टोनर और एस्ट्रिंजेंट के बीच में ऐसे करें फर्क - Toner Vs Astringent in Hindi

टोनर और एस्ट्रिंजेंट के बीच में ऐसे करें फर्क - Toner Vs Astringent in Hindi

अब लोग पहले की तरह सिर्फ फेसवॉश के भरोसे नहीं रहते हैं बल्कि वे अपनी खूबसूरती को बढ़ाने के लिए तरह- तरह के प्रयोग करते हैं। इसी के कारण फेस टोनर और एस्ट्रिंजेंट की जरूरत अधिकांश लोग महसूस करने लगे हैं। जहां ये त्वचा को सामान्य स्थिति में लाने में मदद करते हैं, वहीं इनके इस्तेमाल से त्वचा साफ और उजली भी होती है। चेहरे पर लगाया जाने वाला टोनर न सिर्फ त्वचा की सफाई करता है बल्कि मृत कोशिकाओं की मरम्मत भी करता है। इतना ही नहीं, इससे त्वचा हाइड्रेटेड और खिली- खिली भी रहती है।

वहीं एस्ट्रिंजेंट का प्रयोग करके आप रोमछिद्रों को संकुचित कर त्वचा में कसाव लाकर उसे मुलायम और मजबूत बना सकते हैं। अगर एस्ट्रिंजेंट प्राकृतिक हो तो यह आपकी त्वचा की सफाई बिना किसी नुकसान के करता है। हालांकि कई लोग टोनर और एस्ट्रिंजेंट के बीच के फर्क (Difference Between Toner and Astringent)को समझ नहीं पाते। अगर आप भी ऐसे हैं तो आज हम आपको बता रहे हैं बेस्ट फेस टोनर और एस्ट्रिंजेंट के बीच का फर्क।

Table of Contents

    टोनर क्या होता है? - Toner Kya Hota Hai?

    टोनर एक वॉटर बेस्ड स्किन प्रोडक्ट है, जिसका इस्तेमाल लोग आमतौर पर मे​कअप हटाने और स्किन की सफाई करने के लिए करते हैं। टोनर त्वचा को साफ करने और रोम छिद्रों को कम करने के लिए उपयोगी होते हैं। एक अच्छे टोनर से आपकी त्वचा के पीएच स्तर को फिर से सुधारने में मदद मिलती है। क्लींजर और एक्सफोलिएटर लगाने के बाद ही इसका उपयोग करना चाहिए।

    फेस टोनर त्वचा के पोर्स को टाइट करके चेहरे की चमक को बढ़ाता है। साथ ही इससे त्वचा में लचीलापन भी आता है। इसके अलावा वह त्वचा की सफाई और पी.एच. नियंत्रित करके चेहरे की क्षतिग्रस्त कोशिकाओं की मरम्मत करता है। इसके प्रयोग से त्वचा की रौनक वापस आती है। टोनर लगाने से आपकी त्वचा का टेक्स्चर अच्छा रहता है। साथ ही इससे त्वचा भी डल नहीं लगती। तो अगर आपको भी त्वचा को हेल्दी व मॉइश्चराइज रखना है तो रोजाना टोनर लगाएं।

     

    एस्ट्रिंजेंट क्या है? - What is Astringent in Hindi?

    एस्ट्रिंजेंट एक केमिकल होता है। हालांकि इसमें मौजूद केमिकल चेहरे को कोई नुकसान नहीं पहुंचाता बल्कि वह चेहरे की चमक लौटाता है और ऊतकों के अनुबंध में आकर उनमें कसाव लाता है। त्वचा पर इसका इस्तेमाल करने से यह रोमछिद्रों को संकुचित कर त्वचा में कसाव लाकर उसे मुलायम और मजबूत बनाता है। साथ ही यह असमान त्वचा की समस्या, त्वचा में तेल प्रतिक्रिया, मुंहासों को रोकने, जलन शांत करने और त्वचा के पीएच संतुलन को बनाये रखने में आपकी मदद करता है।

    चेहरे पर अगर पिंपल्स हो रहे हों तो रोजाना एस्ट्रिंजेंट्स के इस्तेमाल से ठीक हो जाते हैं। अगर आपकी त्वचा तैलीय है तो एस्ट्रिंजेंट का इस्तेमाल करने से अत्यधिक तेल को हटाने में मदद मिलेगी और इससे आपकी त्वचा भी साफ बनी रहेगी। एस्ट्रिंजेंट की सामग्री में एल्कोहॉल और सैलिसिलिक एसिड होता है और आप इसे बाजार से खरीद सकते हैं।

    टोनर और एस्ट्रिंजेंट में अंतर - Difference Between Astringents and Toner

    टोनर न सिर्फ त्वचा की सफाई करता है बल्कि मृत कोशिकाओं की मरम्मत भी करता है। इतना ही नहीं, इससे त्वचा हाइड्रेटेड और खिली- खिली भी रहती है। वहीं एस्ट्रिंजेंट का प्रयोग करके आप रोमछिद्रों को संकुचित कर त्वचा में कसाव लाकर उसे मुलायम और मजबूत बना सकते हैं। जानिए इनके बीच और भी फर्क… ।

    टोनर के फायदे - Toner ke Fayde

    1- ज़्यादातर विषाक्त पदार्थ आपके स्वास्थ्य और त्वचा को प्रभावित करते हैं। टोनर से वे साफ होते हैं।

    2- फेशियल टोनर वातावरण में मौजूद धूम्रपान, धुंध और अन्य केमिकल्स को साफ करता है।

    3- लम्बे समय तक टोनर इस्तेमाल करते रहने से त्वचा पर कील- मुहांसे और झुर्रियों की समस्या नहीं होती।

    4- टोनर को कमर, छाती और बांह पर जमने वाले तेल को दूर करने के लिए भी प्रयोग किया जाता है।

    एस्ट्रिंजेंट्स की खूबियां - Benefits of Astringent in Hindi

    1- एस्ट्रिंजेंट्स त्वचा की कोशिकाओं में रक्त संचार को बढ़ाकर उसे संतुलित करते हैं।

    2- कोशिकाओं की सफाई कर उसमें मौजूद सीबम का स्तर बढ़ाते हैं।

    3- एस्ट्रिंजेंट्स का मुख्य काम त्वचा के पोर्स को छोटा करना होता है। बड़े और खुले पोर्स के कारण ही गंदगी और बैक्टीरिया को आसानी से स्किन में घुसने में मदद मिलती है।

    4- एस्ट्रिंजेंट्स पोर्स को छोटा कर ब्लैक हेड्स, कील, मुंहासों से बचाते हैं।

    5- एस्ट्रिंजेंट ऑयली और सेंसिटिव स्किन पर भी काम करता है।

    टोनर का इस्तेमाल कैसे करे - How to Use Toner in Hindi

    ज्यादातर लोगों को पता नहीं होता है कि टोनर कब और कैसे लगाये। दरअसल, टोनर का इस्तेमाल एक बार सुबह और एक बार रात में करना चाहिए। सुबह लगाया जाने वाला टोनर रात के दौरान निकलने वाले सीबम को साफ़ करने में मदद करता है और त्वचा के PH स्तर को संतुलित रखता है। रात में टोनर पूरी तरह से त्वचा से अशुद्धियों, गंदगी और मेकअप को हटाता है। साथ ही क्लींजर के इस्तेमाल के बाद त्वचा पर रहने वाले तेल को भी टोनर पूरी तरह से साफ़ कर देता है।

    टोनर कब लगाना चाहिए- अगर आपकी त्वचा ड्राई है तो आपको दिन भर में एक बार यानी रात को ही टोनर का इस्तेमाल करना चाहिए। टोनर का अत्यधिक इस्तेमाल आपकी त्वचा को ड्राई करने में मदद करता है। स्प्रे में आने वाले टोनर सिर्फ आपकी त्वचा की अशुद्धियों को कम करते हैं, उन्हें साफ़ नहीं करते। इसके लिए आपको पहले वाइपिंग टोनर का इस्तेमाल करना चाहिए। हालांकि, अगर आपको स्प्रे टोनर का इस्तेमाल करने से ताज़गी महसूस होती है, तो आप वाइपिंग टोनर के बाद स्प्रे टोनर का इस्तेमाल कर सकते हैं।

    ऐसे होता है एस्ट्रिंजेंट्स का इस्तेमाल - How to Use Astringent in Hindi

    स्किन टोनर की तरह ही एस्ट्रिंजेंट भी त्वचा के लिए फायदेमंद है। बाजार में यह आसानी से उपलब्ध भी हो जाता है। दरअसल हर दिन एस्ट्रिंजेंट का इस्तेमाल (astringent uses in hindi) किया जाए तो यह आपकी त्वचा के तंतुओं को बांधे रखने का कार्य करता है, जिससे त्वचा में कसाव बना रहता है। अगर संभव हो तो नियमित रूप से दिन में दो बार एस्ट्रिंजेंट का इस्तेमाल करके आप अच्छे परिणाम पा सकते हैं। अगर आप अच्छे रिजल्ट चाहते हैं और आपके पास समय है तो आप एस्ट्रिंजेंट्स का इस्तेमाल दिन में तीन बार भी कर सकते हैं। अगर वे प्राकृतिक हैं तो निर्मित उत्पादों की तरह आपकी त्वचा को नुकसान नहीं पहुंचाते। चेहरा साफ करने के बाद आप कॉटन में एस्ट्रिंजेंट लेकर चेहरे को फिर से क्लीन कर सकते हैं।

    टोनर लगाने के फायदे - Toner Lagane ke Fayde

    1- टोनर का PH स्तर आपकी त्वचा का एसिडिटी स्तर बताता है और इसे 0 से 14 की संख्या तक मापा जाता है। स्तर 7 को सामान्य माना जाता है। अगर आपका PH स्तर सामान्य है तो इसका मतलब है कि आपकी त्वचा पर तेल और संक्रमण की समस्या बहुत ही कम है। इस तरह आपकी त्वचा अधिक कोमल और निखरी हुई रहती है।

    2- कई बार त्वचा पर इरिटेशन और संक्रमण की समस्या बढ़ने लगती है। ऐसे में फेशियल टोनर छिद्रों को टाइट करता है, तेल को संतुलित रखता है और त्वचा से विषाक्त पदार्थों को निकालता है। इस तरह आपकी त्वचा साफ और कम तैलीय लगने लगती है।

    3- अगर आपकी त्वचा बुझी- बुझी रहती है तो आपको टोनर जरूर लगाना चाहिए। इससे त्वचा स्मूद और सॉफ्ट होती है। आप मार्केट से अपने स्किन टाइप के हिसाब से कोई भी फेस टोनर खरीद सकती हैं। आप चाहें तो इसे घर पर भी बना सकती हैं।

    4- फेशियल टोनर त्वचा को हाइड्रेट रखता है, जिससे त्वचा का मॉइस्चर बना रहता है। त्वचा हाइड्रेट रहने से जवां नज़र आती है। त्वचा को अच्छी तरह से हाइड्रेट करने से बुढ़ापे की वजह से होने वाली समस्याएं रुकती हैं। ज़्यादातर फेशियल टोनर में विटामिन और अन्य पोषक तत्व होते हैं, जो त्वचा को स्वस्थ और संतुलित रखते हैं।

    एस्ट्रिंजेंट लगाने का लाभ - Astringent Benefits for Face in Hindi

    1- धूल- मिट्टी जम जाने के कारण त्वचा का रंग सांवला हो जाता है और पिंपल्स, कील- मुंहासे भी होने लगते हैं। ऐसे में त्वचा पर एस्ट्रिंजेंट लगाएं, जिससे कि पोर्स ब्लॉक न हों और गंदगी त्वचा के अंदर न रहे।

    2- ऑयली स्किन के पोर्स जल्दी बंद हो जाते हैं और मुंहासे होने लगते हैं। इससे बचने के लिए जरूरी है कि आप रोजाना दो से तीन बार एस्ट्रिंजेंट  लगाएं। इससे आपकी त्वचा ऑयल फ्री रहेगी।

    3- ढेर सारा मेकअप लगाने और प्रदूषण की वजह से त्वचा रूखी और बेजान हो जाती है इसलिए फेस पर एस्ट्रिंजेंट लगाकर उसे हाइड्रेट किया जाना चाहिए। इससे त्वचा मुलायम बनती है।

    त्वचा पर एस्ट्रिंजेंट और टोनर लगाने का तरीका - How to Apply Toner and Astringent on Skin?

    त्वचा पर टोनर और एस्ट्रिंजेंट लगाते समय ध्यान रहे कि उसे कभी हाथ से न लगाएं। चेहरे को छूने से उसमें तेल और बैक्टीरिया चले जाते हैं जिसके परिणामस्वरूप चेहरे पर मुहांसे और छोटे निशान आ सकते हैं। इसलिए हम आपको त्वचा पर टोनर और एस्ट्रिंजेंट इस्तेमाल करने का सही तरीका बता रहे हैं।

    स्टेप1 - चेहरे को पहले गुनगुने पानी से धोएं, फिर त्वचा पर क्लींजर लगाएं। मेकअप, गंदगी और अशुद्धियों को साफ करने के लिए क्लींजर से हल्के- हल्के हाथ से मसाज करें।

    स्टेप 2 - फिर चेहरे को गुनगुने पानी से धो दें, गुनगुने पानी के बाद चेहरे पर ठंडे पानी का प्रयोग करें। अब चेहरे को साफ़ तौलिये से पोछ लें।

    स्टेप 3 - अब टोनर या एस्ट्रिंजेंट को कॉटन पैड पर लगाएं। अब धीरे- धीरे चेहरे और गर्दन पर लगाएं। कॉटन पैड को धीरे से चेहरे और गर्दन पर फैलाएं। लगाते समय ध्यान रखें कि पैड आपकी आंखों और होंठों के आसपास की जगह पर न पहुंचे। इसके अलावा नाक, आईब्रो, कान और बालों के आसपास ध्यान से लगाएं।

    टोनर और एस्ट्रिंजेंट को लेकर पूछे जाने वाले सवाल - जवाब - FAQ's

    सवालः मेरी त्वचा बहुत ड्राई है। इसके लिए मुझे क्या इस्तेमाल करना चाहिए?

    जवाबः ड्राई त्वचा को हेल्दी और मॉइश्चराइज रखने के लिए टोनर का इस्तेमाल करना चाहिए। आप रोज दो बार टोनर का यूज कर सकते हैं। 

    सवालः पिंपल्स रोकने और उनके निशानों को ​हटानेने के लिए क्या करें?

    जवाबः आपको डेली बेसिस पर एस्ट्रिंजेंट लगाना चाहिए। आप चाहें तो तैलीय त्वचा के लिए खास एस्ट्रिंजेंट्स खरीद सकती हैं या फिर आप खुद ही घर पर आराम से ग्रीन टी का एस्ट्रिंजेंट बना सकती हैं। इससे आपके मुहांसे कम हो जाएंगे।

    सवालः त्वचा का ऑयल कम करने के लिए कौन सा टोनर इस्तेमाल करना चाहिए?

    जवाबः तेल को अधिक बढ़ने से रोकने के लिए और मृत कोशिकाओं को साफ करने के लिए फेशियल टोनर बेहद फायदेमंद होता है।

    सवालः हर दिन एस्ट्रिंजेंट का इस्तेमाल करने से कोई नुकसान तो नहीं होगा?

    जवाबः नहीं, हर दिन एस्ट्रिंजेंट्स का उपयोग आपकी त्वचा के तंतुओं को सक्रिय रखने के लिए होता है और त्वचा कड़ी रहती है। एक्सपर्ट मानते हैं कि अच्छे रिजल्ट के लिए हर दिन एस्ट्रिंजेंट्स का कम से कम दो बार इस्तेमाल करना चाहिए।

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