो चेहरे पर मुंहासों के दाग-धब्बे की समस्या से बच जाएंगे। हालांकि, इन ट्रीटमेंट्स को किसी एक्सपर्ट से करवाना ही बेहतर रहेगा।
इनपुट्स : डॉ.शिल्पी भडानी, प्लास्टिक एंड एस्थेटिक सर्जन, एसबी एस्थेटिक्स की संस्थापक (Dr. Shilpi Bhadani, Plastic & Aesthetic Surgeon, Founder of SB Aesthetics)