जानिए प्रेगनेंसी के दौरान किन-किन अंगों में आ जाती है सूजन और क्या हैं इसके कारण

जानिए प्रेगनेंसी के दौरान किन-किन अंगों में आ जाती है सूजन और क्या हैं इसके कारण

प्रेगनेंसी हर महिला के लिए वह खास दौर है, जिसे वह बेफ्रिक होकर खुशी- खुशी जीना चाहती है। उन नौ महीनों के दौरान उसके शरीर में कई बदलाव आते हैं। प्रेगनेंसी के दौरान जैसे-जैसे समय बढ़ता है वैसे-वैसे होने वाली मां को कई दिक्कतें भी महसूस होने लगती हैं। खासतौर पर शरीर के कुछ अंगों में सूजन जैसी समस्या का होना। 

प्रेगनेंसी के दौरान किन-किन अंगों में आ जाती है सूजन Swelling During Pregnancy In Hindi

वैसे शरीर में सूजन आ जाना भी गर्भावस्था का एक सामान्य लक्षण है। आम बोलचाल की भाषा में इसे ओएडेमा (Oedema) कहते हैं। दरअसल, गर्भ में पल रहे बच्चे को भी मां के ही शरीर से पोषण मिलता है जिसकी वजह से गर्भवती महिला के शरीर में ज्यादा मात्रा में खून और फ्लूइड का निर्माण होने लगता है, जिसकी वजह से शरीर में सूजन नजर आने लगती है। 90 फीसदी महिलाओं को आमतौर पर प्रेगनेंसी के पांचवे-छठे महीने से इस परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसा नहीं है कि प्रेगनेंसी के दौरान सिर्फ पैरों और ऐड़ियों में ही सूजन आती है। बल्कि इसके अलावा और भी कई अंग हैं जो प्रभावित होते हैं। तो आइए जानते हैं कि प्रेगनेंसी के दौरान शरीर के किन-किन अंगों में सूजन आ जाती है और किस वजह से -

आंखों के नीचे सूजन

प्रेगनेंसी के दौरान महिला के आंखों के नीचे सूजन यानि पफीनेस दिखने लगती है। इसका कारण ये नहीं है कि नींद नहीं पूरी हुई है बल्कि वॉटर रिटेंशन की वजह से ऐसा होता है। वैसे ये सूजन लगातार नहीं रहती है। कभी-कभी दिखती है कभी-कभी नहीं भी।

ब्रेस्ट में सूजन

गर्भावस्था के दौरान ब्रेस्ट और निप्पल में सूजन आना बहुत ही सामान्य है। क्योंकि ब्रेस्ट, लैक्टेशन यानि ब्रेस्टफीडिंग के लिए तैयार हो रहे होते हैं, ऐसे में इनका साइज भी बढ़ने लगता है। वहीं निपल्स का आकार भी बढ़ जाता है और उनमें सूजन आ जाती है।

मसूड़ों में सूजन

कई गर्भवती महिलाओं को छठे-सातवें महीने में मसूड़ों में सूजन की समस्या महसूस होने लगती है। ऐसा इसलिए होता है कि शरीर में वॉटर रिटेंशन और खून की मात्रा बढ़ने लगती है।

हाथों की कलाई और उंगलियों में सूजन

जी हां सिर्फ पैरों में ही नहीं बल्कि हाथों में भी सूजन रहती है। गर्भावस्था की तीसरी तिमाही आते-आते शरीर में फ्लूइड बढ़ने के कारण हाथ, कलाई और उंगलियों में भी सूजन दिखने लगती है। कई बार तो इनमें झनझनाहट भी महसूस होने लगती है।

नाक में सूजन

बहुत सी गर्भवती महिलाओं को इस दौरान नाक में भी सूजन आ जाती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि साइनस डाइलेट में मौजूद नसों में ब्लड और फ्लूइड की मात्रा बढ़ जाती है और कंजेशन फील होने लगता है। कई बार तो नाक से खून भी आ जाता है।

एड़ी और पैर में सूजन

90 फीसदी महिलाओं को पैरों और एड़ियों में सूजन की समस्या होती है। इसका कारण है ब्लड सर्कुलेशन या फिर शरीर में पानी की कमी होना। इसके अलावा एक कारण ये भी है कि शरीर का ऊपरी हिस्सा भारी हो जाता है और पूरा भार पैरों पर पड़ता है, जिसकी वजह से सूजन आ जाती है।  

प्राइवेट पार्ट में सूजन

गर्भावस्था के दौरान जननांगों में सूजन भी आ जाती है। क्योंकि ऐसे में यूरिन डिस्चार्ज करने में काफी दिक्कत महसूस होती है इसीलिए उस जगह सूजन आ जाती है। 

चेहरे पर सूजन

प्रेगनेंसी में चेहरे पर सूजन आना बहुत सामान्य है। क्योंकि प्रेगनेंसी के दौरान शरीर में कई तरह के हार्मोनल बदलाव होते हैं और इससे चेहरा भरा-भरा और सूजा हुआ दिखाई देता है। वैसे चाहे तो इसे कुछ फेशियल एक्सरसाइज कर दूर भी कर सकते हैं।