अंजीर खाने के फायदे और स्वास्थ्य लाभ - Anjeer ke Fayde

Anjeer ke Fayde

अंजीर को औषधियों और खाने का स्वाद बढ़ाने वाले गुणों के कारण जाना जाता है। इस कुरकुरे और मीठे फल का इस्तेमाल कई वर्षों से रोगों के इलाज में किया जाता रहा है। अंजीर (anjeer) को स्वास्थ्य के लिए फ़ायदेमंद माना जाता है। पुराने समय में मानव द्वारा उगाए जाने वाले फलों में अंजीर का नाम भी शामिल है। इतना ही नहीं, इस फल का उल्लेख बाइबल तक में किया गया है। अब इसी बात से आप अनुमान लगा सकते हैं कि यह सेहत के लिए कितना लाभकारी है। इसे फिकस कैरीका नाम से भी जानते हैं। यह रसीला और गूदेदार फल होता है।
दिलचस्प बात यह है कि अंजीर का स्वाद इस बात पर निर्भर करता है कि इसे कहां उगाया गया है और यह कितना पका है। अंजीर की उत्पत्ति एशिया के भू-मध्य और पश्चिम भाग में मानी जाती है। इसके साथ ही यह भारत चीन और अमरीका समेत कई भागों में भी उगाया जाता है। अमेरिका और यूरोप के कुछ हिस्सों में अंजीर की खेती की जाती है। तुर्की दुनिया को अंजीर का सबसे बड़ा उत्पादक माना जाता है। इसे अंग्रेजी में फिग्स भी कहते हैं। कुछ फल ऐसे होते हैं, जो फल के रूप में स्वादिष्ट तो होते ही हैं, साथ ही सूखने के बाद सेहत के लिए भी गुणकारी साबित होते हैं। अंजीर उन्हीं फलों में से एक है। इसे फल और ड्राई फ्रूट, दोनों प्रकार से खाया जाता है। ऐसा माना जाता है कि पृथ्वी पर पाए जाने वाले सबसे पुराने फलों में एक अंजीर भी है। अंजीर के बारे में जितनी बातें कही जाएं, वे कम हैं। तो आइए, आज हम आपको अंजीर के फायदे (anjeer ke fayde) और अंजीर से जुड़ी जानकारियों से अवगत कराते हैं। साथ ही इसके उपयोग से जुड़ी हर जानकारी भी देते हैं।

Table of Contents

    अंजीर के पौष्टिक तत्व

    वैसे तो अंजीर (anjeer) के कई प्रकार होते हैं पर मुख्य रूप से उसके पांच प्रकार होते हैं। ब्लैक मिशन, बाहर से काला रंग का होता है, जबकि अंदर से इसका रंग गुलाबी होता है। यह न सिर्फ खाने में मीठा होता है, बल्कि इसमें रस भी होता है।  दूसरा प्रकार होता है, क डोटा। यह हरे रंग का होता है। यह सबसे कम मीठा होता है। इसके अलावा कैलिमिरना भी अंजीर का ही एक रूप है।
    यह बाहर से हरे पीले रंग का होता है, इसका आकार अन्य किस्मों के मुकाबले सबसे बड़ा होता है और इसका स्वाद भी सबसे अलग होता है। अंजीर का और एक प्रकार होता है, ब्राउन तुर्की। इस अंजीर का बाहरी रंग बैंगनी और गूदा लाल होता है। इसका स्वाद हल्का और कम मीठा होता है। इसका प्रयोग सैलड का स्वाद बढ़ाने के लिए किया जाता है। इसके अलावा एड्रियाटिक अंजीर है, जो हल्का हरा और अंदर से गुलाबी रंग का होता है। इसका रंग हल्का होने के कारण इसे सफेद अंजीर कहा जाता है। यह सबसे मीठा होता है और इसे फल के तौर पर खाया जा सकता है। 
    अब आपको अंजीर के फायदे (anjeer ke fayde) और इसमें मौजूद पोषक तत्व के बारे में बताते हैं। इसमें आपको एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन्स और फाइटोन्यूट्रिएंट्स जैसे कई गुणकारी तत्व मिलेंगे। इसके अलावा, अंजीर (figs in hindi) को प्राकृतिक शुगर और घुलनशील फाइबर का प्रमुख स्रोत माना गया है। 

    अंजीर के उपयोग - Fig Uses in Hindi

    अंजीर को कैसे खाये तो हम आपको बताते हैं, अंजीर का सेवन कई रूपों में किया जा सकता है। अंजीर को खाने (anjir khane ke fayde) से पहले अच्छी तरह से धो लेना जरूरी है। फिर आप इसे ऐसे ही खा सकते हैं या फिर छिलका उतार कर भी खा सकते हैं। सूखी अंजीर की तासीर गर्म होती है, इसलिए इसे रात भर पानी में भिगोकर रखें और अगली सुबह खाली पेट खा लें। जिस पानी में इसे भिगोया था, आप उस पानी को पी भी सकते हैं। सूखे अंजीर को अपने साथ कहीं भी ले जाना आसान है। इसलिए अगर आप किसी यात्रा पर जा रहे हैं, तो अंजीर को अपने साथ ले जा सकते हैं, सूखे अंजीर को सैंडविच या फिर सैलड में डालकर भी खा सकते हैं।
    ताजे अंजीर के फल (anjeer fruit) को आप आइसक्रीम के ऊपर भी सजा सकते हैं। अंजीर को भोजन में मिलाकर भी खाया जा सकता है। इसे मिक्स करने से भोजन का स्वाद बिल्कुल भी खराब नहीं होगा, बल्कि बढ़ जाएगा। अंजीर में शुगर की मात्रा ज्यादा होती है, इसलिए अगर आप घर में कोई मीठा व्यंजन बनाते हैं, तो चीनी के तौर पर इसका प्रयोग कर सकते हैं। यह एक प्राकृतिक शुगर है, जिससे डिश का स्वाद बढ़ेगा। 

    स्वास्थ के लिए अंजीर के फायदे - Anjeer Khane ke Fayde

    अंजीर के इतने स्वास्थ्य लाभ हैं कि आप गिनते-गिनते थक जाएंगे। हम एक-एक कर आपको सारे लाभ की जानकारी दे रहे हैं।

    पाचन शक्ति

    अंजीर के फायदे (anjeer ke fayde) कब्ज के मरीजों को भी मिलता है अंजीर के सेवन से कब्ज की समस्या दूर हो जाती है और पाचन तंत्र अच्छी तरह काम करने लगता है। पाचन तंत्र को बेहतर करने के लिए, दो-तीन अंजीर को रात भर के लिए पानी में भिगो कर रख दें और अगली सुबह ऐसे ही या फिर शहद के साथ खाएं। पाचन तंत्र को बेहतर करने और कब्ज को जड़ से मिटाने के लिए, फाइबर की जरूरत होती है। वह अंजीर में उपलब्ध होता है। इसलिए जब अंजीर (figs in hindi) का सेवन किया जाता है, तो इसका फाइबर गुण पेट को साफ करने में मदद करता है। 

    हृदय रोग

    अंजीर का सेवन करने से हृदय रोगों से भी छुटकारा मिलता है। अंजीर खाने से रक्त में ट्राइग्लिसराइड की मात्रा कम होती है और वह सही प्रकार से काम करने लगता है। इसलिए स्वस्थ रहने के लिए अंजीर के कई फायदे हैं। इसके अलावा शरीर में फ्री रेडिकल्स की उत्पत्ति होने पर प्रो कोरोनरी धमनी जम जाती हैं और हृदय से जुड़ी बीमारियां होने लगती है। ऐसे में अंजीर में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट गुण फ्री रेडिकल्स को खत्म कर हृदय की रक्षा करता है। यही नहीं, अंजीर में ओमेगा 3 और ओमेगा 6 फैटी एसिड गुण भी होते हैं, जो हृदय की बीमारी से बचाते हैं।

    वजन नियंत्रण

    अंजीर आपके वजन को कम करने में भी सहायक होता है। यह ऐसा ड्राई फ्रूट है, जो आपके वजन को बढ़ाता नहीं है, बल्कि घटाता है। इसमें फाइबर की मात्रा अधिक होती है और कैलोरी कम होती है। अंजीर का सेवन करने से भूख कम लगती है, जिससे आप अधिक भोजन करने से बच जाते हैं। अंजीर के सेवन से शरीर में मेटाबॉलिज्म का स्तर भी बेहतर होता है और शरीर में जमा अतिरिक्त वसा भी कम हो जाती है। अंजीर में फिशिंग नामक एंजाइम होता है, जो भोजन को सही प्रकार से बचाने में मदद करता है। यह भोजन को सही तरीके से और समय पर पचाता है, तो शरीर में अतिरिक्त वसा जमा नहीं होती और वजन बढ़ने की चिंता नहीं रहती है।

    कोलेस्ट्रॉल

    अंजीर में पेक्टिन नामक फाइबर होता है, जो रक्त से खराब कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करता है। साथ ही अंजीर का फाइबर गुण पाचन तंत्र से भी अधिक अतिरिक्त कोलेस्ट्रॉल को साफ करता है। अंजीर में विटामिन बी 6 भी होता है, जो कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित कर आपके मूड को अच्छा बनाता है। अंजीर में ओमेगा-3 और ओमेगा 6 फैटी एसिड होने के कारण कोलेस्ट्रॉल का स्तर नियंत्रित रहता है।

    एनीमिया

    यह तो सभी जानते हैं कि शरीर में आयरन की कमी होने पर एनीमिया होता है। अगर सही वक्त पर इसका इलाज न किया जाए तो यह काफी घातक रूप ले सकता है। सूखे अंजीर को आयरन का प्रमुख स्रोत माना गया है। इससे शरीर में हीमोग्लोबिन का स्तर बढ़ता है। खासतौर से महिलाओं में होने वाले मासिक धर्म और गर्भावस्था के समय कई महिलाएं एनीमिया का शिकार होती हैं। उस समय अगर उन्हें अंजीर का सेवन करने दिया जाए तो एनीमिया जैसी परेशानी से छुटकारा मिल सकता है। इसलिए अंजीर को अपनी डाइट में शामिल किया जाना जरूरी है। खासतौर से अगर किसी महिला की किसी तरह की सर्जरी हुई है तो अंजीर के सेवन से शरीर में आयरन की मात्रा को पूरा किया जा सकता है।

    मधुमेह की परेशानी

    अंजीर के फल (anjeer fruit) के साथ उसके पत्ते भी सेहत के लिए काफी अच्छे होते हैं। अंजीर के पत्तों में ऐसे कई गुणकारी तत्व मौजूद हैं, जो रक्त में ग्लूकोज के स्तर को नियंत्रित कर सकते हैं। एक अध्ययन में इस बात की पुष्टि की गई है कि अगर भोजन में अंजीर के पत्तों को शामिल किया जाता है तो वे डायबिटीज़ से लड़ने में मदद करते हैं। आप डायबिटीज़ के प्रभाव को कम करने के लिए अंजीर के पत्तों की चाय बनाकर उनका सेवन कर सकते हैं। साथ ही इसका पाउडर बनाकर सेवन करने से तो मधुमेह से छुटकारा भी मिल सकता है।

    कैंसर

    अंजीर से कैंसर जैसी घातक बीमारी का भी इलाज हो सकता है। अंजीर का फल (anjeer fruit) पेट और ब्रेस्ट कैंसर के खतरे को काफी हद तक कम कर सकता है। अंजीर में फाइबर अधिक मात्रा में होता है, जो पेट में जमा गंदगी को मल के रास्ते बाहर निकाल देता है। साथ ही अंजीर में अनगिनत छोटे-छोटे बीज भी होते हैं, जिनमें अत्यधिक मात्रा में म्युसिन पाया जाता है, जो पेट की गंदगी को एक जगह एकत्र कर उसे बाहर निकाल देता है।

    हड्डियों के लिए अच्छा

    अंजीर को कैल्शियम, पोटैशियम और मैग्नीशियम का मुख्य स्रोत माना गया है। इससे हड्डियां भी मजबूत होती हैं। अंजीर के गुणकारी तत्व (anjeer ke fayde) हड्डियों पर प्रभावी तरीके से काम करते हैं, जिससे उनके टूटने की आशंका काफी हद तक कम हो जाती है। इसमें कोई दो राय नहीं है कि हड्डियों के लिए कैल्शियम जरूरी है। यही कारण है कि हड्डियों की सेहत के लिए अंजीर खाने की सलाह दी जाती है क्योंकि अंजीर में कैल्शियम भरपूर मात्रा में पाया जाता है।

    अस्थमा

    अंजीर के लाभ अस्थमा के मरीज को भी मिल सकता है। मेथी दाने के पाउडर को शहद और अंजीर के साथ लेने से अस्थमा काफी हद तक ठीक हो सकता है। अस्थमा के मरीज अंजीर का जूस भी पी सकते हैं। इससे उन्हें काफी लाभ मिल सकता है। अंजीर के सेवन से शरीर के अंदर म्यूकस झिल्लियों को नमी प्रदान होती है। इससे कफ साफ होता है,  जिससे अस्थमा के मरीज को कुछ राहत मिलती है। अंजीर में फाइटोकेमिकल योगिक भी होते हैं, जो फ्री रेडिकल से लड़ते हैं। फ्री रेडिकल्स के शरीर में बने रहने से अस्थमा गंभीर हो सकता है। इसलिए अंजीर खाने के फायदे (anjeer benefits) अस्थमा के मरीजों को भी मिलता है।

    ब्लड प्रेशर

    अंजीर में पाए जाने वाले फाइबर और पोटैशियम मिलकर उच्च रक्तचाप की आशंका को कम कर उसे संतुलित बनाए रख सकते हैं। इसके अलावा अंजीर में ओमेगा-3 और ओमेगा 6 फैटी एसिड पाए जाते हैं, जो शरीर में रक्तचाप का संतुलन बनाए रखने का काम करते हैं।

    एंटीऑक्सीडेंट

    अंजीर एंटी ऑक्सीडेंट का मुख्य स्रोत माना जाता है। एंटी ऑक्सीडेंट प्रभाव के कारण अंजीर शरीर में फ्री रेडिकल्स को खत्म कर कई तरह की बीमारियों से बचाता है। अंजीर में फेनोलिक एंटी ऑक्सीडेंट के गुण भी पाए जाते हैं, जो शरीर के लिए काफी अच्छे होते हैं।

    यौन शक्ति

    अंजीर में मौजूद कैल्शियम, आयरन और पोटैशियम इस फल को समृद्ध बनाते हैं। साथ ही इसमें मैग्नीशियम और जरूरी मिनरल्स भी हैं, जिनकी मदद से यौन क्षमता को बढ़ाने में मदद मिलती है। इसके सेवन से रक्त वाहिकाएं फैलने लगती हैं और यौन अंगों सहित शरीर के सभी हिस्सों में रक्त का प्रवाह तेज हो जाता है। अगर अंजीर को रात भर दूध में भिगोकर रखा जाए और अगली सुबह खाया जाए तो इससे यौन क्षमता बढ़ती है।

    सर्दी-जुकाम

    अंजीर के सेवन से सर्दी और जुकाम से भी राहत मिलती है। इससे गले की खराश भी ठीक होती है। इसका जूस पीने से गले का दर्द भी कम हो जाता है। अंजीर के सेवन से टॉन्सिल्स को भी प्राकृतिक रूप से ठीक किया जा सकता है। यह गले की सूजन को भी कम करता है।

    प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि

    अंजीर के सेवन से कई बीमारियां ठीक होती हैं और यह आपके शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बेहतर करता है। अंजीर में पोटैशियम और एंटीऑक्सीडेंट जैसे कई जरूरी तत्व होते हैं, जो आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बेहतर करते हैं।

    ऊर्जा का स्रोत

    अंजीर ऊर्जा का अच्छा स्रोत है। दिन-भर की भागदौड़ के बाद शरीर को ऊर्जा की जरूरत होती है। इस ऊर्जा को कायम रखने के लिए अपनी डाइट में भोजन के साथ अंजीर को भी शामिल करना चाहिए। अंजीर में मौजूद कार्बोहाइड्रेट और शुगर शरीर में ऊर्जा को कई गुना बढ़ा देते हैं।

    आंखों के लिए

    अंजीर में मौजूद पोषक तत्व आपकी आंखों की रोशनी को बढ़ाते हैं। इसमें मौजूद विटामिन आंखों के लिए काफी अच्छे होते हैं। सेहतमंद आंखों के लिए अंजीर का सेवन करना जरूरी है।

    त्वचा के लिए अंजीर के फायदे

    अंजीर (Fig) के लाभ केवल स्वास्थ्य को ही नहीं होता, बल्कि आपकी त्वचा के लिए भी बहुत जरूरी है। यह खासतौर से आपके चेहरे को खूबसूरत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अंजीर के सेवन से चेहरे की झुर्रियां कम हो जाती हैं। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट चेहरे को झुर्रियों के असर से बचाता है। इसके अलावा अंजीर के फल का रस, स्किन मेलेनिन के स्तर को कम करता है। साथ ही यह स्क्रीन को हाइड्रेट भी करता है, इससे चेहरे पर होने वाले कील-मुंहासों से भी छुटकारा मिलता है।
    इसके लिए हर दिन अंजीर को पानी में भिगोकर बादाम तेल की कुछ बूंदों के साथ मिक्स कर पेस्ट बना लें। फिर इसे चेहरे पर लगाकर पानी से धो लें। इससे आपका चेहरा खिल उठेगा। यही नहीं, अंजीर (Fig) को फोड़े-फुंसियों और मस्सों पर भी लगाया जा सकता है। अंजीर के पेड़ में कुछ ऐसे गुण होते हैं, जो इस तरह की परेशानियों से छुटकारा दिलाते हैं। अंजीर के सेवन से चेहरे पर ताज़गी भी आती है। यही वजह है कि फेशियल मास्क जैसे कई तरह के ब्यूटी प्रोडक्ट्स में इसका जमकर इस्तेमाल होता है। अंजीर में विटामिन सी भरपूर मात्रा में होता है, जो त्वचा को मुलायम बनाने में मदद करता है।

    बालों के लिए अंजीर के फायदे

    बालों की सेहत के लिए भी अंजीर बहुत फायदेमंद साबित होता है। अंजीर में मैग्नीशियम और विटामिन सी जैसे गुण पाए जाते हैं, जो बालों के विकास के लिए जरूरी हैं और इसीलिए इसके सेवन से बालों का झड़ना भी कम हो जाता है। अंजीर के उपयोग से स्कैल्प में रक्त का प्रवाह तेजी से होता है, जिस कारण बालों को बढ़ने में मदद मिलती है। इसके लिए आप बालों पर अंजीर का हेयर मास्क भी लगा सकते हैं। यही नहीं, बालों को मजबूती के साथ- साथ उसे चमक देने में भी अंजीर (Fig) काफी सहायक होता है। कंडीशनर के तौर पर भी अंजीर का इस्तेमाल किया जा सकता है। अंजीर को मसल कर बालों पर लगाने और कुछ देर बाद ठंडे पानी से धोने से बालों में अलग तरह की खूबसूरती आती है ‌।

    अंजीर के नुकसान - Anjeer ke Nuksan

    इसमें कोई संदेह नहीं है कि अंजीर (Fig) बहुत ही स्वास्थ्यवर्धक फल है लेकिन इसके सेवन को लेकर कुछ सावधानियां बरतनी भी बहुत जरूरी हैं। जैसे, प्रतिदिन 2 से 3 सूखे अंजीर खाना पर्याप्त है। इसे रात भर पानी में भिगोकर अगली सुबह खा लेना चाहिए। अगर अंजीर को बिना भिगोए या जरूरत से ज्यादा खाया जाता है तो इससे शरीर में गर्मी हो सकती है और नाक से खून आने जैसी परेशानी भी हो सकती है। अंजीर में फाइबर ज्यादा होता है। इसलिए अधिक खाने से दस्त की समस्या भी हो सकती है। अंजीर खाने से आंतों व पेट में दर्द भी हो सकता है। अंजीर (Fig) एक प्रकार से प्राकृतिक शुगर का काम करता है। अगर इसे ज्यादा खाया जाए तो दांत सड़ सकते हैं, डायबिटीज़ के मरीजों को भी इसे खाने से पहले एक बार डॉक्टर से पूछ लेना चाहिए। कई लोगों को अंजीर खाने से एलर्जी हो सकती है। शुरू से ज्यादा अंजीर खाने से वजन घटने के बजाय बढ़ने की भी समस्या हो सकती है।

    अंजीर को कैसे रखें सुरक्षित?

    अंजीर एक ऐसा फल है, जिसे लंबे समय तक स्टोर कर रखा जा सकता है। बस इसके लिए आपको सही तरीका मालूम होना चाहिए। ताजे अंजीर की शेल्फ लाइफ ज्यादा नहीं होती है। इसलिए जब आप बाजार से इसे खरीद कर लाएं तो तुरंत जिप वाले पाउच या प्लास्टिक बैग में अच्छी तरह रैप करके फ्रिज में रख दें। थोड़े से पके हुए अंजीर के फल को कमरे के तापमान पर रखा जा सकता है। बस ध्यान रखें कि यह पूरी तरह पकने तक सूरज की किरणों के संपर्क में न आए। एक बात का ध्यान रखें कि ताजे अंजीर के फल जल्दी खराब हो जाते हैं। इसलिए प्रयास करें कि इन्हें दो-तीन दिनों में ही खत्म कर दें। सूखे अंजीर को लंबे समय तक स्टोर करके रखा जाता है, फिर आप चाहें तो इसे फ्रिज में रखें या किसी सूखी जगह पर रख दें। इसे 3 महीने से ज्यादा समय के लिए संभाल कर रखा जा सकता है।

    अंजीर के बारे में पूछे जाने वाले सवाल

    क्या अंजीर खाने से बवासीर की परेशानी ठीक होती है?

    शाम को 3-4 सूखे अंजीर को पानी में डालकर रख दें। प्रतिदिन सुबह खाली पेट इनका सेवन करने से बवासीर दूर हो जाती है।

    कमर दर्द में अंजीर किस तरह सहायक है?

    अंजीर की छाल को रात में पानी में भिगो दें। सुबह इस के बचे रस को छानकर पी लें। इससे कमर दर्द में लाभ होता है।

    सिर दर्द की परेशानी में अंजीर किस तरह लाभदायक है?

    सिरके या पानी में अंजीर के पेड़ की छाल की भस्म बनाकर, सिर पर लेप करने से सिर का दर्द ठीक हो जाता है।

    रक्त वृद्धि और रक्त विकार दूर करने में अंजीर किस तरह लाभदायक है? 

    10 मुन्नके और 8 अंजीर को भिगो कर, दूध में उबालकर खा लिया जाए तो इससे रक्त में वृद्धि होती है और रक्त संबंधी विकार दूर हो जाते हैं। दो अंजीर को बीच से आधा काटकर एक गिलास पानी में रात भर भिगोकर रख दें, सुबह उसका पानी पी लें, इससे रक्त संचार बढ़ता है ।

    हाइपरटेंशन की समस्या में यह कैसे लाभदायक होता है?

    कम पोटैशियम और अधिक सोडियम लेवल के कारण हाइपरटेंशन की समस्या पैदा होती है। अंजीर में पोटैशियम ज्यादा और सोडियम कम होता है। इसलिए यह हाइपरटेंशन की समस्या में मदद करता है।

    अब आएगा अपना वाला खास फील क्योंकि Popxo आ गया है 6 भाषाओं में ... तो फिर देर किस बात की! चुनें अपनी भाषा - अंग्रेजीहिन्दीतमिलतेलुगूबांग्ला और मराठी.. क्योंकि अपनी भाषा की बात अलग ही होती है।