तलाक के बाद कैसे खुद को मानसिक रूप से तैयार करें - How to Deal with Divorce in Hindi

तलाक के बाद कैसे खुद को मानसिक रूप से तैयार करें - How to Deal with Divorce in Hindi

तलाक होना कई कारणों से नुकसानदेह होता है इसलिए तलाक की बात सुनकर ही दिल बैठ जाता है। लेकिन कई बार कुछ कारणों से ऐसे हालात पैदा हो जाते हैं कि पति- पत्नी का साथ रहना संभव नहीं होता और मजबूरन उन्हें अपने रास्ते अलग करने पड़ते हैं। इसके लिए मानसिक मनोबल बढ़ाने के साथ ही आर्थिक रूप से भी तैयारी करनी पड़ती है क्योंकि जब आप किसी व्यक्ति से लंबे वक्त तक भावनात्मक रूप से जुड़े होते हैं तो उससे अलग होने का असर आपके इमोशन्स के साथ- साथ मानसिक स्थिति पर भी पड़ता है। इसके परिणाम कई बार खतरनाक होते हैं। इसलिए आज हम आपको ऐसे टिप्स दे रहे हैं, जिनकी सहायता से आप तलाक के बाद खुद को आर्थिक और मानसिक रूप से मजबूत कर सकती हैं।

Table of Contents

    तलाक के बाद मानसिक रूप से मजबूत कैसे बने - Tips to Stay Mentally Strong After Divorce in Hindi

    जब भी कोई रिश्ता टूटता है तो दर्द होना लाजमी होता है, खासकर जब वह रिश्ता पति- पत्नी का हो तो तकलीफ और ज्यादा होती है, क्योंकि पति- पत्नी एक- दूसरे के बहुत करीब होते हैं। अमूमन तलाक लेकर पार्टनर से अलग होना कोई भी नहीं चाहता लेकिन कई बार हालात ऐसे बन जाते हैं कि न चाहते हुए भी आपको तलाक जैसा कठोर फैसला लेना पड़ता है। हालांकि ये फैसले जितने मुश्किल होते हैं उतने ही दुखदाई भी होते हैं। अक्सर तलाक लेने के बाद लोग तनाव में चले जाते हैं और खुद को संभाल नहीं पाते। ऐसे में अगर आप भी उन लोगों में से हैं जो पार्टनर से तलाक लेने के बाद दुखी हैं और खुद को संभाल नहीं पा रहे और लाइफ में आगे बढ़ने के रास्ते तलाश रहे हैं तो इन बातों का रखें ध्यान (mentally strong kaise bane)।

    खुद से करें प्यार - Love Yourself

    पति- पत्नी का रिश्ता ऐसा होता है कि वे दोनों एक- दूसरे से भावनात्मक रूप से भी जुड़े होते हैं। इसलिए जब उनका रिश्ता टूटता है और वे अलग होते हैं तो उसका सीधा असर उनके मन पर पड़ता है और उनकी मानसिक स्थिति खराब हो जाती है। तलाक लेने के बाद बहुत से लोग तो इस बात को स्वीकार ही नहीं कर पाते कि उनका तलाक हो गया है। वहीं बहुत से लोग ऐसे भी होते हैं जो इस पूरी स्थिति के लिए खुद को जिम्मेदार मानते हुए अपने अंदर ही गलतियां खोजने लगते हैं। ऐसे में वे खुद से नाराज रहने लगते हैं और अपना ध्यान रखना बंद कर देते हैं। इसलिए आप ऐसा बिलकुल न करें, खुद से प्यार करें और आगे बढ़ने के बारे में सोचें। अपने बारे में गलत राय न बनाएं, इससे खुद पर से आपका भरोसा तो टूटेगा ही, साथ में आपकी राह भी और मुश्किल हो जाएगी।

    भावनात्मक रूप से खुद को मजबूती

    तलाक लेने का फैसला और उसे मानने तक का दौर बहुत मुश्किल होता है। खासतौर पर महिलाओं के लिए इसे संभालना आसान नहीं होता है। रिश्ता बचाने की जब आपकी सारी मेहनत बेकार चली जाती है तो आपका मन निराशा से भर जाता है। इसलिए अपनी भावनाओं पर काबू करें और उन्हें कमजोर न पड़ने दें। अगर आप भावनात्मक रूप से मजबूत रहेंगी तो धीरे- धीरे तलाक का दुख कम होता जाएगा। जो इंसान भावनात्मक रूप से मजबूत  होता है, वह बड़ी से बड़ी तकलीफ को भी हंसते- हंसते सह लेता है। ऐसे लोग ​कभी रुकते नहीं हैं।

    करीबी लोगों से करें दिल की बात

    तलाक के बाद अकेले बैठकर खुद को कोसने से अच्छा है कि आप उन लोगों से बात करें जो आपके दिल के करीब हैं। ऐसा करने से आपका दिल हल्का होगा और आपको अच्छा लगेगा। याद रखें कि जो आपके करीबी लोग हैं, वे आपसे प्यार करते हैं और हमेशा आपके साथ ही रहेंगे। आप चाहें तो जी भरकर रो सकते हैं, इससे आपके दिल का पूरा गुबार निकल जाएगा।

    दोस्तों के साथ समय बिताएं - Spend Time with Friends

    जब बुरा वक्त आता है, तभी असली दोस्तों की पहचान होती है। लिहाजा ऐसे समय में जब आप अकेले हैं और आपको इमोशनल सपोर्ट की जरूरत है तो आपके सच्चे दोस्तों की परख भी हो जाएगी। दोस्तों के साथ हमेशा खुलकर अपनी बात की जा सकती है और उनसे मन की हर बात आसानी से हो जाती है। अगर आपके मन में अपने रिश्ते के टूटने का कोई गिल्ट है तो भी आप अपने दोस्तों के साथ उसे शेयर कर सकते हैं। आप उनके साथ कोई ट्रिप प्लान कर सकते हैं, जिसके कारण आप कुछ समय के लिए व्यस्त हो जाएंगे। ऐसा करने से आपका फोकस भी बदल जाएगा।

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    खुद को दूसरा चांस दें

    तलाक के बाद ये बिल्कुल भी न समझें कि जिंदगी खत्म हो गई है और अब आपकी जिंदगी में प्यार की कोई जगह नहीं बची। जिंदगी में प्यार भी दूसरे मौके का हकदार होता है और आपको इसके लिये अपने दिल के दरवाज़ों को खुला रखना चाहिये। अपनी जिंदगी को दूसरा चांस दें और पार्टनर की तलाश करें। हां, इस बार उन गलतियों को न दोहराएं, जो आपने पिछली बार दोहराई थीं। इस बार सोच- समझकर पार्टनर की तलाश करें। इसलिए डेट करना शुरू करें और डेटिंग के समय अपने साथी को पूरी अहमियत दें। हालांकि अगर आपके बच्चे भी हैं तो तलाक के बाद उसी व्यक्ति को डेट करें, जिससे आपको और बच्चों को भावनात्मक सुरक्षा भी मिलें।

    अपने लिए बकेट लिस्ट बनाएं

    आपने जो- जो ख्वाहिशें अपने लिए सोची थीं, उन सभी की एक लिस्ट बनाएं और उन्हें पूरा करने में जुट जाइए। यकीन मानिए, ऐसा करने से आप तलाक और उससे जुड़ी बुरी यादों को भूल जाएंगे। आपके सामने अपनी ख्वाहिशों को पूरा करने का टारगेट होगा, जिसे आप दिल से खुशी- खुशी पूरा कर लेंगे। अपनी हर उस ख्वाहिश को लिस्ट में शामिल करें, जो शादी से पहले आप करना चाहती थीं। बकेट लिस्ट बनाते समय ये न सोचें कि बाकी लोग क्या कहेंगे। दूसरों की चिंता किए बिना आप वही करें, जो करना चाहती हैं।

    सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ें - Go Ahead with Positive Thinking

    सकारात्मक सोच हर इंसान के लिए जरूरी होती है। इससे आप न सिर्फ खुद को बल्कि दूसरों को भी सुकून पहुंचाते हैं। तलाक के बाद अगर आप पुरानी यादें और पुरानी बातों को लेकर बैठे रहेंगे तो मन ​में सिर्फ नकारात्मक विचार ही पैदा होंगे और आपका मन उसमें फंस के रह जाएगा। आप नई चीजों के लिए कभी तैयार नहीं हो पाएंगे। इसलिए पुरानी बातों से निकलकर नई जिंदगी शुरू करें, वह भी सकारात्मक सोच के साथ। फिर देखिए आपकी जिंदगी में कोई भी परेशानी नहीं आएगी। जो लोग नकारात्मक सोचते हैं, उनकी जिंदगी रुक जाती है और वे भविष्य में आगे नहीं बढ़ पाते। आप खुद के साथ ऐसा न करें और आगे बढ़ें।

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    काउंसलर की मदद ले सकते हैं - Counselor Help

    तलाक की प्रक्रिया के दौरान भावनाएं हावी हो जाती हैं। दिमाग काम करना बंद हो जाता है। इस दौरान जज्बातों पर काबू रखना जरूरी है। अगर आप ऐसा नहीं कर पा रहे हैं तो किसी अच्छे रिलेशनशिप काउंसलर की मदद ले सकते हैं। कई लोग काउंसलर के पास जाने से हिचकिचाते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि वह उनकी निजी जिंदगी से जुड़े सवाल करेंगे और उन्हें जवाब देना पड़ेगा लेकिन ऐसा नहीं है। काउंसलर के पास जाने से आपकी तकलीफ कम होगी और आप आसानी से आगे बढ़ पाएंगे।

    तलाक के बाद आर्थिक रूप से लाइफ में आगे बढ़ने के लिए क्या करे - Tips to Stay Financially Strong After Divorce in Hindi

    जिंदगी कभी भी किसी के जाने से रुकती नहीं है और यही बात तलाक के मामलों में भी लागू होती है। अपने पार्टनर के साथ रिश्ता बचाने की आपकी कोशिशें भले ही सफल न हुई हों लेकिन यकीन मानिए, जिंदगी फिर खुशगवार रह सकती है। बस इसके लिए आपको आर्थिक रूप से मजबूत रखने की जरूरत होगी। अगर आप आर्थिक रूप से मजबूत होंगी तो ही जिंदगी को नए तरह से संवारने में आपको आसानी होगी। तलाक के बाद खुद को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के टिप्स (divorce ke baad kya kare) :

    फाइनेंस प्लान बनाएं

    पति- पत्नी के रास्ते अलग हो जाने के बाद उन्हें अपने फाइनेंशियल प्लान जरूर बनाने चाहिए। इससे दोनों को अलग होने के बाद अपनी जिंदगी जीने में आसानी होगी। एक्सपर्ट मानते हैं कि तलाक के बाद फाइनेंशियल प्लान बनाते समय पति- पत्नी, दोनों को नए सिरे से अपनी आमदनी और खर्चों का मूल्यांकन करना चाहिए। अपने ईगो को किनारे रख दोनों को अपनी हर चीज के बारे में सोचना चाहिए और फिर फाइनेंशियल प्लान बनाना चाहिए ताकि भविष्य में दोनों को कोई तकलीफ न हो।

    बच्चों और खुद का भविष्य सिक्योर करें - Secure the Future of Children and Yourself

    अगर आपके बच्चे हैं और तलाक के बाद वे आपके साथ रह रहे हैं तो जाहिर सी बात है कि अब आपको अकेले ही उनका ध्यान रखना है। इसका मतलब है कि आपकी जिम्मेदारी अब और बढ़ जाएगी लेकिन इस वजह से परेशान और स्ट्रेस्ड होने के बजाय अपने बच्चों और खुद का भविष्य सिक्योर करें। बिना किसी हिचकिचाहट के अपने पार्टनर से बच्चों के भविष्य के लिए मुआवजा मांगें। साथ ही आपको अपने बच्चे के फाइनेंशियल फ्यूचर को सिक्योर करने के लिए एक टर्म प्लान भी खरीद लेना चाहिए, जिससे उसे आगे चलकर कोई परेशानी नहीं होगी। इस चैलेंज को स्वीकार करें और अच्छी तरह से निभाएं, तभी आपके बच्चे आपको रोल मॉडल के तौर पर देखेंगे।

    गुजारे- भत्ते की बात पर हिचकिचाएं नहीं

    कानून कहता है कि तलाक की स्थिति में महिला के नाम पर किया गया कोई भी निवेश उसकी निजी संपत्ति का हिस्सा होगा। इसलिए अपने अधिकार जानें। स्त्री धन, प्रॉपर्टी और निवेश में हिस्से के अलावा महिला गुजारे- भत्ते की भी हकदार होती है। हालांकि तलाक के बाद गुजारा- भत्ता इस बात पर निर्भर करता है कि महिला नौकरी करती है कि नहीं और परिवार की आर्थिक स्थिति कैसी है। इसलिए इस बारे में खुलकर बात करें और जानकारी लें।

    वकील की सलाह लें - Consult a Lawyer

    तलाक की स्थिति में कानून क्या कहता है, इस पर अपने वकील की राय जरूर लें। तलाक के बाद जीवन में बड़ा बदलाव आ जाता है। इसी बदलाव में आने वाले सभी खर्चों के बारे में अपने वकील को बताएं और उससे कोई ठोस प्लान बनाने को कहें। अगर आप नौकरी नहीं करती हैं तो आपको हर महीने खर्च की जरूरत होगी, ऐसे में अपने वकील से कहें कि वह आपके लिए तलाक के समय ही कागज तैयार करवा ले, जिसके आधार पर आपका पार्टनर अलग होने पर आपको हर महीने गुजारा करने के लिए खर्च दे सके।

    जिम्मेदारियों का प्रबंधन करें और खुलकर बात करें

    ये बात सही है कि तलाक के बाद पति- पत्नी के रास्ते अलग- अलग हो जाते हैं लेकिन संभव है कि कुछ लक्ष्य दोनों के लिए बने रहें। मसलन, बच्चे की शिक्षा या उसकी शादी, इस तरह के लक्ष्यों के लिए फिर अलग तरह से प्लानिंग करनी पड़ेगी। इसलिए साथ में बैठकर अपनी जिम्मेदारियों के बारे में खुलकर बात करें और कौन- कैसे जिम्मेदारी निभाएगा, इसकी पूरी प्लानिंग कर लें।

    तलाक के बाद महिलाओं द्वारा पूछे गये आम सवाल और उनके जवाब - FAQs

    तलाक से मिले दर्द से छुटकारा पाने के लिए क्या किया जा सकता है?

    अपने तलाक को भूलने के लिए आप अपना ध्यान किसी और चीज पर लगाएं, जैसे कि आप नई नौकरी जॉइन कर सकते हैं। इससे आपका फोकस काम पर होगा, साथ ही आप दोस्तों के साथ भी समय बिता सकते हैं। इससे आपको अपनी परेशानियों के बारे में सोचने का समय नहीं मिलेगा।

    तलाक देने के बाद महिलाओं का वजन तेजी से बढ़ने लगता है। इसका मुख्य कारण क्या है?

    तलाक के बाद महिलाएं तनाव में चली जाती हैं और तनाव के कारण सामान्य से ज्यादा भोजन करने की आदत हो जाती है। ऐसे में वह एक तो ज़रूरत से अधिक खाना खा लेती हैं, जो ठीक से पचता नहीं है, जिसके कारण उनका वजन बढ़ जाता है। इसके अलावा वह खुद को दोषी मानती हैं और अपना ध्यान भी नहीं रखतीं, जिसका असर उनके स्वास्थ्य पर पड़ता है।

    तलाक के बाद फिर से डेट पर जाने के लिए किस तरह की सावधानियां रखनी चाहिए?

    तलाक के बाद डेटिंग पर जाने से पहले आप खुद को मानसिक रूप से तैयार कर लें। अगर आप नए रिश्ते में बंधने के लिए तैयार हैं तो ही डेटिंग के लिए जाएं। उसी व्यक्ति को डेट करें, जिस पर आपको पूरा भरोसा हो।

    क्या तलाक के बाद पत्नी को पति से मिले सभी तोहफे वापस करने होते हैं?

    नहीं, विवाह के समय या इसके बाद महिला को मिले उपहार उसकी निजी संपत्ति होते हैं। इन्हें स्त्री धन कहा जाता है। भले ही पति- पत्नी विवाह के दौरान मिले तोहफों का इस्तेमाल साथ में करते हैं लेकिन तलाक की स्थिति में वह संपत्ति पत्नी की हो जाती है।

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